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  • कैलाश खेर ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, बोले- “बाबा की कृपा से जन्मों के पाप धुल जाते हैं”

    कैलाश खेर ने महाकाल की भस्म आरती में लिया आशीर्वाद, बोले- “बाबा की कृपा से जन्मों के पाप धुल जाते हैं”


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर एक बार फिर श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम का गवाह बना, जब प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर शुक्रवार तड़के भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। वे विशेष रूप से भस्म आरती में शामिल हुए और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए।

    कैलाश खेर सुबह करीब 3 बजे मंदिर पहुंचे और नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती का दिव्य दृश्य देखा। आरती के दौरान वे पूरी तरह भक्ति में लीन नजर आए। लगभग दो घंटे तक उन्होंने आरती का अनुभव लिया और इसके बाद नंदी जी का पूजन-अभिषेक किया। उन्होंने नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी व्यक्त की, जैसा कि परंपरा के अनुसार श्रद्धालु करते हैं।

    इसके बाद उन्होंने चांदी द्वार के माध्यम से पुजारी के जरिए भगवान महाकाल को जल अर्पित किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। दर्शन के पश्चात मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से उनका सम्मान किया गया।

    इस आध्यात्मिक अनुभव के बाद कैलाश खेर ने कहा कि महाकाल के दरबार में पहुंचना स्वयं में एक दिव्य अनुभूति है। उनके अनुसार, जो भी श्रद्धालु यहां आता है, वह आध्यात्मिक रूप से शुद्ध होता है और जन्मों के पापों से मुक्ति का अनुभव करता है। उन्होंने भस्म आरती को अत्यंत पवित्र और दुर्लभ दर्शन बताया और कहा कि यह केवल भगवान महाकाल की विशेष कृपा से ही संभव हो पाता है।

    उन्होंने मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं की भी प्रशंसा की और कहा कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था बेहद सुव्यवस्थित तरीके से संचालित की जा रही है।

    महाकाल मंदिर में हुई यह उपस्थिति एक बार फिर इस बात का प्रमाण है कि यह स्थान केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं और कलाकारों के लिए भी आध्यात्मिक आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

  • भक्ति और संगीत का संगम: वृंदावन में गूंजा “बम लहरी”, प्रेमानंद महाराज हुए भावविभोर

    भक्ति और संगीत का संगम: वृंदावन में गूंजा “बम लहरी”, प्रेमानंद महाराज हुए भावविभोर



    नई दिल्ली। वृंदावन में भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला जब प्रसिद्ध सूफी एवं भजन गायक Kailash Kher ने केलीकुंज आश्रम में संत Premanand Maharaj से भेंट की। इस मुलाकात के दौरान पूरा वातावरण भक्ति भाव और आनंद से भर गया। कैलाश खेर ने महाराज का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया और उन्हें मोरपंखी हार पहनाकर सम्मान प्रकट किया।

    आश्रम में बातचीत के दौरान प्रेमानंद महाराज ने सबसे पहले कैलाश खेर का हाल-चाल पूछा, जिस पर गायक ने सहज भाव से कहा कि वे पूरी तरह “मस्त” हैं। इसके बाद कैलाश खेर ने माइक लेकर अपने प्रसिद्ध भजन “बम लहरी” का गायन शुरू किया। अपने खास अंदाज में उन्होंने न केवल भजन प्रस्तुत किया बल्कि भावपूर्ण नृत्य भी किया, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालु और संतगण भी भावविभोर हो उठे। यह भजन लगभग डेढ़ मिनट तक चला, लेकिन इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

    भजन समाप्त होते ही Premanand Maharaj मुस्कुराए और उन्होंने कैलाश खेर की प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बहुत सुंदर और अत्यंत प्रभावशाली था। उनके चेहरे की मुस्कान ने वहां मौजूद सभी लोगों को और भी उत्साहित कर दिया। इसके बाद कैलाश खेर ने एक और भजन प्रस्तुत करने की इच्छा जताई, जिस पर महाराज ने सहमति दी।

    इसके बाद उन्होंने “5 वर्ष की मीरा लाडली हो…” और “सखियां में खेला जाए री…” जैसे भावपूर्ण भजन अपनी विशेष शैली में सुनाए। इन भजनों ने आश्रम के वातावरण को और अधिक आध्यात्मिक बना दिया। प्रेमानंद महाराज ने उनकी आवाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी गायकी अत्यंत प्रभावशाली है और इसमें भक्ति का गहरा भाव झलकता है।

    इससे पहले कैलाश खेर ने वृंदावन स्थित Banke Bihari Temple में भगवान श्री बांके बिहारी जी के दर्शन किए। मंदिर में उन्होंने लगभग 30 मिनट बिताए और फूल बंगले में विराजमान भगवान की छवि को एकटक निहारते रहे। उन्होंने मंदिर की देहरी पर इत्र भी अर्पित किया और श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की। इस दौरान सेवायत मोहित गोस्वामी ने उन्हें भगवान का प्रसाद और अंगवस्त्र भेंट किया।

    कैलाश खेर के आगमन से वृंदावन में भक्ति का माहौल और अधिक गहरा हो गया। उनके भजन और प्रेमानंद महाराज के साथ संवाद ने यह संदेश दिया कि संगीत और आध्यात्मिकता एक-दूसरे के पूरक हैं। इस पूरे आयोजन ने श्रद्धालुओं को भक्ति के नए अनुभव से जोड़ा और वातावरण को दिव्यता से भर दिया।

  • कैलाश खेर के नाम पर संगीत सहयोग का झांसा देकर लाखों की ठगी का आरोप..

    कैलाश खेर के नाम पर संगीत सहयोग का झांसा देकर लाखों की ठगी का आरोप..


    नई दिल्ली।मनोरंजन जगत से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर के नाम का गलत इस्तेमाल कर एक गीतकार से लाखों रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया गया है। यह मामला न केवल डिजिटल भरोसे की कमजोरी को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह पहचान और प्रसिद्ध हस्तियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को आसानी से निशाना बनाया जा रहा है।

    संगीत सहयोग के नाम पर रची गई ठगी की योजना
    पीड़ित गीतकार चैतन्य गोविंद कन्हैया, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और वर्तमान में मुंबई में रहते हैं, एक परिचित के माध्यम से आरोपी से जुड़े थे। आरोपी ने खुद को ऐसे व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया जो कैलाश खेर से उनका गाना रिकॉर्ड करवा सकता है। शुरुआती बातचीत के दौरान कुछ ऐसी स्थितियां बनाई गईं जिससे पीड़ित का विश्वास धीरे धीरे मजबूत होता गया और उन्हें यह विश्वास दिलाया गया कि यह अवसर पूरी तरह वास्तविक है।

    ऑनलाइन बातचीत और मुलाकात से बढ़ा भरोसा
    आरोपी ने कथित रूप से पीड़ित की ऑनलाइन बातचीत एक ऐसे व्यक्ति से करवाई, जिसे कैलाश खेर बताया गया। बातचीत के दौरान यह आश्वासन दिया गया कि आगे की प्रक्रिया उनके मैनेजर के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसके बाद दोनों के बीच व्यक्तिगत मुलाकात भी हुई, जहां रिकॉर्डिंग और कॉन्ट्रैक्ट को अंतिम रूप देने के नाम पर वित्तीय मांग की गई। इस दौरान पीड़ित को भरोसा दिलाया गया कि यह एक पेशेवर संगीत प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

    एडवांस भुगतान के बाद टूटा भरोसा
    विश्वास में आकर पीड़ित ने आरोपी द्वारा बताए गए खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी। भुगतान के बाद आरोपी ने संपर्क बनाए रखना बंद कर दिया। जब पीड़ित ने दबाव बनाना शुरू किया, तो उन्हें एक चेक दिया गया जो बाद में बाउंस हो गया। इस घटना के बाद उन्हें संदेह हुआ और जब उन्होंने वास्तविक मैनेजमेंट टीम से संपर्क किया, तो सामने आया कि इस तरह की किसी भी परियोजना या बातचीत की कोई पुष्टि नहीं थी।

    पुलिस में शिकायत और जांच शुरू
    सच्चाई सामने आने के बाद पीड़ित ने संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तरह की ठगी में और कौन कौन शामिल हो सकता है।

    डिजिटल युग में बढ़ते फ्रॉड पर चेतावनी
    यह मामला एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि डिजिटल और पेशेवर संपर्कों में बिना पूरी पुष्टि के किसी भी वित्तीय लेनदेन से बचना चाहिए। खासकर जब मामला किसी प्रसिद्ध व्यक्ति या बड़े प्रोजेक्ट से जुड़ा हो, तो अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ

    मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ


    भोपाल।भोपाल में 27 जनवरी 2026 की शाम खेल और युवा ऊर्जा का भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। खेलो एमपी यूथ गेम्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा किया जाएगा। यह भव्य समारोह शाम 6:30 बजे से टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें खेलों की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और देश के जाने-माने पार्श्व गायक कैलाश खेर की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स की तैयारी व्यापक स्तर पर की गई है। प्रदेश में ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं, जबकि जिला और संभाग स्तरीय मुकाबले प्रगति पर हैं, जो 25 जनवरी 2026 तक संपन्न हो जाएंगे। इसके बाद राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतिस्पर्धा में उतरेंगी।मंत्री श्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह को पूरी तरह खेलों की भावना और युवा उत्साह पर आधारित रखा गया है। कैलाश खेर की संगीतमय प्रस्तुति के साथ-साथ इंडियाज़ गॉट टैलेंट फेम डांस ट्रूप द्वारा ऊर्जावान नृत्य, खेलों के इतिहास पर आधारित नृत्य-नाटिका और भव्य आतिशबाजी आयोजन को यादगार बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम खेल, संस्कृति और युवा शक्ति का जीवंत संगम होगा।

    खेलो एमपी यूथ गेम्स की एक बड़ी विशेषता यह है कि देश में पहली बार खेल विभाग और सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के समन्वय से इतने बड़े स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि इस मॉडल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आए हैं। यह प्रयोग भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में मध्यप्रदेश का अहम कदम माना जा रहा है।खिलाड़ियों के चयन और सहभागिता को पारदर्शी बनाने के लिए डैशबोर्ड आधारित ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली अपनाई गई है। अब तक एक लाख से अधिक खिलाड़ी पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीयन से लेकर परिणामों तक की पूरी प्रक्रिया रीयल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए की जा रही है।

    राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 31 जनवरी 2026 तक चलेंगी, जिनमें कुल 28 खेल शामिल हैं। खेलों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न शहरों-भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम-में उनकी स्थानीय परंपरा और लोकप्रियता के अनुसार किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रोबॉल को भी विशेष स्थान दिया गया है।मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स प्रदेश के युवाओं को प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं और यह आयोजन मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।