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  • धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ पर ली चुटकी, बोले- एक दिन व्रत रखती हैं पत्नियां और 364 दिन सुनाती हैं ताने

    धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ पर ली चुटकी, बोले- एक दिन व्रत रखती हैं पत्नियां और 364 दिन सुनाती हैं ताने

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले के करैरा में चल रही रामकथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है। कथा के बीच उन्होंने करवा चौथ के व्रत को लेकर अपने चुटीले अंदाज में ऐसी बात कही, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस दौरान उन्होंने करवा चौथ को मजाकिया लहजे में ‘खसम पूजन दिवस’ कहा और पति-पत्नी के रिश्ते को लेकर हास्यपूर्ण टिप्पणी की।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने प्रवचनों के दौरान धार्मिक विषयों के साथ-साथ अपनी खास बोलने की शैली के लिए भी जाने जाते हैं। करैरा में आयोजित रामकथा के दौरान भी उनका यही अंदाज देखने को मिला। कथा के बीच करवा चौथ का जिक्र करते हुए उन्होंने विवाहित महिलाओं के व्रत और पति-पत्नी के बीच होने वाली नोकझोंक पर चुटकी ली। उनकी इस टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद यह प्रसंग लोगों के बीच चर्चा में आ गया।

    धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ को ‘खसम पूजन दिवस’ बताते हुए कहा कि पत्नियां साल में एक दिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, जबकि बाकी 364 दिन उन्हें ताने मारती रहती हैं। उनकी यह बात हास्यपूर्ण अंदाज में कही गई थी। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने वैवाहिक जीवन में होने वाली सामान्य नोकझोंक को अपने प्रवचन की शैली में पेश किया।

    करवा चौथ विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन कई महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार, व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद अपना उपवास खोलती हैं। कई परिवारों में इस अवसर पर पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक रस्में भी निभाई जाती हैं। ऐसे में इस पर्व का उल्लेख करते हुए की गई धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी ने लोगों का ध्यान खींचा है।

    करैरा में चल रही रामकथा के दौरान दिया गया यह बयान अब सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। वीडियो में उनकी टिप्पणी को लेकर लोगों की दिलचस्पी दिखाई दे रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस बयान पर किसी औपचारिक विवाद या विरोध की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इस प्रसंग को उनके हास्यपूर्ण संबोधन और वायरल वीडियो के संदर्भ में देखा जा रहा है।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रवचनों में धार्मिक कथाओं के साथ स्थानीय संदर्भों और रोजमर्रा के जीवन से जुड़े उदाहरणों का इस्तेमाल भी देखने को मिलता है। करवा चौथ पर उनकी यह टिप्पणी भी उसी शैली का हिस्सा रही। उनके कथन में पति-पत्नी के रिश्ते की नोकझोंक को हास्य के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने कथा के इस हिस्से को चर्चा में ला दिया।

    शिवपुरी जिले के करैरा में जारी रामकथा के बीच सामने आए इस वीडियो ने एक बार फिर धीरेंद्र शास्त्री के बोलने के अंदाज को सुर्खियों में ला दिया है। उनकी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है। हालांकि, इस बयान पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं, लेकिन उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इतना स्पष्ट है कि करवा चौथ को लेकर कही गई उनकी चुटीली बात ही इस वीडियो के चर्चा में आने की प्रमुख वजह बनी है।

  • करवाचौथ से पहले सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, 22 कैरेट गोल्ड सस्ता, जानें दिल्ली से भोपाल तक के ताजा भाव

    करवाचौथ से पहले सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, 22 कैरेट गोल्ड सस्ता, जानें दिल्ली से भोपाल तक के ताजा भाव


    नई दिल्ली । करवाचौथ से पहले सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे आए। सोने की कीमत में करीब 660 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की कमी आई, जबकि चांदी का भाव लगभग 3,260 रुपये प्रति किलोग्राम टूट गया। त्योहारी सीजन में खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए कीमतों में यह बदलाव महत्वपूर्ण है।

    ताजा दरों के अनुसार, 22 कैरेट सोने की कीमत कई प्रमुख शहरों में 1,31,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गई है। वहीं, 24 कैरेट सोने का भाव भी 1,42,900 रुपये प्रति 10 ग्राम से कम दर्ज किया गया। बीते सप्ताह के दौरान भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली थी। ऐसे में आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों की नजर अब बाजार के ताजा भाव पर है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 27 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,870 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव 1,30,964 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। जयपुर और लखनऊ में भी दोनों श्रेणियों की कीमतें दिल्ली के समान रहीं।

    मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,720 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,30,814 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। कोलकाता और बेंगलुरु में भी सोने के भाव इसी स्तर पर रहे। इन शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,720 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,30,814 रुपये प्रति 10 ग्राम रही।

    अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना 1,42,770 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। यहां 22 कैरेट सोने का भाव 1,30,864 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी कीमतें अहमदाबाद के समान रहीं। यहां 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,770 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,30,864 रुपये प्रति 10 ग्राम रही।

    चांदी की कीमतों में भी मंगलवार को उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। सोमवार की तुलना में इसका भाव करीब 3,260 रुपये प्रति किलोग्राम नीचे आया। इसके बाद अधिकांश प्रमुख शहरों में चांदी की कीमत लगभग 1,93,150 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई। सोने के साथ चांदी के दाम घटने से त्योहारों के दौरान इन धातुओं की खरीदारी पर विचार कर रहे ग्राहकों को ताजा कीमतों की जानकारी लेना जरूरी हो गया है।

    करवाचौथ से पहले सोने और चांदी के भाव में आई कमी ऐसे समय हुई है, जब बाजार में त्योहारों के लिए खरीदारी की गतिविधियां जारी हैं। हालांकि, कीमतों में गिरावट को खरीदारी के लिए निश्चित रूप से बेहतर अवसर नहीं माना जा सकता, क्योंकि वास्तविक खर्च आभूषण के डिजाइन, वजन, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और लागू करों पर भी निर्भर करता है।

    खरीदारी करने से पहले ग्राहकों को अपने शहर के सर्राफा बाजार में उपलब्ध दरों की पुष्टि करनी चाहिए। अलग-अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज और अन्य लागतों में अंतर हो सकता है। इसके अलावा, सोने की शुद्धता और आभूषण पर हॉलमार्क की जांच करना भी जरूरी है। बाजार में कीमतों में होने वाले बदलाव के कारण खरीदारी के समय अंतिम बिल में दर्ज राशि घोषित दर से अलग हो सकती है।

  • जियो हॉटस्टार पर इस हफ्ते मनोरंजन की नई सौगात, ऑब्सेशन से लेकर करवाचौथ स्पेशल सीरीज तक होंगी रिलीज

    जियो हॉटस्टार पर इस हफ्ते मनोरंजन की नई सौगात, ऑब्सेशन से लेकर करवाचौथ स्पेशल सीरीज तक होंगी रिलीज

    नई दिल्ली । ओटीटी दर्शकों के लिए अक्टूबर का यह सप्ताह मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। जियो हॉटस्टार पर 26 से 30 अक्टूबर 2026 के बीच अलग-अलग विधाओं की फिल्में और सीरीज रिलीज होने वाली हैं। इस सूची में सुपरनेचुरल साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म ऑब्सेशन से लेकर करवाचौथ के अवसर पर पेश की जाने वाली खास सीरीज और बच्चों के लिए एनिमेटेड शो तक शामिल हैं। कॉमेडी, फैंटेसी, ड्रामा, हॉरर और थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के लिए इस सप्ताह कई विकल्प उपलब्ध होंगे।

    इस सप्ताह की शुरुआत माता पार्वती की कहानियों पर आधारित सीरीज से हो रही है। ‘जब जिद्द पर आ गईं पार्वती’ नाम से पेश की जा रही इस सीरीज में माता पार्वती और उनसे जुड़ी कथाओं को दिखाया जाएगा। हाल में रिलीज हुई फिल्म ‘हनुमान अंश’ के गाने में पार्वती के नाम का इस्तेमाल चर्चा में आया था। इस गाने को सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रियता मिली थी और फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी। अब इसी नाम के संदर्भ के साथ पुराने टीवी शो ‘महादेव’ को नए रूप में दर्शकों के सामने पेश किया जा रहा है। यह सीरीज 26 अक्टूबर से जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध होगी।

    करवाचौथ के मौके पर दर्शकों के लिए ‘करवाचौथ: 7 जन्मों का उत्सव’ नाम की विशेष सीरीज भी लाई जा रही है। करवाचौथ को विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। इस अवसर पर तैयार की गई सीरीज में शादीशुदा जोड़ों की कहानियां दिखाई जाएंगी। इसका प्रीमियर करवाचौथ के दिन होगा। त्योहार से जुड़ी कहानियों और रिश्तों पर आधारित यह प्रस्तुति इस खास मौके को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

    30 अक्टूबर को रिलीज होने वाली सीरीज ‘लव ऑलवेज’ भी इस सप्ताह की सूची में शामिल है। यह तमिल सिनेमा की फैंटेसी आधारित सीरीज है। इसकी कहानी अलग-अलग उम्र के जोड़ों के इर्द-गिर्द घूमती है। फैंटेसी के साथ रिश्तों पर आधारित कथानक पसंद करने वाले दर्शक इसे जियो हॉटस्टार पर देख सकेंगे।

    इसी दिन अमेरिकी फिल्म ‘ऑब्सेशन’ भी ओटीटी पर रिलीज होगी। यह सुपरनेचुरल साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, जिसे सिनेमाघरों में दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। फिल्म की कहानी एक युवक के एकतरफा प्यार के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इसमें मनोवैज्ञानिक तनाव और अलौकिक तत्वों के मेल के जरिए कहानी आगे बढ़ती है। थ्रिलर और रहस्य पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह सप्ताह की प्रमुख रिलीज में से एक है।

    बच्चों के मनोरंजन के लिए ‘द पैट्रिक स्टार शो’ का नया सीजन भी आने वाला है। यह एनिमेटेड सीरीज बच्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके पिछले पांच सीजन दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहे हैं। अब इसका नया सीजन 30 अक्टूबर से जियो हॉटस्टार पर देखा जा सकेगा। एनिमेशन और हल्के-फुल्के मनोरंजन में दिलचस्पी रखने वाले बच्चों के लिए यह एक नया विकल्प होगा।

    इसके अलावा अमेरिकी सीरीज ‘घोस्ट’ का छठा सीजन भी रिलीज होने वाला है। यह ब्रिटिश मूल की बीबीसी सीरीज है, जिसकी कहानी एक जोड़े के इर्द-गिर्द घूमती है। नए सीजन के साथ इस शो की कहानी आगे बढ़ेगी।

    कुल मिलाकर, 26 से 30 अक्टूबर के बीच जियो हॉटस्टार पर धार्मिक कथाओं, रिश्तों, फैंटेसी, मनोवैज्ञानिक रोमांच और बच्चों के मनोरंजन से जुड़ी सामग्री देखने को मिलेगी। दर्शक अपनी पसंद के अनुसार इन नई फिल्मों और सीरीज को अपनी वीकली वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

  • शिवपुरी में करवा चौथ पर रात 8:25 बजे होगा चंद्रोदय, भद्रा और शुक्रास्त का दोष नहीं, जानें व्रत से जुड़ी खास बातें

    शिवपुरी में करवा चौथ पर रात 8:25 बजे होगा चंद्रोदय, भद्रा और शुक्रास्त का दोष नहीं, जानें व्रत से जुड़ी खास बातें


    शिवपुरी: में करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को इस बार चंद्रमा के दर्शन के लिए रात 8:25 बजे तक इंतजार करना पड़ सकता है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को पर्व के अवसर पर चंद्रोदय का संभावित समय रात 8:25 बजे बताया गया है। पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के साथ महिलाएं दिनभर व्रत रखेंगी। शाम को पूजा-अर्चना के बाद चंद्रमा के दर्शन कर उन्हें अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद व्रत खोलने की परंपरा निभाई जाएगी।

    करवा चौथ विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना करती हैं। परंपरा के अनुसार, व्रत रखने वाली महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास करती हैं और शाम को निर्धारित विधि से पूजा करती हैं। चंद्रमा निकलने के बाद उसके दर्शन और पूजा के साथ व्रत का पारण किया जाता है। इसी वजह से चंद्रोदय के समय को लेकर महिलाओं में खास उत्सुकता रहती है।

    इस बार पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए भी धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए किसी विशेष धार्मिक बाधा का उल्लेख नहीं है। ऐसे में नवविवाहित महिलाएं भी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार इस पर्व की तैयारी कर सकती हैं।

    आचार्य पं. प्रमोद शास्त्री के अनुसार, करवा चौथ के दिन शुक्रास्त का दोष नहीं रहेगा। उनके मुताबिक, शुक्र का उदय 28 अक्टूबर की सुबह हो जाएगा। इसके साथ ही इस बार पर्व के दिन भद्रा भी नहीं है। इन ज्योतिषीय स्थितियों के कारण व्रत रखने वाली महिलाएं बिना इन विशेष बाधाओं की चिंता किए पूजा की तैयारी कर सकती हैं। धार्मिक मान्यताओं में इन स्थितियों को पर्व के आयोजन से जोड़कर देखा जाता है।

    इस बार करवा चौथ पर रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र के साथ शिव योग का संयोग भी बताया गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा का वृषभ राशि में होना शुभ माना जाता है। इसे वैवाहिक जीवन में प्रेम, सौहार्द और आपसी तालमेल का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, ये धारणाएं धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।

    करवा चौथ का पर्व केवल उपवास तक सीमित नहीं है। यह पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण की भावना से भी जुड़ा हुआ है। महिलाएं इस दिन विशेष पूजा की तैयारी करती हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार व्रत रखती हैं। दिनभर उपवास के बाद शाम को पूजा की जाती है और चंद्रमा के निकलने का इंतजार किया जाता है।

    चंद्रमा के दर्शन होने पर महिलाएं उसे अर्घ्य देती हैं और पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं। कई घरों में इस अवसर पर परिवार के सदस्य भी पूजा में शामिल होते हैं। छतों और खुले स्थानों पर चांद का इंतजार करते परिवारों के बीच यह परंपरा पर्व का प्रमुख हिस्सा बनी रहती है।

    करवा चौथ को बंगाल में दशरथ चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों में इस पर्व से जुड़ी परंपराओं और पूजा की विधियों में कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन की खुशहाली की कामना इसका प्रमुख भाव है। शिवपुरी में भी महिलाएं चंद्रोदय के संभावित समय को ध्यान में रखते हुए पूजा और व्रत की तैयारियां करेंगी।

  • शिवपुरी में नारी इन साड़ी प्रतियोगिता का आयोजन, रैंप वॉक में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों से बिखेरा आकर्षण

    शिवपुरी में नारी इन साड़ी प्रतियोगिता का आयोजन, रैंप वॉक में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों से बिखेरा आकर्षण

    शिवपुरी में करवाचौथ के अवसर पर भारतीय परंपरा, पारंपरिक परिधानों और महिलाओं की प्रतिभा को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरुवार को कमलागंज स्थित होटल शगुन वाटिका में करवाचौथ मेले के साथ ‘नारी इन साड़ी’ सौंदर्य प्रतियोगिता संपन्न हुई। ‘नारी की शान है साड़ी’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने साड़ी पहनकर रैंप वॉक की और अपने आत्मविश्वास, व्यक्तित्व तथा भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव का प्रदर्शन किया। आयोजन महिला समन्वय एवं विश्व मांगल्य सभा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

    कार्यक्रम में प्रतियोगिता के साथ खरीदारी और उत्सव से जुड़ी गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। मेले में आर्टिफिशियल ज्वेलरी, फैशनेबल एवं डिजाइनर सूट, साड़ियां, करवाचौथ की पूजन सामग्री और घर की सजावट से संबंधित सामान के स्टॉल लगाए गए। इसके अलावा नमकीन, पापड़ तथा खानपान से जुड़े विभिन्न उत्पाद भी उपलब्ध रहे। जलपान के लिए छोटे-छोटे स्टॉल लगाए गए थे, जहां लोगों को खरीदारी के साथ खानपान के विकल्प मिले।

    इस मेले में शिवपुरी के दुकानदारों के अलावा करेरा, झांसी, ग्वालियर और इंदौर से भी व्यापारी पहुंचे। विभिन्न शहरों से आए दुकानदारों की भागीदारी के कारण मेले में अलग-अलग तरह के उत्पाद देखने और खरीदने का अवसर मिला। आयोजन में करवाचौथ की तैयारियों से जुड़ी सामग्री के साथ महिलाओं की रुचि के अनुरूप परिधान और सजावटी वस्तुएं भी प्रदर्शित की गईं।

    प्रतियोगिता में लगभग 15 महिलाओं ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने साड़ी पहनकर रैंप वॉक की और अपनी प्रस्तुति के माध्यम से व्यक्तित्व तथा आत्मविश्वास का परिचय दिया। प्रतियोगिता में नवनीता जैन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कुमारी ऋतु दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि ग्वालियर की विनीता ने तीसरा स्थान हासिल किया। अपनी प्रस्तुति से अलग पहचान बनाने वाली रुपाली सोनी को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।

    प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार भी निर्धारित किए गए थे। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली नवनीता जैन को 5,100 रुपये, द्वितीय स्थान पर रहीं ऋतु को 3,100 रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली विनीता को 2,100 रुपये दिए गए। विशेष पुरस्कार के रूप में रुपाली सोनी को 1,100 रुपये की राशि प्रदान की गई। पुरस्कार महिला समन्वय की अध्यक्ष डॉ. सुषमा पांडेय और विश्व मांगल्य सभा की अध्यक्ष विभा रघुवंशी ने वितरित किए।

    कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण साक्षी अग्रवाल की प्रस्तुति रही। वह अपने दोनों बच्चों के साथ रैंप वॉक करती नजर आईं। उनकी इस प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान दर्शकों से तेजी से सवाल पूछने की गतिविधि भी आयोजित की गई। सही जवाब देने वाले प्रतिभागियों को उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया।

    कार्यक्रम की शुरुआत विश्व मांगल्य सभा के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शांति गीत सुमन तिवारी और राधा सूर्यवंशी ने प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. आकांक्षा गौड़, दीपा शर्मा और दिव्या व्यास शामिल रहीं। मंच संचालन मणिका शर्मा ने किया। समापन पर निर्णायकों को स्मृति चिह्न स्वरूप उपहार भेंट किए गए, जबकि प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

  • दिवाली पर घर में बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा पोहा चिवड़ा, स्वाद बढ़ाने और लंबे समय तक क्रिस्पी रखने के आसान तरीके

    दिवाली पर घर में बनाएं बाजार जैसा कुरकुरा पोहा चिवड़ा, स्वाद बढ़ाने और लंबे समय तक क्रिस्पी रखने के आसान तरीके


    नई दिल्ली ।
    करवाचौथ का त्योहार महिलाओं के लिए सजने-संवरने और खास दिखने का अवसर होता है। इस दिन कपड़ों से लेकर गहनों और मेकअप तक हर चीज का चुनाव सोच-समझकर किया जाता है। अगर इस बार आप सामान्य मेकअप से हटकर कुछ पारंपरिक और शाही अंदाज अपनाना चाहती हैं, तो राजस्थानी राजपूती ब्राइडल लुक एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस लुक में गहरी आंखें, सुनहरी चमक, निखरा हुआ बेस और पारंपरिक आभूषण खास आकर्षण पैदा करते हैं। सही तरीके से मेकअप करने पर यह अंदाज करवाचौथ की शाम को और भी खास बना सकता है। इसके लिए त्वचा की तैयारी से लेकर अंतिम फिनिशिंग तक कुछ जरूरी चरणों का ध्यान रखना चाहिए।

    Beautyलंबे समय तक टिकने वाले मेकअप के लिए त्वचा की तैयारी बेहद जरूरी है। सबसे पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ करें, ताकि धूल, अतिरिक्त तेल और गंदगी हट जाए। इसके बाद त्वचा के अनुरूप टोनर लगाएं और ऐसा मॉइस्चराइजर इस्तेमाल करें, जो पर्याप्त नमी दे। इससे त्वचा रूखी दिखने और मेकअप के दौरान दरारें पड़ने की आशंका कम करने में मदद मिल सकती है। होंठों पर भी लिप बाम लगाएं। त्वचा पर लगाए गए उत्पादों को अवशोषित होने के लिए लगभग पांच मिनट का समय दें। इसके बाद मेकअप शुरू करें।

    आंखों को दें राजपूती अंदाज
    राजपूती ब्राइडल लुक में आंखों का मेकअप सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है। सबसे पहले पलकों पर त्वचा के रंग से थोड़ा हल्का कंसीलर लगाकर उसे हल्के पाउडर से सेट करें। अब गहरे भूरे या काले आईशैडो की मदद से क्रीज को उभारें। कट क्रीज को स्पष्ट दिखाने के लिए फ्लैट ब्रश और कंसीलर का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    इसके बाद आंखों के बाहरी कोने पर लाल आईशैडो लगाएं और मरून रंग की मदद से उसे स्मोकी प्रभाव दें। पलकों के बीच वाले हिस्से पर गोल्ड ग्लिटर लगाएं, जबकि आंखों के अंदरूनी कोनों पर हल्का शिमर इस्तेमाल करें। आखिर में विंग्ड आईलाइनर लगाकर आंखों को आकर्षक आकार दें। लाल, मरून और सुनहरे रंगों का यह मेल पारंपरिक दुल्हन जैसा शाही प्रभाव पैदा करने में मदद करता है।

    बेस मेकअप से पाएं निखरा चेहरा
    आंखों का मेकअप पूरा होने के बाद चेहरे के बेस पर ध्यान दें। आंखों के नीचे मौजूद काले घेरों या दाग-धब्बों को छिपाने के लिए जरूरत के अनुसार कंसीलर लगाएं। इसके बाद अपनी त्वचा के रंग से मेल खाने वाला लिक्विड फाउंडेशन चुनें। इसे हल्के नम मेकअप स्पॉन्ज की मदद से अच्छी तरह ब्लेंड करें, ताकि चेहरे पर एकसमान परत बने।

    चेहरे को उभरा हुआ आकार देने के लिए क्रीम आधारित या लिक्विड कॉन्टूर का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे गालों, जबड़े की रेखा और नाक के आसपास लगाकर अच्छी तरह ब्लेंड करें। गालों पर गहरे गुलाबी रंग का हल्का ब्लश लगाएं। अंत में ट्रांसलूसेंट लूज पाउडर की पतली परत से बेस को सेट करें। इससे मेकअप को अधिक व्यवस्थित और लंबे समय तक टिकने वाला बनाने में मदद मिल सकती है।

    फाइनल टच से पूरा करें ब्राइडल लुक
    मेकअप को अंतिम रूप देने के लिए चेहरे के उभरे हुए हिस्सों पर हाइलाइटर लगाएं। जरूरत महसूस होने पर ब्लश और कॉन्टूर की हल्की अतिरिक्त परत भी लगाई जा सकती है। आइब्रो को भरा हुआ दिखाने के लिए भूरे या काले रंग की आइब्रो पेंसिल का इस्तेमाल करें। इसके बाद ब्रश से बालों को व्यवस्थित करें, ताकि भौंहें प्राकृतिक दिखें।

    आंखों की वॉटरलाइन पर जेल आधारित काला लाइनर लगाएं और उसे आईशैडो के साथ हल्के से ब्लेंड करें। इसके बाद फॉल्स आईलैशेज और मस्कारा लगाएं। होंठों के लिए मध्यम गुलाबी रंग की लिपस्टिक चुनी जा सकती है। अंत में मेकअप फिक्सिंग स्प्रे का इस्तेमाल करें, ताकि मेकअप अधिक समय तक बना रहे।

    राजपूती अंदाज को दें पारंपरिक पहचान
    इस लुक को पूरा करने के लिए राजस्थानी आभूषण और पारंपरिक परिधान चुनें। पोशाक के रंग के अनुसार आईशैडो और लिपस्टिक का चयन करें, ताकि सभी रंग एक-दूसरे के साथ मेल खाएं। पारंपरिक गहनों, सलीके से किए गए मेकअप और शाही रंगों का संतुलन राजपूती ब्राइडल लुक को खास बनाता है। करवाचौथ पर इस अंदाज को अपनाकर आप पारंपरिक सुंदरता और आधुनिक मेकअप का आकर्षक मेल तैयार कर सकती हैं।