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  • मजदूरी से पढ़ाई तक और फिर KBC की हॉटसीट! विशाल ने 5 लाख जीतकर रचा कमाल, अब सामने होगा 50 लाख का सवाल

    मजदूरी से पढ़ाई तक और फिर KBC की हॉटसीट! विशाल ने 5 लाख जीतकर रचा कमाल, अब सामने होगा 50 लाख का सवाल


    नई दिल्ली। ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ का मंच एक बार फिर ऐसी कहानी का गवाह बना है जिसने ज्ञान के साथ मेहनत और हौसले की ताकत भी दिखा दी। महाराष्ट्र के वाशिम जिले से पहुंचे विशाल प्रेमचंद राठौड़ ने अपनी शानदार समझ और तेज दिमाग के दम पर 5 लाख रुपये की रकम जीत ली है। विशाल की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि वह ऐसे परिवार से आते हैं जहां रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए परिवार के सदस्यों को दिहाड़ी मजदूरी तक करनी पड़ती है। आर्थिक परेशानियों के बावजूद पढ़ाई का सपना नहीं छोड़ा और अब अमिताभ बच्चन के सामने हॉटसीट पर बैठकर उन्होंने अपनी मेहनत का शानदार उदाहरण पेश किया है। 5 लाख रुपये जीतने के बाद अब विशाल 50 लाख रुपये के सवाल का सामना करेंगे।
    विशाल ने ‘फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट’ राउंड में सबसे तेज जवाब देकर हॉटसीट तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। जब वह अमिताभ बच्चन के सामने पहुंचे तो इस खास पल की खुशी और भावनाओं को संभालना उनके लिए आसान नहीं था। उनके माता-पिता और दोनों बहनें भी शो में मौजूद थीं। बेटे को इतने बड़े मंच पर देखकर परिवार की आंखों में खुशी साफ दिखाई दी। विशाल के लिए यह सिर्फ एक टीवी शो में पहुंचने की उपलब्धि नहीं बल्कि वर्षों से चले आ रहे संघर्ष के बीच मिली बड़ी कामयाबी है।

    विशाल ने शो में अपने परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में भी बताया। उनके पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं और कई बार विशाल भी उनके साथ काम की तलाश में निकलते हैं। उनकी मां सफाईकर्मी के तौर पर काम करती हैं। परिवार की आमदनी का कोई स्थायी जरिया नहीं है और इसके बावजूद हर महीने करीब 7 हजार रुपये मकान का किराया देना पड़ता है। विशाल खुद मजदूरी करके रोजाना लगभग 500 से 600 रुपये कमा पाते हैं। सबसे मुश्किल बात यह है कि हर दिन काम मिलना भी तय नहीं होता। कई बार काम नहीं मिलने पर उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है।

    इन मुश्किल परिस्थितियों के बीच विशाल ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने मजदूरी के साथ पढ़ाई पूरी की और पिछले करीब तीन साल से महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की तैयारी कर रहे हैं। उनका सपना सरकारी अधिकारी बनने का है। वह चाहते हैं कि एक दिन उनकी मेहनत रंग लाए और वह अपने परिवार को आर्थिक तंगी से बाहर निकाल सकें।

    हालांकि उनके लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना भी आसान नहीं था। कई बार परीक्षा का फॉर्म भरने तक के लिए पैसे जुटाना मुश्किल हो जाता था। पढ़ाई के लिए जरूरी किताबें खरीदने में भी आर्थिक परेशानियां सामने आती थीं। लेकिन इन परिस्थितियों ने विशाल के हौसले को कमजोर नहीं किया। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपना लक्ष्य नहीं छोड़ा।

    अब KBC 18 ने विशाल को अपनी मेहनत और ज्ञान दिखाने का एक बड़ा मंच दिया है। 5 लाख रुपये जीतने के बाद उनके सामने 50 लाख रुपये का सवाल है। विशाल के आगे का सफर कितना लंबा होगा और क्या वह बड़ी रकम अपने नाम कर पाएंगे यह आने वाले एपिसोड में पता चलेगा। फिलहाल उनकी कहानी उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।

  • आज महानायक लेकिन कभी सेट पर मिली थी फटकार, अमिताभ बच्चन बोले- शुरुआत में बहुत डांट पड़ती थी

    आज महानायक लेकिन कभी सेट पर मिली थी फटकार, अमिताभ बच्चन बोले- शुरुआत में बहुत डांट पड़ती थी

    नई दिल्ली । अमिताभ बच्चन आज हिंदी सिनेमा के महानायकों में शुमार हैं। उनकी आवाज अभिनय और व्यक्तित्व की अपनी अलग पहचान है। दशकों से वह फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और आज भी उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है। लेकिन जिस मुकाम पर अमिताभ बच्चन आज खड़े हैं वहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था। करियर के शुरुआती दौर में उन्हें भी कई बार आलोचना और कड़ी फटकार का सामना करना पड़ा था। कौन बनेगा करोड़पति 18 के एक स्पेशल एपिसोड में बिग बी ने अपने संघर्ष के दिनों से जुड़ा ऐसा ही किस्सा सुनाया जिसने उनके प्रशंसकों का ध्यान खींचा।

    केबीसी 18 के इस खास एपिसोड में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के गोल्ड मेडलिस्ट लवलीना बोर्गोहैन के साथ झंडू कुमार शर्मिला धंकर और अस्मिता डे भी पहुंचीं। बातचीत के दौरान अस्मिता डे ने अमिताभ बच्चन से पूछा कि क्या उन्हें कभी फिल्म के सेट पर डांट सुननी पड़ी है। सवाल सुनते ही बिग बी ने अपने पुराने दिनों को याद किया और बताया कि शुरुआत में उन्हें काफी डांट पड़ती थी। अमिताभ ने बताया कि उन्हें यहां तक सुनना पड़ा था कि तुम्हें कुछ नहीं आता तुम बहुत लंबे हो घर जाओ।

    अमिताभ बच्चन के इस खुलासे से साफ है कि उनके शुरुआती करियर में उनकी लंबाई को लेकर भी सवाल उठाए जाते थे। जिस कद को आज उनकी पहचान का हिस्सा माना जाता है उसी को कभी उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जाता था। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि लंबे कद वाला यह कलाकार आगे चलकर हिंदी सिनेमा का सबसे बड़ा नाम बनेगा। अमिताभ ने जिस सहज अंदाज में यह किस्सा साझा किया उससे उनके संघर्ष के दिनों की तस्वीर सामने आती है।

    अमिताभ बच्चन का फिल्मी सफर कई उतार चढ़ाव से भरा रहा है। शुरुआती दौर में उन्हें सफलता के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। कई फिल्मों में काम करने के बावजूद उन्हें वह पहचान नहीं मिली जिसकी उन्हें तलाश थी। लेकिन उन्होंने आलोचनाओं और असफलताओं को अपने रास्ते की दीवार नहीं बनने दिया। धीरे धीरे उनकी अभिनय क्षमता और अलग अंदाज ने दर्शकों के बीच जगह बनाई और देखते ही देखते वह बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में शामिल हो गए।

    केबीसी में अमिताभ बच्चन अक्सर अपनी निजी जिंदगी से जुड़े मजेदार किस्से भी बताते हैं। एक अन्य एपिसोड में उनसे पूछा गया कि अगर वह शूटिंग की वजह से देर रात घर पहुंचते हैं तो क्या पत्नी जया बच्चन से उन्हें डांट सुननी पड़ती है। इस पर बिग बी ने मजाकिया अंदाज में बताया कि वह पहले से ही परिवार को सूचना दे देते हैं। अमिताभ के मुताबिक अगर उन्हें पता होता है कि शूटिंग की वजह से देर होगी तो वह सुबह परिवार के ग्रुप में संदेश भेजकर बता देते हैं कि आज देर से घर आएंगे और खाने पर उनका इंतजार न किया जाए।

    उन्होंने बताया कि इस तरह पहले से सूचना देने पर डांट से बच जाते हैं लेकिन अगर बिना बताए देर हो जाए तो फिर डांट पड़ना तय है। अमिताभ का यह अंदाज दर्शकों को काफी पसंद आता है क्योंकि इससे महानायक की जिंदगी का एक घरेलू और सामान्य पहलू भी सामने आता है।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन पिछली बार रजनीकांत के साथ फिल्म वेट्टैयन में नजर आए थे। दोनों ने लंबे समय बाद एक साथ स्क्रीन शेयर की थी। बॉलीवुड में उनकी पिछली प्रमुख फिल्म ऊंचाई थी जो 2022 में रिलीज हुई थी। इसके अलावा वह कई फिल्मों में वॉइस ओवर और स्पेशल अपीयरेंस भी दे चुके हैं।

    अब अमिताभ बच्चन के प्रशंसकों को उनकी अगली बड़ी फिल्म कल्कि 2898 एडी 2 का इंतजार है। फिल्म में उनके साथ प्रभास और कमल हासन जैसे बड़े कलाकार नजर आएंगे। बिग बी का सफर यह बताता है कि आज जिस कलाकार को दुनिया महानायक के नाम से जानती है उसे भी कभी अपने कद अभिनय और क्षमता को लेकर आलोचना सुननी पड़ी थी। लेकिन उन्होंने उन बातों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया और लगातार मेहनत करते हुए ऐसा मुकाम हासिल किया जिसे भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।

  • 3 फीट का कद, हौसला आसमान से ऊंचा! KBC 18 में छाए डॉ. गणेश बरैया की कहानी सुन भावुक हुए लोग

    3 फीट का कद, हौसला आसमान से ऊंचा! KBC 18 में छाए डॉ. गणेश बरैया की कहानी सुन भावुक हुए लोग


    नई दिल्ली। अमिताभ बच्चन के लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति 18 में इस बार हॉट सीट पर पहुंचे डॉ. गणेश बरैया ने अपने खेल से ज्यादा अपनी जिंदगी की कहानी से लोगों का ध्यान खींचा। गुजरात के भावनगर जिले के गोरखी गांव से आने वाले गणेश का कद भले ही करीब 3 फीट है लेकिन उनके हौसले और संघर्ष की कहानी किसी बड़े प्रेरणादायक किरदार से कम नहीं है। KBC 18 के हालिया एपिसोड में उन्होंने अपने बचपन से लेकर डॉक्टर बनने तक के सफर के कई ऐसे किस्से साझा किए जिन्हें सुनकर दर्शक भावुक हो गए।

    गणेश बरैया जन्म से ड्वार्फिज्म की चुनौती से जूझते रहे हैं और उनके शरीर का 72 प्रतिशत हिस्सा लोकोमोटर डिसेबिलिटी से प्रभावित है। इसके बावजूद उन्होंने पढ़ाई में कभी अपनी शारीरिक स्थिति को बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने 12वीं कक्षा में 87 प्रतिशत अंक हासिल किए और साल 2018 में NEET परीक्षा भी पास की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने दिव्यांग कोटे के तहत मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की थी। हालांकि डॉक्टर बनने की उनकी राह इतनी आसान नहीं थी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से उनकी शारीरिक अक्षमता को लेकर MBBS में प्रवेश पर आपत्ति जताई गई थी।

    इसके बाद गणेश के स्कूल प्रिंसिपल डॉ. दलपत कटारिया उनके साथ मजबूती से खड़े हुए। मामला अदालत तक पहुंचा और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट से गणेश के पक्ष में फैसला आया। इसके बाद 2019 में उन्हें भावनगर मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिला और उन्होंने MBBS की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान भी उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा लेकिन शिक्षकों और दोस्तों के सहयोग से उन्होंने अपनी मंजिल हासिल की।

    गणेश की जिंदगी का सबसे भावुक अध्याय उनके बचपन से जुड़ा है। उन्होंने KBC में बताया कि जब वह छोटे थे तब सर्कस से जुड़े कुछ लोग उनके घर पहुंचे थे। उनके पिता को गणेश को अपने साथ ले जाने के बदले 5 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन उनके पिता ने पैसों के बजाय बेटे की पढ़ाई और सम्मान को चुना। इस घटना की पुष्टि पहले की रिपोर्टों में भी हुई है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक गणेश करीब 10 साल के थे जब एक सर्कस मंडली ने उन्हें खरीदने के लिए 5 लाख रुपये की पेशकश की थी। उनके पिता ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया और इसके बाद गणेश की सुरक्षा को लेकर और भी सतर्क रहे।

    गणेश बताते हैं कि उनकी बहनें उन्हें गोद में उठाकर स्कूल ले जाती थीं और उनके पिता उन्हें कंधे पर बैठाकर पढ़ने भेजते थे। परिवार के इसी भरोसे ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। आज वही गणेश भावनगर के अस्पताल में डॉक्टर के तौर पर मरीजों की सेवा कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार वह मेडिकल ऑफिसर के रूप में काम कर चुके हैं और अस्पताल में मरीजों के इलाज से जुड़े काम में सक्रिय रहे हैं।

    KBC 18 में गणेश ने फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट चैलेंज जीतकर हॉट सीट तक अपनी जगह बनाई। उन्होंने शुरुआती सवालों का सही जवाब देते हुए 3 लाख रुपये के सवाल तक का सफर तय किया लेकिन उस समय तक उनकी सभी लाइफलाइन खत्म हो चुकी थीं। सवाल का सही जवाब नहीं दे पाने के कारण उनकी जीती हुई रकम घटकर 25 हजार रुपये रह गई और उनकी KBC यात्रा वहीं समाप्त हो गई।

    गणेश बरैया की कहानी इस बात की मिसाल है कि किसी इंसान की पहचान उसके कद या शारीरिक स्थिति से नहीं बल्कि उसके हौसले और काम से होती है। जिस बच्चे को कभी सर्कस में भेजने के लिए 5 लाख रुपये की पेशकश की गई थी आज वही बच्चा डॉक्टर बनकर मरीजों की जिंदगी बचाने के काम में जुटा है। KBC की हॉट सीट पर गणेश की मौजूदगी ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सपनों की कोई ऊंचाई नहीं होती और मजबूत इरादों के सामने मुश्किल से मुश्किल रास्ता भी आसान हो सकता है।