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  • इंदौर में भाजपा की पदयात्रा में साधु-संतों से लेकर किन्नर समाज तक शामिल, मांडविया ने कांग्रेस पर कसा तंज

    इंदौर में भाजपा की पदयात्रा में साधु-संतों से लेकर किन्नर समाज तक शामिल, मांडविया ने कांग्रेस पर कसा तंज


    इंदौर । इंदौर में शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की लोकतंत्र बचाओ और अराजकता हटाओ पदयात्रा के दौरान राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। सुभाष नगर चौराहे से शुरू हुई यह पदयात्रा पाटनीपुरा चौराहे तक निकाली जा रही है। इसमें डॉक्टरों और वकीलों से लेकर व्यापारियों तथा साधु-संतों सहित विभिन्न समाजों और संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। यात्रा में किन्नर समाज के लोगों के साथ बुर्का पहने महिलाएं भी नजर आईं। भाजपा नेताओं ने इस आयोजन को लोकतंत्र और व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जनभागीदारी का कार्यक्रम बताया।

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पदयात्रा को राष्ट्रभक्तों की रैली बताया। उनके अनुसार इसमें अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल होकर अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। पदयात्रा के दौरान उस समय स्थिति चर्चा में आ गई जब समाजसेवी प्रहलाद पांडे को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पांडे अपने साथ एक पोस्टर लेकर पहुंचे थे। इस पोस्टर पर 30 हजार का बल्ब और 33 हजार लीटर फिनाइल लिखा हुआ था। बताया जा रहा है कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंच से पुलिस को पांडे को वहां से हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

    प्रहलाद पांडे इससे पहले भी कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन कर चुके हैं। उस समय भी पुलिस उन्हें हिरासत में लेकर गई थी। खबर के मुताबिक बाद में विजयवर्गीय ने उन्हें छुड़वाने के लिए पत्र लिखा था। इस बार पदयात्रा के दौरान उनके पोस्टर के साथ पहुंचने और पुलिस कार्रवाई को लेकर मामला चर्चा में रहा। पोस्टर पर लिखे संदेश का संबंध किस मुद्दे से था और इसके पीछे पांडे की क्या मांग थी इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री मांडविया भी शामिल हुए। उन्होंने कांग्रेस और उसके नेताओं पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी का नाम लिए बिना रॉकेट लॉन्चिंग का उदाहरण दिया। मांडविया ने कहा कि जैसे रॉकेट को ऊपर भेजने के लिए दीया सलाई लगाई जाती है वैसे ही कांग्रेस भी अपने नेताओं को बार-बार लॉन्च करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जनता से सवाल करते हुए कहा कि कई वर्षों से ऐसी कोशिशें की जा रही हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही। उनके इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व पर राजनीतिक तंज के तौर पर देखा गया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भी पदयात्रा में शामिल होने पहुंचे और बाद में पाटनीपुरा चौराहे पर बनाए गए मंच पर पहुंचे। यात्रा में राहुल गांधी का बैनर ओढ़कर आया एक युवक भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। आयोजन में अलग-अलग समुदायों और संगठनों की मौजूदगी के कारण पदयात्रा को व्यापक रूप देने की कोशिश दिखाई दी।

    भाजपा की इस पदयात्रा में एक ओर पार्टी नेताओं के भाषण और कांग्रेस पर राजनीतिक हमले चर्चा में रहे तो दूसरी ओर समाजसेवी प्रहलाद पांडे को हिरासत में लिए जाने का मामला भी सामने आया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुलिस ने उन्हें पोस्टर लेकर पहुंचने के बाद हिरासत में लिया। इस कार्रवाई को लेकर मंत्री के निर्देश की बात भी सामने आई है। हालांकि पुलिस की ओर से हिरासत के कारण और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • इंदौर में संघ का शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि शताब्दी वर्ष का बड़ा आयोजन, 345 बस्तियों और महू के 65 मंडलों में निकले पथ संचलन

    इंदौर में संघ का शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि शताब्दी वर्ष का बड़ा आयोजन, 345 बस्तियों और महू के 65 मंडलों में निकले पथ संचलन


    इंदौर । इंदौर और महू क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन आयोजित किए जा रहे हैं। संघ के शताब्दी वर्ष के समापन कार्यक्रम की तैयारियों के बीच स्वयंसेवक अलग-अलग बस्तियों और मंडलों में कदमताल करते नजर आ रहे हैं। इंदौर के नंदा नगर से निकले पथ संचलन में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके बेटे तथा पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए। इस आयोजन के तहत इंदौर विभाग के चार महानगरीय जिलों के 34 नगरों की करीब 345 बस्तियों में पथ संचलन निकाले जा रहे हैं। वहीं महू ग्रामीण क्षेत्र के छह खंडों के 65 मंडलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    संघ की ओर से इन आयोजनों की तैयारी पिछले एक महीने से की जा रही थी। शाखाओं में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन से पहले समता का अभ्यास किया। इन कार्यक्रमों के जरिए स्वयंसेवक अनुशासन और सामूहिक सहभागिता के साथ निर्धारित मार्गों पर संचलन कर रहे हैं। इंदौर और महू में अलग-अलग स्थानों पर आयोजित हो रहे इन कार्यक्रमों को संघ के शताब्दी वर्ष के समापन से पहले की महत्वपूर्ण गतिविधि माना जा रहा है।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन अवसर पर 28 अक्टूबर को इंदौर विभाग का वृहत एकत्रीकरण आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम डेली कॉलेज परिसर में शाम 4 बजकर 30 मिनट से होगा। इसमें इंदौर विभाग के पांचों जिलों के सक्रिय स्वयंसेवकों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। पथ संचलन को इस बड़े आयोजन की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके माध्यम से स्वयंसेवक आगामी एकत्रीकरण के लिए जुट रहे हैं।

    इस एकत्रीकरण का ध्येय वाक्य चरैवेति-चरैवेति रखा गया है। इस संस्कृत वाक्य का आशय निरंतर आगे बढ़ते रहने से है। संघ के अनुसार इसका संदेश है कि स्वयंसेवक राष्ट्रकार्य को लगातार और समर्पण के साथ आगे बढ़ाते रहें। शताब्दी वर्ष पूरा होने के बाद भी समाज और राष्ट्र के लिए कार्य जारी रखने का संकल्प इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य बताया गया है।

    संघ की विचारधारा के मुताबिक राष्ट्र निर्माण के लिए व्यक्ति निर्माण और व्यक्ति परिवर्तन के माध्यम से समाज परिवर्तन पर जोर दिया जाता है। एकत्रीकरण में इसी विचार को आगे बढ़ाने और स्वयंसेवकों को भविष्य के कार्यों के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया जाएगा। संघ का कहना है कि भारत को परम वैभव पर प्रतिष्ठित करने के लक्ष्य के साथ स्वयंसेवक ऊर्जा और समर्पण से कार्य करते रहेंगे।

    इंदौर और महू क्षेत्र में हो रहे पथ संचलन के साथ अब 28 अक्टूबर को होने वाले वृहत एकत्रीकरण पर भी ध्यान केंद्रित है। पांच जिलों के सक्रिय स्वयंसेवकों की भागीदारी वाले इस कार्यक्रम के जरिए संघ अपने शताब्दी वर्ष के समापन को चिह्नित करेगा। फिलहाल विभिन्न बस्तियों और मंडलों में संचलन के आयोजन जारी हैं और स्वयंसेवक निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार इसमें भाग ले रहे हैं।

  • इंदौर में आने वाले समय में गहरा सकता है जलसंकट, कैलाश विजयवर्गीय ने दी चेतावनी; बोले- नर्मदा का जलस्तर बनाए रखना जरूरी

    इंदौर में आने वाले समय में गहरा सकता है जलसंकट, कैलाश विजयवर्गीय ने दी चेतावनी; बोले- नर्मदा का जलस्तर बनाए रखना जरूरी


    इंदौर । इंदौर में आने वाले समय में जलसंकट की स्थिति गंभीर हो सकती है। इसे देखते हुए प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने लोगों को अभी से पानी की कमी के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शहर में जल संरक्षण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है ताकि भविष्य में पानी की संभावित कमी से निपटने के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें। विजयवर्गीय ने नर्मदा नदी के घटते जलस्तर पर भी चिंता जताई और कहा कि नदी का निर्धारित स्तर बनाए रखना बेहद जरूरी है क्योंकि जलस्तर नीचे जाने पर पंपिंग प्रभावित हो सकती है। इससे इंदौर में पानी की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है।

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शुक्रवार को इंदौर के कुशवाह नगर चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यहां कुशवाह नगर मेन रोड के निर्माण कार्य और अमृत 2.0 योजना के तहत नर्मदा लाइन बिछाने के काम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने शहर में भविष्य में पैदा होने वाली पानी की समस्या को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि आने वाला समय सभी के लिए जलसंकट की चुनौती लेकर आ सकता है। ऐसे में केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे बल्कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को भी पानी बचाने की जिम्मेदारी समझनी होगी।

    विजयवर्गीय ने कहा कि वह अपने स्तर पर पानी बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं और सभी जनप्रतिनिधियों से भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करेंगे। उन्होंने नर्मदा नदी के जलस्तर को लेकर कहा कि यदि पानी निर्धारित स्तर से नीचे चला जाता है तो पंपिंग की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। इस समस्या के समाधान के लिए नर्मदा परियोजना और हाइड्रो प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के साथ भोपाल में बैठक करने की योजना है। बैठक में नदी का जरूरी जलस्तर बनाए रखने और पंपिंग व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।

    कुशवाह नगर में सड़क निर्माण को लेकर भी मंत्री ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को नुकसान से बचाने के लिए सड़क की चौड़ाई 60 फीट रखने की अनुमति दी गई है। सड़क निर्माण से पहले संबंधित लाइन बिछाने का काम पूरा किया जाएगा और दीपावली के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके। इसके अलावा कालानी नगर में लगातार बने रहने वाले यातायात दबाव को देखते हुए वहां ब्रिज बनाने की जरूरत भी बताई। विजयवर्गीय ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से इसके लिए योजना तैयार करने को कहा है।

    इस दौरान मंत्री ने विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद देश में इतना गैरजिम्मेदार विपक्ष देखने को नहीं मिला। उन्होंने एक नेता के उस ट्वीट का जिक्र किया जिसमें अल्बेरिया में छात्रों के आंदोलन को लेकर टिप्पणी की गई थी। विजयवर्गीय ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे बयान देश में भी अशांति फैलाने की कोशिशों को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के साथ विपक्ष की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है और संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो सकती है। उनके मुताबिक सरकार किसी भी दल की हो लेकिन देश में लोकतंत्र का मजबूत बने रहना जरूरी है।

    विभाग में भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल पर विजयवर्गीय ने बताया कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। कुछ लोगों को निलंबित किया गया है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया गया है। मंत्री के बयान के बाद इंदौर में जल संरक्षण और नर्मदा के जलस्तर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले समय में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासनिक तैयारियों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी अहम मानी जा रही है।

  • सिंधिया के अपनी तो जैसे तैसे डांस की चर्चा, विजयवर्गीय के भजन पर सियासी तंज, गड्ढों के झटकों से हिल गए BJP प्रदेश अध्यक्ष

    सिंधिया के अपनी तो जैसे तैसे डांस की चर्चा, विजयवर्गीय के भजन पर सियासी तंज, गड्ढों के झटकों से हिल गए BJP प्रदेश अध्यक्ष


    भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों नेताओं के भाषणों के साथ उनके डांस और भजन की प्रस्तुतियां भी चर्चा का विषय बन रही हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पूर्व मंत्री कमल पटेल तक के वीडियो सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की एक रील सड़क की बदहाली को लेकर चर्चा में आ गई है। इन वीडियो में कहीं मनोरंजन नजर आ रहा है तो कहीं लोग गाने और भजन के बोल के आधार पर सियासी मायने निकाल रहे हैं।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अशोक नगर में युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान एक गाने पर थिरकते नजर आए। उन्होंने अपनी तो जैसे तैसे कोई ऐसे या वैसे कट जाएगी आपका क्या होगा जनाब ए आली गाने पर डांस किया। उनकी इस प्रस्तुति की चर्चा होने लगी। लोगों ने उनके अंदाज को पसंद किया लेकिन गाने के बोल ने भी सियासी गलियारों में चुटकी लेने का मौका दे दिया। अब इस बात पर कयास लगाए जा रहे हैं कि आखिर इस गाने को लेकर लोग क्या संदेश तलाश रहे हैं। हालांकि सिंधिया की ओर से किसी खास राजनीतिक संदेश की बात सामने नहीं आई है।

    दूसरी ओर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का भजन भी चर्चा में है। एक गरबा आयोजन के दौरान वे महाकाल डमरू वाले तू न संभाले तो हमें कौन संभाले भजन गाते नजर आए। विजयवर्गीय के भजन गाने का यह पहला मौका नहीं है लेकिन इस बार इसके बोल को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं। प्रदेश की राजनीति में उनकी भूमिका और सत्ता संगठन में कथित उपेक्षा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच लोग इसे अपने अपने अंदाज में देख रहे हैं। हालांकि इसे उनकी निजी आस्था और भक्ति की प्रस्तुति के रूप में भी देखा जा सकता है। इसी बीच उनके पुराने मित्र और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने चुटकी लेते हुए उन्हें इंदौर के पितृ पर्वत स्थित हनुमान मंदिर में बैठने की सलाह दी। उनकी टिप्पणी ने इस पूरे मामले को और दिलचस्प बना दिया।

    पूर्व मंत्री कमल पटेल का एक वीडियो भी चर्चा में है। हरदा में आयोजित भजन संध्या के दौरान तुम अगर साथ देने का वादा करो मैं यूं ही मस्त नगमे लुटाता रहूं गाना बजा तो वे खुद को थिरकने से रोक नहीं पाए। कमल पटेल पिछला विधानसभा चुनाव हार चुके हैं और अब उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं। ऐसे में उनके डांस को लेकर भी लोग मजाकिया अंदाज में राजनीतिक संकेत तलाश रहे हैं। कुछ लोग इसे जनता का साथ पाने की इच्छा से जोड़कर देख रहे हैं लेकिन यह लोगों की अपनी व्याख्या है।

    इधर मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की कार में भजन सुनते हुए बनाई गई रील भी चर्चा में आ गई। वे कार में बैठकर माता के भजन सुन रहे थे। इसी दौरान वाहन सड़क पर बने गड्ढों से गुजरा तो कार हिचकोले खाने लगी और अध्यक्ष भी झटकों से हिलते नजर आए। इस वीडियो को लेकर लोगों ने सड़क की हालत पर सवाल उठाए। भले ही वीडियो बनाने का उद्देश्य भक्ति का आनंद लेना रहा हो लेकिन उसमें दिखाई देने वाले गड्ढों ने सड़क की बदहाली को भी सामने ला दिया।

    इसी राजनीतिक हलचल के बीच सरकारी विभाग में अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर एक मामला भी सामने आया है। खबर के मुताबिक एक विभाग के सचिव स्तर के अधिकारी ने 25 लोगों की सूची तैयार कर वरिष्ठ अधिकारी को भेजी थी। जांच में पता चला कि सूची में शामिल 15 लोगों को पहले ही अनुकंपा नियुक्ति मिल चुकी थी और वे नौकरी कर रहे थे। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारी ने सूची तैयार करने वाले अधिकारी को फटकार लगाई। अब बाकी 10 लोगों की नियुक्ति को लेकर आगे क्या निर्णय होता है इस पर नजर रहेगी। इस तरह मध्य प्रदेश में नेताओं के वीडियो से लेकर प्रशासनिक कामकाज तक कई मुद्दे चर्चा में हैं।

  • मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तंज का दौर, आरक्षण पर विधायक की फजीहत, लाड़ली बहना पर कांग्रेस की चुप्पी और भाजपा में हलचल

    मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तंज का दौर, आरक्षण पर विधायक की फजीहत, लाड़ली बहना पर कांग्रेस की चुप्पी और भाजपा में हलचल


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी तंज और सियासी घटनाक्रम चर्चा का विषय बने हुए हैं। कहीं भाजपा विधायक को आरक्षण के मुद्दे पर प्रदर्शन के दौरान असहज स्थिति का सामना करना पड़ा तो कहीं लाड़ली बहना योजना पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के जवाब ने सवाल खड़े कर दिए। इंदौर में जल संकट को लेकर बुलाई गई बैठक में मंत्रियों और विधायकों की गैरमौजूदगी भी चर्चा में रही। वहीं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के युवा संवाद कार्यक्रम को कांग्रेस ने राहुल गांधी की राजनीति से जोड़कर देखा है। इन घटनाओं ने प्रदेश की सियासत में बयान और जवाब के नए किस्से पैदा कर दिए हैं।
    शिवपुरी में भाजपा विधायक देवेंद्र जैन उस समय असहज स्थिति में आ गए जब उनकी ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे एक युवक से बहस हो गई। ओबीसी महासभा के कार्यकर्ता 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर रहे थे। विधायक देवेंद्र जैन वहां एक बैठक के सिलसिले में पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू हो गई। एक युवक ने अपनी बात रखते हुए कहा कि वह ग्रेजुएट है और पढ़ा लिखा है। इस पर विधायक ने जवाब में खुद को गधा कह दिया। युवक ने भी पलटकर कह दिया कि हां आप गधे हो। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने हूटिंग शुरू कर दी और भाजपा सरकार मुर्दाबाद तथा शिवपुरी विधायक मुर्दाबाद के नारे लगाए। घटनाक्रम के दौरान विधायक ने अपने नाम पर भी मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस पूरे मामले का वीडियो सामने आने के बाद घटना चर्चा में आ गई है।
    दूसरी ओर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी लाड़ली बहना योजना को लेकर पूछे गए सवाल पर चर्चा में आ गए। भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि तीन हजार रुपये देने का वादा किया गया था जबकि महिलाओं को 1500 रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने इसे वादे के अनुरूप राशि नहीं देने का मामला बताया। इसके बाद पत्रकारों ने उनसे पूछा कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो क्या लाड़ली बहना योजना जारी रहेगी और क्या राशि बढ़ाकर पांच हजार रुपये की जाएगी। इस सवाल पर पटवारी ने कहा कि इसका जवाब सही समय पर दिया जाएगा। उनके जवाब के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस का माहौल हल्का हो गया। हालांकि योजना को लेकर कांग्रेस की भावी नीति पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
    इंदौर में जल संकट को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की बैठक में भी सियासी चर्चा तेज हो गई। बैठक में जिले के नौ विधायकों में से केवल चार के पहुंचने की जानकारी सामने आई। मंत्री तुलसी सिलावट भी बैठक में मौजूद नहीं थे। जब विजयवर्गीय से बाकी जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जो नहीं आए उनसे पूछा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शायद उनके क्षेत्रों में पानी की समस्या नहीं होगी। उनके इस जवाब को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि बैठक में कम उपस्थिति के पीछे किसी बड़े नेता की नाराजगी होने की बात को खबर में चर्चा और अटकल के रूप में ही देखा जा रहा है।
    इसी बीच केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का युवा संवाद कार्यक्रम भी चर्चा में है। 17 अक्टूबर को अशोकनगर में उनका युवा अनप्लग्ड कॉन्सर्ट प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम के माध्यम से वे युवाओं से संवाद करेंगे और उनकी बात सुनने का प्रयास करेंगे। कांग्रेस ने इसे राहुल गांधी की युवाओं के बीच पहुंचने की रणनीति से जोड़कर तंज किया है। सिंधिया पहले कांग्रेस में रह चुके हैं लेकिन अब भाजपा में हैं। ऐसे में उनके युवा संवाद कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
    प्रदेश की नौकरशाही में भी हालिया तबादला सूची के बाद चर्चाएं जारी हैं। खबर के मुताबिक एक महिला आईएएस अधिकारी को उम्मीद थी कि उन्हें कलेक्टर बनाया जा सकता है। उन्होंने निमाड़ क्षेत्र के एक जिले में पदस्थापना के लिए प्रयास किए थे लेकिन जारी सूची में उस जिले की जिम्मेदारी किसी अन्य अधिकारी को दे दी गई। हालांकि संबंधित अधिकारी का नाम और जिले का विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए इस घटनाक्रम को फिलहाल प्रशासनिक गलियारों में चल रही चर्चा के रूप में ही देखा जा रहा है। कुल मिलाकर आरक्षण विवाद से लेकर लाड़ली बहना योजना और जल संकट की बैठक तक मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानबाजी और सियासी संकेत लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं।

  • छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर सियासी वार कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी को बताया बीजेपी का अप्रत्यक्ष स्टार प्रचारक

    छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर सियासी वार कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी को बताया बीजेपी का अप्रत्यक्ष स्टार प्रचारक


    नई दिल्ली । कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर मध्य प्रदेश में सियासी बयानबाजी जारी है। इसी क्रम में प्रदेश सरकार में मंत्री और भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्हें बीजेपी का अप्रत्यक्ष स्टार प्रचारक बताया। विजयवर्गीय ने दावा किया कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं वहां बीजेपी को फायदा होता है। उनकी यह टिप्पणी सुसनेर में एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान सामने आई।

    राहुल गांधी ने 19 सितंबर को इंदौर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम में युवाओं से संवाद किया था। इस दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था परीक्षा प्रणाली रोजगार और छात्रों से जुड़े कई मुद्दे उठाए थे। राहुल गांधी ने सरकार पर भी सवाल खड़े किए थे। कार्यक्रम में छात्रों की समस्याओं और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया था।

    कार्यक्रम के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई। इससे पहले भी बीजेपी नेताओं ने कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री को लेकर सवाल उठाए थे जबकि कांग्रेस ने कार्यक्रम को छात्रों के मुद्दों से जोड़कर अपना पक्ष रखा था। इस पूरे विवाद के बीच कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के कार्यक्रम पर कटाक्ष किया।

    सुसनेर में नगर परिषद अध्यक्ष उपचुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में रोड शो और सभा के दौरान विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के कार्यक्रम में मनोरंजन और रैपर का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर तंज कसा। इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी को लेकर कहा कि बीजेपी के लिए वह अप्रत्यक्ष स्टार प्रचारक जैसे हैं और उनके कहीं जाने पर बीजेपी को फायदा होता है।

    विजयवर्गीय की इस टिप्पणी को कांग्रेस और बीजेपी के बीच जारी राजनीतिक वार-पलटवार की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। इंदौर का छात्रों की गूंज कार्यक्रम कांग्रेस के छात्र और युवा संवाद अभियान का हिस्सा था। कार्यक्रम से पहले कांग्रेस ने इसे छात्रों की समस्याओं को सामने रखने वाला मंच बताया था। वहीं बीजेपी की ओर से कार्यक्रम और उसमें उठाए गए राजनीतिक मुद्दों पर सवाल खड़े किए गए थे।

    सुसनेर की सभा में विजयवर्गीय ने स्थानीय कांग्रेस विधायक को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने विकास कार्यों और राजनीतिक समर्थन को लेकर एक उदाहरण देते हुए कांग्रेस प्रत्याशी के जीतने की स्थिति में कागजी कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस प्रत्याशी जीतकर उनके पास काम से संबंधित कागज लेकर आएगा तो वह उन्हें स्वीकार कर लेंगे लेकिन अंत में एक बॉक्स देने की बात कही। विजयवर्गीय ने इसी प्रसंग में कहा कि बॉक्स खोलने पर उसमें घंटी मिलेगी और लोगों को तय करना है कि उन्हें विकास चाहिए या घंटी बजानी है।

    इंदौर में राहुल गांधी के कार्यक्रम के बाद कांग्रेस ने छात्रों से जुड़े इस अभियान को प्रदेश के अन्य हिस्सों तक ले जाने की घोषणा भी की है। रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस ने इस अभियान के जरिए युवाओं से शिक्षा रोजगार और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर संवाद बढ़ाने की योजना बनाई है।

    इस तरह राहुल गांधी के इंदौर दौरे के बाद छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कैलाश विजयवर्गीय की अप्रत्यक्ष स्टार प्रचारक वाली टिप्पणी इसी सियासी टकराव का हिस्सा है और आने वाले दिनों में इस पर कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया भी देखने को मिल सकती है।

  • BJP पार्षद पर टिप्पणी के बाद बैकफुट पर कैलाश विजयवर्गीय जताया खेद संध्या बोलीं पिता तुल्य हैं मंत्री

    BJP पार्षद पर टिप्पणी के बाद बैकफुट पर कैलाश विजयवर्गीय जताया खेद संध्या बोलीं पिता तुल्य हैं मंत्री

    इंदौर । इंदौर में भाजपा पार्षद संध्या यादव को लेकर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की टिप्पणी के बाद शुरू हुआ विवाद मंगलवार को उनके खेद जताने के बाद नया मोड़ ले गया। विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मंत्री की ओर से की गई एक टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई थी। इसके बाद विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर अपनी बात स्पष्ट की और टिप्पणी पर खेद जताया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर उनके बयान को गलत तरीके से पेश करने का आरोप भी लगाया।

    मामला रविवार को इंदौर विधानसभा क्रमांक एक के वार्ड छह में आयोजित विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम से जुड़ा है। यहां सात करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया था। कार्यक्रम में विधायक कैलाश विजयवर्गीय के साथ सांसद शंकर लालवानी और अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। इसी दौरान विजयवर्गीय ने वार्ड पार्षद संध्या यादव के काम की तारीफ करते हुए उनकी कार्यशैली और स्वभाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संध्या काफी काम करती हैं और उन्हें जल्दी गुस्सा भी आता है। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने संध्या की शारीरिक बनावट को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    विवाद बढ़ने के बाद विजयवर्गीय ने मंगलवार को वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि संध्या यादव उनके विधानसभा क्षेत्र की सक्रिय पार्षद हैं और उनके वार्ड में काफी विकास कार्य हुए हैं। मंत्री ने कहा कि भाषण के दौरान उनके बारे में कही गई बात को कांग्रेस नेताओं ने अलग तरीके से पेश किया। उन्होंने संध्या को अपनी बेटी के समान बताते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें बचपन में गोद में खिलाया है। विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि उनके मन में टिप्पणी को लेकर कोई गलत भावना नहीं थी और संध्या के मन में भी ऐसा कुछ नहीं था। हालांकि जिस तरह से इस बयान को राजनीतिक रूप से उठाया गया उससे उन्हें दुख हुआ। इसी के साथ उन्होंने अपनी टिप्पणी पर खेद जताया।

    वहीं पार्षद संध्या यादव ने भी इस मामले में अपना पक्ष सामने रखा। उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय को पिता तुल्य बताते हुए कहा कि दोनों के बीच पिता और बेटी जैसा रिश्ता है। संध्या ने बताया कि विजयवर्गीय उन्हें बचपन से जानते हैं और उन्होंने उन्हें गोद में खिलाया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल टिप्पणी को लेकर सामने आ रही भ्रामक खबरों पर ध्यान न दिया जाए।

    संध्या यादव ने अपने वार्ड में हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान करीब सात करोड़ दस लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ। इसके अलावा पानी की टंकी और संजीवनी क्लिनिक का लोकार्पण भी किया गया। इस दौरान क्षेत्र के विकास से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

    कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने पार्षद संध्या यादव के काम की सराहना करते हुए कहा था कि उनके वार्ड से जुड़ी समस्याओं के पत्र अक्सर सामने आते हैं। इसी बातचीत के दौरान उनकी नजर भाजपा नेता मयंक पर गई जो संध्या यादव के पास बैठे थे। मयंक को संबोधित करते हुए उन्होंने संध्या की चौड़ाई बढ़ने को लेकर टिप्पणी की थी। इसी हिस्से का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया।

    अब मंत्री के खेद जताने और पार्षद के उन्हें पिता तुल्य बताए जाने के बाद दोनों पक्षों ने मामले को व्यक्तिगत रिश्ते और बयान के संदर्भ में स्पष्ट करने की कोशिश की है। दूसरी ओर इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आई है। आने वाले दिनों में यह मामला किस तरह आगे बढ़ता है इस पर सभी की नजर रहेगी।

  • स्वामित्व योजना के कार्यक्रम में रणदिवे को लेकर चर्चा: सीएम ने बताया आयोजन का सूत्रधार विजयवर्गीय बोले राज की बात बता दी

    स्वामित्व योजना के कार्यक्रम में रणदिवे को लेकर चर्चा: सीएम ने बताया आयोजन का सूत्रधार विजयवर्गीय बोले राज की बात बता दी


    इंदौर । इंदौर में गुरुवार को स्वामित्व अधिकार योजना के तहत फ्री रजिस्ट्री बांटने के अभियान की शुरुआत के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी में मंच से हुई एक टिप्पणी चर्चा में आ गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भाजपा के प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे का उल्लेख करते हुए उन्हें आयोजन का सूत्रधार बताया। इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री की इसी टिप्पणी का संदर्भ लेते हुए कहा कि उन्होंने एक राज की बात बता दी। कार्यक्रम का यह हिस्सा सामने आए वीडियो के बाद राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन के दौरान आयोजन की तैयारियों और उसे आकार देने में गौरव रणदिवे की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने रणदिवे को आयोजन का सूत्रधार बताया। इसके बाद जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए मंच पर आए तो उन्होंने मुख्यमंत्री की बात को पकड़ते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने एक राज की बात बताई है। उन्होंने इसके लिए गौरव रणदिवे का भी आभार जताया।

    विजयवर्गीय की यह टिप्पणी सामने आने के बाद कार्यक्रम के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे। हालांकि सार्वजनिक तौर पर विजयवर्गीय और रणदिवे के बीच किसी औपचारिक विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है। कार्यक्रम में हुई टिप्पणी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक व्याख्याएं जरूर की जा रही हैं। भाजपा नेताओं से जुड़े समर्थक इसे विजयवर्गीय के सार्वजनिक मंचों पर दिखने वाले सहज और चुटीले अंदाज के रूप में देख रहे हैं।

    गौरव रणदिवे इंदौर भाजपा की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। इंदौर भाजपा के नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद संगठन में उनकी भूमिका बढ़ी और बाद में उन्हें प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी मिली। स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में उनके संगठनात्मक कद को लेकर समय-समय पर चर्चा होती रही है। इसी वजह से मंच से उनका नाम लिए जाने और मुख्यमंत्री की ओर से आयोजन के सूत्रधार के तौर पर उल्लेख किए जाने को भी राजनीतिक हलकों में ध्यान से देखा गया।

    विजयवर्गीय और रणदिवे की राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर भी इंदौर में चर्चा होती रही है। इससे पहले विजयवर्गीय एक कार्यक्रम में राजनीतिक संदर्भ में यह कह चुके हैं कि वे अपने द्वारा उगे हुए पौधों को नहीं काटते। उस समय भी उनके बयान को अलग-अलग राजनीतिक संदर्भों से जोड़कर देखा गया था। अब इंदौर के इस कार्यक्रम में रणदिवे को लेकर की गई टिप्पणी के बाद पुराना बयान भी सोशल मीडिया चर्चाओं में फिर सामने आया है।

    वहीं कांग्रेस की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा के भीतर गुटबाजी से जोड़कर टिप्पणी की गई। कांग्रेस मीडिया को-ऑर्डिनेटर नीलाभ शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में भाजपा के नेताओं के बीच कथित खींचतान सामने आई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और मंत्री के बयानों को आधार बनाकर संगठन के भीतर समन्वय पर सवाल उठाए।

    हालांकि कार्यक्रम के मंच से सामने आए बयानों के अलावा दोनों नेताओं के बीच किसी नए विवाद की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस घटनाक्रम का राजनीतिक अर्थ निकालने से पहले नेताओं के वास्तविक बयानों और पूरे कार्यक्रम के संदर्भ को देखना महत्वपूर्ण है। फिलहाल रणदिवे को लेकर मुख्यमंत्री की टिप्पणी और उसके बाद विजयवर्गीय का जवाब इंदौर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • सीधी में सांसद को चेतावनी खंडवा में कुत्ते को ज्ञापन इंदौर में राहुल गांधी पर विजयवर्गीय का चुटीला बयान

    सीधी में सांसद को चेतावनी खंडवा में कुत्ते को ज्ञापन इंदौर में राहुल गांधी पर विजयवर्गीय का चुटीला बयान


    सीधी । मध्यप्रदेश में मंगलवार को राजनीति और प्रशासन से जुड़ी कई घटनाएं चर्चा में रहीं। सीधी में सड़क की बदहाली को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लीला साहू ने भाजपा सांसद राजेश मिश्रा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें सड़क निर्माण शुरू नहीं होने पर कड़ी चेतावनी दी। वहीं इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र कार्यक्रम को लेकर सवाल पूछे जाने पर ऐसा जवाब दिया जिस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोग हंस पड़े। दूसरी ओर खंडवा में कलेक्टर के किसानों से नहीं मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधकर विरोध जताया। रतलाम में भी किसानों ने कलेक्ट्रेट में हनुमान चालीसा का पाठ किया।

    सीधी में सड़क की खराब हालत को लेकर आंदोलन कर रहीं लीला साहू ने भाजपा सांसद राजेश मिश्रा को सार्वजनिक तौर पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि इसी साल सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ तो सांसद की सांसदी चली जाएगी। उन्होंने अपने बयान में महिला शक्ति और रावण के संदर्भ का उदाहरण देते हुए सांसद के साम्राज्य के खत्म होने की बात कही।

    लीला साहू के मुताबिक उनके गांव की सड़क लंबे समय से खराब है। सड़क पर कीचड़ जमा होने के कारण वाहनों की आवाजाही मुश्किल है और पैदल चलने में भी लोगों को परेशानी होती है। उनका कहना है कि आपात स्थिति में एंबुलेंस के गांव तक पहुंचने में भी दिक्कत हो सकती है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर उन्होंने धरना प्रदर्शन शुरू किया है।

    लीला साहू ने एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया जिसमें उनके मुताबिक गर्भावस्था के दौरान सांसद की ओर से हेलिकॉप्टर से ले जाने की बात कही गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गांव की गर्भवती महिलाओं को वास्तव में परेशानी हो रही है तो उनकी मदद के लिए हेलिकॉप्टर क्यों नहीं आया।

    इधर इंदौर में राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया गया। कार्यक्रम में युवाओं की मौजूदगी बढ़ाने के लिए रैपर्स और सिंगर्स को बुलाए जाने की चर्चा के बीच विजयवर्गीय ने तंज करते हुए कहा कि जबरदस्ती बुला रहे हैं और राहुल गांधी इसके लिए पर्याप्त हैं। उनके इस बयान के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बन गया। यह बयान राजनीतिक तंज के तौर पर सामने आया।

    खंडवा में किसानों का विरोध प्रदर्शन अलग वजह से चर्चा में आ गया। किसान अपनी मांगों को लेकर रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उनका कहना था कि वे कलेक्टर को ज्ञापन देना चाहते थे लेकिन कलेक्टर के कार्यालय में मौजूद होने के बावजूद उनसे मिलने नहीं आए। इसके बाद किसानों ने विरोध के अनोखे तरीके के तौर पर एक कुत्ते के गले में ज्ञापन बांध दिया।

    भारतीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार कक्काजी ने भी इस दौरान प्रशासन पर नाराजगी जताई। उन्होंने कलेक्टर को लेकर कड़ा बयान दिया और कहा कि वे अधिकारियों की अकड़ निकालने का काम करेंगे। इसी तरह रतलाम में भी किसानों के कलेक्टर से नहीं मिलने पर नाराजगी सामने आई। किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में ही हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया।

    इन घटनाओं के बीच मध्यप्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में एक IAS अधिकारी की ऊर्जा विभाग में वापसी को लेकर भी चर्चाएं चलती रहीं। खबर में दावा किया गया है कि अधिकारी अपनी वापसी के लिए प्रयास कर रहे हैं और दिल्ली स्तर पर भी संपर्क साधे जा रहे हैं। साथ ही उनके बिहार से जुड़े पारिवारिक संबंधों को लेकर भी चर्चा का उल्लेख किया गया है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं रखी गई है।

    इस तरह मंगलवार को मध्यप्रदेश में सड़क की बदहाली से लेकर किसानों के विरोध और नेताओं के राजनीतिक बयानों तक कई घटनाएं सुर्खियों में रहीं। सीधी में सड़क आंदोलन खंडवा में अनोखा ज्ञापन और इंदौर में राहुल गांधी को लेकर विजयवर्गीय का बयान खास तौर पर चर्चा में रहा।

  • राहुल के कार्यक्रम से लेकर बुजुर्ग की पीठ पर पटवारी तक मध्य प्रदेश में दिनभर चर्चा में रहे सियासत और सिस्टम के ये किस्से

    राहुल के कार्यक्रम से लेकर बुजुर्ग की पीठ पर पटवारी तक मध्य प्रदेश में दिनभर चर्चा में रहे सियासत और सिस्टम के ये किस्से


    भोपाल।  मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों सियासी बयानबाजी के साथ नेताओं और सरकारी अमले से जुड़े कई दिलचस्प मामले भी चर्चा में हैं। इंदौर में राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्रों की गूंज कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक रहा। कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा डेढ़ लाख के पार पहुंचने के बाद कांग्रेस ने जमकर जश्न मनाया। शहर में राहुल गांधी का बड़ा कटआउट लगाया गया और आतिशबाजी के साथ ढोल नगाड़े बजाए गए। कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी का इजहार किया।

    कांग्रेस इस कार्यक्रम को युवाओं से जोड़ने की कोशिश में जुटी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से लेकर पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह तक युवाओं के बीच पहुंचकर संवाद कर रहे हैं। पार्टी की कोशिश है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी हो। हालांकि कार्यक्रम को लेकर अभी अनुमति का पेंच बना हुआ है। यही वजह है कि कार्यक्रम आखिर किस स्थान पर होगा इसे लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है।

    इस बीच भाजपा की ओर से राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर तंज भी सामने आया है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी को भाजपा का स्टार प्रचारक बताया। उनका कहना है कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं वहां अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा को राजनीतिक फायदा मिलता है। इस बयान के बाद कार्यक्रम को लेकर सियासी चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

    उधर आलीराजपुर में मंत्री नागर सिंह चौहान का अलग अंदाज देखने को मिला। स्कूली बच्चों की रैली देखकर उन्होंने अपना काफिला रुकवा दिया। बच्चों से बातचीत की और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। मंत्री ने बच्चों से यह भी पूछा कि वे उन्हें पहचानते हैं या नहीं। हालांकि बताया गया कि बच्चों में कुछ ही मंत्री को पहचान सके। इस पूरे घटनाक्रम को मंत्री की लोकप्रियता के अनौपचारिक टेस्ट के तौर पर देखा गया।

    सीधी से सामने आया एक वीडियो सरकारी कर्मचारियों की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है। वायरल वीडियो में पटवारी नीलेश नामदेव एक बुजुर्ग की पीठ पर बैठकर पानी से भरा नाला पार करते नजर आ रहे हैं। बताया गया कि पटवारी गांव में सर्वे के काम से पहुंचे थे। वीडियो करीब एक साल पुराना बताया जा रहा है लेकिन अब सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पटवारी को निलंबित कर दिया है। घटना ने सरकारी अमले के आम लोगों के प्रति व्यवहार को लेकर बहस छेड़ दी है।

    इसी बीच सत्ता के गलियारों से जुड़ी एक चर्चा भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि एक आईएएस अधिकारी मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान प्रोटोकॉल का हवाला देकर बार बार स्टेट हैंगर पहुंच रहे थे। चर्चा है कि मुख्यमंत्री ने अपने ओएसडी से इस पर सवाल किया और कहा कि जरूरत होने पर अधिकारी को खुद बुलाया जाएगा। यह संदेश संबंधित अधिकारी तक पहुंचने की बात कही जा रही है। हालांकि इस तरह की अंदरूनी चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    कुल मिलाकर राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस का उत्साह भाजपा का तंज मंत्रियों के बदले अंदाज और सरकारी अमले से जुड़े विवादों ने मध्य प्रदेश की सियासत और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का माहौल गर्म कर दिया है।