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  • अमिताभ बच्चन का बड़ा खुलासा, शुरुआती दिनों में लंबाई के कारण मिलते थे ताने, सेट से निकाल दिया गया था

    अमिताभ बच्चन का बड़ा खुलासा, शुरुआती दिनों में लंबाई के कारण मिलते थे ताने, सेट से निकाल दिया गया था

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा जगत के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने शुरुआती करियर के दौरान झेले गए कड़े संघर्ष और रिजेक्शन के दिनों को याद किया है। आज भले ही वे अपनी अभिनय क्षमता, विशिष्ट आवाज और व्यक्तित्व के लिए विश्व भर में जाने जाते हों, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उनकी लंबी कद-काठी और डायलॉग डिलीवरी को लेकर निर्देशकों द्वारा उन्हें खारिज कर दिया जाता था। इस बात का खुलासा उन्होंने टेलीविजन शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के एक विशेष एपिसोड के दौरान किया।

    शो के दौरान एक प्रतियोगी द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए अमिताभ बच्चन ने बताया कि शुरुआती दौर में उन्हें फिल्म सेट पर काफी डांट का सामना करना पड़ता था। कई बार निर्देशक और निर्माता उनकी लंबाई को लेकर टिप्पणी करते थे और कहते थे कि अभिनय उनके बस की बात नहीं है, इसलिए उन्हें वापस लौट जाना चाहिए। इस तरह के तानों और लगातार मिल रही असफलताओं के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सुधार करने का प्रयास जारी रखा।

    अमिताभ बच्चन ने एक विशिष्ट घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि जब उन्हें धीरे-धीरे काम मिलना शुरू हुआ, तब भी संवाद अदायगी के तरीकों को लेकर उन्हें सेट पर खरी-खोटी सुननी पड़ती थी। उन्हें निर्देशित किया जाता था कि वे किस प्रकार खड़े होकर संवाद बोलें। वे लगातार अपनी कमियों को दूर करते रहे और निर्देशकों के मार्गदर्शन के अनुसार अपने प्रदर्शन में सुधार लाते रहे।

    अनुशासन और समय की पाबंदी को लेकर अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने एक अन्य किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि वे हमेशा समय से सेट पर पहुंचने का प्रयास करते थे, लेकिन एक दिन जब वे किसी अन्य की गाड़ी से देरी से पहुंचे, तो फिल्म के निर्देशक ने उनके साथ बहुत सख्त व्यवहार किया। निर्देशक ने उन्हें स्पष्ट रूप से कह दिया कि शूटिंग का काम समाप्त हो चुका है और वे तुरंत वहां से चले जाएं। उस समय खुद की कार न होने के कारण उन्हें काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

    वर्तमान में 80 वर्ष से अधिक की आयु पार कर चुके अमिताभ बच्चन आज भी मनोरंजन उद्योग में पूरी लगन के साथ सक्रिय हैं। हाल के दिनों में उनके लंबे शूटिंग शेड्यूल और काम के प्रति समर्पण की व्यापक रूप से प्रशंसा की जा रही है। वे आने वाले समय में कई बड़ी बजटीय फिल्मों और बहुचर्चित प्रोजेक्ट्स में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते नजर आएंगे।

    सिनेमा विश्लेषकों का मानना है कि मुंबई से लेकर मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों तक अमिताभ बच्चन का जीवन संघर्ष युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। शुरुआती दौर में मिले गंभीर रिजेक्शन के बाद भी जिस तरह से उन्होंने अपनी पहचान बनाई, वह उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासन का परिणाम है।

  • 'कौन हैं आप और कहां जा रहे हैं?' केबीसी में अमिताभ बच्चन ने खोला धर्मेंद्र के घर का बड़ा राज..

    'कौन हैं आप और कहां जा रहे हैं?' केबीसी में अमिताभ बच्चन ने खोला धर्मेंद्र के घर का बड़ा राज..


    नई दिल्ली। 
    टेलीविज़न के लोकप्रिय ज्ञान आधारित शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के 18वें सीजन के दौरान भारतीय सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने प्रिय मित्र और दिवंगत दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को याद करते हुए एक बेहद भावुक और दिलचस्प संस्मरण साझा किया। उन्होंने शो में धर्मेंद्र के सरल स्वभाव, आतिथ्य सत्कार और उनके विशाल हृदय की जमकर सराहना की।

    अमिताभ बच्चन ने बताया कि धर्मेंद्र का निवास स्थान हमेशा हर किसी के लिए खुला रहता था। उनके घर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का स्वागत बेहद अपनेपन और आत्मीयता के साथ किया जाता था। धर्मेंद्र की इसी दरियादिली का उल्लेख करते हुए उन्होंने एक घटना का जिक्र किया जब खुद धर्मेंद्र को भी अपने घर में आने-जाने वाले मेहमानों की पूरी संख्या का अंदाजा नहीं रहता था।

    संस्मरण सुनाते हुए उन्होंने बताया कि एक बार धर्मेंद्र ने अपने ही घर की सीढ़ियों पर चार-पांच अनजान लोगों को चढ़ते हुए देखा। जब उन्होंने उत्सुकता से उनसे पूछा कि वे कौन हैं और कहां जा रहे हैं, तो उन लोगों ने बड़ी सादगी से जवाब दिया कि वे गांव से आए हैं। धर्मेंद्र के घर का माहौल ऐसा था जहां कोई भी व्यक्ति बिना किसी हिचकिचाहट के आ-जा सकता था और उनका घर सबके लिए हमेशा खुला रहता था।

    भारतीय सिनेमा में अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की जोड़ी को हमेशा से ही गहरी दोस्ती की मिसाल माना जाता रहा है। यद्यपि धर्मेंद्र फिल्म उद्योग में अमिताभ बच्चन से वरिष्ठ थे, लेकिन दोनों के बीच का संबंध बेहद आत्मीय रहा। दोनों कलाकारों ने कई यादगार फिल्मों में एक साथ अभिनय किया है। विशेष रूप से 1975 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘शोले’ में जय और वीरू के उनके किरदारों ने दर्शकों के दिलों पर ऐसी अमिट छाप छोड़ी कि आज भी सच्ची दोस्ती की मिसाल देने के लिए इन्हीं किरदारों का नाम लिया जाता है।

    गौरतलब है कि दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का निधन नवंबर 2025 में हुआ था। उनके जाने से न केवल उनका परिवार, बल्कि संपूर्ण फिल्म उद्योग और उनके करोड़ों प्रशंसक गहरे शोक में डूब गए थे। हिंदी सिनेमा के कई बड़े कलाकार धर्मेंद्र को अपने अभिभावक और पिता समान मानते थे, और उनकी कमी आज भी पूरी इंडस्ट्री में महसूस की जाती है।

    हाल ही में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रिलीज हुई फिल्म ‘बंटवारा 1947’ में भी धर्मेंद्र के पुत्र और अभिनेता सनी देओल ने अपने पिता को विशेष श्रद्धांजलि अर्पित की है। विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित इस भावुक फिल्म की शुरुआत में ही महान अभिनेता को याद किया गया है।

    अमिताभ बच्चन द्वारा शो के दौरान साझा की गई यह याद दर्शाती है कि धर्मेंद्र केवल पर्दे पर ही नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन में भी एक महान और बड़े दिल वाले इंसान थे, जिनकी यादें आज भी लोगों के दिलों में तरोताजा हैं।

  • 83 की उम्र में भी अमिताभ बच्चन का जुनून कायम, KBC डायरेक्टर ने बताया हर एपिसोड की तैयारी का राज

    83 की उम्र में भी अमिताभ बच्चन का जुनून कायम, KBC डायरेक्टर ने बताया हर एपिसोड की तैयारी का राज


    नई दिल्ली । कौन बनेगा करोड़पति अपने 18वें सीजन के साथ एक बार फिर दर्शकों के बीच लौटने की तैयारी में है और इस बार भी शो की सबसे बड़ी पहचान अमिताभ बच्चन ही हैं। शो की शुरुआत से ही बिग बी इसके चेहरे रहे हैं। तीसरे सीजन को छोड़ दिया जाए तो पिछले 26 वर्षों से अमिताभ बच्चन और KBC का रिश्ता लगातार कायम है। दर्शकों को हर एपिसोड में उनका सवाल पूछने का अंदाज और कंटेस्टेंट्स के साथ उनकी बातचीत दिखाई देती है लेकिन कैमरे के पीछे बिग बी जिस तरह हर एपिसोड की तैयारी करते हैं उसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। KBC के डायरेक्टर अरुण शेषकुमार ने एक खास बातचीत में अमिताभ बच्चन की कार्यशैली और उनकी ऊर्जा से जुड़े कई दिलचस्प पहलुओं का खुलासा किया है।

    अरुण शेषकुमार के मुताबिक 26 साल बीत जाने के बावजूद अमिताभ बच्चन के काम करने का तरीका आज भी पहले जैसा ही है। वह शूटिंग के दिन सुबह सेट पर पहुंचते हैं और सबसे पहले स्क्रिप्ट देखते हैं। शो की शुरुआत और अंत का हिस्सा स्क्रिप्टेड होता है जबकि बाकी पूरा एपिसोड कंटेस्टेंट के साथ मौके पर होने वाली बातचीत के आधार पर आगे बढ़ता है। यही वजह है कि हर कंटेस्टेंट को समझना उनके लिए बेहद जरूरी हो जाता है।

    डायरेक्टर ने बताया कि टीम को पहले से यह पता नहीं होता कि हॉट सीट पर आखिर कौन पहुंचेगा। ऐसे में हर एपिसोड से पहले करीब 10 संभावित कंटेस्टेंट्स की प्रोफाइल और उनकी जिंदगी से जुड़ी कहानियां तैयार रखी जाती हैं। अमिताभ बच्चन इन सभी प्रोफाइल को ध्यान से पढ़ते हैं और कंटेस्टेंट्स की जिंदगी को समझने की कोशिश करते हैं। जब कोई व्यक्ति हॉट सीट पर पहुंचता है तो बिग बी उसकी कहानी और संघर्ष के मुताबिक बातचीत का अंदाज तय करते हैं। यही खूबी उन्हें सिर्फ एक टीवी होस्ट नहीं बल्कि कंटेस्टेंट्स के साथ जुड़ने वाला कलाकार बनाती है।

    अरुण शेषकुमार के मुताबिक अमिताभ बच्चन की एक और बड़ी खासियत यह है कि वह सामने बैठे व्यक्ति की बॉडी लैंग्वेज और घबराहट को तुरंत समझ लेते हैं। अगर कोई कंटेस्टेंट तनाव में होता है या अपनी बात खुलकर नहीं रख पाता तो बिग बी पहले उसे सहज करने की कोशिश करते हैं। वह बातचीत के जरिए उसका आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और फिर उसे अपनी कहानी साझा करने के लिए प्रेरित करते हैं। यही कारण है कि KBC में कंटेस्टेंट और होस्ट के बीच होने वाली बातचीत कई बार बेहद व्यक्तिगत और भावनात्मक नजर आती है।

    अमिताभ बच्चन की भूमिका केवल शो की मेजबानी तक सीमित नहीं है। डायरेक्टर के अनुसार हर सीजन में बिग बी के सुझाव मिलते हैं और उनका योगदान शो को बेहतर बनाने में अहम रहता है। वह सिर्फ गेम से जुड़े बदलावों पर सुझाव नहीं देते बल्कि पूरे कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए अपनी राय साझा करते हैं। इतने लंबे समय से शो का हिस्सा होने के बावजूद उनका उत्साह और नएपन को लेकर नजरिया आज भी बरकरार है।

    सबसे ज्यादा चर्चा अमिताभ बच्चन की उम्र और उनकी ऊर्जा को लेकर होती है। अरुण शेषकुमार बताते हैं कि 83 साल की उम्र में भी सेट पर कई बार सबसे ज्यादा ऊर्जा अमिताभ बच्चन में ही दिखाई देती है। वह कहते हैं कि टीम के कई सदस्य उनसे उम्र में काफी छोटे होने के बावजूद उनकी ऊर्जा की बराबरी नहीं कर पाते। बिग बी का काम के प्रति जुनून और समर्पण पूरी टीम के लिए प्रेरणा है।

    हालांकि उनकी उम्र को देखते हुए KBC की टीम शूटिंग के दौरान उनकी सेहत और आराम का विशेष ध्यान रखती है। कोशिश की जाती है कि काम के घंटे बहुत लंबे न हों और उन्हें पर्याप्त ब्रेक मिलता रहे। सेट पर उनकी सुविधा और आराम का पूरा ध्यान रखा जाता है। इसके बावजूद कैमरा ऑन होते ही उनकी ऊर्जा और पेशेवर अंदाज ऐसा दिखाई देता है कि उनकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि 26 साल बाद भी अमिताभ बच्चन KBC की सबसे बड़ी ताकत बने हुए हैं।

  • ICU और सर्जरी वाली पोस्ट पर बिग बी ने दिया बड़ा बयान बताया आखिर किस संदर्भ में लिखी थी बात

    ICU और सर्जरी वाली पोस्ट पर बिग बी ने दिया बड़ा बयान बताया आखिर किस संदर्भ में लिखी थी बात


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन की एक ब्लॉग पोस्ट ने उनके प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी थी। ब्लॉग में सर्जरी ICU और रिकवरी का जिक्र होने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी सेहत को लेकर कई तरह की अटकलें लगने लगीं। हालांकि अब खुद अमिताभ बच्चन ने सामने आकर पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनकी कोई सर्जरी नहीं हुई है और लोग उनकी बात का अर्थ गलत समझ बैठे।

    अमिताभ बच्चन ने कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी तबीयत को लेकर फैल रही खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने बताया कि ब्लॉग में उन्होंने सर्जरी और ICU का उल्लेख केवल एक उदाहरण के रूप में किया था। उनका उद्देश्य यह बताना था कि किसी भी व्यक्ति के लिए कठिन दौर के बाद सामान्य जीवन में लौटना सबसे चुनौतीपूर्ण समय होता है।

    उन्होंने समझाया कि जब कोई व्यक्ति सर्जरी या गंभीर बीमारी के बाद ICU से घर लौटता है तो उसके सामने शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनने की बड़ी चुनौती होती है। इसी तरह जब कोई चैंपियन हार का सामना करता है तो उसके लिए भी सबसे कठिन समय वही होता है जब उसे खुद को फिर से संभालना पड़ता है। उनका कहना था कि इसी भाव को समझाने के लिए उन्होंने यह उदाहरण दिया था लेकिन लोगों ने इसे उनकी निजी स्वास्थ्य स्थिति से जोड़ लिया।

    अमिताभ बच्चन ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी ब्लॉग पोस्ट का संबंध उनकी सेहत से नहीं बल्कि हाल ही में हुए फीफा विश्व कप फाइनल से था। उन्होंने बताया कि वह अर्जेंटीना की हार और एक चैंपियन खिलाड़ी के रूप में लियोनेल मेसी की भावनात्मक स्थिति का जिक्र कर रहे थे। उनका उद्देश्य यह समझाना था कि हार के बाद किसी भी विजेता के लिए मानसिक रूप से खुद को संभालना कितना कठिन होता है।

    उन्होंने कहा कि उनकी बात को संदर्भ से अलग करके देखा गया जिसके कारण यह गलतफहमी फैल गई कि उनकी सर्जरी हुई है या वह अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी चिंता और शुभकामनाएं उनके लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रही हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ बच्चन जल्द ही फिल्म कल्कि 2898 एडी के सीक्वल में नजर आएंगे। इसके अलावा वह लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति के नए सीजन की मेजबानी भी करते दिखाई देंगे। लंबे समय से सक्रिय अमिताभ बच्चन आज भी फिल्मों और टेलीविजन दोनों माध्यमों में लगातार काम कर रहे हैं।

    अमिताभ बच्चन का फिल्मी सफर भी संघर्षों से भरा रहा है। शुरुआती दौर में लगातार कई फिल्मों की असफलता के बाद उन्होंने अभिनय छोड़ने का विचार बना लिया था। लेकिन वर्ष 1973 में आई फिल्म जंजीर ने उनके करियर की दिशा बदल दी और इसके बाद उन्होंने सफलता की ऐसी कहानी लिखी जो आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में मिसाल मानी जाती है।

  • शहंशाह' के वे दिन जब दरवाजे पर आते थे लेनदार: 90 करोड़ का कर्ज और 55 लीगल केस

    शहंशाह' के वे दिन जब दरवाजे पर आते थे लेनदार: 90 करोड़ का कर्ज और 55 लीगल केस


    नई दिल्ली । अमिताभ बच्चन आज भारतीय सिनेमा के शहंशाह कहे जाते हैं, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब उनके सिर से सफलता का साया पूरी तरह उठ चुका था। 90 के दशक के अंत में बिग बी अपने जीवन के सबसे अंधकारमय दौर से गुजर रहे थे। उनकी कंपनी अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड  दिवालिया हो चुकी थी और उन पर 90 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज था। स्थिति इतनी भयावह थी कि उनके घर और निजी संपत्तियों के जब्त होने का खतरा मंडरा रहा था।

    साल 2013 के एक इंटरव्यू में अमिताभ बच्चन ने अपनी उस पीड़ा को साझा करते हुए बताया था कि वह दौर उनके लिए बेहद अपमानजनक था। उनके दरवाजे पर हर दिन लेनदार पैसे मांगने आते थे। जो लोग कभी उनके साथ काम करने के लिए घंटों लाइन में खड़े रहते थे, मुसीबत के वक्त उन्होंने ही बिग बी के प्रति अनादर दिखाना शुरू कर दिया था। उस दौरान उन पर 55 लीगल केस दर्ज थे और उन्होंने स्वीकार किया कि कई लोगों ने उन्हें गुमराह करके गलत दस्तावेजों पर साइन भी करवा लिए थे, जिसका खामियाजा उन्हें अकेले भुगतना पड़ा।

    इस टूटते हुए हौसले के बीच बिग बी को अपने पिता, महान कवि हरिवंश राय बच्चन की दो बातों ने संभाले रखा। पहली सीख थी मन का हो तो अच्छा, मन का न हो तो और भी अच्छा। इसका अर्थ था कि अगर चीजें आपकी योजना के अनुसार नहीं हो रही हैं, तो ईश्वर ने आपके लिए कुछ और भी बेहतर सोच रखा है। दूसरी अहम बात जो उनके पिता ने कही थी वह यह कि जब तक जीवन है, संघर्ष बना रहेगा। इन दो मंत्रों ने अमिताभ को हार मानने के बजाय लड़ने की शक्ति दी।

    अमिताभ बच्चन की सेकेंड इनिंग की शुरुआत फिल्म मोहब्बतें और टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति से हुई, जिसने न केवल उनका कर्ज उतारा बल्कि उन्हें पहले से भी बड़ा स्टार बना दिया। आज उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि इंसान अपने पिता के आदर्शों और खुद के परिश्रम पर भरोसा रखे, तो वह राख से भी उठकर दोबारा अपना साम्राज्य खड़ा कर सकता है।