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  • गर्मी पर भारी पड़ी बारिश, एमपी में ठंडी हुई रातें; मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी

    गर्मी पर भारी पड़ी बारिश, एमपी में ठंडी हुई रातें; मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों के सक्रिय होने के साथ ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में आंधी, बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा रही है। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे लोगों को अब राहत महसूस होने लगी है। हालांकि मौसम के इस बदले स्वरूप के साथ बिजली गिरने और तेज आंधी जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

    रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। खंडवा में न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जो इस मौसम के लिए काफी कम माना जा रहा है। वहीं पचमढ़ी में रात का तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री, इंदौर में 26.4 डिग्री, ग्वालियर और जबलपुर में 24.7 डिग्री तथा उज्जैन में 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दमोह, रीवा, खरगोन और छिंदवाड़ा सहित कई जिलों में भी रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहीं।

    मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। सतना में सवा इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया में करीब आधा इंच बारिश हुई। शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, श्योपुर, रीवा, सिवनी, बैतूल, सिंगरौली, मैहर और उमरिया सहित अनेक जिलों में बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह से तेज हवाएं चलती रहीं, जबकि शिवपुरी, टीकमगढ़ और गुना में रुक-रुककर बारिश होती रही।

    इस बीच मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। आगर-मालवा, शाजापुर, अशोकनगर, राजगढ़, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल और छिंदवाड़ा में बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, नीमच और मंदसौर सहित कई जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं।

    मौसम के इस बदले स्वरूप के बीच श्योपुर जिले से दुखद खबर भी सामने आई है। जिले के ओछापुरा गांव में रविवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से 32 वर्षीय राजेश श्रीवास की मौत हो गई। बताया गया कि वह अपने घर के आंगन में सो रहा था, तभी तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी और वह उसकी चपेट में आ गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

    मानसून को लेकर भी मौसम विशेषज्ञों ने अहम संकेत दिए हैं। सामान्य तौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून के आसपास प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके आगमन में लगभग एक सप्ताह की देरी हो सकती है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मानसून 20 से 22 जून के बीच प्रदेश में दस्तक दे सकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि मई महीने में प्रदेश ने भीषण गर्मी और असामान्य बारिश दोनों का अनुभव किया। एक ओर खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, वहीं दूसरी ओर लगातार हुई बारिश और ओलावृष्टि ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई में प्रदेश में सामान्य से करीब 56 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और बादलों का प्रभाव बना रहेगा, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी। हालांकि बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है।

  • मई में 56% ज्यादा बारिश, मध्य प्रदेश में गर्मी पर ब्रेक; कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं

    मई में 56% ज्यादा बारिश, मध्य प्रदेश में गर्मी पर ब्रेक; कई जिलों में बारिश और तेज हवाएं


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण गर्मी का असर काफी हद तक कम हो गया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि श्योपुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

    रविवार और सोमवार की दरमियानी रात प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम सुहावना बना रहा। खंडवा प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 24.5 डिग्री, इंदौर में 26.4 डिग्री, ग्वालियर में 24.7 डिग्री, उज्जैन में 26 डिग्री और जबलपुर में 24.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    प्रदेश के अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से नीचे रहा। दमोह में 21.8 डिग्री, रीवा में 22 डिग्री, खरगोन और छिंदवाड़ा में 23.4 डिग्री, उमरिया में 23.5 डिग्री तथा दतिया में 23.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बादल, नमी और वर्षा गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।

    बारिश की बात करें तो सतना जिले में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई, जहां 24 घंटे के दौरान सवा इंच से ज्यादा पानी बरसा। दतिया में आधा इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शिवपुरी, गुना, ग्वालियर, श्योपुर, रीवा, सिवनी, बैतूल, सिंगरौली, मैहर और उमरिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। राजधानी भोपाल में भी सोमवार सुबह से तेज हवाओं के साथ मौसम खुशनुमा बना रहा।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई महीने में प्रदेश में सामान्य से लगभग 56 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि इस बार प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य से कहीं अधिक सक्रिय रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और अरब सागर-बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के संयुक्त प्रभाव के कारण प्रदेश में बार-बार मौसम बदल रहा है।

    हालांकि बारिश और ठंडक के बीच आकाशीय बिजली का खतरा भी बढ़ गया है। श्योपुर में बिजली गिरने की घटना ने मौसम विभाग की चेतावनियों की गंभीरता को एक बार फिर उजागर किया है। विशेषज्ञों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। किसानों के लिए यह मौसम फायदेमंद माना जा रहा है, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

    गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह बदलाव राहत लेकर आया है, लेकिन मौसम के लगातार बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों दोनों को सावधानी बरतनी होगी।