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  • ट्विशा शर्मा केस में जांच तेज CBI ने कोर्ट से मांगी आरोपियों की हिरासत बढ़ाने की अनुमति डिजिटल सबूतों की जांच जारी

    ट्विशा शर्मा केस में जांच तेज CBI ने कोर्ट से मांगी आरोपियों की हिरासत बढ़ाने की अनुमति डिजिटल सबूतों की जांच जारी


    नई दिल्ली। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को एक बार फिर अदालत में सुनवाई हुई जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट आरती आदित्य बांदिल की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के पिता और भाई भी अदालत पहुंचे और पूरी कार्यवाही के दौरान मौजूद रहे। इस संवेदनशील मामले पर अब सभी की नजर अदालत के अंतिम आदेश पर टिकी हुई है।

    सीबीआई ने अदालत से आरोपी पति समर्थ सिंह और सास रिटायर्ड जज गिरिबाला की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ाने का अनुरोध किया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच जारी है। ऐसे में आरोपियों का न्यायिक अभिरक्षा में रहना जांच की निष्पक्षता और प्रगति के लिए आवश्यक है।

    जांच एजेंसी के अनुसार मामले में अभी कई गवाहों के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं। इसके साथ ही जब्त किए गए मोबाइल फोन लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी जारी है। सीबीआई का कहना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से जांच को नई दिशा मिल सकती है इसलिए सभी तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि समर्थ सिंह के लैपटॉप तक पहुंच जांच का अहम हिस्सा है लेकिन उसका पासवर्ड अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। एजेंसी के अनुसार लैपटॉप में मौजूद संभावित डिजिटल जानकारी और अन्य दस्तावेजों की जांच के लिए पासवर्ड जरूरी है। इसके बिना कई महत्वपूर्ण जानकारियों तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा है जिससे जांच प्रभावित हो सकती है।

    सीबीआई ने अदालत को यह भी संकेत दिया कि यदि जांच के दौरान जरूरत महसूस हुई तो दोनों आरोपियों की दोबारा पुलिस रिमांड भी मांगी जा सकती है। एजेंसी का कहना है कि जांच लगातार आगे बढ़ रही है और सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इससे पहले अदालत ने 16 जून को दोनों आरोपियों को 30 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। अब एजेंसी ने हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है ताकि लंबित जांच पूरी की जा सके। अदालत के आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों आरोपी आगे भी न्यायिक हिरासत में रहेंगे या नहीं।

    गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा की 11 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी बीच हाल ही में आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी की घटना भी सामने आई थी जिसमें कुछ दस्तावेज और जेवरात चोरी करने का प्रयास किया गया था हालांकि पुलिस की सक्रियता के चलते आरोपी सामान छोड़कर फरार हो गए थे। अब पूरे मामले में अदालत के फैसले का इंतजार है क्योंकि उसी के आधार पर जांच की अगली दिशा तय होगी।

  • हैदराबाद में कार्रवाई तेज: बंडी संजय के बेटे पर POCSO आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार

    हैदराबाद में कार्रवाई तेज: बंडी संजय के बेटे पर POCSO आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार

    नई दिल्ली । देश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में उस समय हलचल तेज हो गई जब केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे भगीरथ से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। यह मामला कथित रूप से POCSO कानून से संबंधित आरोपों से जुड़ा हुआ है, जिसमें एक नाबालिग से जुड़े प्रकरण की शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई कई दिनों से चल रही जांच और तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है, जिसमें आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।

    सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग टीमों का गठन कर विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। आरोपित की लोकेशन का पता लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही थी और अंततः एक विशेष सूचना के आधार पर उसे हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को प्रारंभिक पूछताछ के लिए संबंधित थाने ले जाया गया, जहां पंच गवाहों की मौजूदगी में बयान दर्ज किए गए। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुछ तथ्यों पर अपना पक्ष रखा, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की गई।

    इसके बाद आरोपी को चिकित्सकीय परीक्षण के लिए ले जाया गया और फिर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा रखा गया ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच को बेहद सावधानी और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।

    इस बीच, आरोपी पक्ष की ओर से यह दावा किया गया है कि मामला पूरी तरह से गलत समझ और व्यक्तिगत विवाद का परिणाम है। उनके अनुसार, आरोपों के पीछे कुछ पारिवारिक और वित्तीय विवाद भी हो सकते हैं, जिनकी जांच आवश्यक है। वहीं शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि मामले में गंभीर आरोप हैं और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

    घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जहां कुछ नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है कि कानून सभी के लिए समान है और जांच प्रक्रिया बिना किसी दबाव के पूरी की जाएगी।

    इस मामले में आगे की सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, बयान और अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है ताकि मामले की सच्चाई को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और मामला न्यायालय की निगरानी में आगे बढ़ रहा है।