Tag: Kamleshwar Dodiyar

  • नामांतरण मामलों की जानकारी न मिलने पर भड़के विधायक, प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप

    नामांतरण मामलों की जानकारी न मिलने पर भड़के विधायक, प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप


    नई दिल्ली ।  मध्य प्रदेश के रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा से विधायक Kamleshwar Dodiyar ने नगर परिषद सैलाना के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 14 मई से धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। विधायक का आरोप है कि नगर परिषद द्वारा जनहित से जुड़े नामांतरण प्रकरणों की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधि के अधिकारों का उल्लंघन है।

    विधायक डोडियार ने बताया कि उन्होंने 28 अप्रैल 2026 को पत्र क्रमांक 244/VIP/2026 के माध्यम से मुख्य नगरपालिका अधिकारी से नामांतरण मामलों की विस्तृत जानकारी मांगी थी। इसमें यह पूछा गया था कि 26 मार्च 2026 तक कितने नामांतरण प्रकरण प्राप्त हुए, उनमें से कितने स्वीकृत और कितने अस्वीकृत किए गए।

    इसके अलावा उन्होंने स्वीकृत और अस्वीकृत मामलों की अलग-अलग सूची, आवेदकों के नाम, संपत्ति का विवरण, खसरा नंबर, वार्ड नंबर और स्वीकृति तिथि जैसी विस्तृत जानकारी भी मांगी थी। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया था कि स्वीकृत सभी प्रकरण नगरीय सीमा क्षेत्र में आते हैं या नहीं।

    विधायक का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे पर नगर परिषद द्वारा निर्धारित समय सीमा में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे क्षेत्र के लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। नागरिकों की लगातार शिकायतें भी सामने आ रही हैं कि नामांतरण मामलों में अनावश्यक देरी की जा रही है।

    इसी लापरवाही के विरोध में विधायक ने 14 मई से नगर परिषद के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की है। उन्होंने इसकी सूचना सैलाना एसडीएम और थाना प्रभारी को भी दे दी है तथा धरने के दौरान सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। यह मामला अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव का रूप लेता दिख रहा है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • 16 फरवरी के सत्र में गूंजेगा शहडोल: आदिवासी मुद्दों पर सदन में गरजेंगे कमलेश्वर डोडियार, BAP विधायक का बड़ा ऐलान

    16 फरवरी के सत्र में गूंजेगा शहडोल: आदिवासी मुद्दों पर सदन में गरजेंगे कमलेश्वर डोडियार, BAP विधायक का बड़ा ऐलान


    शहडोल । मध्य प्रदेश की आदिवासी राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया, जब भारत आदिवासी पार्टी BAP के इकलौते और चर्चित विधायक कमलेश्वर डोडियार शहडोल जिले के दौरे पर पहुँचे। अपनी सादगी और मोटरसाइकिल से विधानसभा पहुँचकर देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले सैलाना विधायक डोडियार ने शहडोल की धरती से न केवल राजनीतिक नब्ज टटोली, बल्कि प्रशासन और सत्ताधारी दल पर तीखे प्रहार कर आगामी विधानसभा सत्र के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है।

    शहडोल के बहाने प्रदेशव्यापी मिशन की तैयारी भारत आदिवासी पार्टी ने शहडोल से स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उनकी लड़ाई अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी। विधायक डोडियार ने ऐलान किया कि आगामी 16 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में वे शहडोल जिले के आदिवासियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को सदन के पटल पर पुरजोर तरीके से रखेंगे। उन्होंने साफ कहा कि आदिवासियों के हक और अधिकार के लिए उनकी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने को तैयार है।

    छात्राओं की सुरक्षा और छात्रावासों के हालात पर गहरी चिंता शहडोल दौरे के दौरान डोडियार ने आदिवासी छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने छात्रावासों से छात्राओं के लापता होने के मामलों को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन इन मामलों में पारदर्शी जांच करने के बजाय लीपापोती करने में जुटा है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “यदि समाज की बेटियां ही सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार के विकास के तमाम दावे महज कागजी और खोखले हैं।”

    माफिया तंत्र और चरमराती कानून व्यवस्था पर प्रहार जिले की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए विधायक डोडियार ने एक लंबी फेहरिस्त गिनाई। उन्होंने एएसआई और पटवारी की कुचलकर हुई हत्या, तहसीलदार पर रेत माफियाओं के हमले और पुलिस पर लगातार हो रहे हमलों का हवाला देते हुए कहा कि शहडोल में माफिया तंत्र पूरी तरह हावी हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनिज, भू और कोल माफिया प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।

    विशेष रूप से अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा उठाते हुए डोडियार ने कहा कि रेत ठेका नहीं होने के बावजूद बड़े पैमाने पर चोरी की रेत उत्तर प्रदेश भेजी जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो पुलिस ने माफियाओं के सामने पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन गंभीर हालातों में सुधार नहीं हुआ, तो भारत आदिवासी पार्टी शहडोल से एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी।