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  • एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, कबड्डी में दो गोल्ड समेत एक दिन में जीते 7 पदक

    एशियन गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, कबड्डी में दो गोल्ड समेत एक दिन में जीते 7 पदक


    नई दिल्ली । एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। 26 सितंबर का दिन भारत के लिए खास रहा, जब खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में दमदार प्रदर्शन करते हुए कुल सात पदक अपने नाम किए। इनमें दो स्वर्ण, चार रजत और एक कांस्य पदक शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत की कुल पदक संख्या बढ़कर 30 हो गई। शनिवार का सबसे बड़ा आकर्षण कबड्डी रहा, जहां भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

    पुरुष कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 40-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबला शुरुआत से ही कड़ा रहा और ईरानी टीम ने भारतीय खिलाड़ियों को लगातार चुनौती दी। हालांकि, निर्णायक समय में भारतीय टीम ने बेहतर खेल दिखाया और मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियाई खेलों में एक और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

    महिला कबड्डी टीम ने भी फाइनल में ईरान को 37-34 से मात दी। भारतीय महिलाओं ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और करीबी मुकाबले में जीत हासिल कर अपना खिताब बरकरार रखा। महिला टीम की इस सफलता से भारत को दिन का दूसरा स्वर्ण पदक मिला।

    एथलेटिक्स में तेजिंदरपाल सिंह तूर ने शॉटपुट में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। उनके प्रदर्शन से भारत को एथलेटिक्स में महत्वपूर्ण पदक मिला। पुरुषों की मैराथन में सावन बारवाल ने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए रजत पदक हासिल किया। उनकी यह उपलब्धि लंबी दूरी की दौड़ में भारत के लिए महत्वपूर्ण रही।

    शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में तिलोत्तमा सेन, विदर्सा के. विनोद और आशी चौकसी की तिकड़ी ने रजत पदक जीता। भारतीय टीम ने कुल 1,763 अंक हासिल किए और स्वर्ण जीतने वाली चीन की टीम से 10 अंक पीछे रही। चीन ने 1,773 अंक बनाए।

    400 मीटर दौड़ में प्राची चौधरी ने 53.21 सेकंड का समय निकालकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और कांस्य पदक जीता। उन्होंने फाइनल में बेहतर रणनीति के साथ दौड़ पूरी की और कई ऊंची रैंकिंग वाली प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए पोडियम पर जगह बनाई।

    स्क्वैश में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार की भारतीय जोड़ी ने मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग की ली का यी और तांग मिंग होंग की जोड़ी को कड़ी चुनौती दी। भारतीय जोड़ी को 1-2 से हार मिली, लेकिन सेमीफाइनल तक पहुंचने के कारण उन्होंने कांस्य पदक पक्का कर लिया।

    हॉकी में भी भारतीय पुरुष टीम ने जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अभिषेक ने शुरुआती दौर में गोल कर भारत को बढ़त दिलाई, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम की जीत सुनिश्चित की। इस तरह 26 सितंबर को कबड्डी के दो स्वर्ण समेत सात पदकों के साथ भारत की पदक तालिका और मजबूत हुई।

  • एशियन गेम्स में भारत का कबड्डी में दबदबा लगातार तीसरी जीत के साथ सेमीफाइनल का टिकट पक्का

    एशियन गेम्स में भारत का कबड्डी में दबदबा लगातार तीसरी जीत के साथ सेमीफाइनल का टिकट पक्का


    नई दिल्ली । एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। बुधवार को टोकाई सिटिजन्स जिम्नेजियम में खेले गए ग्रुप ए के मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 48-25 से हराया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने ग्रुप चरण में लगातार तीसरी जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ अपना पदक भी सुनिश्चित कर लिया।

    सुनील कुमार की कप्तानी में भारतीय टीम ने टूर्नामेंट की शुरुआत जापान के खिलाफ जीत के साथ की थी। इसके बाद दक्षिण कोरिया को भी भारत ने 63-31 के बड़े अंतर से हराया। बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और विरोधी टीम को दबाव में रखा। रेडिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार अंक जुटाए जबकि डिफेंस ने बांग्लादेश के रेडर्स को ज्यादा मौके नहीं दिए।

    पहले हाफ में भारत का दबदबा पूरी तरह नजर आया। टीम ने सफल रेड से 18 अंक हासिल किए और सात बोनस अंक अपने खाते में जोड़े। भारतीय डिफेंस ने बांग्लादेश को दो बार ऑलआउट भी किया। इसके चलते भारत ने हाफ टाइम तक 29-9 की मजबूत बढ़त बना ली। दूसरी तरफ बांग्लादेश की टीम भारतीय डिफेंस के सामने लगातार संघर्ष करती नजर आई। पहले हाफ में उसे पांच आउट अंक और तीन बोनस अंक ही मिल सके। एक सुपर टैकल से भी बांग्लादेश को अंक मिला लेकिन भारतीय टीम की बड़ी बढ़त पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।

    दूसरे हाफ की शुरुआत में भारतीय टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया। अर्जुन देशवाल को देवांक दलाल की जगह मैदान पर उतारा गया। इसके बाद बांग्लादेश ने अपने खेल में सुधार किया और भारतीय टीम पर दबाव बनाने की कोशिश की। बांग्लादेश ने दूसरे हाफ में आठ आउट अंक और आठ बोनस अंक हासिल किए। इसके बावजूद भारत ने अपनी लय नहीं टूटने दी। भारतीय टीम ने दूसरे हाफ में 19 अंक जुटाए और एक बार फिर बांग्लादेश को ऑलआउट किया।

    भारत ने पूरे मुकाबले के दौरान अपनी बढ़त को बनाए रखा और अंत में 48-25 से मुकाबला अपने नाम कर लिया। यह जीत इसलिए भी अहम रही क्योंकि इसके साथ भारतीय टीम ने ग्रुप ए में लगातार तीसरी जीत दर्ज की और नॉकआउट चरण में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली।

    भारतीय टीम का ग्रुप चरण का आखिरी मुकाबला गुरुवार को चीनी ताइपे के खिलाफ होगा। सेमीफाइनल में जगह पहले ही पक्की होने के बाद इस मुकाबले में भी टीम की नजर अपनी जीत की लय बरकरार रखने पर होगी। कबड्डी प्रतियोगिता में सेमीफाइनल मुकाबले 25 सितंबर को खेले जाएंगे जबकि पुरुष वर्ग का स्वर्ण पदक मुकाबला 26 सितंबर को होगा।

    भारतीय पुरुष कबड्डी टीम एशियन गेम्स में अपने अभियान को खिताबी जीत तक पहुंचाने के इरादे से मैदान में है। बांग्लादेश के खिलाफ मिली जीत ने टीम को नॉकआउट चरण से पहले एक और मजबूत आधार दिया है। अब सेमीफाइनल में भारत का सामना किस टीम से होगा यह ग्रुप चरण के बाकी मुकाबलों के परिणाम के बाद तय होगा।