Tag: Kanadiya police station

  • 500 करोड़ की जमीन विवाद में नया मोड़: पुलिस गाड़ी से आरोपी को छोड़ने और सबूत मिटाने के आरोप

    500 करोड़ की जमीन विवाद में नया मोड़: पुलिस गाड़ी से आरोपी को छोड़ने और सबूत मिटाने के आरोप

    इंदौर। इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में 500 करोड़ रुपये की बहुमूल्य जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। मामला केवल जमीन पर कब्जे या पुलिसकर्मियों पर हमले तक सीमित नहीं रहा बल्कि अब इसमें सबूत गायब होने, कथित आर्थिक लेनदेन और आरोपियों को संरक्षण देने जैसे गंभीर आरोप भी जुड़ गए हैं। पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार विवादित जमीन को लेकर हुए संघर्ष के दौरान बीट पर तैनात पुलिस जवानों पर हमला किया गया था। घटना स्थल के पास स्थित एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड होने की बात सामने आई थी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने जांच के लिए सीसीटीवी का डीवीआर अपने कब्जे में लिया था, लेकिन बाद में वही डीवीआर गायब हो गया। इस घटनाक्रम ने मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया है। सवाल उठ रहा है कि क्या आरोपियों को बचाने के लिए महत्वपूर्ण सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई।

    मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब इसकी जानकारी सार्वजनिक हुई। खबर सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर ने कनाड़िया थाना प्रभारी सहर्ष यादव को तलब कर पूरे मामले की जानकारी ली और उनकी भूमिका की विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए। जांच के आदेश के बाद अब पूरे घटनाक्रम की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब घटना के वीडियो उपलब्ध थे और आरोपियों की पहचान भी कथित रूप से हो चुकी थी, तब एफआईआर अज्ञात लोगों के खिलाफ क्यों दर्ज की गई। इस निर्णय ने पुलिस की मंशा को लेकर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। लोगों का कहना है कि यदि पहचान स्पष्ट थी तो नामजद मामला दर्ज किया जाना चाहिए था।

    सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि विवाद से एक दिन पहले मोहसिन नामक व्यक्ति द्वारा थाने में 10 लाख रुपये पहुंचाए गए थे। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह चर्चा पूरे मामले को और गंभीर बना रही है। यह भी आरोप है कि इसी प्रभाव के चलते संबंधित व्यक्ति ने थाना प्रभारी से अभद्र व्यवहार किया और उसका वीडियो भी मौजूद है। बताया जा रहा है कि यह फुटेज वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया गया।

    मामले में एक और चौंकाने वाला आरोप सामने आया है कि उज्जैन का एक व्यक्ति जो इस विवाद से जुड़ा हुआ था, उसे पुलिस वाहन के माध्यम से वहां से रवाना किया गया। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो यह पुलिस की निष्पक्षता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह होगा।

    घटना में घायल हुए पुलिस जवानों पर मीडिया से दूरी बनाए रखने का दबाव बनाए जाने की भी चर्चा है। यदि ऐसा हुआ है तो यह केवल हमले का मामला नहीं बल्कि पूरे घटनाक्रम को दबाने के प्रयास के रूप में देखा जाएगा।

    फिलहाल विभागीय जांच शुरू हो चुकी है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। यह मामला सिर्फ जमीन विवाद नहीं बल्कि कानून व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही की भी बड़ी परीक्षा बन गया है।

  • सोसाइटी विवाद में पुलिस पर पक्षपात के आरोप: महिला बोली- FIR से आरक्षक का नाम हटाया, न्याय के लिए भटक रहा परिवार

    सोसाइटी विवाद में पुलिस पर पक्षपात के आरोप: महिला बोली- FIR से आरक्षक का नाम हटाया, न्याय के लिए भटक रहा परिवार

     
    इंदौर ; इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र स्थित गुलमार्ग परिसर हाउसिंग सोसाइटी में चल रहा विवाद अब केवल सोसाइटी प्रबंधन और वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुलिस कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोसाइटी की रहवासी सुलोचना शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे के साथ हुई मारपीट के मामले में एक पुलिस आरक्षक को बचाने के लिए एफआईआर में उसका नाम शामिल नहीं किया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि न्याय पाने के लिए वे थाने से लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

    महिला के अनुसार पूरा विवाद सोसाइटी के हैंडओवर, मेंटेनेंस फंड और कथित वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर चल रहा है। उनका आरोप है कि सोसाइटी के फंड से करीब 15 लाख रुपए का गबन किया गया है और कुछ पदाधिकारी चार्ज हस्तांतरण से इसलिए बच रहे हैं ताकि कथित अनियमितताएं उजागर न हों। इसके अलावा नगर निगम की जमीन पर कथित अतिक्रमण और वहां धार्मिक संरचना स्थापित करने को लेकर भी विवाद बना हुआ है।

    पीड़िता का कहना है कि 8 जून की रात सोसाइटी परिसर में विवाद के दौरान उनके बेटे कार्तिक शर्मा ने केवल गाली-गलौज का विरोध किया था। इसके बाद कुछ लोगों ने उस पर लाठियों, लात-घूंसों से हमला कर दिया। परिवार का आरोप है कि हमले में कार्तिक गंभीर रूप से घायल हुआ और उसके गले से सोने की चेन भी गायब हो गई। घटना के बाद परिवार शिकायत लेकर कनाड़िया थाने पहुंचा, लेकिन रातभर इंतजार कराने के बाद रिपोर्ट दर्ज की गई।

    सबसे गंभीर आरोप यह है कि घटना में शामिल बताए जा रहे कनाड़िया थाने के आरक्षक नारायण जाट का नाम एफआईआर से हटा दिया गया। महिला का कहना है कि उन्होंने पुलिस को कई नाम बताए थे, लेकिन रिपोर्ट में केवल कुछ लोगों के नाम शामिल किए गए। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस विभाग से जुड़े होने के कारण आरक्षक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

    सुलोचना शर्मा ने थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब वे कार्रवाई की मांग लेकर थाने पहुंचीं तो उन्हें केवल जांच का आश्वासन दिया गया। दूसरी ओर कनाड़िया थाना प्रभारी सहर्ष यादव का कहना है कि मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और जिस आरक्षक पर आरोप लगाए गए हैं, उसकी भूमिका की भी जांच जारी है। पुलिस का दावा है कि महिला द्वारा बताए गए सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

    उधर, आरक्षक नारायण जाट ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह घटना के समय मौके पर मौजूद थे, लेकिन किसी प्रकार की मारपीट में शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी पहले सोसाइटी में सचिव पद पर थीं, जिसके कारण उनका नाम विवाद में घसीटा जा रहा है।

    इस पूरे मामले ने सोसाइटी के रहवासियों के बीच तनाव और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर और नगर निगम आयुक्त से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

  • इंदौर: पॉश इलाके के बंगले में AC ब्लास्ट से भीषण आग, बड़ा हादसा टला

    इंदौर: पॉश इलाके के बंगले में AC ब्लास्ट से भीषण आग, बड़ा हादसा टला


    मध्‍य प्रदेश । इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित शिव शक्ति नगर के एक पॉश बंगले में मंगलवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि घर में लगे एयर कंडीशनर (AC) में शॉर्ट सर्किट के बाद जोरदार धमाका हुआ, जिसके चलते पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई। आग की लपटें और घना काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

    घटना रिवाज गार्डन के पीछे स्थित बंगला नंबर 5 की है, जो रितेश राजेंद्र दुबे का बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तेज गर्मी के बीच AC में तकनीकी खराबी के कारण शॉर्ट सर्किट हुआ और फिर अचानक ब्लास्ट हो गया। इसके बाद आग तेजी से पूरे घर में फैल गई।

    आग लगते ही घर के अंदर मौजूद लोग और स्टाफ घबरा गए और चीख-पुकार मच गई। कई लोग अंदर फंस गए, लेकिन समय रहते स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी।

    सूचना मिलते ही कनाड़िया थाना पुलिस और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर घर में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    आग बुझाने के लिए दमकलकर्मियों ने करीब 8 हजार लीटर पानी की बौछार की और लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। हालांकि, इस घटना में बंगले के अंदर काफी सामान जलकर खाक हो गया।

    फिलहाल पुलिस और फायर विभाग आग लगने के सही कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर AC में शॉर्ट सर्किट को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

  • इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई

    इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई


    नई दिल्ली। इंदौर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें भोपाल का अबान शकील मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस ने अबान को इंदौर में ड्रग डिलीवरी के इंतजार के दौरान गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि अबान गोवा, इंदौर, मुंबई, दिल्ली और भोपाल जैसे कई बड़े शहरों में एमडी ड्रग की सप्लाई में सक्रिय था। इस गिरोह में दो युवतियां भी पैडलर के रूप में शामिल थीं, जिन्हें अबान और उसके साथी वैभव उर्फ बाबा शर्मा मोटे कमीशन और ड्रग की फ्री खुराक का लालच देकर तस्करी के काम में जोड़ते थे।
    पुलिस ने अबान की निशानदेही पर दो युवतियों और बाबा शर्मा को भी गिरफ्तार किया है।

    इंदौर पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि अबान और बाबा शर्मा अंतरराज्यीय एमडी तस्कर गिरोह के सदस्य हैं और यह गिरोह चार से पांच राज्यों में ड्रग तस्करी कर रहा था। जांच के दौरान यह तथ्य भी उजागर हुआ कि इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में आरोपी बाबा शर्मा, अलीशा मसीह और नेहा पार्टीज का आयोजन करते थे। इन पार्टियों में एंट्री फीस 10 से 15 हजार रुपए तक ली जाती थी और रईसजादों को ड्रग खपाने का काम किया जाता था।

    पुलिस ने बताया कि अबान अपनी पार्टीज के जरिए युवाओं को आकर्षित करता था और बाद में उन्हें एमडी की खुराक देकर पार्टी कल्चर के नाम पर नशे का आदी बनाता था। इसके बाद वही युवतियां और अन्य सदस्य ड्रग सप्लाई के लिए आगे काम करते थे। गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से गोवा, दिल्ली, इंदौर, भोपाल, मुंबई सहित अन्य शहरों में पार्टीज आयोजित करते रहे हैं।

    अब तक इस मामले में कुल चार गिरफ्तारियां हुई हैं।

    इंदौर पुलिस ने अबान के साथ कनाड़िया, मुंबई और देवास से गिरोह के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वैभव उर्फ बाबा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह अबान और युवतियों के साथ मिलकर एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था।

    पुलिस के मुताबिक, गिरोह गोवा सहित कई राज्यों के पब, बार और क्लबों में एमडी ड्रग की सप्लाई करता था और इसकी कीमत लगभग 10 हजार रुपए प्रति ग्राम थी। पुलिस अभी आरोपी से एमडी ड्रग्स के सोर्स के बारे में पूछताछ कर रही है और उसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है।

    इस बीच, अबान शकील का नाम ड्रग तस्करी में फंसने के बाद भोपाल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (बीडीसीए) ने उसे अपनी प्रारंभिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया है। बीडीसीए ने एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। अबान बीडीसीए का आजीवन सदस्य भी था। पुलिस ने बताया कि अबान कोहेफिजा इलाके में स्थित सैफिया कॉलेज मैदान के पास बने करोड़ों रुपए कीमत के बंगले में रहता था और उसके घर के पोर्च पर लग्जरी कारें खड़ी रहती थीं।
    इस मामले में इंदौर के कनाड़िया थाने में अपराध क्रमांक 37/2025 के तहत धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। अब तक आरोपियों से कुल 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, बिना नंबर की इको स्पोर्ट्स कार, थार और एक एसयूवी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि अबान थार जीप से भोपाल-इंदौर के पब और लाउंज में ड्रग सप्लाई करता था और उसके लिए लड़कियां भी पैडलर का काम करती थीं।

    इंदौर क्राइम ब्रांच और कनाड़िया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अबान की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच तेज कर दी है, जिससे जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।