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  • केतन हत्याकांड में 'माही' की फर्जी पहचान से खुला बड़ा राज, आरोपियों ने AI से लेकर ऑनलाइन खोज तक रची थी पूरी साजिश

    केतन हत्याकांड में 'माही' की फर्जी पहचान से खुला बड़ा राज, आरोपियों ने AI से लेकर ऑनलाइन खोज तक रची थी पूरी साजिश


    नई दिल्ली । किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म की पटकथा को भी पीछे छोड़ दे, ऐसी खौफनाक साजिश रचकर केतन अग्रवाल की हत्या करने के मामले में पुणे ग्रामीण पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में 5,053 पन्नों का विस्तृत आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। इस विस्तृत चार्जशीट में पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया, उसके प्रेमी चेतन चौधरी और उनके दोस्त रितेश हांगे की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया है। इस पूरे मर्डर केस की सबसे बड़ी और अहम कड़ी ‘माही’ नाम का वह फेक अकाउंट बना, जिसके जरिए केतन को सिया के जन्मदिन का सरप्राइज देने के बहाने लोहागढ़ किले पर बुलाया गया और फिर वहां उसे मौत के घाट उतार दिया गया।

    केतन को ‘माही’ नाम के फेक अकाउंट से मैसेज में क्या?

    चार्जशीट में किए गए खुलासे के मुताबिक, जब हत्या की पिछली तमाम कोशिशें नाकाम हो गईं, तब सिया और चेतन के दोस्त रितेश हांगे ने केतन को फंसाने के लिए एक नया डिजिटल जाल बिछाया। आरोपियों ने अपनी एक परिचित लड़की की तस्वीर का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया पर ‘माही’ नाम से एक फर्जी अकाउंट बनाया। इसके बाद 18 जून को इसी ‘माही’ नाम के फेक अकाउंट से केतन के मोबाइल पर एक मैसेज भेजा गया। मैसेज में लिखा था, “मैं सिया की खास दोस्त माही बोल रही हूं। हमें लोहागढ़ किले पर सिया का जन्मदिन मनाना है और उसे एक बहुत बड़ा सरप्राइज देना है। तुम सिया को लेकर चुपचाप किले पर आ जाओ।”

    बेहद सीधे और भोले-भाले स्वभाव का केतन इस फेक अकाउंट और सरप्राइज पार्टी के मैसेज को पूरी तरह सच मान बैठा। वह बिना किसी शक-शुब्हे के बेहद खुशी-खुशी सिया को साथ लेकर लोहागढ़ किले की ओर निकल पड़ा। उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस सरप्राइज पार्टी के नाम पर उसे बुलाया जा रहा है, वह दरअसल उसकी हत्या का तयशुदा डेथ-ट्रैप है।

    पुणे में हत्या, आंखों ही आंखों में चेतन को इशारा

    पूर्व नियोजित प्लान के तहत आरोपी चेतन चौधरी पहले से ही किले के एग्जिट रूट से होकर ऊपर पहुंच चुका था और किले के मंदिर में घात लगाकर केतन के आने का इंतजार कर रहा था। जैसे ही केतन और सिया वहां पहुंचे, सिया ने आंखों ही आंखों में चेतन को इशारा कर दिया। इसके बाद जब केतन बेखबर होकर गहरी खाई के ठीक किनारे खड़ा था, तभी पीछे से सिया ने उसके कंधे पर और चेतन ने उसके पैर पर पूरी ताकत से धक्का दे दिया। केतन संभल पाता या खुद को संभाल पाता, उससे पहले ही चेतन ने उसे लात मारकर सैकड़ों फीट गहरी खाई में धकेल दिया। इस हादसे में मौके पर ही केतन की मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद सबूत मिटाने के लिए आरोपियों ने उस ‘माही’ नाम के फेक अकाउंट को हमेशा के लिए डिलीट कर दिया।

    पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून को हत्या हुई थी। पुलिस ने मंगेतर सिया, कथित प्रेमी चेतन और एक अन्य शख्स रितेश हांगे को गिरफ्तार किया है। केतन को लोहागढ़ किले से धक्का देकर मौत के घाट उतारा गया। ‘माही’ नाम से बनाए गए एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट का इस्तेमाल हुआ, वारदात के बाद अकाउंट डिलीट किया।

    महाराष्ट्र की वडगांव मावल अदालत में दायर आरोपपत्र में संदेशों, तस्वीरों, मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और तकनीकी विश्लेषण प्रमाण पत्र, पांच प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सहित कई ठोस सबूत हैं। हत्याकांड को अंजाम देने से पहले सिया ने पिछले साल मार्च में लोहागढ़ में हुई ऐसी एक अन्य घटना के बारे में ऑनलाइन जानकारी भी जुटाई। आरोपियों ने केतन की हत्या से पहले मर्डर से संबंधित फिल्में देखीं, ऑनलाइन खोजबीन के लिए एआई टूल चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया। पुलिस से बचने के तरीकों पर पॉडकास्ट भी सुने।

    सुपारी किलरों से भी संपर्क

    पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि केतन को रास्ते से हटाने की साजिश मार्च 2026 से ही रची जा रही थी। शुरुआत में तीनों आरोपियों ने तय किया था कि केतन की हत्या नहीं करनी है, बल्कि उसे जिंदगी भर के लिए ‘अपाहिज’ बना देना है। इसके लिए उन्होंने दूसरे राज्यों के कुछ सुपारी किलरों से भी संपर्क साधा था। हालांकि, बाद में आरोपियों को डर लगा कि अगर बाहर का कोई अपराधी पकड़ा गया तो उनका भांडा फोड़ हो जाएगा। खास बात यह है कि आरोपियों ने जिन लोगों से संपर्क किया था, उनमें से एक व्यक्ति अब इस केस में पुलिस का मुख्य गवाह बन गया है।

    एआई का इस्तेमाल और हत्या के लिए ठिकाने की तलाश

    जब बाहर से सुपारी देने का प्लान फेल हो गया, तो मई के महीने में सिया, चेतन और रितेश ने फैसला किया कि वे खुद ही इस कांटे को रास्ते से निकालेंगे। पुलिस के चंगुल से कैसे बचना है और सबूतों को कैसे मिटाना है, इसके लिए आरोपियों ने चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया, क्राइम पॉडकास्ट सुने, कई मर्डर फिल्में देखीं और मेघालय के चर्चित ‘सोनम केस’ का गहराई से अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने लोनावला के टाइगर पॉइंट समेत कई पहाड़ी इलाकों की बाकायदा रेकी की। उन्होंने देखा कि टाइगर पॉइंट पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, इसलिए आखिरकार उन्होंने ‘लोहागढ़’ किले को चुना। दरअसल, मार्च 2025 में लोहागढ़ किले पर एक युवती की गिरकर मौत हो चुकी थी। आरोपियों का हिसाब था कि वे पुलिस और लोगों के सामने यह झूठी कहानी गढ़ देंगे कि ‘सेल्फी लेते वक्त केतन का पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गया।’

    केतन की बाली ट्रिप कैसे रद्द हुई?

    6 जून को केतन और सिया प्री-वेडिंग शूट के लिए सीधे ‘बाली’ जाने वाले थे। लेकिन वहां जाने से ठीक पहले 4 जून को भी सिया ने केतन को लोहागढ़ ले जाकर ठिकाने लगाने की कोशिश की थी, हालांकि वह प्रयास नाकाम रहा। इसके बाद 6 जून को जब वे मुंबई के लिए निकले, तो रास्ते में खालापुर के एक कैफे के वॉशरूम में सिया ने चुपके से केतन का पासपोर्ट फाड़कर फ्लश कर दिया। पासपोर्ट नष्ट होने के कारण केतन की बाली ट्रिप रद्द हो गई और आरोपियों के लिए लोहागढ़ में मर्डर करने का रास्ता एक बार फिर साफ हो गया।

  • केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच का बड़ा खुलासा, पहले दुर्घटना दिखाकर अपाहिज बनाने की थी साजिश; बाद में हत्या की योजना का आरोप

    केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच का बड़ा खुलासा, पहले दुर्घटना दिखाकर अपाहिज बनाने की थी साजिश; बाद में हत्या की योजना का आरोप

    नई दिल्ली । पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कथित साजिश शुरुआत से हत्या की नहीं थी। पुलिस का दावा है कि पहले ऐसी योजना बनाई गई थी, जिसमें केतन अग्रवाल को एक सुनियोजित दुर्घटना के माध्यम से स्थायी रूप से गंभीर रूप से घायल या दिव्यांग बनाया जाए, ताकि उनकी प्रस्तावित शादी और विदेश यात्रा स्वाभाविक रूप से रद्द हो सके। बाद में कथित रूप से इस योजना को बदलकर हत्या की साजिश तैयार की गई।

    पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर ऐसे तरीके की तलाश में थे जिससे पूरी घटना एक सामान्य दुर्घटना प्रतीत हो और किसी पर संदेह न जाए। इसी उद्देश्य से सड़क हादसे, लूटपाट जैसी परिस्थितियां पैदा करने और गंभीर चोट पहुंचाने जैसे विकल्पों पर विचार किए जाने का दावा किया गया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस योजना का उद्देश्य पीड़ित को लंबे समय तक सामान्य जीवन जीने में असमर्थ बनाना था।

    जांच में यह भी सामने आया है कि बाद के चरण में आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या की योजना पर काम शुरू किया। पुलिस के अनुसार, घटना को दुर्घटना का रूप देने के लिए विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि कई संभावित स्थानों का जायजा लेने के बाद अंततः एक स्थान को वारदात के लिए चुना गया। पुलिस इस संबंध में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी प्रमाणों की भी जांच कर रही है।

    जांच अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की गतिविधियों और आपसी बातचीत से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य भी उनके हाथ लगे हैं। इनमें कथित इंटरनेट सर्च, मोबाइल फोन से प्राप्त जानकारी और अन्य तकनीकी रिकॉर्ड शामिल हैं। पुलिस इन सभी पहलुओं की फोरेंसिक जांच करा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला स्पष्ट की जा सके और अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

    पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह भी पता चला है कि घटना से पहले कई बार संबंधित स्थानों पर जाकर परिस्थितियों का आकलन किया गया था। आरोप है कि संभावित योजना को सफल बनाने के लिए कथित तौर पर कई बार रेकी की गई और अलग-अलग परिस्थितियों का परीक्षण किया गया। हालांकि इन सभी दावों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

    इस मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है और पीड़ित परिवार लगातार निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की मांग कर रहा है। परिवार का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू की वैज्ञानिक और कानूनी तरीके से जांच की जा रही है।

    फिलहाल जांच एजेंसियां सभी उपलब्ध साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण कर रही हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की अंतिम तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी और उसी आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।