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  • पीएम मोदी की अपील का असर, सिंधिया बोले—ईंधन की हर बूंद बचाना राष्ट्रीय कर्तव्य, समर्थकों से की खास अपील

    पीएम मोदी की अपील का असर, सिंधिया बोले—ईंधन की हर बूंद बचाना राष्ट्रीय कर्तव्य, समर्थकों से की खास अपील

    भोपाल। देश में ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक महत्वपूर्ण अपील जारी की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत संबंधी अपील का समर्थन करते हुए क्षेत्रवासियों और अपने समर्थकों से पेट्रोल और डीजल वाहनों के उपयोग को कम करने का आग्रह किया है।

    सिंधिया ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन की एक-एक बूंद की बचत करना केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक जीवन में सादगी, जिम्मेदारी और संसाधनों का समझदारी से उपयोग आज की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। इसी भावना के तहत उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र गुना, अशोकनगर और शिवपुरी सहित भोपाल में समर्थकों से विशेष अपील की है कि उनके प्रवास के दौरान पेट्रोल-डीजल वाहनों का कम से कम उपयोग किया जाए।

    उनकी इस अपील को ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। सिंधिया ने अपने संदेश में कहा कि जनता का स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, लेकिन देशहित में यदि ईंधन की बचत होती है तो यह हर नागरिक की जिम्मेदारी का भी परिचायक है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े राष्ट्रीय परिवर्तन का आधार बन सकते हैं और यही सोच देश को आगे ले जाती है।

    केंद्रीय मंत्री ने यह संदेश अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान के अनुरूप सभी नागरिकों को ऊर्जा बचत को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने इसे केवल एक प्रशासनिक या राजनीतिक पहल न मानकर सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की बात कही।

    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से विभिन्न मंचों पर संसाधनों के संतुलित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण, ईंधन की खपत कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने जैसे विषयों पर नागरिकों को जागरूक करने का प्रयास किया था। इस दिशा में उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि जीवनशैली में छोटे बदलाव भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं।

    सिंधिया की इस अपील को उसी व्यापक अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने पर जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नागरिक स्तर पर ईंधन की खपत में कमी आती है तो इसका सीधा असर न केवल आर्थिक बचत पर पड़ेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

    भोपाल और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में इस अपील को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, लेकिन कुल मिलाकर इसे एक जागरूकता संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी इस तरह की पहल को सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो जनता को संसाधनों के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाती है।

    फिलहाल यह संदेश ऊर्जा संरक्षण की दिशा में एक और प्रयास के रूप में सामने आया है, जो आने वाले समय में लोगों के व्यवहार और सोच में बदलाव लाने की क्षमता रखता है।

  • आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है भारत : ज्योतिरादित्य सिंधिया

    आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है भारत : ज्योतिरादित्य सिंधिया


    ग्वालियर।
    केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया है और भारत अब आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया शुक्रवार को ग्वालियर जिले में घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भितरवार को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। मध्य प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। लाडली बहनों को आज योजना की 34वीं किश्त सीधे बैंक खाते में मिल रही है।

    केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि बहनों के आर्थिक सशक्तीकरण के बगैर विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता है। इसीलिए मध्य प्रदेश में लाडली लक्ष्मी योजना, लाडली बहना योजना की शुरुआत की गई है। प्रदेश की लाडली बहनों को आगामी वर्षों में प्रति माह 3000 रुपये तक दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत गरीब एवं जरूरतमंद परिवार की बेटियों का निशुल्क विवाह कराया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की 10 करोड़ बहनों के घरों में रसोई गैस सिलेंडर पहुंचाया हैं। भितरवार की जनता को शिक्षा, सड़क एवं रेललाइन की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमेशा विकास कार्यों की सौगातें देकर आते हैं। उन्होंने आज लाडली बहना योजना की राशि करने के साथ-साथ इस क्षेत्र को लगभग 122 करोड़ रुपये की सौगातें दी हैं।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1.25 करोड़ बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त के रूप में 1836 करोड़ रुपये अंतरित किए। कार्यक्रम में ग्वालियर जिले को 122 करोड़ रुपये के 54 विकास कार्यों की सौगात दी गई। मुख्यमंत्री ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।


    सरकार ने जो कहा, उसे करके दिखाया हैः सिलावट

    जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी सरकार ने जो कहा, वह करके दिखाया है। आज लाडली बहनों के खाते में 1500 रुपये भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव और केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ग्वालियर अंचल के विकास में कोई कसर नहीं रखी है। अब प्रदेश के अन्नदाता को समृद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है। प्रदेश में बीते दो साल के अंदर ही लगभग 7.5 लाख हेक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ा है। प्रदेश में वर्ष 2029 तक 100 लाख हैक्टेयर भूमि संचित होगी। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केन बेतवा नदी लिंक परियोजना और पार्वती कालीसिंध चंबल योजना का काम तेजी से चल रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय भितरवार विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी संबोधित किया।


    महिला सशक्तीकरण की नई इबारत लिखने जा रहीं महिलाओं को मिली आर्थिक सहायता

    ग्वालियर जिले के अंतर्गत शबरी माता मंदिर परिसर में लाड़ली बहना योजना की राशि अंतरण के लिए आयोजित भव्य समारोह में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर महिला सशक्तीकरण की नई इबारत लिखने जा रहीं महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ वितरित किए गए। साथ ही सामुदायिक भवन अधिकार के लिये सहरिया जनजाति की वन अधिकार समिति को वन अधिकार पत्र सौंपा गया। यह अधिकार पत्र मिल जाने से आरोन तिराहा घाटीगांव स्थित शबरी माता देव स्थान को धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

    इस अवसर पर लाड़ली बहनों द्वारा स्वयं तैयार की गई शॉल ओढ़ाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। साथ ही स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने हस्तशिल्प उत्पादों की टोकरी भी मुख्यमंत्री को सौंपी।


    इन कार्यों का हुआ भूमिपूजन व लोकार्पण

    कार्यक्रम में शबरी माता परिसर में लाड़ली बहना योजना के तहत आयोजित हुए भव्य समारोह के माध्यम से ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया। इनमें लगभग 62 करोड़ के 19 कार्यों का लोकार्पण व लगभग 60 करोड़ रुपये लागत के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

  • 1 मार्च से सख्ती: सिम कार्ड के बिना नहीं चलेंगे WhatsApp और Telegram? सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से किया इनकार

    1 मार्च से सख्ती: सिम कार्ड के बिना नहीं चलेंगे WhatsApp और Telegram? सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से किया इनकार

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सिम बाइंडिंग नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया है। 1 मार्च से लागू होने जा रहे इन नए प्रावधानों के तहत यदि मोबाइल फोन में वह सक्रिय सिम कार्ड मौजूद नहीं है जिससे मैसेजिंग ऐप रजिस्टर है तो WhatsApp Telegram और Signal जैसे ऐप्स का उपयोग सीमित या बंद हो सकता है। सरकार का कहना है कि यह कदम साइबर फ्रॉड फर्जी नंबरों और डिजिटल धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा पहले की नीति के तहत सिम बाइंडिंग नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।

    क्या होगा बड़ा बदलाव? नए नियमों के अनुसार:

    जिस सिम से अकाउंट रजिस्टर है उसका मोबाइल में सक्रिय रहना जरूरी होगा। यदि सिम मौजूद नहीं है तो ऐप की सेवाएं बाधित हो सकती हैं। WhatsApp Web या कंप्यूटर लॉगिन हर 6 घंटे में स्वतः लॉगआउट हो जाएगा। दोबारा उपयोग के लिए QR कोड स्कैन करना होगा। भारत में करोड़ों यूजर्स एक ही नंबर से कई डिवाइस पर WhatsApp चलाते हैं। ऐसे में जिन यूजर्स ने अलग अलग डिवाइस पर अकाउंट एक्टिव कर रखा है या जो बार बार सिम बदलते रहते हैं वे सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं।

    छोटे कारोबारियों पर असर

    विशेषज्ञों का अनुमान है कि 60–80% तक छोटे व्यवसाय जो WhatsApp आधारित संचार और ऑर्डर मैनेजमेंट पर निर्भर हैं उन्हें शुरुआती दिनों में ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर वे बिजनेस जो एक नंबर को कई सिस्टम पर चलाते हैं उन्हें हर कुछ घंटों में दोबारा लॉगिन की प्रक्रिया अपनानी होगी।

    सिर्फ WhatsApp नहीं व्यापक असर

    यह बदलाव केवल एक ऐप तक सीमित नहीं है। Telegram Signal और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म भी इसके दायरे में बताए जा रहे हैं। यानी यह डिजिटल कम्युनिकेशन सिस्टम में एक बड़ा नीतिगत परिवर्तन साबित हो सकता है। फिलहाल सरकार अपने फैसले पर अडिग नजर आ रही है। 1 मार्च की डेडलाइन को लेकर टेक कंपनियों और करोड़ों यूजर्स की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि नियमों का क्रियान्वयन किस स्तर पर और किस सख्ती से किया जाता है और आम यूजर्स के डिजिटल अनुभव में कितना बदलाव आता है।

  • ग्वालियर में सजेगी वीवीआईपी शादी, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बेटे के विवाह में जुटेंगे दिग्गज नेता

    ग्वालियर में सजेगी वीवीआईपी शादी, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बेटे के विवाह में जुटेंगे दिग्गज नेता


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के निवास पर आज शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी। उनके पुत्र रिपुदमन सिंह उर्फ सागर का विवाह समारोह शहर के ऐतिहासिक उषा किरण पैलेस में आयोजित किया जा रहा है। परिवार में उत्सव जैसा माहौल है और बहू के स्वागत की तैयारियां पिछले कई दिनों से जोर शोर से चल रही हैं।
    इस खास मौके पर प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति के कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है, जिसके चलते ग्वालियर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विवाह समारोह को भव्य और गरिमामय बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। आयोजन स्थल उषा किरण पैलेस को आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया है। समारोह में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा सहित मंत्रिमंडल के कई सदस्य, विधायक और अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। बड़ी संख्या में वीवीआईपी मेहमानों के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान तैयार किया है।
    मंत्री निवास रेसकोर्स रोड स्थित सरकारी बंगले पर बीते दिनों से विवाह की पारंपरिक रस्में संपन्न की जा रही थीं। हल्दी, संगीत और अन्य कार्यक्रमों में परिवार और समर्थकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बेटे की शादी की खुशी में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर परिवारजनों के साथ पारंपरिक धुनों पर झूमते नजर आए। उनका डांस वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे समर्थक और आम नागरिक खूब साझा कर रहे हैं। विवाह के बाद आम जनता के लिए भी विशेष कार्यक्रम रखा गया है। 14 फरवरी को डबरा बायपास रोड स्थित इंपीरियल गोल्फ रिसोर्ट में आशीर्वाद समारोह और स्वरुचि भोज का आयोजन किया जाएगा।
    इस कार्यक्रम में क्षेत्र की जनता, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दे सकेंगे। शहर में बड़े नेताओं के आगमन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है। होटल से लेकर मंत्री निवास और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक रूट भी तय किए गए हैं ताकि आम नागरिकों को असुविधा न हो। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ग्वालियर की राजनीति का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं और उनके पुत्र का विवाह समारोह राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण आयोजन बन गया है। इस विवाह में सत्ता और संगठन के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी इसे खास बना रही है। ग्वालियर आज एक भव्य और चर्चित समारोह का साक्षी बनने जा रहा है जहां पारिवारिक खुशियों के साथ राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
  • ज्योतिरादित्य सिंधिया और बुआओं के बीच संपत्ति विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट से अतिरिक्त समय

    ज्योतिरादित्य सिंधिया और बुआओं के बीच संपत्ति विवाद में बॉम्बे हाईकोर्ट से अतिरिक्त समय


    ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं वसुंधरा राजे, ऊषा राजे और यशोधरा राजे के बीच चल रहे संपत्ति विवाद में अब राजीनामा दाखिल करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। यह मामला लंबे समय से न्यायालयों में विचाराधीन है और इसके समाधान के लिए दोनों पक्ष समझौते की प्रक्रिया में हैं। ग्वालियर खंडपीठ में बुआओं की ओर से दायर आवेदन में बताया गया कि बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी 2026 को निर्धारित है।
    बुआओं की ओर से कोर्ट से अनुरोध किया गया कि पहले से तय 90 दिनों की अवधि को बढ़ाकर अतिरिक्त 30 दिन दिया जाए, ताकि समझौते की सभी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। कोर्ट ने इस आवेदन को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोनों पक्ष बिना किसी बाधा के विवाद का समाधान कर सकें और समझौते को विधिक रूप से अंतिम रूप दिया जा सके।

    यह संपत्ति विवाद मूल रूप से 2010 में जिला न्यायालय, ग्वालियर में दर्ज हुआ था। तब से लेकर अब तक यह मामला लंबित है और 2017 में इसे हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया गया। विवाद मुख्य रूप से सिंधिया और उनकी बुआओं के बीच पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे को लेकर है। बुआओं और भतीजे दोनों पक्ष चाहते हैं कि यह विवाद समझौते के माध्यम से समाप्त हो जाए, ताकि लंबित कानूनी प्रक्रियाओं का बोझ खत्म हो सके।

    सितंबर 2025 में जिला न्यायालय ने याचिका का निस्तारण करते हुए दोनों पक्षों को 90 दिनों में समझौता पेश करने का निर्देश दिया था। लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट में लंबित केस के कारण यह समय पूरा नहीं हो पाया। अब हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि लंबित मामले के निस्तारण के बाद दोनों पक्षों को समझौता दाखिल करने के लिए अतिरिक्त 30 दिन का समय मिलेगा।

    इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी औपचारिकताएं और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हों और किसी भी तरह का विवाद भविष्य में न उभरे।

    विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम पारिवारिक विवादों के शीघ्र समाधान के लिए अहम है। अक्सर लंबित कानूनी मामले सालों तक अटके रहते हैं और दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ते हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं के मामले में भी यह समय वृद्धि पारिवारिक समझौते को सुरक्षित और न्यायसंगत तरीके से पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

    इस मामले से जुड़े जानकार बताते हैं कि समझौते की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है।

    इसमें संपत्ति के बंटवारे, कानूनी अधिकारों की पुष्टि और किसी भी वित्तीय या प्रशासनिक बाधा का समाधान शामिल है। अतिरिक्त 30 दिन की अवधि दोनों पक्षों को ये सुनिश्चित करने का अवसर देती है कि समझौते में सभी औपचारिकताएं और दस्तावेज़ सही तरीके से तैयार किए जाएं।

    कुल मिलाकर, यह कदम ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं के बीच लंबित संपत्ति विवाद को शांतिपूर्ण और कानूनी ढंग से समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कोर्ट की अनुमति से दोनों पक्ष बिना किसी दबाव के समझौता अंतिम रूप दे सकेंगे। इससे परिवार के बीच तनाव कम होगा और लंबित न्यायिक प्रक्रियाओं का बोझ भी घटेगा।

    इस मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी 2026 को बॉम्बे हाईकोर्ट में होगी, जिसके बाद अतिरिक्त 30 दिनों में समझौते की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इस प्रक्रिया के सफलतापूर्वक पूर्ण होने से परिवार के सभी सदस्यों के बीच संपत्ति विवाद का स्थायी समाधान निकलने की संभावना है।

  • MP: शिवपुरी में रोड शो के दौरान चोटिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन

    MP: शिवपुरी में रोड शो के दौरान चोटिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन


    शिवपुरी।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के पुत्र और एमपीसीए अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया (Mahaaryaman Scindia) शिवपुरी दौरे (Shivpuri Tour) के दौरान मामूली रूप से चोटिल हो गए। स्टेडियम में लोगों का अभिवादन करते समय गाड़ी में अचानक ब्रेक लगने से उनके सीने में चोट आई जिसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उनका इलाज हुआ। अपने दौरे के दौरान उन्होंने महिला क्रिकेट खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खुद भी क्रिकेट खेली। महाआर्यमन ने मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में क्रिकेट को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए तीन स्तरीय रणनीति साझा की जिसमें स्काउटिंग बेहतर बनाने, एकेडमी विकसित करने और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए डेटा कलेक्शन पर जोर दिया गया है।


    सीने में लगी चोट

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया जब शिवपुरी के स्टेडियम में लोगों को अभिवादन कर रहे थे तभी गाड़ी में अचानक ब्रेक लगाने से उन्हें मामूली चोट आई। सीने में चोट से दर्द की शिकायत के बाद महाआर्यमन सिंधिया जिला अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने सीटी स्कैन कराकर प्राथमिक उपचार लिया।


    भव्य रोड शो में हुए शामिल

    महाआर्यमन सिंधिया पहली बार शिवपुरी दौरे पर है। उनका दूसरा दिन रहा एमपीसीए अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला शिवपुरी आगमन रहा। इससे पहले रविवार शाम को शिवपुरी पहुंचने पर वह भव्य रोड शो में शामिल हुए। इस रोड शो में बड़ी संख्या में सिंधिया समर्थक मौजूद रहे।


    खेली क्रिकेट

    दौरे के दूसरे दिन महाआर्यमन सिंधिया श्रीमंत माधवराव सिंधिया खेल परिसर पहुंचे। उन्होंने शिवपुरी में आयोजित 69वीं महिला अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग ले रहीं खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने महिला खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल को लेकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट खेला और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।

    सूबे कैसे मजबूत होगी क्रिकेट? बताया प्लान
    महाआर्यमन सिंधिया ने बताया कि मध्य प्रदेश में क्रिकेट को मजबूत करने के लिए तीन स्तरीय रणनीति तैयार की गई है। पहले चरण में डिविजन और जिला स्तर के टूर्नामेंट्स कराए जाएंगे और स्काउटिंग सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा। दूसरे चरण में हर डिविजन में मजबूत क्रिकेट एकेडमी और कोचिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि स्थानीय प्रतिभाओं पर निरंतर नजर रखी जा सके। तीसरे चरण में खिलाड़ियों के प्रदर्शन से जुड़ा डेटा कलेक्शन किया जाएगा, जिसमें रन, विकेट, फील्डिंग और ऐतिहासिक रिकॉर्ड शामिल होंगे ताकि चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सके।