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  • बेलिंगहम का ऐतिहासिक कारनामा हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया इतिहास

    बेलिंगहम का ऐतिहासिक कारनामा हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड तोड़कर बनाया नया इतिहास


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड के स्टार मिडफील्डर जूड बेलिंगहम ने अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है। तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस के खिलाफ गोल करते ही बेलिंगहम विश्व कप के एक ही संस्करण में इंग्लैंड की ओर से सबसे अधिक गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने इंग्लिश फुटबॉल के दो दिग्गज खिलाड़ियों हैरी केन और गैरी लाइनकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    फ्रांस के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में बेलिंगहम ने इंजरी टाइम में इंग्लैंड का छठा गोल दागकर टीम की 6-4 की यादगार जीत पर मुहर लगा दी। यह उनके लिए केवल जीत का गोल नहीं था बल्कि इतिहास रचने वाला सातवां गोल भी साबित हुआ। इसी के साथ उन्होंने विश्व कप के एक संस्करण में इंग्लैंड के लिए सबसे अधिक गोल करने का नया कीर्तिमान अपने नाम कर लिया।

    इससे पहले यह रिकॉर्ड हैरी केन और गैरी लाइनकर के नाम संयुक्त रूप से दर्ज था। हैरी केन ने 2018 और 2026 विश्व कप में छह छह गोल किए थे जबकि गैरी लाइनकर ने 1986 विश्व कप में छह गोल दागे थे। बेलिंगहम ने सात गोल कर दोनों महान खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया।

    फ्रांस के खिलाफ मुकाबले में इंग्लैंड ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने दूसरा गोल किया। पहले हाफ में बुकायो साका ने दो गोल दागकर इंग्लैंड को 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।

    हालांकि दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने दो गोल किए जबकि ब्रैडली बारकोला ने भी एक गोल दागकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। स्कोर 4-3 तक पहुंच गया लेकिन 87वें मिनट में साका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर इंग्लैंड की बढ़त फिर मजबूत कर दी। इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए चौथा गोल किया लेकिन अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहम ने गोल कर इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित कर दी।

    इंग्लैंड ने यह मुकाबला 6-4 से जीतकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में तीसरा स्थान हासिल किया और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वर्ष 1966 में विश्व कप जीतने के बाद यह विश्व कप इतिहास में इंग्लैंड का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। बेलिंगहम की रिकॉर्डतोड़ उपलब्धि ने इस जीत को और भी ऐतिहासिक बना दिया है।

  • फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया

    फीफा वर्ल्ड कप में इंग्लैंड ने जीता ब्रॉन्ज मेडल 10 गोलों वाले रोमांचक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। दोनों टीमों के बीच खेला गया यह मुकाबला गोलों की बारिश और रोमांच से भरपूर रहा। पूरे मैच में कुल 10 गोल हुए जो विश्व कप इतिहास में लंबे समय बाद देखने को मिला। वर्ष 1982 के बाद यह पहला अवसर है जब विश्व कप के किसी एक मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर 10 गोल किए।

    इंग्लैंड ने मैच की शुरुआत बेहद आक्रामक अंदाज में की और शुरुआती मिनटों से ही फ्रांस की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाए रखा। मुकाबले के तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने शानदार लंबी दूरी के शॉट से गोल कर इंग्लैंड को शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद 18वें मिनट में एजरी कोन्सा ने कॉर्नर किक पर बेहतरीन हेडर लगाकर स्कोर 2-0 कर दिया।

    पहले हाफ में इंग्लैंड का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। बुकायो साका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा गोल दागा और फिर 43वें मिनट में अपना दूसरा गोल कर टीम की बढ़त 4-0 तक पहुंचा दी। पहले हाफ के अंत तक ऐसा लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह इंग्लैंड के नियंत्रण में है।

    दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की। कोच द्वारा किए गए बदलावों का असर तुरंत देखने को मिला। 48वें मिनट में कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने गोल कर फ्रांस का खाता खोला। इसके बाद 58वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने गोल कर अंतर घटाकर 4-2 कर दिया। कुछ ही देर बाद एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल दागते हुए स्कोर 4-3 कर दिया और मुकाबले को फिर से रोमांचक बना दिया।

    फ्रांस की वापसी के बीच इंग्लैंड ने धैर्य बनाए रखा। मैच के 87वें मिनट में मिले पेनल्टी अवसर को बुकायो साका ने सफलतापूर्वक गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को 5-3 की बढ़त दिला दी। हालांकि इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने गोल कर फ्रांस की उम्मीदें एक बार फिर जगा दीं और स्कोर 5-4 हो गया।

    लेकिन अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहम ने शानदार गोल कर इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उनके गोल के साथ ही इंग्लैंड ने 6-4 से मुकाबला अपने नाम किया और विश्व कप में तीसरे स्थान के साथ अभियान का शानदार समापन किया।

    यह उपलब्धि इंग्लैंड के लिए बेहद खास मानी जा रही है। वर्ष 1966 में विश्व कप जीतने के बाद यह टूर्नामेंट में टीम का अब तक का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। इस जीत ने इंग्लैंड के युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई दी है और भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए टीम को मजबूत संदेश दिया है।

  • जूड बेलिंगहैम ने रचा इतिहास, चार बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलने वाले सबसे युवा यूरोपीय फुटबॉलर बने

    जूड बेलिंगहैम ने रचा इतिहास, चार बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलने वाले सबसे युवा यूरोपीय फुटबॉलर बने


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले ही मुकाबले में इंग्लैंड के युवा स्टार जूड बेलिंगहैम ने ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जिसने उन्हें यूरोपीय फुटबॉल के सबसे खास खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर दिया है। इंग्लैंड ने ग्रुप एल के अपने पहले मैच में क्रोएशिया को 4-2 से हराकर टूर्नामेंट का शानदार आगाज किया, लेकिन इस जीत के साथ सबसे ज्यादा चर्चा बेलिंगहैम की ऐतिहासिक उपलब्धि की रही।

    22 वर्षीय जूड बेलिंगहैम अब चार बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने वाले सबसे युवा यूरोपीय खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने अब तक दो फीफा वर्ल्ड कप और दो यूईएफए यूरो चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने जर्मनी के प्रतिभाशाली खिलाड़ी जमाल मुसियाला का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। बेलिंगहैम की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता, प्रतिभा और कम उम्र में हासिल की गई सफलता का शानदार उदाहरण मानी जा रही है।

    क्रोएशिया के खिलाफ मुकाबले में बेलिंगहैम ने न सिर्फ रिकॉर्ड बनाया बल्कि मैदान पर भी अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने एक शानदार गोल दागा और मिडफील्ड में टीम के खेल को नियंत्रित करते हुए इंग्लैंड की जीत में अहम भूमिका निभाई। कप्तान हैरी केन के दो गोलों के अलावा बेलिंगहैम और मार्कस रैशफोर्ड के गोलों ने इंग्लैंड को 4-2 की मजबूत जीत दिलाई।

    बेलिंगहैम का अंतरराष्ट्रीय सफर बेहद कम उम्र में शुरू हुआ था। उन्होंने मात्र 17 साल और 136 दिन की उम्र में इंग्लैंड की सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था। इंग्लैंड के इतिहास में उनसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले सिर्फ दो खिलाड़ी—वेन रूनी और थियो वालकॉट—रहे हैं। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन से खुद को टीम का अहम हिस्सा बना लिया।

    उनका पहला बड़ा टूर्नामेंट यूरो 2020 था, जहां उन्होंने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद उन्होंने फीफा वर्ल्ड कप 2022, यूरो 2024 और अब फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेकर यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया। इतनी कम उम्र में चार बड़े टूर्नामेंट खेलने की उपलब्धि इस बात का संकेत है कि आने वाले वर्षों में वह इंग्लैंड फुटबॉल के सबसे बड़े चेहरों में से एक बन सकते हैं।

    मैच के बाद बेलिंगहैम ने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है और हर बार इंग्लैंड की जर्सी पहनते समय वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण है और वह मैदान पर उतरते ही पूरी ऊर्जा के साथ खेलते हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि यह सीजन काफी लंबा और चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन बड़े मैचों में टीम के लिए योगदान देना हमेशा उनकी प्राथमिकता रही है।

    चार बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट खेलने वाले सबसे युवा यूरोपीय खिलाड़ियों की सूची में अब जूड बेलिंगहैम शीर्ष पर पहुंच गए हैं। उनके बाद जमाल मुसियाला, पेड्री, जेरेमी डोकू, माइकल ओवेन और लुकास पोडोल्स्की का नाम आता है। यह उपलब्धि न केवल बेलिंगहैम के करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि इंग्लैंड फुटबॉल के उज्ज्वल भविष्य का भी संकेत देती है।