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  • एमपी में गर्मी का कहर जारी, 46 जिलों में हीटवेव अलर्ट, खजुराहो-नौगांव 10 दिन से सबसे गर्म

    एमपी में गर्मी का कहर जारी, 46 जिलों में हीटवेव अलर्ट, खजुराहो-नौगांव 10 दिन से सबसे गर्म


    भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा के दौरान इस बार भीषण गर्मी के साथ आंधी और बारिश का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। पिछले तीन दिनों से कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है, वहीं गुरुवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लू, तेज गर्मी और कहीं-कहीं आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 46 जिलों में हीटवेव को लेकर चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार, छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव पिछले 10 दिनों से प्रदेश के सबसे गर्म शहर बने हुए हैं। दोनों शहरों में गुरुवार के लिए भी तीव्र लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। IMD भोपाल के मुताबिक, 18 मई से लगातार इन शहरों का तापमान सबसे अधिक रिकॉर्ड किया जा रहा है। इस दौरान तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। बुधवार को खजुराहो और नौगांव में अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    अगले तीन दिन बदल सकता है मौसम
    मौसम विभाग ने 29 से 31 मई तक कई जिलों में बारिश का अनुमान जताया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में आंधी और बारिश का असर बना रहेगा, जिससे कुछ इलाकों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।

    कई शहरों में 44 डिग्री से ऊपर पहुंचा पारा
    बुधवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी रही। दतिया 45.7 डिग्री सेल्सियस के साथ तीसरा सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा रीवा में 45.4 डिग्री, दमोह में 45.2 डिग्री, राजगढ़ और टीकमगढ़ में 45 डिग्री तथा सतना में 44.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मंडला, नरसिंहपुर और श्योपुर में 44.6 डिग्री, सागर और रायसेन में 44.4 डिग्री, मलाजखंड में 44.2 डिग्री तथा गुना में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.5 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में 43.6 डिग्री, जबलपुर में 43 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और इंदौर में 40.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    कुछ जिलों में राहत के आसार
    मौसम विभाग के मुताबिक, इंदौर, धार, बड़वानी, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल जिलों में लू से कुछ राहत मिल सकती है। वहीं छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में शाम के समय आंधी और बारिश की संभावना है।

    जिलों के लिए जारी अलर्ट
    रेड अलर्ट: निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना।
    ऑरेंज अलर्ट: सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, रीवा, सीधी, मऊगंज और सिंगरौली।
    यलो अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, मंडला, जबलपुर, डिंडौरी, अनूपपुर और शहडोल।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 मई तक प्रदेश में गर्मी के साथ आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। 30 और 31 मई को कई इलाकों में तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत देखने को मिल सकती है।

  • एमपी में गर्मी ने तोड़े रिकार्ड, आज 7 जिलों में रेड अलर्ट, खजुराहो बना देश का दूसरा सबसे गर्म शहर

    एमपी में गर्मी ने तोड़े रिकार्ड, आज 7 जिलों में रेड अलर्ट, खजुराहो बना देश का दूसरा सबसे गर्म शहर

    भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। बुधवार को राज्य के 16 शहरों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने 33 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, मई महीने में खजुराहो में पहली बार इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया है। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था। बुधवार को खजुराहो देश का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे गर्म शहर रहा। इससे अधिक तापमान मिस्र के अस्वान में 49.4 डिग्री, सऊदी अरब के अराफात में 48.4 डिग्री और उत्तरप्रदेश के बांदा में 48.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश के नौगांव, निवाड़ी, दतिया, राजगढ़ समेत कई शहरों में भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए पूरे मध्यप्रदेश में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, दमोह, कटनी, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, रतलाम और झाबुआ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    वहीं इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, देवास, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेशभर में भीषण गर्मी जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग का कहना है कि 23 मई तक गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। इसके बाद नौतपा शुरू होगा, जिसके दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में तेज गर्मी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा, इसलिए जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।

  • एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, खजुराहो 46.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 22 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार

    एमपी में भीषण गर्मी का दौर जारी, खजुराहो 46.8 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 22 शहरों में पारा 44 डिग्री के पार


    भोपाल। मध्य प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिला। छतरपुर जिले के खजुराहो में अधिकतम तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। वहीं नौगांव में पारा 46 डिग्री तक पहुंच गया। प्रदेश के 22 शहरों में पहली बार तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में तापमान 44 डिग्री पहुंचने से सड़कों तक पर गर्मी का असर दिखाई दिया।

    मौसम विभाग के अनुसार, मई महीने में पहली बार पूरा मध्य प्रदेश भीषण गर्मी से तपता नजर आया। खजुराहो में यह अब तक का दूसरा सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ था। इंदौर में 44.3 डिग्री, ग्वालियर में 43.7 डिग्री, उज्जैन में 44 डिग्री और जबलपुर में 44.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में इस बार पिछले साल की तुलना में अधिक गर्मी महसूस की गई।

    प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी छतरपुर जिले में दर्ज हुई, जहां खजुराहो और नौगांव दोनों सबसे गर्म शहर रहे। इसके अलावा राजगढ़ में 45.5 डिग्री, रतलाम में 45.4 डिग्री, खंडवा में 45.1 डिग्री तथा शाजापुर, श्योपुर और मुरैना में 45 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। दमोह और सतना में 44.8 डिग्री, सागर में 44.7 डिग्री, गुना और रीवा में 44.5 डिग्री, रायसेन में 44.4 डिग्री, खरगोन में 44.2 डिग्री तथा धार में 44.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में पारा 44 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है।

    मंगलवार के लिए मौसम विभाग ने भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में तीव्र लू का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री या उससे अधिक रहने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, धार, खरगोन, खंडवा, देवास, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, शिवपुरी, मुरैना सहित कई जिलों में हीट वेव की चेतावनी जारी की गई है।

    जबलपुर, झाबुआ, आलीराजपुर, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, शहडोल, रीवा और सिंगरौली समेत कई जिलों में लू का अलर्ट नहीं है, लेकिन यहां भी तेज गर्मी का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा।

  • ग्वालियर-चंबल में शीतलहर का कहर: MP के 7 जिलों में अलर्ट, 20 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा

    ग्वालियर-चंबल में शीतलहर का कहर: MP के 7 जिलों में अलर्ट, 20 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा


    मध्यप्रदेश में ठंड ने एक बार फिर अपना तीखा और कठोर रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग इस समय भीषण शीतलहर की चपेट में हैं, जहां बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों में सिमटने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग ने रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज ठंडी हवाओं के चलते दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है और सर्दी दिनभर असर बनाए हुए है।सुबह के समय प्रदेश के 20 से अधिक जिले कोहरे की घनी चादर में लिपटे नजर आए। कहीं हल्का तो कहीं बेहद घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। सड़कों पर वाहन रेंगते दिखे और हाईवे पर खास सावधानी बरतनी पड़ी। कोहरे और ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन तीन दिन बाद प्रदेश में ठंड की तीव्रता और बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के बाद उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं ज्यादा असर दिखाएंगी, जिससे रात का तापमान और नीचे जाएगा। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उत्तर और पूर्वी मध्यप्रदेश में देखने को मिलेगा, जहां कड़ाके की सर्दी पड़ने के आसार हैं।पिछली रात प्रदेश के 25 से ज्यादा शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। छतरपुर जिले का खजुराहो लगातार दूसरी रात प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान मात्र 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शिवपुरी, राजगढ़, दतिया, नौगांव, रीवा, मंडला, पचमढ़ी और उमरिया जैसे क्षेत्रों में भी पारा 7 डिग्री से नीचे बना रहा, जिससे ठंड का असर और गहरा गया।

    प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में पारा 7.2, इंदौर में 6.9, उज्जैन में 9 और जबलपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। गिरते तापमान के चलते शहरों और गांवों में अलाव जलते नजर आए और लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखे।सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तर भारत के ऊपर तेज गति से बह रही जेट स्ट्रीम हवाओं का असर मध्यप्रदेश में भी साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कंपकंपाने वाली ठंड महसूस की जा रही है। अगले दो दिनों तक कोहरा और शीतलहर दोनों की स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें रोजाना घंटों देरी से पहुंच रही हैं। मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल और जनशताब्दी जैसी ट्रेनों की टाइमिंग बिगड़ने से भोपाल सहित कई स्टेशनों पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।इस बार की सर्दी कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा, दिसंबर ने 25 साल का इतिहास बदल दिया और जनवरी की शुरुआत भी असाधारण रूप से ठंडी रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सीजन में ठंड, कोहरा और शीतलहर तीनों का संयुक्त असर देखने को मिल रहा है, जिससे यह सर्दी लंबे समय तक लोगों को परेशान कर सकती है।