Khandwa Incident: मालगाड़ी में LPG लीकेज से अफरा-तफरी, रेलवे ट्रैफिक हुआ प्रभावित


नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के खंडवा में रविवार रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब एलपीजी गैस से भरी मालगाड़ी के एक वैगन से गैस रिसाव का मामला सामने आया। यह मालगाड़ी महाराष्ट्र के पनवेल से जबलपुर (बिटौनी) जा रही थी, जिसमें भारत पेट्रोलियम के कुल 32 वैगन जुड़े हुए थे। रात करीब 9:30 बजे खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर खड़ी इस ट्रेन में स्टाफ बदलने के दौरान गैस की तेज बदबू महसूस हुई। जांच में एक वैगन से एलपीजी गैस का रिसाव पाया गया, जिसके बाद रेलवे और प्रशासन में हड़कंप मच गया।

तत्काल कार्रवाई: लीकेज वैगन को किया आइसोलेट

मामले की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। ऋषव गुप्ता और मनोज कुमार राय मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। टेक्निकल टीम की मदद से रिसाव वाले वैगन को बाकी 31 वैगनों से अलग कर सुरक्षित दूरी पर आइसोलेट किया गया। प्राथमिक बचाव के तौर पर वैगन को गीली बोरियों और गीली रेत से ढंक दिया गया, ताकि गैस के प्रभाव को कम किया जा सके। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र को भी सतर्क किया गया।

3 घंटे की मशक्कत, 6 ट्रेनें रहीं प्रभावित

इस पूरे ऑपरेशन में करीब 3 घंटे का समय लगा। रात 12:30 बजे तक स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सका। इस दौरान रेलवे यातायात प्रभावित रहा और राजधानी एक्सप्रेस व मंगला एक्सप्रेस सहित कुल 6 ट्रेनें प्रभावित हुईं। अधिकारियों द्वारा स्थिति सामान्य घोषित करने के बाद ही ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू की गई।

पीथमपुर से बुलाई गई विशेषज्ञ टीम, बड़ा खतरा टला

कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से विशेषज्ञ तकनीकी टीम को बुलाया गया है, जो आगे की जांच और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि एक वैगन में भारी मात्रा में गैस भरी होती है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था, जिससे पूरे शहर को खतरा हो सकता था।

सतर्कता से टला बड़ा हादसा, जांच जारी

प्रशासन की तत्परता और रेलवे की सूझबूझ से एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है कि आखिर लीकेज किस वजह से हुआ। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।