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  • बल्ले और गेंद से जडेजा का ऐतिहासिक कमाल! 350 विकेट पूरे कर रचा नया रिकॉर्ड, दुनिया के चुनिंदा ऑलराउंडर्स में शामिल

    बल्ले और गेंद से जडेजा का ऐतिहासिक कमाल! 350 विकेट पूरे कर रचा नया रिकॉर्ड, दुनिया के चुनिंदा ऑलराउंडर्स में शामिल


    नई दिल्ली। रवींद्र जडेजा ने गॉल टेस्ट में अपने करियर की एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के चुनिंदा महान ऑलराउंडर्स की कतार में खड़ा कर दिया है। श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले में जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट पूरे किए और इसके साथ ही उन्होंने 4000 से ज्यादा रन तथा 350 से ज्यादा विकेट लेने का ऐतिहासिक डबल भी पूरा कर लिया। जडेजा यह कारनामा करने वाले दुनिया के चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं और भारत की ओर से इस खास क्लब में जगह बनाने वाले सिर्फ दूसरे क्रिकेटर हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि महान ऑलराउंडर कपिल देव ने हासिल की थी।

    जडेजा ने गॉल टेस्ट की तीसरी पारी में श्रीलंका के बल्लेबाजों को अपनी स्पिन से परेशान किया और तीन विकेट हासिल किए। उनके 350 विकेट पूरे होते ही टेस्ट क्रिकेट में उनका नाम भारत के उन गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गया जिन्होंने इस फॉर्मेट में 350 या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं। इससे पहले अनिल कुंबले 619 विकेट के साथ भारत के सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज हैं। रविचंद्रन अश्विन ने 537 विकेट लिए हैं जबकि कपिल देव के नाम 434 और हरभजन सिंह के नाम 417 टेस्ट विकेट हैं। अब जडेजा 351 विकेट के साथ इस प्रतिष्ठित सूची में पांचवें स्थान पर हैं।

    हालांकि जडेजा की उपलब्धि सिर्फ विकेटों तक सीमित नहीं है। टेस्ट क्रिकेट में उनके बल्ले से भी लगातार अहम योगदान देखने को मिला है। जडेजा के नाम 4000 से ज्यादा टेस्ट रन हैं और यही वजह है कि 350 से अधिक विकेट के साथ 4000 से अधिक रन का डबल उन्हें और खास बनाता है। इस आंकड़े तक पहुंचने वाले दुनिया के खिलाड़ियों में कपिल देव के अलावा इंग्लैंड के इयान बॉथम और न्यूजीलैंड के डेनियल विटोरी भी शामिल हैं। कपिल देव ने टेस्ट में 5248 रन और 434 विकेट लिए। बॉथम के नाम 5200 रन और 383 विकेट हैं जबकि विटोरी ने 4531 रन के साथ 362 विकेट हासिल किए। अब इस क्लब में 4108 रन और 351 विकेट के आंकड़े के साथ जडेजा का नाम भी जुड़ गया है।

    जडेजा ने इस उपलब्धि के साथ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनरों की सूची में भी अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। श्रीलंका के रंगना हेराथ 433 विकेट के साथ इस सूची में सबसे आगे हैं। डेनियल विटोरी के नाम 362 विकेट हैं जबकि जडेजा 351 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच चुके हैं। अब विटोरी को पीछे छोड़ने के लिए जडेजा को केवल 12 और विकेट की जरूरत है। अगर वह यह मुकाम हासिल कर लेते हैं तो टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनरों में दूसरे स्थान पर पहुंच जाएंगे।

    जडेजा की गेंदबाजी की खासियत सिर्फ विकेटों की संख्या नहीं बल्कि उनकी विकेट लेने की क्षमता भी है। कम से कम 125 टेस्ट विकेट लेने वाले बाएं हाथ के स्पिनरों में जडेजा का स्ट्राइक रेट 58 के आसपास है। इस मामले में दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज उनसे आगे हैं। इससे पता चलता है कि जडेजा लंबे स्पेल में दबाव बनाने के साथ जरूरत पड़ने पर तेजी से विकेट निकालने की क्षमता भी रखते हैं।

    गॉल टेस्ट में श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर समाप्त हुई और भारत को 178 रनों की बढ़त मिली। जडेजा ने 21 ओवर में पांच मेडन डालते हुए 57 रन देकर तीन विकेट लिए। मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट अपने नाम किए। उन्होंने 21.4 ओवर में एक मेडन के साथ 76 रन देकर चार विकेट हासिल किए।

    जडेजा की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह सिर्फ गेंदबाज नहीं बल्कि मैच का रुख बदलने वाले ऑलराउंडर हैं। बल्ले से उपयोगी रन बनाने के साथ गेंद से लगातार विकेट निकालना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है। कपिल देव के साथ इस ऐतिहासिक क्लब में शामिल होना उनके टेस्ट करियर की बड़ी उपलब्धियों में से एक है। अलग-अलग दौर और अलग-अलग गेंदबाजी शैली के बावजूद जडेजा और कपिल ने साबित किया है कि टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देने वाला ऑलराउंडर टीम के लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।