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  • प्यार और जुनून की कहानी, दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने प्रेमिका के लिए उठाया था बड़ा कदम..

    प्यार और जुनून की कहानी, दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने प्रेमिका के लिए उठाया था बड़ा कदम..

    नई दिल्ली। कपूर परिवार के इतिहास से जुड़ा एक पुराना और दिलचस्प किस्सा एक बार फिर चर्चा में है, जिसमें अभिनेता ऋषि कपूर के परदादा दीवान बशेश्वरनाथ कपूर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक घटनाओं का उल्लेख मिलता है। यह कहानी उनके व्यक्तित्व, सोच और उस दौर की सामाजिक परिस्थितियों की एक झलक पेश करती है।

    दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ब्रिटिश शासनकाल में प्रशासनिक सेवा से जुड़े हुए थे और अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उनका स्वभाव सामान्य से अलग और बेहद आत्मविश्वासी बताया जाता है, जिसकी वजह से उनके कई किस्से समय-समय पर सामने आते रहे हैं। परिवार से जुड़े लोग भी अक्सर उनके जीवन की इन कहानियों को याद करते रहे हैं।

    एक पुराने किस्से के अनुसार, एक बार जब वह अपनी घोड़ी पर यात्रा कर रहे थे, तब रास्ते में एक ब्रिटिश अधिकारी अपनी पत्नी के साथ मौजूद था। बातचीत के दौरान जब उस अधिकारी ने उनकी घोड़ी की तारीफ की, तो उन्होंने भी उसी अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि उनकी पत्नी भी उतनी ही अच्छी है। उनका यह जवाब उस समय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया था और उनके बेबाक स्वभाव को दर्शाता था।

    उनके जीवन से जुड़ा एक और किस्सा प्रेम से संबंधित बताया जाता है, जो उनके रोमांटिक और भावुक स्वभाव को दर्शाता है। कहा जाता है कि उन्होंने अपने प्रेम के लिए एक असाधारण कदम उठाया और अपनी प्रेमिका तक पहुंचने के लिए एक सुरंग खुदवाने का निर्णय लिया। यह घटना उस दौर में काफी असामान्य मानी गई और लोगों के बीच लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही।

    हालांकि इस कदम के कारण उन्हें अपने पद से हटाए जाने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उनके इस निर्णय को उनके जुनूनी और भावनात्मक स्वभाव के उदाहरण के रूप में देखा जाता है। यह घटना उनके जीवन का एक ऐसा पहलू बन गई, जिसे लोग आज भी याद करते हैं।

    अभिनेता ऋषि कपूर ने अपने जीवनकाल में इस पारिवारिक इतिहास का जिक्र करते हुए बताया था कि उनके परिवार में जो रोमांटिक और भावनात्मक स्वभाव देखने को मिलता है, उसकी जड़ें कहीं न कहीं उनके पूर्वजों से जुड़ी हुई हैं। उनका मानना था कि यह गुण उन्हें विरासत में मिला है, जो उनके अभिनय में भी दिखाई देता था।

    यह पूरा किस्सा केवल एक पारिवारिक कहानी नहीं है, बल्कि उस समय की सोच, भावनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक वातावरण को भी दर्शाता है। दीवान बशेश्वरनाथ कपूर का यह प्रसंग आज भी लोगों के बीच एक रोचक और चर्चित कहानी के रूप में याद किया जाता है, जो कपूर परिवार के इतिहास को और भी दिलचस्प बना देता है।

  • संजय कपूर की वसीयत पर विवाद प्रिय‍ ,सचदेव कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में विदेशी संपत्तियों पर दलील दी

    संजय कपूर की वसीयत पर विवाद प्रिय‍ ,सचदेव कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में विदेशी संपत्तियों पर दलील दी


    नई दिल्ली। उद्योगपति संजय कपूर की बहु-करोड़ की संपत्ति को लेकर उनके परिवर में कनूनी विवद तेज हो गय है। उनकी विधव पत्नी प्रिय‍। सचदेव कपूर और उनके नबलिग बेटे ने मंगलवर को दिल्ली हई कोर्ट में यह दलील दी कि ब्रिटेन और अमेरिक में स्थित उनकी संपत्तियों पर दिल्ली हई कोर्ट क कोई अधिकर क्षेत्र नहीं है। यह ममल संजय कपूर की वसीयत के करण उठ हैजिसे लेकर परिवर के सदस्य एक-दूसरे पर आरोप लग रहे हैं।

    यह विवद तब शुरू हुआ जब संजय कपूर की पहली पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्म कपूर के बच्चे समयर और कियनअपनी मं को अभिभवक बनकर अदलत पहुंचे। उन्होंने आरोप लगय कि प्रिय‍। कपूर ने संजय की वसीयत को फर्जी तरीके से तैयर किय हैऔर वह इस वसीयत के आधर पर विदेशों में स्थित करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर मलिकन हक जतन चहती हैं।

    दिल्ली हई कोर्ट में सुनवई और दलीलें

    मंगलवर को दिल्ली हई कोर्ट में सुनवई के दौरन प्रिय‍। कपूर और उनके नबलिग बेटे के वकील ने यह दलील दी कि विदेशों में स्थित अचल संपत्तियों को लेकर किसी भी प्रकर क आदेश विदेशी न्ययलयों के अधिकर क्षेत्र में आत है। ऐसे में दिल्ली हई कोर्ट इन संपत्तियों पर कोई स्टेटस-को य प्रतिबंध लगने क आदेश नहीं दे सकती। इस पर न्ययमूर्ति ज्योति सिंह ने सभी पक्षकरों की दलीलें सुनीं और सभी को लिखित जवब दखिल करने क निर्देश दिय। कोर्ट ने ममले को 22 दिसंबर के लिए सूचीबद्ध कियजब यह तय किय जएग कि दिल्ली हई कोर्ट विदेशी संपत्तियों पर कोई अंतरिम रहत दे सकती है य नहीं।

    करिश्म कपूर के बच्चों क पक्ष

    इस दौरन करिश्म कपूर के बच्चों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्त महेश जेठमलनी ने अदलत से अनुरोध किय कि यदि कोर्ट सीधे विदेशी संपत्तियों पर आदेश नहीं दे सकतीतो कम से कम प्रिय‍ कपूर को फर्जी वसीयत क इस्तेमल करके विदेशों में स्थित संपत्तियों क मलिकन हक लेने से रोक जए। करिश्म के बच्चों क आरोप है कि संजय कपूर द्वर तैयर की गई कथित वसीयत में लगभग 30000 करोड़ रुपये की संपत्तियों क उल्लेख हैऔर इस वसीयत की सत्यत पर गंभीर सवल उठए ज रहे हैं।

    AIPL में शेयरों क विवद

    प्रिय‍। कपूर के नबलिग बेटे के वकील अखिल सिब्बल ने कोर्ट में यह स्पष्ट किय कि प्रिय‍ कपूर क में स्थित शेयरों को बेचने क कोई इरद नहीं है। उनके अनुसरये शेयर संजय कपूर की मृत्यु के बद कनूनी रूप से प्रिय‍ के नम ट्रंसफर हुए हैं। यह विवद केवल विदेशों में स्थित अचल संपत्तियों के संबंध में हैजिन पर दिल्ली हई कोर्ट कोई आदेश नहीं दे सकती।

    संजय कपूर क परिवर और संपत्ति क विवद

    इस ममले में केवल करिश्म कपूर के बच्चे ही नहींबल्कि संजय कपूर की मं और बहन भी वसीयत की प्रमणिकत पर सवल उठ चुकी हैं। संजय कपूरजो Sona Comstar के चेयरमैन थेइस वर्ष जून में लंदन में एक पोलो मैच के दौरन निधन हो गए थे। संजय की शदी पहले करिश्म कपूर से 2003 से 2016 तक रहीऔर फिर 2017 में प्रिय‍ सचदेव कपूर से हुई थी।

    आने वली सुनवई और संभवित कनूनी मोड़

    22 दिसंबर को अदलत यह तय करेगी कि क्य दिल्ली हई कोर्ट विदेशी संपत्तियों के संबंध में कोई अंतरिम रहत दे सकती हैय फिर इस ममले को संबंधित विदेशी न्ययलयों के अधिकर क्षेत्र में भेज जएग। यह ममल संजय कपूर की संपत्ति को लेकर कनूनी दंव-पेच क हिस्स बन चुक है और कपूर परिवर को कई हिस्सों में बंटने वल है। आने वले दिनों में यह ममल और भी महत्वपूर्ण कनूनी मोड़ ले सकत हैजिससे परिवर के रिश्तों और संपत्तियों की भविष्यवणी करन मुश्किल हो सकत है। संपत्ति विवदों के इस जटिल ममले ने कपूर परिवर में दररें पैद कर दी हैं और यह पूरी कनूनी लड़ई न केवल एक परिवरबल्कि भरतीय फिल्म इंडस्ट्री के एक प्रमुख परिवर के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।