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  • PCS ज्योति मौर्य विवाद में नया मोड़: पति आलोक मौर्य बोले- अब राजनीति में उतरूंगा, अफसर पत्नी ने सुलह से किया साफ इनकार

    PCS ज्योति मौर्य विवाद में नया मोड़: पति आलोक मौर्य बोले- अब राजनीति में उतरूंगा, अफसर पत्नी ने सुलह से किया साफ इनकार



    नई दिल्ली। यूपी की चर्चित PCS अफसर ज्योति मौर्य और उनके सफाईकर्मी पति आलोक मौर्य का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार मामला सिर्फ पारिवारिक नहीं बल्कि राजनीतिक रंग भी लेता दिख रहा है। प्रयागराज में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात के बाद आलोक मौर्य ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वे जल्द ही राजनीति में कदम रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनता चाहती है कि वे आगे आएं और समाज की सेवा करें, खासकर युवाओं के मुद्दों को लेकर।

    5 मई को जब डिप्टी सीएम का हेलिकॉप्टर पुलिस लाइन में उतरा, तो आलोक मौर्य अपने समर्थकों के साथ स्वागत के लिए पहले से मौजूद थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी युवाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित करते हैं और वे भी उसी राह पर आगे बढ़ने की सोच रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंतिम फैसला पार्टी और जनता की इच्छा पर निर्भर करेगा।

    इस बीच, ज्योति और आलोक के बीच चल रहा वैवाहिक विवाद भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मामला फिलहाल मीडिएशन सेंटर में है, जहां सुलह की कोशिशें जारी हैं। आलोक मौर्य का कहना है कि वे परिवार को टूटने से बचाना चाहते हैं और उम्मीद है कि जल्द कोई सकारात्मक नतीजा सामने आएगा। लेकिन दूसरी तरफ PCS अफसर ज्योति मौर्य ने साफ कर दिया है कि अब समझौते की कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर अब कुछ नहीं कहना चाहतीं और पहले ही अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी हैं।

    गाजियाबाद में एडीएम प्रशासन के पद पर तैनात ज्योति मौर्य पहले भी कह चुकी हैं कि तलाक की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अब यह रिश्ता बच पाना मुश्किल है। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ चुका है कि मामला जिला कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। जहां एक ओर आलोक ने गुजारा भत्ता की मांग को लेकर याचिका दाखिल की है, वहीं ज्योति ने तलाक के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

    आलोक मौर्य ने इस पूरे विवाद को एक बड़े सामाजिक मुद्दे से भी जोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने पुरुषों के अधिकारों की बात करते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ‘पुरुष आयोग’ बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि पुरुषों को अपनी बात रखने का मंच नहीं मिल रहा, जिसकी वजह से कई लोग मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या तक कर रहे हैं।

    गौरतलब है कि इस विवाद ने पहले भी देशभर में बहस छेड़ दी थी, जब आलोक ने ज्योति पर अफेयर और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। हालांकि बाद में वे इन आरोपों को साबित नहीं कर पाए और वापस लेना पड़ा। दूसरी ओर, ज्योति मौर्य ने आलोक के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है, जो फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।

    एक साधारण परिवार से निकलकर PCS अफसर बनने तक का ज्योति मौर्य का सफर जितना प्रेरणादायक रहा, उतना ही उनका निजी जीवन विवादों में घिर गया। अब इस पूरे मामले में राजनीति की एंट्री ने इसे और ज्यादा चर्चित बना दिया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि आलोक मौर्य सच में राजनीति में कदम रखते हैं या नहीं, और कोर्ट में चल रहा यह हाई-प्रोफाइल विवाद किस दिशा में जाता है।

  • यूपी में गो माता पूरी तरह सुरक्षित: केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष को चेताया

    यूपी में गो माता पूरी तरह सुरक्षित: केशव प्रसाद मौर्य ने विपक्ष को चेताया



    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में कहीं भी गोहत्या नहीं हो रही है और किसी में इतनी हिम्मत नहीं कि गो माता को खरोंच तक पहुंचा सके। उन्होंने यह बात सोमवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। मौर्य ने कहा कि सरकार गो संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में पहले भी व्यापक आंदोलन किए गए हैं।

    यह बयान Keshav Prasad Maurya ने उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक गोहत्या होने के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया, जो स्वामी Avimukteshwaranand द्वारा लगाए गए थे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी Avimukteshwaranand को कहीं भी आने-जाने और अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, और सरकार उनके सम्मान की पूरी सुरक्षा करती है।

    केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष Akhilesh Yadav पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सब समझती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिनके शासनकाल में शिव भक्तों, राम भक्तों और गो भक्तों पर अत्याचार हुए, वे आज गो रक्षा की बात कर रहे हैं।

    राज्य सरकार ने लगातार गो संरक्षण को प्राथमिकता दी है। गौशालाओं और गो रक्षा समितियों के माध्यम से गो माता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है, और कानूनी प्रावधानों के तहत गोहत्या और हिंसा के मामलों पर सख्त कार्रवाई होती है। इस दिशा में सरकार ने पुलिस और वन विभाग के साथ मिलकर नियमित निगरानी प्रणाली लागू की है।

    Keshav Prasad Maurya का यह बयान प्रदेश में धार्मिक और सामाजिक स्थिरता बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति या संगठन कानून का उल्लंघन करते हुए गो माता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस प्रकार के राजनीतिक और धार्मिक बयान समाज में चर्चा का विषय बनते हैं, लेकिन उपमुख्यमंत्री ने इसे संतुलित और शांतिपूर्ण तरीके से पेश किया है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया कि गो माता की सुरक्षा और कानून की पालना दोनों सुनिश्चित हों।