Tag: Kanwar Yatra

  • कांवड़ यात्रा के चलते भोपाल-इंदौर मार्ग पर बड़ा ट्रैफिक बदलाव, 23 अगस्त से भारी वाहनों की एंट्री पर रोक; जानें पूरा डायवर्जन

    कांवड़ यात्रा के चलते भोपाल-इंदौर मार्ग पर बड़ा ट्रैफिक बदलाव, 23 अगस्त से भारी वाहनों की एंट्री पर रोक; जानें पूरा डायवर्जन


    भोपाल। पंडित प्रदीप मिश्रा की कांवड़ यात्रा को देखते हुए भोपाल और इंदौर के बीच यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए 23 अगस्त की सुबह से 25 अगस्त की शाम तक मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। इस दौरान भोपाल से इंदौर और इंदौर से भोपाल के बीच सफर करने वाले वाहन चालकों को निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करना होगा। ऐसे में अगले तीन दिनों तक इस रूट पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए पहले से अपनी यात्रा की योजना बनाना जरूरी होगा।

    कांवड़ यात्रा सीहोर क्षेत्र से होकर गुजरेगी। यात्रा के चलते भोपाल-इंदौर हाईवे पर सामान्य यातायात और भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहेगी। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकालने की व्यवस्था की है। इसके तहत भोपाल से इंदौर जाने वाले सभी वाहनों को ब्यावरा होकर भेजा जाएगा। इसी तरह इंदौर से भोपाल की ओर आने वाले वाहनों को भी भोपाल-ब्यावरा-इंदौर मार्ग के जरिए आवागमन करना होगा। इस बदलाव के कारण वाहन चालकों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी।

    यातायात डायवर्जन 23 अगस्त की सुबह से प्रभावी होगा और 25 अगस्त की शाम तक लागू रहेगा। इस दौरान भोपाल-इंदौर के बीच नियमित रूप से सफर करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर उन लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलना चाहिए जिन्हें तय समय पर भोपाल या इंदौर पहुंचना जरूरी है। ब्यावरा होकर वैकल्पिक मार्ग अपनाने के कारण यात्रा की दूरी बढ़ेगी और सामान्य समय की तुलना में करीब डेढ़ से दो घंटे अतिरिक्त लग सकते हैं। ऐसे में यात्रियों को अपने सफर का समय उसी हिसाब से तय करने की सलाह दी गई है।

    कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव भी बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे यात्रा मार्ग पर अनावश्यक रूप से वाहन न रोकें और यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से भारी वाहनों के चालकों को डायवर्जन व्यवस्था का पालन करना होगा ताकि यात्रा मार्ग पर किसी तरह की अव्यवस्था या जाम की स्थिति पैदा न हो।

    यात्रियों के लिए सीहोर और देवास क्षेत्र के प्रमुख मार्गों पर भी अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होगी। यदि संभव हो तो इन क्षेत्रों के व्यस्त मार्गों पर जाने से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से समय समय पर जारी होने वाली यातायात एडवाइजरी पर भी नजर रखना जरूरी होगा। कुल मिलाकर 23 से 25 अगस्त तक भोपाल-इंदौर के बीच यात्रा करने वालों को सामान्य रूट के बजाय ब्यावरा होकर सफर करना होगा। ऐसे में वाहन चालक घर से निकलने से पहले रूट की जानकारी लें और अतिरिक्त समय के साथ यात्रा शुरू करें ताकि कांवड़ यात्रा के कारण होने वाले ट्रैफिक बदलाव का असर उनकी यात्रा पर कम से कम पड़े।

  • पश्चिमी यूपी में ‘बम भोले’ की गूंज, डाक कांवड़ और पैदल जत्थों में दिखा जोश

    पश्चिमी यूपी में ‘बम भोले’ की गूंज, डाक कांवड़ और पैदल जत्थों में दिखा जोश

    मेरठ। सावन के साथ कांवड़ यात्रा 2026 ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सड़कों को पूरी तरह भक्तिमय कर दिया है। दिल्ली-हरिद्वार हाईवे से लेकर मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बागपत तक हर तरफ ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम भोले’ के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। कंधों पर गंगाजल लेकर शिवभक्त अपने गंतव्य और शिवालयों की ओर लगातार बढ़ रहे हैं। दिन हो या रात, हाईवे पर कांवड़ियों की भीड़ कम नहीं हो रही। पैदल जत्थों के साथ डाक कांवड़िए भी तेज रफ्तार में आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।

    शिव भजनों पर झूमते कांवड़िए, डीजे-ढोल बना आकर्षण
    कांवड़ यात्रा के दौरान कई जत्थों में भक्ति का उत्साह देखते ही बन रहा है। शिवभक्त रास्ते में शिव भजनों पर नाचते-गाते आगे बढ़ रहे हैं। कई जत्थों के साथ डीजे, ढोल और भजन मंडलियां भी चल रही हैं। शाम ढलते ही कांवड़ मार्गों की रौनक और बढ़ जाती है। रोशनी से सजी कांवड़ें, डीजे की धुन और भगवा वस्त्रों में नजर आते शिवभक्त पूरे माहौल को मेले जैसा बना देते हैं।

    हाईवे पर डाक कांवड़िए तेजी से अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहे हैं। वहीं सामान्य कांवड़ लेकर पैदल चल रहे शिवभक्त भजनों और जयकारों के बीच अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। कांवड़ियों का जोश राह से गुजरने वाले लोगों का भी ध्यान खींच रहा है। शहरों के लोग बड़ी संख्या में कांवड़ मार्गों तक पहुंचकर यात्रा का नजारा देख रहे हैं और कई जगह सेवा शिविरों में शिवभक्तों की मदद भी कर रहे हैं।

    सेवा शिविरों में भंडारे, जगह-जगह फूलों से स्वागत
    कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों के लिए जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में भोजन, पानी, शरबत और आराम करने की व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में युवा और स्वयंसेवक दिन-रात कांवड़ियों की सेवा में जुटे हुए हैं। कई जगह शिवभक्तों का पुष्प वर्षा कर स्वागत भी किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर में सीओ ऋषिका सिंह भी महिला कांवड़ियों की सेवा करती नजर आईं। महिला कांवड़ियों के पैर दबाते हुए उनका वीडियो और तस्वीरें भी चर्चा में रहीं।

    11 अगस्त को महाशिवरात्रि, और बढ़ेगी कांवड़ियों की भीड़
    कांवड़ यात्रा के दौरान शाम और रात में हाईवे और कांवड़ मार्गों पर मेले जैसा दृश्य दिखाई दे रहा है। शिवभक्तों के साथ स्थानीय लोग भी इन रास्तों पर पहुंच रहे हैं। कुछ लोग कांवड़ यात्रा का भक्तिमय नजारा देखने आ रहे हैं तो कई सेवा शिविरों में पहुंचकर कांवड़ियों की सेवा कर रहे हैं। 11 अगस्त को महाशिवरात्रि के अवसर पर शिवालयों में कांवड़िए गंगाजल चढ़ाएंगे। इस वजह से कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही और बढ़ने की संभावना है।

  • मेरठ में कांवड़ियों पर CM योगी ने बरसाए फूल, शिवभक्तों ने लगाए ‘बोल बम’ के जयकारे

    मेरठ में कांवड़ियों पर CM योगी ने बरसाए फूल, शिवभक्तों ने लगाए ‘बोल बम’ के जयकारे


    मेरठ। कांवड़ यात्रा के दौरान शनिवार को मेरठ में शिवभक्तों का भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दुल्हैडा चुंगी पहुंचे और हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा कर उनका अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही कांवड़ मार्ग पर उत्साह का माहौल बन गया और शिवभक्तों ने ‘बोल बम’ के जयकारे लगाए।

    भगवा रंग में सजे कांवड़ मार्ग पर जब फूलों की बारिश हुई तो पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया। मुख्यमंत्री करीब 30 मिनट तक कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे।

    पुष्पवर्षा के बाद हिंडन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए CM
    कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार से शोभित विश्वविद्यालय स्थित हेलीपैड के लिए रवाना हुए। यहां से उनका हेलिकॉप्टर गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं पर विशेष निगरानी रखी। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर यातायात, सुरक्षा और मार्गों की निगरानी को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।

    कांवड़ मार्ग पर चाक-चौबंद रही सुरक्षा
    मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए शोभित विश्वविद्यालय के हेलीपैड से लेकर दुल्हैडा चुंगी तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे मार्ग में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा। यातायात व्यवस्था सुचारु रखने के साथ कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को भी लगातार मॉनिटर किया गया। कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय रहीं। मुख्यमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने किसी भी तरह की चूक रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती।

    मंच के सामने काफी देर उड़ता रहा ड्रोन, पुलिस में मचा हड़कंप
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम के दौरान उस समय सुरक्षा को लेकर हलचल मच गई, जब मंच के सामने आसमान में एक ड्रोन काफी देर तक उड़ता दिखाई दिया। कार्यक्रम स्थल पर ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं थी।

    ड्रोन नजर आने के बाद पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने उसके संचालक की तलाश शुरू कर दी। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की गई और ड्रोन ऑपरेटर की पहचान करने का प्रयास किया गया। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर लगे माइक से घोषणा कराई गई कि ड्रोन उड़ाने वाला व्यक्ति तत्काल उसे नीचे उतार ले। घोषणा के कुछ देर बाद ड्रोन को नीचे उतार लिया गया।

  • सावन में एटा के स्कूलों में हर शनिवार-सोमवार रहेगा अवकाश, कांवड़ यात्रा के चलते ट्रैफिक डायवर्जन लागू

    सावन में एटा के स्कूलों में हर शनिवार-सोमवार रहेगा अवकाश, कांवड़ यात्रा के चलते ट्रैफिक डायवर्जन लागू


    एटा। सावन माह में कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एटा प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। इसी के तहत जिले में 12वीं तक के विद्यालयों को प्रत्येक शनिवार और सोमवार बंद रखने का फैसला किया गया है। साथ ही शुक्रवार रात से शहर में व्यापक रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है।

    सोरों और कछला घाट से गंगाजल लेने आने वाले कांवड़ियों की भारी संख्या को देखते हुए शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। रोडवेज बसों का संचालन भी वैकल्पिक मार्गों से कराया जाएगा। यह व्यवस्था सोमवार शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगी।

    प्रशासन के अनुसार, यही ट्रैफिक व्यवस्था 7 से 11 अगस्त, 14 से 17 अगस्त और 21 से 24 अगस्त तक भी प्रत्येक शुक्रवार से सोमवार शाम तक लागू रहेगी। इस दौरान अलीगढ़, पिलुआ, मैनपुरी, फिरोजाबाद, कासगंज, बदायूं, बरेली, शिकोहाबाद और टूंडला की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा और उन्हें निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। इसके अलावा एटा-कासगंज मार्ग को कांवड़ यात्रा के दौरान वन-वे घोषित किया गया है।

    स्कूलों ने भी घोषित किया अवकाश
    कांवड़ यात्रा के दौरान संभावित भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए शहर के कई प्रमुख विद्यालयों ने भी छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार और सोमवार को अवकाश घोषित किया है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि भीड़भाड़ और जाम की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    इन मार्गों से संचालित होंगे वाहन
    – अलीगढ़ और पिलुआ से मैनपुरी जाने वाले भारी वाहन एटा बाईपास से डायवर्ट किए जाएंगे।
    – अलीगढ़-पिलुआ से फिरोजाबाद जाने वाले वाहन मलावन, कुरावली, घिरोर और शिकोहाबाद होकर गुजरेंगे।
    – एटा से बदायूं और बरेली जाने वाले भारी वाहनों को ओन घाट चौकी, सिढ़पुरा, गंजडुंडवारा और कादरगंज मार्ग से भेजा जाएगा।
    – मैनपुरी से आने वाले भारी वाहन एटा बाईपास होते हुए अलीगढ़ की ओर जाएंगे।
    – कासगंज से फिरोजाबाद जाने वाले वाहन अमांपुर, एटा बाईपास, मलावन, कुरावली, घिरोर और शिकोहाबाद मार्ग से संचालित होंगे।
    – शिकोहाबाद से एटा आने वाले सभी भारी, हल्के और आवश्यक वस्तुओं के वाहन घिरोर-मैनपुरी मार्ग से भेजे जाएंगे।
    – टूंडला से आने वाले वाहन फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, घिरोर, कुरावली, मलावन, एटा बाईपास, सिढ़पुरा और गंजडुंडवारा होकर बदायूं-बरेली की ओर जाएंगे।
    – एटा-कासगंज मार्ग कांवड़ यात्रा के दौरान वन-वे रहेगा।

  • मेरठ में आस्था संग सेवा की मिसाल, नानी को कांवड़ में बैठाकर पदयात्रा कर रहा शिवभक्त

    मेरठ में आस्था संग सेवा की मिसाल, नानी को कांवड़ में बैठाकर पदयात्रा कर रहा शिवभक्त


    मेरठ। कांवड़ यात्रा सिर्फ भगवान शिव के प्रति आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि रिश्तों में समर्पण, सेवा और जिम्मेदारी का भी संदेश देती है। मेरठ में इस बार दो शिवभक्त अपनी अनोखी कांवड़ यात्रा के कारण श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। एक युवक अपनी 75 वर्षीय नानी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा कर रहा है, जबकि दूसरा बैग में गंगाजल सुरक्षित रखकर पैदल अपने गांव की ओर बढ़ रहा है।

    बैग में गंगाजल लेकर पैदल यात्रा
    मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के रहने वाले धीरेंद्र (27) वर्तमान में दिल्ली के राजनगर में अपने इंजीनियर भाई के साथ रहते हैं। वह 10 जुलाई को ट्रेन से हरिद्वार पहुंचे और 11 जुलाई से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा शुरू की।

    धीरेंद्र ने गंगाजल को बैग में सुरक्षित रखा है और चरणबद्ध तरीके से यात्रा पूरी कर रहे हैं। पहले दिन उन्होंने 4 किलोमीटर, दूसरे दिन 18 किलोमीटर और तीसरे दिन 15 किलोमीटर की दूरी तय की। इसके बाद वह प्रतिदिन 10 से 12 किलोमीटर चलते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। यह उनकी हरिद्वार से गंगाजल लाने की लगातार तीसरी कांवड़ यात्रा है।

    कांवड़ में नानी को बैठाकर निभा रहे सेवा का धर्म
    नोएडा के सेक्टर-5 स्थित हरौला गांव निवासी हिमांशु चौहान अपनी 75 वर्षीय नानी रूपरानी को कांवड़ के एक पलड़े में बैठाकर हरिद्वार से दिल्ली तक पदयात्रा कर रहे हैं। उनके साथ मौसेरे भाई प्रिंस राघव, बहन लक्ष्मी और परिवार के अन्य सदस्य भी यात्रा में शामिल हैं।

    हिमांशु ने 19 जुलाई को हरिद्वार से यात्रा शुरू की। कांवड़ के एक हिस्से में करीब 45 किलोग्राम वजन की उनकी नानी बैठी हैं, जबकि दूसरे हिस्से में 55 लीटर गंगाजल से भरे कलश रखे गए हैं। लगभग एक क्विंटल वजन वाली इस कांवड़ को हिमांशु और प्रिंस राघव बारी-बारी से अपने कंधों पर उठाकर यात्रा पूरी कर रहे हैं।

    श्रद्धालुओं ने किया जोरदार स्वागत
    यात्रा के दौरान हिमांशु की बहन लक्ष्मी लगातार पंखे से दोनों भाइयों और अपनी नानी को हवा करती रहती हैं। मेरठ के पल्लवपुरम पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने इन शिवभक्तों का भव्य स्वागत किया। सेवा, समर्पण और शिवभक्ति का यह अनोखा संगम कांवड़ यात्रा में लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बना हुआ है।

  • कांवड़ यात्रा के चलते मुरादाबाद में आज रात से लागू होगा डायवर्जन, दिल्ली-लखनऊ समेत कई रूटों पर बदलेगा ट्रैफिक

    कांवड़ यात्रा के चलते मुरादाबाद में आज रात से लागू होगा डायवर्जन, दिल्ली-लखनऊ समेत कई रूटों पर बदलेगा ट्रैफिक

    मुरादाबाद। कांवड़ यात्रा को देखते हुए मुरादाबाद में गुरुवार रात से दिल्ली रोड पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। इसके साथ ही प्रशासन की ओर से विस्तृत डायवर्जन योजना लागू होगी। फिलहाल छोटे और चार पहिया वाहनों का आवागमन जारी रहेगा, लेकिन कांवड़ियों की संख्या बढ़ने पर इनके लिए भी वैकल्पिक मार्ग लागू किए जा सकते हैं।

    पुलिस अधीक्षक (यातायात) सुभाष चंद्र गंगवार ने बताया कि डायवर्जन व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने के लिए प्रमुख चौराहों और मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहेगा। एसपी सिटी कुमार रण विजय सिंह के अनुसार, कांवड़ यात्रा के मद्देनजर हाईवे और कांवड़ मार्ग से जुड़े थाना क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

    इन मार्गों से गुजरेंगे भारी वाहन
    शाहजहांपुर से दिल्ली जाने वाले वाहन बदायूं, बबराला, नरौरा और बुलंदशहर होकर जाएंगे।
    मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाले ट्रक और अन्य भारी वाहन संभल, बबराला, नरौरा, बुलंदशहर और हापुड़ के रास्ते भेजे जाएंगे।
    बरेली और रामपुर से दिल्ली जाने वाले वाहन बिलारी, सिरसी, संभल, चौधरी सराय और गंगा एक्सप्रेस-वे के जरिए निकलेंगे।
    मुरादाबाद से मेरठ और दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन गांगन तिराहा, मनोटा, सिरसी, संभल, बबराला, नरौरा, डिबाई, बुलंदशहर और हापुड़ मार्ग का उपयोग करेंगे।
    दिल्ली और गाजियाबाद से रामपुर, बरेली व लखनऊ जाने वाले भारी वाहन हापुड़, सिंभावली, डिबाई, नरौरा और बदायूं होकर गुजरेंगे।
    बिजनौर और हरिद्वार की दिशा में जाने वाले वाहनों को काशीपुर तिराहा, ठाकुरद्वारा, जसपुर, अफजलगढ़ और धामपुर मार्ग से भेजा जाएगा, जबकि हल्के वाहन टीएमयू और अगवानपुर मार्ग से संचालित होंगे।

    डीजीपी के सामने पेश होगा कांवड़ यात्रा का प्लान
    गुरुवार को बरेली में डीजीपी कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में मुरादाबाद के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया जिले की ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत प्रेजेंटेशन देंगे। प्रशासन ने कांवड़ियों की सुविधा और सुचारु यातायात बनाए रखने के लिए व्यापक योजना तैयार की है।

    काशीपुर-रामनगर रूट पर आधी बसें चलेंगी
    31 जुलाई से 24 अगस्त तक लागू रहने वाले डायवर्जन के कारण काशीपुर-रामनगर रूट पर बस संचालन भी प्रभावित रहेगा। सामान्य दिनों में जहां 70 बसें चलती हैं, वहीं इस अवधि में केवल 35 बसों का संचालन होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए रामपुर दोराहा से हर 30 मिनट पर बस उपलब्ध रहेगी। कांवड़ यात्रा समाप्त होने के बाद 24 अगस्त से सभी बसें पहले की तरह नियमित रूप से संचालित की जाएंगी।

  • कांवड़ यात्रा: कल रात से NH-58 पर ट्रैफिक डायवर्जन होगा लागू, दिल्ली-देहरादून और गंगा एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे वाहन

    कांवड़ यात्रा: कल रात से NH-58 पर ट्रैफिक डायवर्जन होगा लागू, दिल्ली-देहरादून और गंगा एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे वाहन


    मेरठ। कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ पुलिस ने विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी कर दिया है। इसके तहत 29 जुलाई की रात 12 बजे से एनएच-58 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, 4 अगस्त की आधी रात से हल्के और मध्यम वाहनों पर भी डायवर्जन लागू कर दिया जाएगा। यह व्यवस्था 12 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।

    इस दौरान केवल पासधारक वाहनों को तय समय में कांवड़ मार्गों को छोड़कर आवाजाही की अनुमति मिलेगी। हालांकि, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे पर सामान्य यातायात पूर्ववत जारी रहेगा। एसपी ट्रैफिक राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि डायवर्जन प्लान पड़ोसी जिलों और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय के बाद तैयार किया गया है। जरूरत पड़ने पर यातायात व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है।

    शहर में शुरू होंगी तैयारियां
    नगर निगम मंगलवार से कांवड़ यात्रा मार्गों पर बल्लियां लगाने और स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था शुरू करेगा। नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने अधिकारियों को इसी सप्ताह सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्य मार्गों के गड्ढे भरने और नालियों की सफाई का कार्य भी तेज कर दिया गया है।

    दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ये रहेगा प्लान
    4 अगस्त से दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा की ओर से आने वाले हल्के और मध्यम वाहनों का भी डायवर्जन लागू होगा। भारी वाहनों को डासना से मोड़ दिया जाएगा, जबकि अन्य वाहनों को भोजपुर चौराहे से निवाड़ी और हापुड़ की ओर भेजा जाएगा। एनएच-58 की बाईं लेन पर दोनों दिशाओं का ट्रैफिक चलेगा, जबकि दाईं लेन हरिद्वार से लौटने वाले कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी।

    NH-58 पर भारी वाहनों की एंट्री बंद
    29 जुलाई से जलाभिषेक तक राधाना से पूरा महादेव और चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (गंग नहर पटरी) पर सभी प्रकार के भारी, हल्के और मध्यम वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। गाजियाबाद से आने वाले भारी वाहनों को दुहाई मोड़ से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर डायवर्ट किया जाएगा। अन्य वाहनों को मोदीनगर से डीएमई होते हुए भोजपुर और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर भेजा जाएगा।

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे रहेगा विकल्प
    दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और राजस्थान से उत्तराखंड व सहारनपुर जाने वाले वाहनों को एनएच-09 से डासना, फिर पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और खेकड़ा इंटरचेंज के जरिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भेजा जाएगा। हरिद्वार, रुड़की और मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहनों को भी संबंधित जिलों से ही एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया जाएगा।

    गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों के लिए व्यवस्था
    गंगा एक्सप्रेसवे से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार और देहरादून जाने वाले वाहनों को सिंभावली कट से उतारकर एनएच-09, डासना और पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर भेजा जाएगा।

    मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर की ओर जाने वाले वाहनों को सिंभावली कट से एनएच-09, ततारपुर, हापुड़ बाईपास, टियाला अंडरपास, किठौर, परीक्षितगढ़, मवाना, बहसूमा, रामराज, मीरापुर और जानसठ मार्ग से भेजा जाएगा। बिजौली कट से उतरने वाले वाहनों के लिए भी अलग रूट निर्धारित किया गया है।

    प्रमुख वैकल्पिक मार्ग
    दिल्ली से देहरादून/हरिद्वार: गाजीपुर बॉर्डर–यूपी गेट–एनएच-09–डासना–पिलखुवा–हापुड़ बाईपास–टियाला–किठौर–परीक्षितगढ़–बहसूमा–रामराज–मीरापुर–देवबंद–आशारोड़ी।
    गाजियाबाद से बिजनौर: डासना–पिलखुवा–टियाला–किठौर–परीक्षितगढ़–बहसूमा–रामराज–मीरापुर–गंगा बैराज।
    बुलंदशहर से हरिद्वार/देहरादून: जोखाबाद–ईस्टर्न पेरिफेरल–डासना–पिलखुवा–किठौर–देवबंद–छुटमलपुर–मोहंड–आशारोड़ी।
    मेरठ से शामली: नानू नहर पुल–भूनी चौराहा–फुगाना मार्ग।

    हेल्पलाइन नंबर
    केंद्रीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर: 0121-2667080
    सिटी कंट्रोल रूम: 9454401587
    ग्रामीण कंट्रोल रूम: 9454417431
    यातायात कंट्रोल रूम: 9454404000

  • कांवड़ यात्रा के लिए सख्त नियम: 12 फीट से ऊंचा डीजे नहीं, अश्लील और भड़काऊ गानों पर प्रतिबंध

    कांवड़ यात्रा के लिए सख्त नियम: 12 फीट से ऊंचा डीजे नहीं, अश्लील और भड़काऊ गानों पर प्रतिबंध


    मेरठ। सावन की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए मेरठ पुलिस ने डीजे संचालकों के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में 50 से अधिक डीजे संचालकों को स्पष्ट किया गया कि यात्रा के दौरान शासन और जिला प्रशासन के सभी नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।

    पुलिस अधीक्षक (नगर) विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि कांवड़ यात्रा में इस्तेमाल होने वाले किसी भी डीजे सिस्टम की ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी। साथ ही ध्वनि का स्तर भी निर्धारित मानकों के भीतर रखना होगा, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    भड़काऊ और अश्लील गानों पर रोक
    प्रशासन ने साफ किया है कि यात्रा के दौरान डीजे पर अश्लील, आपत्तिजनक या भड़काऊ गीत और ऑडियो सामग्री बजाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे गाने, जो धार्मिक या सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं, पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था का पर्व है और इसकी गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

    तय रूट पर ही चलेंगे डीजे वाहन
    पुलिस ने निर्देश दिया है कि डीजे वाहन किसी भी स्थिति में सड़क पर जाम या यातायात बाधित नहीं करेंगे। सभी वाहन केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित कांवड़ मार्गों पर ही संचालित होंगे। बिना अनुमति रूट बदलने या मनमाने तरीके से वाहन चलाने की इजाजत नहीं होगी।

    आपात स्थिति में तुरंत दें सूचना
    डीजे संचालकों से कहा गया है कि यात्रा के दौरान यदि कोई दुर्घटना, आपात स्थिति या अप्रिय घटना होती है तो इसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने यात्रा के दौरान पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग करने की भी अपील की।

    बिजली लाइनों के नीचे बरतनी होगी सतर्कता
    प्रशासन ने ऊंचे डीजे वाहनों के संचालन के दौरान ओवरहेड बिजली लाइनों के नीचे विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दुर्घटना संभावित स्थानों पर भी सतर्क रहने और डीजे वाहनों व उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    डीजे संचालकों के लिए प्रमुख नियम
    – डीजे सिस्टम की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होगी।
    – डीजे की चौड़ाई 10 फीट से ज्यादा नहीं रखी जाएगी।
    – ध्वनि स्तर निर्धारित सीमा के भीतर रहेगा।
    – अश्लील, आपत्तिजनक और भड़काऊ गानों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
    – धार्मिक एवं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली ऑडियो सामग्री नहीं बजाई जाएगी।
    – डीजे वाहन यातायात में बाधा नहीं बनेंगे।
    – केवल निर्धारित कांवड़ मार्गों पर ही वाहन संचालित किए जाएंगे।
    – किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस को देनी होगी।
    – हाईटेंशन बिजली लाइनों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष सावधानी बरतना अनिवार्य होगा।

    मेरठ पुलिस का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य किसी पर प्रतिबंध लगाना नहीं, बल्कि लाखों कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है। प्रशासन ने सभी डीजे संचालकों से नियमों का पालन करते हुए सहयोग करने की अपील की है।

  • कांवड़ यात्रा के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार, 29 जुलाई से दिल्ली-दून हाईवे पर भारी वाहनों की एंट्री बंद

    कांवड़ यात्रा के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार, 29 जुलाई से दिल्ली-दून हाईवे पर भारी वाहनों की एंट्री बंद


    मेरठ। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए मेरठ पुलिस ने व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 29 जुलाई की रात 12 बजे से 12 अगस्त तक दिल्ली-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (गाजियाबाद से मेरठ दिशा) और चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग (नहर पटरी) पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वहीं 5 अगस्त की रात से 12 अगस्त की रात तक हरिद्वार-मुजफ्फरनगर-मेरठ दिशा में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर यातायात पूरी तरह रोका जा सकता है। गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।

    मेरठ पुलिस ने यह ट्रैफिक प्लान आसपास के जिलों और मेरठ जोन के पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय के बाद तैयार किया है। 2 अगस्त की आधी रात से एनएच-58 पर हल्के और मध्यम वाहन मेरठ से हरिद्वार की ओर बाईं लेन से दो-तरफा संचालित होंगे, जबकि दाहिनी लेन केवल हरिद्वार से लौट रहे कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी। कांवड़ियों की संख्या और हालात के अनुसार इस व्यवस्था में जरूरत पड़ने पर बदलाव भी किया जा सकेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा गंगा एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर नहीं चलेगी, बल्कि पारंपरिक मार्गों से ही निकलेगी।

    भारी वाहनों के लिए यह रहेगा डायवर्जन
    29 जुलाई से लागू होने वाले प्लान के तहत अंबाला और यमुनानगर से उत्तराखंड जाने वाले वाहन एनएच-344 बाईपास, छुटमलपुर और मोहंड होते हुए देहरादून जाएंगे, जबकि हरिद्वार जाने वाले वाहनों को भगवानपुर और रुड़की के रास्ते भेजा जाएगा।

    राजस्थान, दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा से सहारनपुर व उत्तराखंड जाने वाले भारी वाहन डासना इंटरचेंज से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और खेकड़ा इंटरचेंज के जरिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर डायवर्ट किए जाएंगे। वहीं दिल्ली से उत्तराखंड जाने वाले वाहनों को कुंडली, सोनीपत, पानीपत, करनाल और यमुनानगर के रास्ते भेजा जाएगा।

    मुरादाबाद, अमरोहा, बागपत, शामली और करनाल की ओर जाने वाले भारी वाहनों के लिए भी अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं, ताकि कांवड़ मार्ग पर दबाव कम किया जा सके।

    हल्के और मध्यम वाहनों के लिए 2 अगस्त से नई व्यवस्था
    2 अगस्त की रात 12 बजे से हल्के और मध्यम वाहनों का भी रूट बदला जाएगा। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और राजस्थान से हरिद्वार, देहरादून, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जाने वाले वाहन डासना, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उपयोग करेंगे।

    कुछ मार्गों पर वाहनों को हापुड़, किठौर, परीक्षितगढ़, मवाना, बहसूमा, रामराज, मीरापुर, जानसठ, भोपा, रोहाना और देवबंद होते हुए आगे भेजा जाएगा। बिजनौर, बुलंदशहर, गढ़मुक्तेश्वर और मुरादाबाद की दिशा में जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग डायवर्जन रूट निर्धारित किए गए हैं।

    गंगा एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहनों का भी बदलेगा रास्ता
    गंगा एक्सप्रेसवे से दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, हरियाणा, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, हरिद्वार और देहरादून की ओर जाने वाले सभी वाहनों को सिंभावली कट से उतारकर एनएच-9 और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के रास्ते भेजा जाएगा।

    वहीं मेरठ, बिजनौर और मुजफ्फरनगर की ओर जाने वाले वाहनों को सिंभावली कट से हापुड़, किठौर, परीक्षितगढ़, मवाना, बहसूमा, रामराज और मीरापुर के रास्ते गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। बिजौली (खरखौदा) कट से उतरने वाले वाहनों के लिए भी अलग ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी।

    मेरठ पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रा शुरू करने से पहले निर्धारित रूट डायवर्जन की जानकारी अवश्य लें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर प्रशासन का सहयोग करें।