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  • युवा के पत्र का पीएम मोदी ने दिया जवाब, राष्ट्रहित और ऊर्जा संरक्षण पर विचारों की सराहना; आशुतोष यादव ने जताया गौरव और आभार

    युवा के पत्र का पीएम मोदी ने दिया जवाब, राष्ट्रहित और ऊर्जा संरक्षण पर विचारों की सराहना; आशुतोष यादव ने जताया गौरव और आभार

    नई दिल्ली । लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम नागरिक और देश के सर्वोच्च नेतृत्व के बीच संवाद का एक प्रेरक उदाहरण उस समय सामने आया जब कानपुर के प्रतियोगी छात्र आशुतोष यादव को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से व्यक्तिगत पत्र प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में आशुतोष द्वारा व्यक्त किए गए विचारों और राष्ट्रहित से जुड़े उनके दृष्टिकोण की सराहना करते हुए उन्हें देश के जागरूक युवाओं का प्रतिनिधि बताया। पत्र मिलने के बाद आशुतोष ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि देशवासियों से मिलने वाले आत्मीय और सकारात्मक विचार उन्हें राष्ट्रहित में लगातार कार्य करने की नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने आशुतोष और उनके परिवार द्वारा व्यक्त भावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संदेश लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाते हैं। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संरक्षण के विषय को विशेष रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा सुरक्षा और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

    पत्र में प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि देशभर में ऊर्जा संरक्षण को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ रही है और विभिन्न स्तरों पर सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने और ऊर्जा बचत को जनभागीदारी से जुड़े अभियान का रूप देने के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने आशुतोष और उनके परिवार द्वारा आवश्यक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के संकल्प को सराहनीय बताया।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में युवाओं की भूमिका को भी विशेष महत्व दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और वैश्विक विषयों के प्रति जागरूकता, सकारात्मक सोच और समस्याओं के समाधान के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उनके अनुसार आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और यही वर्ग भविष्य की दिशा तय करेगा।

    प्रधानमंत्री का पत्र मिलने के बाद आशुतोष यादव ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद सम्मानजनक और प्रेरणादायक क्षण है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि एक सामान्य नागरिक भी अपनी बात देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचा सकता है और उसे गंभीरता से सुना जाता है। उन्होंने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके पत्र का उत्तर मिलना स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है।

    आशुतोष ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कुछ महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी चिंता और सुझाव साझा किए थे। उनका मानना है कि देश के नागरिकों को राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी राय रखने और रचनात्मक सुझाव देने चाहिए, क्योंकि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा उनके विचारों को महत्व दिया जाना युवाओं के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।

    आशुतोष ने पिछले कुछ वर्षों में देश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि डिजिटल तकनीक के विस्तार ने आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। उन्होंने डिजिटल भुगतान व्यवस्था, सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार तथा आधारभूत ढांचे के विकास को महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया। उनके अनुसार तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार ने देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति को नई गति प्रदान की है।

    उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्रीय अभियान या सरकारी योजना की सफलता में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब नागरिक स्वयं किसी उद्देश्य से जुड़ते हैं, तब उसके परिणाम अधिक प्रभावी होते हैं। आशुतोष का मानना है कि युवाओं में नई सोच, ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता होती है, जो देश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। प्रधानमंत्री द्वारा युवाओं पर व्यक्त किया गया विश्वास देश के करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

  • कानपुर में सनसनी: मां का कटा हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचा ITBP जवान, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

    कानपुर में सनसनी: मां का कटा हाथ लेकर कमिश्नर ऑफिस पहुंचा ITBP जवान, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप



    कानपुर। कानपुर में एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ITBP जवान विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। यह मामला कथित तौर पर निजी अस्पताल की लापरवाही और पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने से जुड़ा बताया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार, विकास सिंह की मां को 13 मई को सांस लेने में दिक्कत होने पर कानपुर के जीटी रोड स्थित कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन लगाए जाने से उनके दाहिने हाथ में गंभीर संक्रमण फैल गया, जिसके बाद हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

    परिजनों के मुताबिक, स्थिति बिगड़ने पर महिला को दूसरे अस्पताल पारस हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने संक्रमण को रोकने के लिए हाथ काटने की सलाह दी। इसके बाद 17 मई को महिला का दाहिना हाथ ऑपरेशन के जरिए काटना पड़ा।

    इसी घटना से आहत ITBP जवान विकास सिंह का आरोप है कि यह स्थिति कथित चिकित्सीय लापरवाही के कारण बनी। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह कई बार थाना रेल बाजार में शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।

    इसी से नाराज होकर वह कथित सबूत के तौर पर अपनी मां का कटा हुआ हाथ थर्माकोल बॉक्स में रखकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंच गए। इस घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया और मामला तुरंत उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आ गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को जांच के निर्देश दिए हैं। अब पूरे प्रकरण की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा, जो यह तय करेगा कि इलाज में लापरवाही हुई थी या नहीं।

    जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे अस्पताल और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीज सुरक्षा और पुलिस कार्रवाई की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • कानपुर में दरोगा पर युवक को थर्ड डिग्री देने का आरोप, 40 सेकेंड में 15 थप्पड़ जड़ने का दावा

    कानपुर में दरोगा पर युवक को थर्ड डिग्री देने का आरोप, 40 सेकेंड में 15 थप्पड़ जड़ने का दावा


    कानपुर। कानपुर में एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां एक दरोगा पर युवक को थर्ड डिग्री देने और बेरहमी से मारपीट करने के आरोप लगे हैं। पीड़ित युवक कमल कश्यप, जो राम नारायण बाजार स्थित एक इलेक्ट्रिक दुकान में काम करता है, ने आरोप लगाया है कि उसे चोरी के शक में बहाने से चौकी बुलाकर बुरी तरह पीटा गया।

    जानकारी के अनुसार, युवक को एक मुखबिर और उसके साथी के जरिए पटकापुर चौकी ले जाया गया, जहां चौकी इंचार्ज प्रशांत सिंह सोमवंशी पर आरोप है कि उन्होंने पूछताछ के दौरान महज 30 से 40 सेकेंड में युवक के गालों पर लगभग 15 थप्पड़ मारे। इसके बाद आरोप है कि उसकी उंगलियों में सूजा फंसाकर उसे जमीन पर दबाया गया और जूतों से प्रताड़ित किया गया। इस दौरान मौजूद मुखबिर और उसका साथी कथित तौर पर पूरे घटनाक्रम पर हंसते रहे और दरोगा को उकसाते रहे।

    पीड़ित का यह भी आरोप है कि जब उसने खुद को बेकसूर बताया तो मारपीट और तेज कर दी गई। बाद में करीब तीन घंटे तक चौकी में रखने के बाद उसे छोड़ा गया। इस घटना की जानकारी जब इलाके के व्यापारियों को मिली तो वे चौकी पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज की मांग की, लेकिन उन्हें वहां से वापस लौटा दिया गया।

    इसके बाद शुक्रवार को राम नारायण बाजार के व्यापारियों ने घटना के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दीं और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और जांच का आश्वासन देकर स्थिति को शांत कराया।

    पीड़ित के अनुसार, घटना के दौरान चौकी में मौजूद मुखबिर ने यहां तक कहा कि “आंख में मिर्च डालो तो सच बताएगा”, जिससे पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। वहीं आरोप यह भी है कि दरोगा पहले भी सोशल मीडिया पर वर्दी में रील बनाने को लेकर चर्चा में रह चुके हैं।

    फिलहाल मामले में एसीपी कोतवाली का कहना है कि लगाए गए सभी आरोपों की जांच की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश बना हुआ है।

  • कानपुर में अमानवीयता की हद! चाची ने मासूम बच्चों को हीटर से जलाया, पुलिस भी देख कांप उठी

    कानपुर में अमानवीयता की हद! चाची ने मासूम बच्चों को हीटर से जलाया, पुलिस भी देख कांप उठी



    नई दिल्ली। कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला पर अपने ही चार मासूम भतीजे-भतीजियों को हीटर से जलाने और बेरहमी से पिटाई करने का गंभीर आरोप लगा है। बच्चों के शरीर पर जले और चोटों के निशान देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।

    घटना उस वक्त सामने आई जब गुरुवार शाम करीब 5:25 बजे यूपी-112 पर एक 14 वर्षीय बच्चे ने रोते हुए कॉल कर मदद मांगी। उसने बताया कि उसकी छोटी बहन को चाची हीटर से जला रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत गांव पहुंची, जहां 14, 11, 9 और 4 साल के चार बच्चे मौजूद मिले।

    पुलिस के पहुंचते ही बच्चों ने अपने शरीर पर पड़े घाव दिखाए और आरोप लगाया कि उनके माता-पिता की मौत के बाद वे चाचा-चाची के साथ रह रहे हैं, लेकिन यहां उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाता है। बच्चों ने कहा कि खाना मांगने पर बेल्ट से पिटाई की जाती है और कई बार हीटर से जलाया जाता है। पीठ, हाथ, हथेली, जांघ और सिर पर चोटों के निशान देख पुलिस भी स्तब्ध रह गई।

    स्थानीय ग्रामीणों ने भी बच्चों के आरोपों की पुष्टि की। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे अक्सर प्रताड़ना की शिकायत करते थे, लेकिन डर के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आता था।

    वहीं, पूछताछ में चाची ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि बच्चे स्कूल नहीं जाते और उन्होंने चोरी की थी, जिसके कारण उन्हें डांटा-पीटा गया। हालांकि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

    मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बच्चों की स्थिति देखते हुए उन्हें भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने चाची को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों के साथ किसी भी तरह की अमानवीयता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    डीसीपी पूर्वी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और दोबारा शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्चों को सुरक्षा में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

  • कानपुर : पत्नी मायके गई तो पति ने रचाई दूसरी शादी, स्नैपचैट से खुला राज; दहेज, अबॉर्शन और उत्पीड़न के गंभीर आरोप

    कानपुर : पत्नी मायके गई तो पति ने रचाई दूसरी शादी, स्नैपचैट से खुला राज; दहेज, अबॉर्शन और उत्पीड़न के गंभीर आरोप




    नई दिल्ली। कानपुर के चकेरी इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी के मायके जाने के दौरान पति ने चुपके से दूसरी शादी कर ली। इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा स्नैपचैट पर आई तस्वीरों से हुआ, जिसमें पति दूसरी महिला के साथ “पत्नी” लिखकर नजर आया। मामला सामने आने के बाद पीड़िता ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और गंभीर शारीरिक शोषण के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उसे लगातार प्रताड़ित किया गया और दो बार जबरन गर्भपात कराया गया। महिला का कहना है कि ससुराल वालों ने खाने में दवा मिलाकर उसे नुकसान पहुंचाया, जिससे उसका गर्भ गिर गया। इसके अलावा, ननदोई पर भी कमरे में घुसकर गलत हरकत और शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया गया है।

    शादी 2022 में एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए तय हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी से पहले ही ससुराल पक्ष ने भारी दहेज की मांग की थी, जिसमें 50 लाख रुपये नकद, सोने के गहने और अन्य सामान शामिल थे। शादी के बाद भी लगातार पैसों की मांग और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना जारी रही।

    पीड़िता के अनुसार, मई 2025 में वह गर्भावस्था के दौरान मायके आ गई थी, और इसी दौरान पति ने दूसरी शादी कर ली। जब उसने इस बात की जानकारी परिवार से ली तो उसे टाल दिया गया और बाद में मामले की पुष्टि खुद सोशल मीडिया से हुई।

    पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों को बुलाकर बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

  • STSF की बड़ी कार्रवाई: 9 साल से फरार तारकनाथ घोष यूपी से गिरफ्तार, वन्यजीव तस्करी गिरोह को बड़ा झटका

    STSF की बड़ी कार्रवाई: 9 साल से फरार तारकनाथ घोष यूपी से गिरफ्तार, वन्यजीव तस्करी गिरोह को बड़ा झटका


    भोपाल । मध्यप्रदेश की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशेष निर्देशों के बाद सक्रिय फोर्स ने अंतरराष्ट्रीय कुख्यात तस्कर तारकनाथ घोष को उत्तर प्रदेश के कानपुर से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एक ऐसे आरोपी की थी जो पिछले 9 वर्षों से फरार चल रहा था और जिसके खिलाफ राज्य में कछुओं और घड़ियालों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े तीन गंभीर मामले दर्ज थे।

    जानकारी के अनुसार तारकनाथ घोष के खिलाफ ये मामले 5 मई 2017 को CBI को सुपुर्द किए गए थे। तस्करी का यह जाल केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं था बल्कि यह भारत के कई राज्यों और बांग्लादेश व थाईलैंड तक फैला हुआ था। STSF ने लंबे समय से इस पर नजर रखी थी और आरोपी को पकड़ने के लिए 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।

    गिरफ्तारी एक संयुक्त अभियान का हिस्सा थी जिसमें वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो रेलवे पुलिस और अन्य स्थानीय इकाइयों ने सहयोग किया। इस संयुक्त अभियान में STSF ने बड़े पैमाने पर खुफिया जानकारी और जमीन पर निगरानी का इस्तेमाल किया। कानपुर में किए गए ऑपरेशन के दौरान तारकनाथ घोष को घेराबंदी कर पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी को विशेष न्यायालय शिवपुरी में पेश किया गया जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है।

    STSF की टीम फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाया जा सके और अन्य शामिल व्यक्तियों तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोहों के लिए बड़ा झटका है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस सफलता पर STSF और अन्य सहयोगी टीमों की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और अवैध तस्करी पर किसी प्रकार की सहनशीलता नहीं दिखाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां न केवल तस्करों के लिए चेतावनी हैं बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

    वन्यजीव अधिकारियों ने बताया कि इस गिरफ्तारी से प्रदेश में कछुओं घड़ियालों और अन्य संकटग्रस्त प्रजातियों की तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही आरोपी के पूछताछ के आधार पर पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण में ऐतिहासिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

    इस अभियान से यह भी स्पष्ट हो गया है कि मध्यप्रदेश सरकार और STSF वन्यजीव तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार सक्रिय हैं। अब अधिकारियों की नजर इस नेटवर्क के अन्य सक्रिय सदस्य और अंतरराष्ट्रीय लिंक पर है ताकि भविष्य में इस तरह की तस्करी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।