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  • केतन हत्याकांड: खाटू श्याम में सिया-चेतन ने की थी गुपचुप शादी? फूलों की माला वाली तस्वीर से बढ़ा शक

    केतन हत्याकांड: खाटू श्याम में सिया-चेतन ने की थी गुपचुप शादी? फूलों की माला वाली तस्वीर से बढ़ा शक


    पुणे। केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच आगे बढ़ने के साथ सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी के रिश्ते को लेकर नए सवाल सामने आ रहे हैं। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या दोनों ने दिसंबर 2025 में राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर में परिवार से छिपकर शादी की थी। जांच के दौरान पुलिस को दोनों की एक तस्वीर मिली है, जिसमें सिया और चेतन फूलों की माला पहने नजर आ रहे हैं। हालांकि, मंदिर में उनकी शादी का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या CCTV फुटेज पुलिस को अब तक नहीं मिला है।

    मोबाइल बातचीत से मिला राजस्थान कनेक्शन

    पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, सिया और चेतन के मोबाइल फोन की बातचीत का विश्लेषण करने के दौरान कथित शादी का सुराग मिला। पुलिस अधिकारियों ने 7 जुलाई को बताया था कि दोनों के बीच हुई बातचीत से संकेत मिले हैं कि उन्होंने परिवार की जानकारी के बिना शादी की हो सकती है।

    इस सुराग की पुष्टि के लिए पुलिस टीम जुलाई में राजस्थान पहुंची। जांचकर्ताओं ने खाटू श्याम मंदिर में दोनों की कथित शादी से जुड़े दस्तावेज और CCTV फुटेज खंगाले, लेकिन ऐसा कोई आधिकारिक रिकॉर्ड या वीडियो नहीं मिला, जिससे शादी की पुष्टि हो सके।

    हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को सिया और चेतन की एक तस्वीर जरूर मिली। इसमें दोनों के गले में फूलों की मालाएं दिखाई दे रही हैं। पुलिस ने इस तस्वीर को जांच में महत्वपूर्ण माना है। खबरों के मुताबिक, इसे चार्जशीट के साथ अदालत के समक्ष भी पेश किया गया है। तस्वीर से दोनों की कथित शादी का शक जरूर गहरा हुआ है, लेकिन अकेले तस्वीर के आधार पर शादी की आधिकारिक पुष्टि नहीं होती।

    अक्टूबर 2025 से करीब आए, दिसंबर में राजस्थान गए

    पुलिस जांच के मुताबिक, सिया और चेतन अक्टूबर 2025 से एक-दूसरे के करीब आए थे। बताया गया है कि दोनों के परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे। दिसंबर 2025 में दोनों कुछ दोस्तों के साथ राजस्थान गए थे।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दोनों ने पहले पुणे से फ्लाइट के जरिए राजस्थान जाने की योजना बनाई थी, लेकिन फ्लाइट कैंसिल होने के बाद उन्होंने ट्रेन से सफर किया। राजस्थान से वापसी भी ट्रेन से ही हुई थी।

    जांच एजेंसियों को इस यात्रा से जुड़े कुछ सबूत भी मिले हैं। इसी अवधि में सिया के परिवार की ओर से उसके लिए शादी की तलाश चल रही थी। बाद में उसका रिश्ता केतन अग्रवाल के साथ तय हुआ।

    19 फरवरी को हुई थी सगाई

    सिया और केतन अग्रवाल की सगाई 19 फरवरी 2026 को हुई थी। दोनों की शादी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर में प्रस्तावित थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन के बीच इस दौरान संपर्क बना हुआ था।

    जांच एजेंसियों का आरोप है कि इसी रिश्ते के चलते सिया और चेतन ने कथित तौर पर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पुलिस अब दोनों के रिश्ते, राजस्थान यात्रा और खाटू श्याम मंदिर से जुड़ी तस्वीर समेत अन्य सबूतों को आपस में जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तलाश रही है।

    माला वाली तस्वीर ने बढ़ाया सवाल

    फिलहाल जांच में सबसे अहम सवाल यही है कि सिया और चेतन की फूलों की माला पहने तस्वीर किस मौके की है। क्या दोनों ने वास्तव में खाटू श्याम मंदिर में शादी की थी या तस्वीर किसी दूसरे अवसर की है, इसका स्पष्ट जवाब अभी सामने नहीं आया है।

    मंदिर से शादी का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड और CCTV फुटेज नहीं मिलने के कारण पुलिस के पास फिलहाल इस कथित शादी की पुष्टि करने वाला निर्णायक दस्तावेज नहीं है। ऐसे में तस्वीर और मोबाइल बातचीत जांच के अहम हिस्से जरूर हैं, लेकिन दोनों की शादी हुई थी या नहीं, यह अभी जांच का विषय बना हुआ है।

  • केतन मर्डर केस में बड़ा खुलासा, सिया के भाई को पहले से थी चेतन संग रिश्ते की जानकारी

    केतन मर्डर केस में बड़ा खुलासा, सिया के भाई को पहले से थी चेतन संग रिश्ते की जानकारी


    नई दिल्‍ली । महाराष्ट्र के लोनावला में स्थित लोहगढ़ किले से 18 जून को हुई रियल एस्टेट डायरेक्टर केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब पूरी तरह से एक सोची-समझी हत्या के रूप में सामने आया है। पुणे पुलिस ने इस मामले में मृतक केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को पुलिस ने सिया के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे तक कड़ी पूछताछ की।

    पूछताछ में साहिल ने खुलासा किया कि उसे अपनी बहन और चेतन के प्रेम प्रसंग के बारे में कई महीने पहले ही पता चल गया था। चूंकि सिया की सगाई केतन से हो चुकी थी, इसलिए उसने अपनी बहन को चेतन से दूरी बना लेने और रिश्ता खत्म करने की सलाह भी दी थी। पुलिस के मुताबिक, साहिल और आरोपी चेतन की दोस्ती साल 2024 में क्रिकेट खेलने के दौरान हुई थी जिसके बाद चेतन की मुलाकात सिया से हुई थी।

    पुलिस जांच में जो सबसे हैरान करने वाली वजह सामने आई है, वह केतन का गंजापन है। सूत्रों के मुताबिक, सगाई के बाद सिया को पता चला कि केतन के सिर पर बाल नहीं हैं और वह विग पहनता है। इसी बात से नाराज होकर सिया केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। दूसरी तरफ, केतन के परिवार का दावा है कि उन्होंने शादी तय होने के समय ही गोयल परिवार को साफ-साफ बता दिया था कि केतन सिर पर एक छोटा सा हेयर पैच लगाता है और इसके लिए उसका महंगा हेयर ट्रीटमेंट भी चल रहा है। इस बात को लेकर सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।

    चैट डिलीट की, रीसायकल बिन भी किया खाली
    लोनावला डिविजन के पुलिस उपाधीक्षक गजानन टोनपे ने बताया कि दोनों आरोपियों ने अपराध को अंजाम देने से पहले और बाद में अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सऐप चैट हिस्ट्री को पूरी तरह डिलीट कर दिया था। यही नहीं, उन्होंने चालाकी दिखाते हुए फोन के रीसायकल बिन को भी पूरी तरह खाली कर दिया था ताकि कोई सबूत न बचे।

    पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन को डेटा रिकवर करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेट्री (FSL) भेज दिया है। पुलिस कस्टडी में दोनों आरोपी अब एक-दूसरे पर हत्या का मढ़ रहे हैं, इसलिए पुलिस अब डिजिटल रिकॉर्ड्स और फॉरेंसिक सबूतों पर ज्यादा निर्भर है।

    उज्ज्वल निकम होंगे विशेष वकील
    इस सनसनीखेज हत्याकांड ने महाराष्ट्र सरकार का ध्यान भी खींचा है। शुक्रवार को राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में मृतक केतन के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की और उन्हें त्वरित न्याय का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा, “यह एक बेहद चौंकाने वाली और समझ से परे घटना है। एक समाज के रूप में हमें इस बात पर आत्मचिंतन करने की जरूरत है कि अच्छे और शिक्षित परिवारों के युवा लड़के-लड़कियों में इस तरह की आपराधिक प्रवृत्ति और बदले की भावना क्यों पनप रही है? यह केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि इसका एक सामाजिक पहलू भी है।”

    मुख्यमंत्री ने इस मामले की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट के गठन को मंजूरी दे दी है ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द सजा मिल सके। पीड़ित परिवार की मांग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने देश के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी वकील एडवोकेट उज्ज्वल निकम को इस केस के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की घोषणा की है। सरकारी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एडवोकेट निकम ने इस केस को लड़ने के लिए अपनी लिखित सहमति दे दी है।