Tag: July2026

  • ग्रहों के सेनापति और राजा बदलेंगे अपनी चाल, जगन्नाथ रथयात्रा और गुरु पूर्णिमा सहित जुलाई में सजेंगे महापर्व

    ग्रहों के सेनापति और राजा बदलेंगे अपनी चाल, जगन्नाथ रथयात्रा और गुरु पूर्णिमा सहित जुलाई में सजेंगे महापर्व

    नई दिल्ली । अंग्रेजी कैलेंडर के सातवें महीने जुलाई की शुरुआत के साथ ही भारतीय जनमानस में आध्यात्मिक और धार्मिक उत्सवों का एक नया दौर शुरू होने जा रहा है। इस वर्ष एक विशेष ज्योतिषीय और खगोलीय संयोग बन रहा है, जिसके तहत हिंदू पंचांग का पवित्र आषाढ़ मास लगभग पूरे जुलाई महीने में व्याप्त रहेगा। आषाढ़ महीने का प्रारंभ 30 जून से हो चुका है, जो आगामी 29 जुलाई तक अनवरत चलेगा। सनातन धर्म में आषाढ़ मास को विशेष तप, साधना और आत्मशुद्धि का समय माना गया है। यही कारण है कि इस पूरे महीने में देश भर में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार पूरी श्रद्धा के साथ मनाए जाएंगे, जिससे चारों ओर एक उत्सवमयी और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिलेगा।

    मध्य प्रदेश । धार्मिक दृष्टि से इस महीने की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण घटना ‘चातुर्मास’ का प्रारंभ होना है। आगामी 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाएंगे, जिसके साथ ही चातुर्मास की शुरुआत हो जाएगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इन चार महीनों की अवधि में विवाह, मुंडन, यज्ञोपवीत और गृह प्रवेश जैसे सभी प्रकार के मांगलिक और शुभ कार्यों पर पूरी तरह से रोक लग जाती है और लोग अपना ध्यान केवल ईश्वर भक्ति और सात्विक जीवन पर केंद्रित करते हैं। इसके अलावा, महीने के पूर्वार्ध में 3 जुलाई को कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी, 10 जुलाई को योगिनी एकादशी और 12 जुलाई को मासिक शिवरात्रि का व्रत श्रद्धापूर्वक रखा जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है।

    इस पवित्र महीने में तीर्थ स्थलों और प्रमुख मंदिरों में भारी भीड़ जुटने की संभावना है, क्योंकि 15 जुलाई से जहां आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है, वहीं ठीक अगले दिन यानी 16 जुलाई को ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस रथयात्रा को देखने और भगवान का आशीर्वाद लेने के लिए देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं। महीने के अंतिम चरण में 28 जुलाई को कोकिला व्रत रखा जाएगा और अगले दिन 29 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर गुरु पूर्णिमा का महापर्व मनाया जाएगा। इस दिन सनातन परंपरा के अनुसार शिष्य अपने गुरुओं का पूजन कर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं, जिससे इस महीने का धार्मिक समापन बेहद गरिमापूर्ण ढंग से होगा।

    धार्मिक व्रतों के साथ-साथ ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर भी जुलाई का यह महीना देश-दुनिया और सभी 12 राशियों के लिए बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बदलावों वाला साबित होने जा रहा है। इस दौरान सौरमंडल के कई बड़े और प्रभावशाली ग्रह अपनी चाल, राशि और नक्षत्रों में परिवर्तन करेंगे। सबसे पहले 4 जुलाई को सुख-सुविधाओं के कारक शुक्र ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से मौजूद केतु के साथ उनकी युति बनेगी। इसके तुरंत बाद 7 जुलाई को बुद्धि और वाणी के देवता बुध ग्रह अपनी वक्री अवस्था में ही मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे, जो व्यापार और संचार व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

    ग्रहों के इस बड़े फेरबदल में एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना 14 जुलाई को होगी, जब ज्ञान और सुख-सौभाग्य के प्रदाता गुरु ग्रह (बृहस्पति) अस्त हो जाएंगे और अगस्त के मध्य तक इसी स्थिति में रहेंगे। गुरु के अस्त होने से धार्मिक अनुष्ठानों की पद्धतियों में कुछ समय के लिए बदलाव आता है। इसके पश्चात 16 जुलाई को ग्रहों के राजा सूर्य देव कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे ‘कर्क संक्रांति’ के नाम से जाना जाता है। महीने के अंत में एक और बड़ा ज्योतिषीय बदलाव 27 जुलाई को देखने को मिलेगा, जब न्याय के देवता शनि देव कुंभ राशि में वक्री यानी उल्टी चाल चलना शुरू कर देंगे। शनि की यह वक्री चाल साल के अंत तक जारी रहेगी, जिसका गहरा राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक प्रभाव देश के विभिन्न हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।

  • July Bank Holiday 2026: जुलाई में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, छुट्टियों की पूरी लिस्ट देखकर ही करें जरूरी काम की प्लानिंग

    July Bank Holiday 2026: जुलाई में 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, छुट्टियों की पूरी लिस्ट देखकर ही करें जरूरी काम की प्लानिंग

    नई दिल्ली। जुलाई 2026 की शुरुआत के साथ ही बैंक ग्राहकों के लिए छुट्टियों का कैलेंडर जानना जरूरी हो गया है। यदि आपको बैंक शाखा में जाकर नकदी जमा करनी है, चेक क्लियर कराना है, डिमांड ड्राफ्ट बनवाना है या किसी अन्य बैंकिंग सेवा का लाभ लेना है, तो पहले अपने शहर की अवकाश सूची जरूर देख लें। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी बैंक अवकाश कैलेंडर के अनुसार, जुलाई महीने में विभिन्न राज्यों में स्थानीय पर्व, सांस्कृतिक आयोजनों और नियमित साप्ताहिक अवकाश को मिलाकर कुल 12 दिन बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहेगा।

    हालांकि, यह समझना भी जरूरी है कि सभी छुट्टियां पूरे देश में एक साथ लागू नहीं होंगी। बैंक अवकाश की व्यवस्था राज्यवार और स्थानीय त्योहारों के आधार पर तय होती है। इसका मतलब है कि जिस दिन किसी राज्य में बैंक बंद रहेंगे, उसी दिन दूसरे राज्यों में बैंक सामान्य रूप से खुले भी रह सकते हैं। इसलिए ग्राहकों को अपने शहर और राज्य के अनुसार बैंक अवकाश की जानकारी पहले से प्राप्त कर लेनी चाहिए।

    महीने की शुरुआत में 5 जुलाई को रविवार होने के कारण देशभर में बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 6 जुलाई को मिजोरम की राजधानी आइजोल में एमएचआईपी डे के अवसर पर स्थानीय बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा। 9 जुलाई को मेघालय के शिलॉन्ग में बेह देइंखलाम पर्व के कारण बैंक बंद रहेंगे। वहीं 11 जुलाई को दूसरे शनिवार और 12 जुलाई को रविवार के कारण देशभर के सभी सरकारी और निजी बैंक शाखाओं में नियमित अवकाश रहेगा।

    जुलाई के मध्य में भी कई राज्यों में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। 16 जुलाई को रथ यात्रा, कांग रथयात्रा और हरेला पर्व के अवसर पर भुवनेश्वर, देहरादून, इम्फाल और शिलॉन्ग में बैंक बंद रहेंगे। इसके अगले दिन 17 जुलाई को शिलॉन्ग में यू तिरोत सिंह की पुण्यतिथि पर स्थानीय अवकाश रहेगा। 18 जुलाई को सिक्किम की राजधानी गंगटोक में द्रुकपा त्शे-जी पर्व के अवसर पर बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। 19 जुलाई को रविवार होने से पूरे देश में बैंकिंग अवकाश रहेगा।

    महीने के अंतिम सप्ताह में भी कुछ स्थानों पर बैंक बंद रहेंगे। 22 जुलाई को त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में खर्ची पूजा के अवसर पर बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा। इसके अलावा 25 जुलाई को चौथा शनिवार और 26 जुलाई को रविवार होने के कारण पूरे देश में सभी बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। ऐसे में ग्राहकों को अपने जरूरी बैंकिंग कार्य इन तिथियों को ध्यान में रखकर पहले ही पूरे कर लेने चाहिए।

    बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों की डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड जैसी सभी ऑनलाइन सुविधाएं पहले की तरह चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगी। ग्राहक धन हस्तांतरण, बिल भुगतान, ऑनलाइन खरीदारी और नकदी निकासी जैसे अधिकांश कार्य बिना किसी रुकावट के कर सकेंगे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक शाखा में जाकर किए जाने वाले कार्यों की योजना पहले से बना लेने पर अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है। खासतौर पर व्यापारियों, वेतनभोगी कर्मचारियों और ऐसे ग्राहकों के लिए, जिन्हें शाखा आधारित सेवाओं की आवश्यकता होती है, बैंक अवकाश की जानकारी पहले से होना बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।