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  • ऐतिहासिक स्थल पर नियमों को लेकर हंगामा, बादामी में पर्यटक महिला और स्टाफ के बीच गरमाया मामला

    ऐतिहासिक स्थल पर नियमों को लेकर हंगामा, बादामी में पर्यटक महिला और स्टाफ के बीच गरमाया मामला


    नई दिल्ली । कर्नाटक के बागलकोट जिले स्थित ऐतिहासिक बादामी क्षेत्र एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह इसकी प्राचीन विरासत नहीं बल्कि वहां सामने आया एक विवाद है। मेनाबसिदी स्मारक परिसर में चप्पल पहनकर प्रवेश को लेकर एक पर्यटक महिला और पुरातत्व विभाग की कर्मचारी के बीच तीखी बहस हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना उस समय हुई जब धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल की मर्यादा और नियमों को लेकर दोनों पक्षों के बीच असहमति बढ़ गई और मामला गरमाता चला गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पर्यटक महिला ने परिसर में चप्पल पहनकर प्रवेश और अंदर मौजूद कुछ लोगों के व्यवहार पर आपत्ति जताई। उसका कहना था कि ऐसे पवित्र और ऐतिहासिक स्थानों पर नियमों का पालन सभी को करना चाहिए। इसी दौरान मौके पर मौजूद एक कर्मचारी से उसकी बहस शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे काफी तीखी हो गई। वीडियो में दोनों के बीच शब्दों का आदान-प्रदान स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिसमें स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती नजर आती है।

    इसी दौरान एक अन्य युवती को भी परिसर के भीतर चप्पल पहनकर बैठा देखा गया, जिससे वहां मौजूद कुछ श्रद्धालुओं और पर्यटकों में नाराजगी और बढ़ गई। इस घटना ने पूरे माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया। आरोप यह भी लगाए गए कि संबंधित कर्मचारी का व्यवहार कुछ लोगों को अनुचित लगा, जिससे विवाद और गहरा गया।

    यह पूरा मामला बादामी के उस क्षेत्र से जुड़ा है, जो अपने प्राचीन चालुक्य कालीन मंदिरों और गुफाओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। हर साल यहां बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक इन ऐतिहासिक धरोहरों को देखने आते हैं। ऐसे में इस तरह के विवाद ने स्थानीय प्रशासन और नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग मानते हैं कि धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है, जबकि कुछ अन्य लोगों का कहना है कि कर्मचारियों को पर्यटकों के साथ अधिक संयम और सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए।

    फिलहाल इस पूरे मामले पर संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन वीडियो के वायरल होने के बाद यह घटना चर्चा का विषय बन गई है और प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग भी उठने लगी है।