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  • उत्तराखंड : जोशीमठ हेलिकॉप्टर हादसे में गई 6 लोगों की जान, कोई वकील तो कोई पुलिस इंस्पेक्टर, जानिए कौन थे मृतक

    उत्तराखंड : जोशीमठ हेलिकॉप्टर हादसे में गई 6 लोगों की जान, कोई वकील तो कोई पुलिस इंस्पेक्टर, जानिए कौन थे मृतक


    नई दिल्ली। उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ के पास हुए हेलिकॉप्टर हादसे ने छह परिवारों की खुशियां छीन लीं। शुक्रवार को हुए इस दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर में सवार पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई। पांच यात्री कर्नाटक के बेंगलुरु के रहने वाले थे, जबकि पायलट दिल्ली का निवासी था। मृतकों में एक वकील और कर्नाटक पुलिस का इंस्पेक्टर भी शामिल था। हादसे की खबर से उनके परिवारों और परिचितों में शोक का माहौल है।

    हेलिकॉप्टर बदरीनाथ धाम से देहरादून के लिए रवाना हुआ था। इसमें सवार यात्रियों की पहचान प्रताप, अरुण सालुंके, शंकर गौड़ा, के. सुधीर और एच.एस. नटराज के रूप में हुई है। वहीं, हादसे में जान गंवाने वाले पायलट दिल्ली के रहने वाले थे।

    शंकर गौड़ा को याद कर भावुक हुए पड़ोसी

    हादसे में जान गंवाने वाले शंकर गौड़ा पेशे से वकील थे। उनके पड़ोसियों के मुताबिक, वह बेहद मिलनसार और मददगार स्वभाव के व्यक्ति थे। काम के सिलसिले में उनका बेंगलुरु आना-जाना लगा रहता था। मोहल्ले में किसी को भी परेशानी होती या मदद की जरूरत पड़ती, तो शंकर गौड़ा हमेशा आगे रहते थे।

    पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें ईश्वर में गहरी आस्था थी। नवरात्रि के व्रत से लेकर गणपति पूजा और दिवाली तक, वह हर त्योहार पूरे उत्साह से मनाते थे। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ पूरा मोहल्ला गमगीन है।

    2007 बैच के पुलिस इंस्पेक्टर थे अरुण सालुंके

    हादसे में जान गंवाने वाले अरुण सालुंके कर्नाटक के बेलगावी जिले के अथानी तालुका स्थित अराताला गांव के निवासी थे। वह कर्नाटक पुलिस के 2007 बैच के इंस्पेक्टर थे और बेंगलुरु की सेंट्रल क्राइम ब्रांच में तैनात थे।

    अरुण ने अपने करियर की शुरुआत दिल्ली में इंटेलिजेंस इंस्पेक्टर के रूप में की थी। पुलिस विभाग में अपनी सेवाओं के दौरान उन्होंने पहचान बनाई थी। जोशीमठ के पास हुआ हेलिकॉप्टर हादसा उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित हुआ।

    दर्शन के बाद माना गांव भी पहुंचे थे श्रद्धालु

    जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक से आए श्रद्धालु गुरुवार सुबह करीब 10 बजे बदरीनाथ धाम पहुंचे थे। दर्शन करने के बाद वे भारत के अंतिम गांव के रूप में चर्चित माना गांव भी गए। वहां से लौटने के बाद उन्होंने हेलीपैड पर मौजूद गाइड से पूछा था कि क्या वे उसी दिन वापस लौट सकते हैं।

    हालांकि, मौसम अनुकूल नहीं होने के कारण उसी दिन उड़ान संभव नहीं हो सकी। तय कार्यक्रम के मुताबिक, यात्रियों को शुक्रवार सुबह लौटना था। लेकिन खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण हेलिकॉप्टर की उड़ान में देरी हुई। आखिरकार दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर हेलिकॉप्टर ने बदरीनाथ धाम से उड़ान भरी।

    उड़ान के 15 मिनट बाद टूटा संपर्क

    उड़ान भरने के करीब 15 मिनट बाद हेलिकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल और बेस से संपर्क टूट गया। इसके बाद दुर्घटना की सूचना सामने आई। हादसे में पायलट और पांचों यात्रियों की जान चली गई।

    कर्नाटक सरकार ने सहायता का दिया भरोसा

    हादसे के बाद कर्नाटक सरकार ने कहा है कि वह उत्तराखंड प्रशासन के लगातार संपर्क में है। दोनों राज्यों के बीच समन्वय कर मृतकों के पार्थिव शरीर जल्द कर्नाटक लाने की व्यवस्था की जा रही है। राज्य सरकार ने शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।

  • जोशीमठ-बद्रीनाथ के बीच हेलिकॉप्टर हादसा, पायलट समेत छह लोग सवार, यात्रियों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी…

    जोशीमठ-बद्रीनाथ के बीच हेलिकॉप्टर हादसा, पायलट समेत छह लोग सवार, यात्रियों की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी…

    नई दिल्ली । उत्तराखंड के चमोली जिले में जोशीमठ और बद्रीनाथ के बीच हेलिकॉप्टर हादसे की सूचना से हड़कंप मच गया। चाई गांव के पास हेलिकॉप्टर क्रैश होने की जानकारी सामने आई है। इसमें पायलट समेत कुल छह लोग सवार बताए गए हैं। हादसे की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और सेना की टीमों को घटनास्थल के आसपास भेजा गया है। यात्रियों की स्थिति और हादसे में किसी के हताहत होने को लेकर शुरुआती जानकारी के बाद भी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। घटनास्थल पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलिकॉप्टर हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि जोशीमठ के निकट चाई गांव के पास दुर्घटना की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ एसडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। मुख्यमंत्री ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखने की बात कही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल एयरलिफ्ट करके बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने हेलिकॉप्टर में सवार सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की कामना भी की।

    उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतीक जैन के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर दोपहर 1 बजकर 14 मिनट पर बद्रीनाथ से देहरादून स्थित सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट के लिए रवाना हुआ था। उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर जोशीमठ घाटी के नजदीक पहुंचा, जिसके बाद उसकी लोकेशन मिलनी बंद हो गई। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई और संभावित दुर्घटनास्थल की तलाश शुरू की गई।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हेलिकॉप्टर में कैप्टन हिमांशु पायलट के रूप में मौजूद थे। उनके अलावा पांच यात्री सवार थे। यात्रियों की पहचान प्रतापा, अरुण, शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एचएस नटराज के रूप में बताई गई है। हालांकि, इन सभी की वर्तमान स्थिति को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। प्रशासन की ओर से घटनास्थल तक पहुंचने और यात्रियों के बारे में पुष्टि करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए चमोली जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और सेना की एक टुकड़ी को संभावित घटनास्थल के आसपास रवाना किया गया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव दलों के सामने चुनौती बनी हुई है। हेलिकॉप्टर की आखिरी लोकेशन के आधार पर तलाश की जा रही है। अधिकारियों की प्राथमिकता विमान का सटीक स्थान पता लगाना और उसमें सवार लोगों तक पहुंचना है।

    हादसे के बाद ट्रांस भारत एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने एहतियाती कदम उठाते हुए अपने सभी हेलिकॉप्टरों की उड़ानें रोक दी हैं। कंपनी के पूरे बेड़े का संचालन अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। इस फैसले का उद्देश्य घटना की परिस्थितियों की जानकारी मिलने तक आगे की उड़ानों को रोकना है।

    उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं का पिछला रिकॉर्ड भी चिंता बढ़ाने वाला रहा है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2020 से जुलाई 2025 के बीच राज्य में सात हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं हुई थीं। इन हादसों में कुल 21 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, वर्ष 2023 से 2025 के बीच छह हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। हालांकि, राज्य में अब तक कितने हेलिकॉप्टर लापता हुए हैं, इसका अलग से कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

    जोशीमठ-बद्रीनाथ मार्ग पर हुई इस घटना के बाद अब सबकी नजरें राहत एवं बचाव अभियान पर टिकी हैं। हेलिकॉप्टर में सवार छह लोगों की वास्तविक स्थिति, दुर्घटना के कारण और घटनास्थल से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।