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  • कैरोलीन लेविट छोड़ेंगी व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी का पद, ट्रंप ने किया ऐलान

    कैरोलीन लेविट छोड़ेंगी व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी का पद, ट्रंप ने किया ऐलान


    वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट अगस्त के अंत में अपने पद से इस्तीफा देंगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सोशल मीडिया के जरिए उनके फैसले की जानकारी दी। ट्रंप के मुताबिक, लेविट परिवार को ज्यादा समय देने के लिए यह जिम्मेदारी छोड़ रही हैं। हालांकि, वह रिपब्लिकन पार्टी में उनकी शीर्ष सलाहकार के तौर पर काम करती रहेंगी।

    लेविट ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अपने फैसले को ‘कड़वा-मीठा’ अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब डेढ़ साल तक व्हाइट हाउस प्रेस सचिव के तौर पर काम करना उनके जीवन के सबसे बड़े सम्मान और रोमांच में से एक रहा है।

    ‘बच्चों को वह समय नहीं दे पा रही थी, जिसके वे हकदार हैं’

    लेविट ने अपनी बेटी के जन्म के बाद दोबारा काम पर लौटने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक बच्चे का स्वागत करने के साथ दुनिया के सबसे demanding पदों में से एक की जिम्मेदारी संभालना सम्मानजनक होने के साथ बेहद चुनौतीपूर्ण भी था।

    उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस प्रेस सचिव की जिम्मेदारियों के लिए लगातार समय, ऊर्जा और ध्यान देना पड़ता है। ऐसे में वह अपने दोनों बच्चों को वह समय और ध्यान नहीं दे पा रही थीं, जिसके वे हकदार हैं। इसी वजह से उन्होंने यह कठिन फैसला लिया।

    ट्रंप बोले- भरोसेमंद सहयोगियों में से एक

    राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने Truth Social अकाउंट पर लेविट के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कैरोलीन उनकी सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक रही हैं और परिवार को प्राथमिकता देने के उनके फैसले का वह पूरी तरह सम्मान करते हैं।

    ट्रंप ने 2018 से लेकर 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान तक लेविट के योगदान की तारीफ की और उन्हें इतिहास की बेहतरीन प्रेस सचिवों में से एक बताया।

    व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी ट्रंप की सलाहकार रहेंगी

    ट्रंप ने कहा कि व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी लेविट उनकी शीर्ष बाहरी सलाहकार बनी रहेंगी। आगामी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की जीत के लिए वह पार्टी के भीतर प्रभावशाली भूमिका निभाएंगी।

    लेविट ने भी कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी के खिलाफ उनकी राजनीतिक लड़ाई एक नए चरण में प्रवेश कर रही है, लेकिन यह खत्म नहीं हुई है।

    सबसे कम उम्र की व्हाइट हाउस प्रेस सचिव बनी थीं

    कैरोलीन लेविट 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में ट्रंप के साथ जुड़ी थीं। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने ट्रांजिशन टीम की प्रवक्ता के तौर पर काम किया। इसके बाद ट्रंप ने उन्हें व्हाइट हाउस प्रेस सचिव नियुक्त किया।

    इस नियुक्ति के साथ लेविट इस पद पर पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति बनी थीं। उन्होंने अपनी भूमिका के दौरान पति, परिवार, चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स और पूरे ट्रंप परिवार का समर्थन के लिए आभार जताया।

  • ईरान-अमेरिका तनाव: कैरोलिन लेविट को बधाई के साथ ‘मीनाब स्कूल’ हमले का जिक्र, कूटनीतिक बयानबाजी तेज

    ईरान-अमेरिका तनाव: कैरोलिन लेविट को बधाई के साथ ‘मीनाब स्कूल’ हमले का जिक्र, कूटनीतिक बयानबाजी तेज



    नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच पहले से जारी तनाव के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान ने व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट को उनकी बेटी के जन्म पर बधाई दी, लेकिन उसी संदेश में “मीनाब स्कूल हमले” का उल्लेख कर अमेरिका पर तीखा राजनीतिक वार भी किया।

    बधाई के साथ तीखा संदेश
    आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा, 

    बच्चे मासूम होते हैं और उनकी भावनाएं सार्वभौमिक हैं

    लेविट को अपनी खुशी के साथ उन मांओं का दर्द भी याद रखना चाहिए जिन्होंने संघर्ष में अपने बच्चे खोए

    मीनाब स्कूल में मारे गए बच्चों को भी उतना ही मासूम बताया गया।ईरान ने अपने संदेश में यह भी संकेत दिया कि इस तरह की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    क्या है मीनाब स्कूल हमला मामला?
    ईरान का दावा है कि 28 फरवरी को मीनाब क्षेत्र के एक स्कूल पर हुए हमले में भारी जनहानि हुई थी।ईरान के अनुसार: करीब 168 लोगों की मौत। 

    मृतकों में बच्चे, शिक्षक और आम नागरिक शामिल

    ईरान ने इस घटना के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार बताया

    हालांकि, इस घटना को लेकर अलग-अलग देशों और रिपोर्ट्स में भिन्न दावे सामने आते रहे हैं और आधिकारिक पुष्टि को लेकर मतभेद हैं।



    अमेरिका का रुख
    अमेरिकी पक्ष ने शुरुआती प्रतिक्रिया में कहा था कि,अमेरिका नागरिकों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाता। घटना संभवतः तकनीकी चूक या मिसफायर का परिणाम हो सकती हैमामले की अलग-अलग जांच रिपोर्ट सामने आई हैं। 

    ट्रंप के बयानों से बढ़ा विवाद
    इस मामले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान भी सुर्खियों में रहे! उन्होंने बिना प्रमाण ईरान को जिम्मेदार ठहराया थाबाद में दावा किया कि ईरान के पास ऐसी मिसाइल क्षमता है, जिसे विशेषज्ञों ने गलत बताया।बाद में जब रिपोर्ट पर सवाल हुआ तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई


    कूटनीति से ज्यादा संदेश की राजनीति
    विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरा घटनाक्रम केवल शिष्टाचार संदेश नहीं, बल्कि 

    अमेरिका पर नैतिक दबाव बनाने की कोशिश

    मानवीय संवेदनाओं के जरिए वैश्विक विमर्श प्रभावित करने का प्रयास

    पहले से तनावपूर्ण रिश्तों में नई तल्खी जोड़ने वाला कदम

    कैरोलिन लेविट को दी गई बधाई के साथ मीनाब स्कूल हमले का जिक्र एक बार फिर अमेरिका-ईरान संबंधों की जटिलता को सामने लाता है। जहां यह संदेश मानवीय भावनाओं से जुड़ा प्रतीत होता है, वहीं इसके पीछे कूटनीतिक और राजनीतिक संदेश भी साफ तौर पर देखा जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहराने की आशंका बनी हुई है।