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  • कटनी में सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा एक्शन, निलंबन के निर्देश और कार्यालय सील

    कटनी में सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का बड़ा एक्शन, निलंबन के निर्देश और कार्यालय सील

    मध्य प्रदेश:के कटनी में पुलिस प्रशासन से जुड़े गंभीर आरोपों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाते हुए सीएसपी नेहा पच्चीसिया को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मुख्य सचिव को इस संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

    यह मामला कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के एक प्रकरण से जुड़ा है। आरोप है कि हत्या के मामले में नामजद आरोपी रमेश लोधी पर दबाव बनाकर उसकी कंहवारा स्थित जमीन को कथित तौर पर वास्तविक मूल्य से काफी कम कीमत पर दूसरे व्यक्ति के नाम हस्तांतरित कराया गया। इसी प्रकरण में सीएसपी नेहा पच्चीसिया की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।

    जांच से जुड़े तथ्यों के अनुसार, संबंधित जमीन का गाइडलाइन मूल्य 82.86 लाख रुपये बताया गया है, जबकि उसे कथित रूप से 18.20 लाख रुपये में मारूफ अहमद हनफी के नाम हस्तांतरित कराया गया। मामले में मारूफ अहमद हनफी को कथित फ्रंटमैन के तौर पर बताया गया है। जमीन के लेनदेन को लेकर पुलिस प्रशासन के स्तर पर भी जांच की जा रही है।

    आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कटनी में सीएसपी कार्यालय को भी सील कर दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय से मिले निर्देशों के बाद प्रशासनिक टीम ने की। कार्यालय सील करने का उद्देश्य मामले से संबंधित केस डायरी, सरकारी रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखना बताया गया है, ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार की छेड़छाड़ या साक्ष्यों पर प्रभाव की आशंका न रहे।

    मामले में कुठला थाने में एफआईआर संख्या 0738/2026 दर्ज की गई है। सीएसपी नेहा पच्चीसिया के अलावा क्षितिज राज बारापत्रे और मारूफ अहमद हनफी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। दर्ज धाराओं में 61, 198, 199(बी), 308(7) और 318(4) शामिल हैं।

    जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि जमीन के कथित सौदे में सीएसपी से करीबी बताए जा रहे क्षितिज राज बारापत्रे के खातों से धनराशि की फंडिंग की गई थी। इस पहलू की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे लेनदेन की प्रकृति और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दबाव या पद के कथित दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाए।

    निलंबन की कार्रवाई के साथ गृह विभाग की ओर से विभागीय जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी जांच को भी तेज किए जाने की बात सामने आई है। अब जांच के दौरान जमीन सौदे, कथित वित्तीय लेनदेन, पुलिस पद के संभावित दुरुपयोग और संबंधित दस्तावेजों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी।

    सरकार की इस कार्रवाई को पुलिस प्रशासन में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

  • 82 लाख की जमीन 18 लाख में रजिस्ट्री का आरोप, कटनी की DSP नेहा पच्चीसिया सहित 3 पर FIR

    82 लाख की जमीन 18 लाख में रजिस्ट्री का आरोप, कटनी की DSP नेहा पच्चीसिया सहित 3 पर FIR


    कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी में पदस्थ सीएसपी नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विभागीय जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामला हत्या के एक आरोपी के परिवार की बेशकीमती जमीन के कथित दबाव में कराए गए सौदे से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज और मारूफ अहमद के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। कटनी एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने FIR की पुष्टि की है।

    82.86 लाख की जमीन 18.20 लाख में रजिस्ट्री का आरोप

    शिकायत और विभागीय जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, सरकारी गाइडलाइन के अनुसार जमीन की कीमत 82 लाख 86 हजार रुपए थी। आरोप है कि इसकी रजिस्ट्री महज 18 लाख 20 हजार रुपए में कराई गई। दस्तावेजों में 15 लाख रुपए चेक और 3.20 लाख रुपए नकद भुगतान का उल्लेख है।

    मामला कुठला थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या के केस से जुड़ा है। इस मामले में आकाश लोधी को मुख्य आरोपी बनाया गया था। गिरफ्तारी के बाद डिफॉल्ट जमानत पर बाहर आए आकाश ने जमीन के सौदे को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।

    DSP पर परिवार पर दबाव बनाने का आरोप

    आकाश लोधी का आरोप है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद DSP नेहा पच्चीसिया ने उसके परिवार पर जमीन बेचने के लिए दबाव बनाया। उसने दावा किया कि उसके पिता रमेश लोधी को दो दिन तक DSP के घर पर बैठाकर रखा गया। इसके बाद सरकारी वाहन से ग्राम कन्हवारा स्थित करीब 2.15 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री कराई गई।

    आकाश के मुताबिक, जमीन की गाइडलाइन कीमत करीब 82 लाख रुपए थी, जबकि सौदा 1 करोड़ 7 लाख रुपए में तय किया गया था। आरोप है कि रजिस्ट्री के समय सिर्फ 15 लाख रुपए का चेक दिया गया और बाकी 92 लाख रुपए सात दिन में देने की बात कही गई।

    रकम नहीं मिली तो CM हेल्पलाइन में शिकायत

    आरोप के मुताबिक, बाकी रकम नहीं मिलने पर रमेश लोधी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत की। उन्होंने जमीन के नामांतरण पर भी आपत्ति जताई। इसके बाद रमेश लोधी और उनके दामाद को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने का भी आरोप लगाया गया।

    शिकायत के बाद जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और IPS अधिकारी अनु बेनीवाल को जांच सौंपी गई। जांच में जमीन के सौदे, रजिस्ट्री और रकम के लेनदेन से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की गई।

    बैंक खाते में ट्रांसफर हुए 15 लाख रुपए

    जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के मुताबिक, जमीन के खरीदार मारूफ अहमद हनफी के खाते में 15 लाख रुपए क्षितिज राज के खाते से ट्रांसफर किए गए थे। शिकायत में क्षितिज राज को नेहा पच्चीसिया का कथित पार्टनर और संबंधी बताया गया है।

    जांच में कथित तौर पर यह भी देखा गया कि आपराधिक मामले की जांच के दौरान रमेश लोधी पर जमीन कम कीमत में बेचने का दबाव बनाया गया या नहीं।

    पहले भी विवादों में रही हैं नेहा पच्चीसिया

    DSP नेहा पच्चीसिया इससे पहले भी शिकायतों और विवादों को लेकर चर्चा में रही हैं। एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी की कथित अवैध वसूली की शिकायत के बाद कटनी एसपी ने उनके ड्राइवर केशव सिंह को सस्पेंड किया था। साथ ही DSP से तीन थानों का प्रभार भी वापस लिया गया था।

    इसके अलावा हत्या के एक मामले में समय पर चालान पेश नहीं होने के कारण आरोपी को डिफॉल्ट बेल मिलने का मामला भी विभागीय जांच के दायरे में आया था। इसी मामले में आरोपी ने नेहा पच्चीसिया के खिलाफ न्यायालय में परिवाद पेश कर जमीन से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे।

    अब पुलिस जांच से साफ होगी पूरी तस्वीर

    लगातार सामने आई शिकायतों के बाद जबलपुर रेंज के आईजी के निर्देश पर मामलों की जांच कराई गई। विभागीय जांच और शिकायतों के आधार पर अब कुठला थाने में नेहा पच्चीसिया, क्षितिज राज और मारूफ अहमद के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

    फिलहाल पुलिस जमीन के सौदे, कथित दबाव और बैंक खातों के जरिए हुए लेनदेन की जांच कर रही है। FIR में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

  • सांदीपनि विद्यालयों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा दावा, बोले- निजी स्कूल छोड़कर सरकारी विद्यालयों में बढ़ रहा विद्यार्थियों का भरोसा

    सांदीपनि विद्यालयों पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा दावा, बोले- निजी स्कूल छोड़कर सरकारी विद्यालयों में बढ़ रहा विद्यार्थियों का भरोसा

    मध्य प्रदेश: के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले के स्लीमनाबाद क्षेत्र में दो नए सांदीपनि विद्यालयों के लोकार्पण अवसर पर कहा कि प्रदेश में सरकारी शिक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित सांदीपनि विद्यालयों के कारण अब विद्यार्थी निजी विद्यालयों से निकलकर शासकीय संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर संसाधनों के माध्यम से राज्य सरकार बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मैत्री भारतीय संस्कृति में समानता, आत्मीयता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में शिक्षा प्राप्त कर ज्ञान और संस्कार का महत्व स्थापित किया था। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश में आधुनिक सुविधाओं से युक्त सांदीपनि विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं, जहां पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक शिक्षा का संतुलित समावेश किया गया है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने झिंझरी और बहोरीबंद में निर्मित दो नए सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण किया। इन विद्यालयों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के साथ डिजिटल शिक्षा, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिलें और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रही है। बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप तथा विद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को स्कूटी प्रदान की जा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ किसानों के कल्याण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर भी सरकार समान रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने स्लीमनाबाद टनल परियोजना को बघेलखंड और बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे रीवा, सतना, मैहर, पन्ना और कटनी सहित कई जिलों में सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए लगभग 1400 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और इसका लाभ बड़ी संख्या में किसानों को मिलेगा।

    उन्होंने आगे कहा कि केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना तथा पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना भी प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने और कृषि उत्पादन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के कई जिलों में खेती की स्थिति बेहतर होगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी विधानसभा सत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार समान नागरिक संहिता के प्रारूप को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र से पहले जगदीशपुर में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित कर इस संबंध में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है।

    अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में 1500 रुपये की राशि हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि शिक्षा, सिंचाई, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत विकास से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के सर्वांगीण विकास को गति देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • जहां हर मिनट फूटता था 25 हजार लीटर पानी, वहीं बनी देश की सबसे लंबी जल सुरंग, सीएम मोहन यादव ने किया ड्रीम प्रोजेक्ट का निरीक्षण

    जहां हर मिनट फूटता था 25 हजार लीटर पानी, वहीं बनी देश की सबसे लंबी जल सुरंग, सीएम मोहन यादव ने किया ड्रीम प्रोजेक्ट का निरीक्षण

    मध्य प्रदेश के कटनी जिले में लगभग तैयार हो चुकी स्लीमनाबाद जल सुरंग राज्य की सबसे महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं में शामिल हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इस परियोजना का निरीक्षण करते हुए इसे प्रदेश के किसानों और विंध्य-महाकौशल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। करीब 17 वर्षों के लंबे निर्माण कार्य के बाद अंतिम चरण में पहुंची यह परियोजना नर्मदा के पानी को गुरुत्वाकर्षण के आधार पर सोन नदी क्षेत्र तक पहुंचाएगी, जिससे हजारों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

    करीब 11.95 किलोमीटर लंबी यह जल सुरंग देश की सबसे लंबी जल सुरंगों में गिनी जा रही है। इसके माध्यम से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना सहित छह जिलों के लगभग 1450 गांवों की करीब 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने से विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ेगा, किसानों की आय में सुधार होगा और जल संकट से प्रभावित इलाकों को स्थायी राहत मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना का निर्माण आसान नहीं था। शुरुआती वर्षों में कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सका, लेकिन बाद में आधुनिक तकनीक और विदेशी मशीनों की मदद से खुदाई का काम तेज किया गया। कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों, कठोर चट्टानों, भूमिगत गुफाओं और लगातार हो रहे जल रिसाव के बीच इंजीनियरों तथा तकनीकी विशेषज्ञों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कार्य को आगे बढ़ाया। कई स्थानों पर सुरंग जमीन की सतह से लगभग 120 फीट नीचे बनाई गई है।

    निर्माण के दौरान सबसे बड़ी चुनौती प्रति मिनट लगभग 25 हजार लीटर तक भूमिगत पानी का तेज प्रवाह था। इसके कारण सुरंग के भीतर लगातार जलभराव और मिट्टी धंसने जैसी परिस्थितियां पैदा होती रहीं। प्रारंभिक मशीनों को भी नुकसान पहुंचा, जिसके बाद अत्याधुनिक जर्मन तकनीक और विशेष ग्राउटिंग पद्धति का उपयोग किया गया। इन तकनीकी उपायों की मदद से निर्माण कार्य को सुरक्षित ढंग से पूरा किया गया। सुरंग राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे ट्रैक और घनी आबादी वाले क्षेत्रों के नीचे से गुजरती है, लेकिन निर्माण के दौरान किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली।

    परियोजना की अनुमानित लागत समय के साथ बढ़ती गई। वर्ष 2008 में शुरू हुई इस योजना की शुरुआती लागत लगभग 799 करोड़ रुपये थी, जो तकनीकी चुनौतियों और अतिरिक्त निर्माण कार्यों के कारण बढ़कर 1600 करोड़ रुपये से अधिक हो गई। अधिकारियों के अनुसार परियोजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और इससे जुड़ी नहरों का निर्माण भी लगभग समाप्ति पर है। आने वाले महीनों में चरणबद्ध तरीके से सिंचाई नेटवर्क को पूरी तरह क्रियाशील किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह परियोजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्षेत्र में पेयजल उपलब्धता, कृषि उत्पादन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि परियोजना के पूर्ण रूप से शुरू होने के बाद विंध्य और महाकौशल क्षेत्र की कृषि व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य आगामी चरणों में सिंचाई क्षमता का लगातार विस्तार करते हुए अधिक से अधिक किसानों तक इसका लाभ पहुंचाना है, जिससे प्रदेश का कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों मजबूत हो सकें।

  • कमीशन और प्रताड़ना के खिलाफ व्यापारियों ने उठाई आवाज, जांच की मांग तेज

    कमीशन और प्रताड़ना के खिलाफ व्यापारियों ने उठाई आवाज, जांच की मांग तेज


    कटनी । कटनी में फुटकर फल व्यापारियों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आ गया जब दर्जनों व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए थोक आढ़तियों की कथित मनमानी तथा नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। फुटकर फल व्यापारी संघ के जिला अध्यक्ष रामराज गुप्ता के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने कलेक्टर आशीष तिवारी को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

    व्यापारियों का कहना है कि थोक फल आढ़ती लंबे समय से निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से अतिरिक्त कमीशन वसूल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा कृषि उपज मंडियों में कमीशन प्रथा पर स्पष्ट प्रतिबंध होने के बावजूद आढ़ती ठेला चालकों और फुटकर व्यापारियों से 4 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

    संघ ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में 28 मई 2026 को केले के व्यापारियों की एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें 11 जून 2026 से 10 रुपये अतिरिक्त कमीशन वसूलने का निर्णय थोप दिया गया। व्यापारियों ने बताया कि इस निर्णय को लेकर दुकानों पर बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि यह व्यवस्था सुनियोजित तरीके से लागू की जा रही है। फुटकर व्यापारियों का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में मंडी सचिव की मिलीभगत से नियमों की अनदेखी की जा रही है।

    व्यापारियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि थोक आढ़ती बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी कर शासन को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि संबंधित आढ़तियों के बैंक खातों और बही-खातों की गहन जांच कराई जाए, ताकि वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हो सके। इसके साथ ही संघ ने यह भी कहा कि कमीशन प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर फलों की बिक्री केवल पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से की जानी चाहिए, जिससे सभी व्यापारियों को समान अवसर मिल सके।

    इसी बीच फुटकर व्यापारियों ने नगर निगम की कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई। संघ के अध्यक्ष रामराज गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर निगम का अतिक्रमण अमला लगातार छोटे और गरीब ठेला व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा है। बिना उचित कारण कार्रवाई करने से छोटे व्यापारियों की आजीविका पर संकट खड़ा हो रहा है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है।

    ज्ञापन सौंपने के बाद कलेक्टर आशीष तिवारी ने व्यापारियों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मंडी प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों से चर्चा कर वैधानिक और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    प्रशासन के आश्वासन के बाद भी व्यापारियों में संतोष पूरी तरह दिखाई नहीं दिया, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा और उन्हें राहत मिलेगी। यह पूरा मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े फैसले की संभावना जताई जा रही है।

  • मध्यप्रदेश के कटनी में दावा: जमीन से प्रकट हुई हनुमान प्रतिमा, पूरे इलाके में भक्ति का माहौल

    मध्यप्रदेश के कटनी में दावा: जमीन से प्रकट हुई हनुमान प्रतिमा, पूरे इलाके में भक्ति का माहौल

    मध्य प्रदेश /कटनी जिले के बहोरीबंद क्षेत्र में इन दिनों एक ऐसी घटना की चर्चा है, जिसने पूरे इलाके को आस्था और आश्चर्य के माहौल में बदल दिया है। रूपनाथ क्षेत्र के पास एक खेत में खुदाई के दौरान कथित तौर पर पवनपुत्र हनुमान की एक प्रतिमा मिलने का दावा सामने आया है। जैसे ही यह बात फैली, आसपास के गांवों में हलचल मच गई और लोग बड़ी संख्या में उस स्थान की ओर पहुंचने लगे।

    यह घटना उस समय हुई जब ग्राम सजहरी मोहनिया के कुछ किसान अपने खेत में सामान्य खुदाई का कार्य कर रहे थे। बताया जाता है कि मिट्टी हटाने के दौरान अचानक जमीन के भीतर एक पत्थरनुमा आकृति दिखाई दी। धीरे-धीरे जब खुदाई आगे बढ़ी, तो वहां मौजूद लोगों के अनुसार एक प्रतिमा जैसी संरचना स्पष्ट होने लगी, जिसे उन्होंने बजरंगबली की मूर्ति बताया।

    यह स्थान पहले से ही धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां एक गऊ समाधि भी स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले से ही श्रद्धा और आस्था का वातावरण रहा है, लेकिन इस घटना के बाद इसकी धार्मिक मान्यता और भी गहरी हो गई है। ग्रामीण इसे एक सामान्य घटना नहीं बल्कि आस्था से जुड़ा एक विशेष संकेत मान रहे हैं।

    जैसे ही यह खबर आसपास के गांवों तक पहुंची, लोग बिना देर किए उस स्थान पर पहुंचने लगे। कुछ ही घंटों में वहां श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। लोग प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना करने लगे और पूरा वातावरण भक्ति भाव से भर गया। कई जगहों पर जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी और माहौल पूरी तरह धार्मिक ऊर्जा से भर गया।

    स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि जब उन्होंने खुद मिट्टी हटाई, तो उन्हें पहले समझ नहीं आया कि यह क्या है, लेकिन जैसे-जैसे प्रतिमा सामने आती गई, सभी लोग आश्चर्य में पड़ गए। कई ग्रामीणों ने इसे अपने जीवन का एक अनोखा अनुभव बताया और इसे ईश्वर की कृपा से जोड़कर देखा।

    हालांकि इस पूरे मामले को लेकर अभी तक किसी आधिकारिक स्तर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है। न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि यह प्रतिमा कितनी पुरानी है या इसका ऐतिहासिक महत्व क्या हो सकता है। इसके बावजूद लोगों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है और श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

    यह स्थान अब केवल एक खेत नहीं रह गया है, बल्कि आस्था और उत्सुकता का केंद्र बन चुका है। कोई इसे चमत्कार मान रहा है, तो कोई इसे पुरातात्विक जांच का विषय बता रहा है। लेकिन फिलहाल वहां का माहौल पूरी तरह श्रद्धा, विश्वास और भावनाओं से भरा हुआ है।

    कटनी की यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि ग्रामीण भारत में आस्था कितनी गहराई से लोगों के जीवन से जुड़ी हुई है, जहां एक छोटी सी घटना भी पूरे समाज के लिए बड़े धार्मिक अनुभव में बदल जाती है।

  • MP: कटनी में शादी समारोह के दौरान हिंसक झड़प….. पुलिस का बारातियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज

    MP: कटनी में शादी समारोह के दौरान हिंसक झड़प….. पुलिस का बारातियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज


    कटनी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कटनी जिले (Katni district) में सोमवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक शादी समारोह के दौरान पुलिस और बारातियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। आरोप है कि पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज (Brutal lathicharge) की, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित करीब 14 लोग घायल हुए हैं। मंगलवार को पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई।


    ​देरी से पहुंची थी बारात, चौराहे पर हुआ विवाद

    ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैहर जिले के ग्राम अमदरा निवासी सीताराम बर्मन के परिवार की बारात कटनी के इंदिरा नगर आ रही थी। दूल्हे की गाड़ी रास्ते में खराब होने के कारण बारात करीब दो घंटे देरी से पहुंची। रात करीब 1:30 बजे जब बारात वधु पक्ष के घर से महज 50 मीटर की दूरी पर थी, तभी कुठला थाने की पुलिस और 112 वाहन मौके पर पहुंचे।

    ​शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी संवाद के बारातियों को धक्का देना शुरू कर दिया। जब बारातियों ने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। शुरुआती झड़प के बाद पुलिस वहां से चली गई, लेकिन कुछ देर बाद भारी बल के साथ वापस लौटी और कथित तौर पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

    ​दुल्हन के भाई और चाचा के हाथ टूटे, दूल्हा-दुल्हन को ले गए थाने
    ​पीड़ित पक्ष ने बताया कि पुलिस ने घर के अंदर घुसकर मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने आईं महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। मारपीट में दुल्हन के भाई आकाश चौधरी और दूल्हे के चाचा सहित कई लोगों के हाथ फैक्चर हो गए हैं, वहीं कुछ के सिर में गंभीर चोटें आई हैं।

    ​हैरानी की बात यह रही कि पुलिस रात करीब 2:30 बजे दूल्हा, दुल्हन और दुल्हन के भाई को अपने साथ ले गई, जिसके कारण वैवाहिक रस्में बीच में ही रुक गईं। मंगलवार सुबह 4:00 बजे उन्हें छोड़ा गया, जिसके बाद शादी संपन्न हो सकी।


    बारातियों पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां

    ​इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी लाठियां चलाते नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बाराती भी आक्रोश में बर्तन फेंकते और बहस करते दिखाई दे रहे हैं। घायलों में संजय, मनोज, आकाश, रमेश, सुमन बाई, राजकुमार, अजय और भगवती चौधरी शामिल हैं। इनमें से 8 लोगों को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक्सरे और सीटी स्कैन की सलाह दी है।

    ​मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ितों ने आवेदन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने न केवल मारपीट की, बल्कि अभद्र गालियों का प्रयोग कर मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख दिया।

    ये वीडियो मध्य प्रदेश के कटनी जिले के हैं। यहां एक शादी समारोह में पुलिस और बारातियों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। पुलिस के लाठीचार्ज में महिलाओं, बच्चों सहित 14 लोगों के घायल होने की सूचना है।

    इस संबंध में सी.एस.पी. नेहा पच्चीसिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कल इनका आपस में झगड़ा हुआ था, जिसके बाद डायल 112 को कॉल करके बुलाया गया। वहाँ मौजूद बहुत से लोग नशे की हालत में थे। जब पुलिस उन्हें समझा रही थी, उसी दौरान बारातियों की तरफ से पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया गया। ​घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिन्होंने इस कृत्य में शामिल व्यक्तियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देशों के परिपालन में जब पुलिस बारात स्थल पहुँची, तब वहाँ मौजूद लोगों ने पत्थरबाजी और गाली-गलौज करते हुए पुलिस के साथ मारपीट कर दी। इस घटना में चार से पांच पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं।

  • MP: जबलपुर और कटनी में कई ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड…

    MP: जबलपुर और कटनी में कई ठिकानों पर आयकर विभाग की रेड…


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh) के कटनी (Katni) में आय से अधिक संपत्ति के मामले में आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम ने बुधवार सुबह बड़ी छापामार कार्रवाई (Guerrilla Action) की। भोपाल,जबलपुर,कटनी के आयकर विभाग के अधिकारियों ने मारा छापा मारा है। लगभग 25 सदस्यों ने छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई में महिलाएं भी शामिल थीं। जबलपुर में सिविल लाइन स्थित खनन कारोबारी राजीव चड्ढा (Mining businessman Rajiv Chadha) और नितिन शर्मा के घर आयकर विभाग की टीम अचानक से पहुंची और सर्चिग शुरू कर दी।

    इसके साथ ही कटनी में जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं भाजपा नेता अशोक विश्वकर्मा (BJP leader Ashok Vishwakarma) तथा उनके तीन भाईयों के ठिकानों पर भी एक साथ छापे मारे गए। तीनों ही स्थानों पर इंदौर और भोपाल से आई आयकर विभाग की टीमें कार्रवाई कर रही हैं। जानकारी के अनुसार आय से अधिक संपत्ति टैक्स चोरी और अवैध लेनदेन की शिकायतें मिलने के बाद यह कार्यवाही हुई है। फिलहाल अभी टीम को क्या मिला है इसकी जानकारी सामने नही आई है,कार्रवाई पूरी होते ही आयकर टीम बताएगी।

    जबलपुर जिले में सिविल लाइन रसल चौक स्थित खनन कारोबारियों पर राजीव चड्ढा ओर नितिन शर्मा के घर आयकर की टीम ने छापा मारा है। चड्डा माइन्स के ऑफिस राजीव चड्ढा के बाद नितिन शर्मा के घर से भी टीम को कई दस्तावेज मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि इस जांच में बड़ी टैक्स चोरी का खुलासा हो सकता है।

    आयकर विभाग की टीम ‘स्वच्छता जागरूकता अभियान 2025’ का पोस्टर लगी हुई कार से सिविल लाइन स्थित कारोबारी के घर पहुंची थी, कारोबारी के चौकीदार को पहले लगा कि नगर निगम की टीम किसी सर्वे के लिए आई है, लेकिन कुछ ही देर में स्पष्ट हो गया कि यह आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई के लिए आई है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति, टैक्स चोरी और अवैध लेन-देन से जुड़े मामलों को लेकर की जा रही है। सर्चिग के दौरान क्या-क्या सामने आता है, इसको लेकर फिलहाल आयकर विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

    मिली जानकारी के अनुसार खनन कारोबारी राजीव चड्डा और उनके कुछ साथियों के खिलाफ आयकर विभाग को शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर जबलपुर, कटनी में एक साथ कार्रवाई की गई है। आयकर विभाग की टीमें फिलहाल कारोबारियों के घर और कार्यालयों में दस्तावेजों की जांच कर रही हैं।

    कटनी जिले के जिला पंचायत उपाध्यक्ष और भाजपा के कद्दावर नेता अशोक विश्वकर्मा के भाई शंकर लाल विश्वकर्मा के यहां तड़के 4 बजे से आयकर विभाग की टीम ने अशोक विश्वकर्मा के निवास, फर्म और बॉक्साइट माइनिंग से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है। विश्वकर्मा माइनिंग कारोबारी हैं और उनकी फर्म वीएमसी विश्वकर्मा माइंस के नाम से संचालित है। विश्वकर्मा और उनके अन्य तीन भाइयों के जलपा वार्ड स्थित घर फर्म ग्राम टिकरिया और सिघनपुरी में खदान है। यह कार्यवाही भी आय से अधिक संपत्ति के मामले में आयकर विभाग की ओर घर और ऑफिस में दस्तावेजों की जांच की जा रही है।