Tag: Kal Bhairav Temple

  • MP में आग का कहर उज्जैन के कालभैरव मंदिर के सामने दुकानों में लगी आग ,इंदौर में मोबाइल शॉप जली

    MP में आग का कहर उज्जैन के कालभैरव मंदिर के सामने दुकानों में लगी आग ,इंदौर में मोबाइल शॉप जली


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मंगलवार को आगजनी की दो अलग-अलग घटनाओं ने लोगों को दहला दिया। उज्जैन और इंदौर में लगी आग से लाखों रुपये के सामान के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि राहत की बात यह रही कि दोनों घटनाओं में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

    पहली घटना धार्मिक नगरी उज्जैन में सामने आई जहां प्रसिद्ध कालभैरव मंदिर के सामने स्थित पूजा सामग्री की दुकानों में अचानक आग लग गई। सुबह करीब साढ़े पांच बजे आग लगने की सूचना फायर कंट्रोल रूम को मिली। मंदिर क्षेत्र में आग की खबर फैलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

    सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के कई वाहन मौके पर रवाना किए गए। अधिकारियों के अनुसार आग बुझाने के लिए तीन दमकल वाहनों और एक पानी के टैंकर की मदद ली गई। आग ने दो दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया था जिनमें एक छोटी और एक बड़ी दुकान शामिल थी। दोनों दुकानों में पूजा पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों में उपयोग होने वाली सामग्री रखी हुई थी।

    दमकल कर्मियों ने समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया जिससे आग आसपास की अन्य दुकानों तक नहीं फैल सकी। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है लेकिन वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है। घटना के बाद व्यापारियों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल देखा गया।

    दूसरी घटना इंदौर में सामने आई जहां एयरपोर्ट क्षेत्र के 60 फीट रोड स्थित एक मोबाइल दुकान में देर रात अचानक आग लग गई। आग लगते ही आसपास के लोगों ने धुआं और लपटें देखीं तथा तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। स्थानीय लोगों ने भी अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

    फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और दुकान का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद काफी प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया गया। आग की चपेट में आने से दुकान में रखे मोबाइल एसेसरीज और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गए। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और जांच जारी है।

    दोनों घटनाओं ने एक बार फिर दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है। प्रशासन ने लोगों से विद्युत उपकरणों और वायरिंग की नियमित जांच कराने तथा सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की है। वहीं पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं।

  • उज्जैन में आस्था का महासैलाब: साल के आखिरी रविवार महाकाल दरबार पहुंचे डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु

    उज्जैन में आस्था का महासैलाब: साल के आखिरी रविवार महाकाल दरबार पहुंचे डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु


    उज्जैन।साल के अंतिम रविवार को धार्मिक नगरी उज्जैन में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ पड़ी। सर्दियों की छुट्टियां शुरू होते ही देशभर से भक्त उज्जैन पहुंचने लगे हैं। इसी क्रम में रविवार को करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर साल के अंतिम दिनों को आध्यात्मिक रूप से सार्थक बनाया। सुबह तड़के भस्म आरती के बाद से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों की लंबी कतारें लग गई थीं। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन को दर्शन व्यवस्था में कई बदलाव करने पड़े। सामान्य दर्शनार्थियों को चारधाम मंदिर पार्किंग से शक्तिपथ होते हुए त्रिवेणी संग्रहालय द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया गया।

    शीघ्र दर्शन के लिए खोला गया सम्राट अशोक सेतु

    शनिवार को सुरक्षा कारणों से बंद किया गया सम्राट अशोक सेतु रविवार को पुनः खोला गया, लेकिन इसे केवल 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं के लिए आरक्षित रखा गया। इसके चलते सामान्य और शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की अलग-अलग व्यवस्थाएं बनाई गईं, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।महाकाल मंदिर में श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद से सप्ताहांत और विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। साल का आखिरी रविवार भी इसका साक्षी बना, जब सुबह से देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों का सैलाब उमड़ता रहा।

    प्रशासन को करना पड़ा इंतजामों में बदलाव

    शनिवार से ही श्रद्धालुओं का उज्जैन पहुंचना शुरू हो गया था। जनदबाव बढ़ने के कारण जिला प्रशासन और मंदिर समिति को अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव करना पड़ा। रविवार को उत्तर और पूर्व दिशा के सभी द्वार बंद रखे गए जबकि केवल पश्चिम दिशा से श्री महाकाल लोक और सम्राट अशोक सेतु के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया।भीड़ को देखते हुए 31 दिसंबर और 1 जनवरी के लिए भी प्रशासन ने अतिरिक्त तैयारियां शुरू कर दी हैं। चारधाम पार्किंग में जिगजैग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जा रही है, ताकि कतारों को सुव्यवस्थित रखा जा सके। इसके अलावा, पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा से जुड़े अतिरिक्त इंतजाम भी किए जा रहे हैं।

    अन्य मंदिरों में भी उमड़ी श्रद्धा

    महाकाल मंदिर के अलावा उज्जैन के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। काल भैरव मंदिर में रविवार को 75 हजार से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। भीड़ के चलते काल भैरव मंदिर में प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था अस्थायी रूप से स्थगित रही और जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार ही दर्शन कराए गए।इसके अलावा मंगलनाथ मंदिर, अंगारेश्वर महादेव मंदिर और चिंतामन गणेश मंदिर में भी दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना बना रहा। सभी मंदिरों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया।

    अव्यवस्थाओं पर उठे सवाल

    भारी भीड़ के बावजूद महाकाल मंदिर के बाहर अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। आसपास की गलियों और शहनाई गेट के सामने अवैध पार्किंग से यातायात बाधित रहा। वहीं, मुख्य द्वार के पास फूल-माला और पूजन सामग्री की दुकानों के अतिक्रमण के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। भीड़ के बीच इस अव्यवस्था पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    आगे और बढ़ सकती है भीड़
    प्रशासन का अनुमान है कि नववर्ष के अवसर पर उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। होटल, धर्मशालाएं और गेस्ट हाउस लगभग पूरी तरह भर चुके हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और धैर्य बनाए रखें, ताकि सभी को सुगम दर्शन का अवसर मिल सके।