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  • राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान 2026 से नवाजे जाएंगे रघुवीर यादव, अनुपम खेर के विदेश दौरे के कारण बदला गया नाम

    राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान 2026 से नवाजे जाएंगे रघुवीर यादव, अनुपम खेर के विदेश दौरे के कारण बदला गया नाम

    मध्य प्रदेश। सरकार की ओर से इस वर्ष का राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अभिनेता रघुवीर यादव को दिया जाएगा। 13 अक्टूबर को पार्श्वगायक किशोर कुमार की पुण्यतिथि के अवसर पर खंडवा में सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। रघुवीर यादव को वेब सीरीज पंचायत में प्रधान जी की भूमिका से खास पहचान मिली है। इससे पहले इस सम्मान के लिए अभिनेता अनुपम खेर का नाम तय किया गया था, लेकिन उनके खंडवा आने में असमर्थता जताने के बाद ज्यूरी ने रघुवीर यादव का चयन किया। कार्यक्रम मंगलवार शाम खंडवा के पुलिस ग्राउंड में आयोजित होगा।

    सम्मान समारोह में मध्य प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। परंपरा के अनुसार, सम्मान ग्रहण करने से पहले रघुवीर यादव किशोर कुमार के समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद आयोजित समारोह में उन्हें राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन संस्कृति विभाग की ओर से किया जा रहा है।

    सम्मान के लिए अनुपम खेर का नाम पहले तय किए जाने की जानकारी सामने आई थी। चयन की औपचारिक घोषणा से पहले संबंधित ज्यूरी ने उनसे संपर्क किया था। बताया गया कि अनुपम खेर ने खंडवा आने में असमर्थता जताई, क्योंकि वे 17 अक्टूबर तक देश से बाहर रहने वाले थे। सम्मान ग्रहण करने के लिए चयनित कलाकार का खंडवा पहुंचना अनिवार्य होने के कारण ज्यूरी को दूसरे कलाकार का चयन करना पड़ा। इसके बाद रघुवीर यादव के नाम पर फैसला किया गया। इस वर्ष सम्मान के लिए कलाकार का नाम अंतिम समय में तय हो सका।

    राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान के लिए कलाकारों का चयन पांच सदस्यीय ज्यूरी करती है। यह समिति मुंबई में फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों और विशेषज्ञों के बीच चयन प्रक्रिया पूरी करती है। पहले कई मौकों पर चयनित कलाकारों को उनके घर जाकर भी सम्मान प्रदान किया गया था। वर्ष 2010 में अभिनेता देव आनंद को उनके निवास पर सम्मानित किए जाने के बाद ऐसी व्यवस्था का चलन बढ़ा। इससे खंडवा में किशोर कुमार के प्रशंसकों के बीच नाराजगी सामने आई, क्योंकि सम्मान समारोह का आयोजन किशोर कुमार की जन्मस्थली में किए जाने की अपेक्षा थी। इसके बाद वर्ष 2025 में नियम जोड़ा गया कि सम्मान प्राप्त करने वाले कलाकार को खंडवा आना अनिवार्य होगा।

    राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान की शुरुआत मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 1997-98 में की थी। किशोर कुमार के निधन के करीब दस वर्ष बाद शुरू किए गए इस सम्मान का उद्देश्य सिनेमा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करना है। निर्देशन, अभिनय, पटकथा लेखन और गीत लेखन जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वालों को इसके लिए चुना जाता है। कलाकारों का चयन उनकी दीर्घ साधना, उपलब्धियों और सिनेमा में सक्रिय योगदान के आधार पर किया जाता है।

    शुरुआत में इस सम्मान के साथ दो लाख रुपये की राशि दी जाती थी। वर्तमान में सम्मानित कलाकार को पांच लाख रुपये की नकद राशि, स्मृति चिह्न, शॉल और श्रीफल प्रदान किए जाते हैं। शुरुआती वर्षों में समारोह राजधानी भोपाल में आयोजित होता था। बाद में तत्कालीन संस्कृति मंत्री विजय शाह की पहल पर आयोजन को खंडवा स्थानांतरित किया गया। इसका उद्देश्य किशोर कुमार की जन्मस्थली में उनके प्रति सम्मान और स्मृति को केंद्र में रखना था।

    रघुवीर यादव का जन्म 25 जून 1957 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से प्रशिक्षण लिया और वर्ष 1985 में फिल्म मैसी साहब से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। सलाम बॉम्बे!, बैंडिट क्वीन, दिल से, लगान, वॉटर और पीपली लाइव जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को पहचान मिली। वे अभिनेता होने के साथ गायक और संगीतकार भी हैं। फिल्म मैसी साहब के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिले, जबकि पंचायत वेब सीरीज में उनके अभिनय के लिए भी उन्हें सम्मानित किया गया है।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव आज इंदौर और रतलाम के दौरे पर रहेंगे, स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होकर शाम को खंडवा समारोह से जुड़ेंगे

    मुख्यमंत्री मोहन यादव आज इंदौर और रतलाम के दौरे पर रहेंगे, स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होकर शाम को खंडवा समारोह से जुड़ेंगे

    मध्य प्रदेश। के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार, 13 अक्टूबर को इंदौर और रतलाम के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे दोनों शहरों में आयोजित स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री भोपाल लौटेंगे, जहां उनके निवास पर मुलाकातों और विभिन्न विषयों पर चर्चा का कार्यक्रम निर्धारित है। शाम को वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खंडवा में आयोजित राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अलंकरण समारोह और संगीत संध्या में शामिल होंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री सुबह नई दिल्ली से इंदौर पहुंचेंगे। वे सुबह 8:50 बजे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। इसके बाद विमान से इंदौर के लिए रवाना होंगे और सुबह 10:20 बजे इंदौर हवाई अड्डे पर पहुंचने का कार्यक्रम है। इंदौर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री होटल विवांता अमलतास जाएंगे, जहां वे स्थानीय कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। होटल में उनका कार्यक्रम सुबह करीब 10:30 बजे से 10:40 बजे तक निर्धारित है।

    इंदौर में निर्धारित कार्यक्रम पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री हवाई अड्डे के लिए रवाना होंगे। सुबह 11:10 से 11:20 बजे के बीच उनके इंदौर हवाई अड्डे पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से रतलाम के लिए रवाना होंगे। तय समय के अनुसार, मुख्यमंत्री सुबह 11:55 बजे के आसपास रतलाम पहुंचेंगे। वहां वे स्थानीय आयोजनों में शामिल होंगे। दोनों शहरों का दौरा मुख्यमंत्री के दिनभर के निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा है।

    रतलाम में कार्यक्रम पूरे करने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 12:30 बजे भोपाल के स्टेट हैंगर के लिए रवाना होंगे। उनके दोपहर करीब 1:30 बजे भोपाल पहुंचने का कार्यक्रम तय है। इसके बाद वे दोपहर 1:45 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे। भोपाल लौटने के बाद दिन के शेष समय में मुख्यमंत्री निवास समत्व में मुलाकातों और बैठकों का सिलसिला चलेगा।

    मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर बाद 3:30 से 4:30 बजे तक निवास पर मुलाकातें निर्धारित हैं। इसके बाद शाम 4:30 से 5:45 बजे तक विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। शाम 5:45 से 7 बजे तक जनसंपर्क से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श का कार्यक्रम रखा गया है। सुबह की शुरुआत में निवास पर एडीजी इंटेलिजेंस और आयुक्त जनसंपर्क से ब्रीफिंग का कार्यक्रम भी निर्धारित है।

    दिन के अंतिम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शाम 7 बजे मुख्यमंत्री निवास समत्व से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए खंडवा में आयोजित राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान अलंकरण समारोह और संगीत संध्या से जुड़ेंगे। इस कार्यक्रम में उनकी सहभागिता ऑनलाइन माध्यम से होगी। इस तरह मुख्यमंत्री का दिन नई दिल्ली से इंदौर आगमन, रतलाम में स्थानीय आयोजनों में भागीदारी, भोपाल वापसी और शाम को खंडवा के समारोह में ऑनलाइन सहभागिता के बीच निर्धारित है।

  • खंडवा में ट्रेन की चपेट में आया युवक, एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार, मजबूरी में बाइक से पहुंचाया अस्पताल

    खंडवा में ट्रेन की चपेट में आया युवक, एक घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार, मजबूरी में बाइक से पहुंचाया अस्पताल

    मध्य प्रदेश: के खंडवा जिले में रेलवे ट्रैक के पास हुए हादसे के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल उठे हैं। मूंदी थाना क्षेत्र के बीड़ गांव में ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बावजूद एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। आखिरकार लोगों को घायल युवक को मोटरसाइकिल से जिला अस्पताल ले जाना पड़ा।

    घायल युवक की पहचान कुलदीप के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, कुलदीप बीड़ गांव में रेलवे ट्रैक के पास घूम रहा था। इसी दौरान अचानक ट्रेन आ गई और वह उसकी चपेट में आ गया। ट्रेन की टक्कर लगने से युवक घायल हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने उसकी मदद की और तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास शुरू किया।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए लोगों ने एंबुलेंस सेवा को सूचना दी, ताकि घायल को बिना देरी के अस्पताल पहुंचाया जा सके। रेलवे ट्रैक के पास दुर्घटना होने के कारण घायल को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी। ऐसे में मौके पर मौजूद लोगों को उम्मीद थी कि सूचना मिलने के बाद एंबुलेंस जल्द पहुंच जाएगी और युवक को सुरक्षित तरीके से अस्पताल ले जाया जा सकेगा।

    हालांकि, बताया जा रहा है कि एंबुलेंस पहुंचने में करीब एक घंटे का समय बीत गया। इस दौरान घायल युवक को अस्पताल ले जाने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ा। काफी समय गुजरने के बाद भी जब एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची, तो लोगों ने खुद ही घायल को अस्पताल पहुंचाने का फैसला किया।

    इसके बाद स्थानीय लोगों ने घायल कुलदीप को मोटरसाइकिल पर बैठाया और खंडवा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। आपात स्थिति में निजी वाहन के रूप में बाइक का सहारा लेकर घायल को अस्पताल पहुंचाने की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल चिकित्सा सहायता की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में घायल को चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाना महत्वपूर्ण होता है, ऐसे में एंबुलेंस के लिए लंबा इंतजार परेशानी का कारण बना।

    जिला अस्पताल पहुंचने के बाद कुलदीप को उपचार दिया गया। अस्पताल में इलाज मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार बताया गया है। फिलहाल युवक खतरे से बाहर है और उसकी स्थिति ठीक बताई जा रही है। समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने के बाद उसकी हालत में सुधार होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, हादसे में उसे किस तरह की चोटें आईं और उपचार की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    इस घटना के बाद खंडवा जिले में एंबुलेंस सेवा और आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में दुर्घटना या अन्य गंभीर चिकित्सा स्थिति के दौरान एंबुलेंस की तत्काल उपलब्धता को लेकर चिंता जताई जा रही है। आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

    बीड़ गांव में हुई इस घटना ने यह सवाल फिर सामने ला दिया है कि दुर्घटना के समय जरूरतमंद मरीजों तक एंबुलेंस कितनी जल्दी पहुंच पा रही है। फिलहाल कुलदीप की हालत खतरे से बाहर बताई गई है, लेकिन एंबुलेंस के लिए करीब एक घंटे तक इंतजार और फिर बाइक से अस्पताल पहुंचाने की परिस्थितियों ने जिले की आपातकालीन सेवाओं पर चर्चा तेज कर दी है।

  • MP: खंडवा में पटवारी का बड़ा कारनामा…. अपने और पत्नी के नाम करा लीं गांव की 51 जमीनें!

    MP: खंडवा में पटवारी का बड़ा कारनामा…. अपने और पत्नी के नाम करा लीं गांव की 51 जमीनें!


    खंडवा।
    17 सितंबर से मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ‘स्वामित्व भू-अधिकार निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026’ (‘Swamitva Land Rights Execution and Registration Scheme-2026’) लागू हुई है, जिसका मकसद ग्रामीण आबादी को निशुल्क रजिस्ट्री और भू-अधिकार दिलाना है. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले (Khandwa district) से जो खबर आई है, उसने प्रशासनिक तंत्र की नीयत और निष्ठा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जिस पटवारी के कंधों पर ग्रामीणों की जमीन का रिकॉर्ड सहेजने की जिम्मेदारी थी, उसी ने पद का बेजा इस्तेमाल करते हुए सरकारी चबूतरों, सार्वजनिक बावड़ियों और गरीबों के मकानों के पट्टे अपने और अपनी पत्नी के नाम लिखवा लिए. एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 51 पट्टे।

    यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के ग्राम कोलगांव का है. सरकार की महत्वाकांक्षी ‘स्वामित्व योजना’ के तहत गांव में कुल 935 आवासीय पट्टे जारी किए जाने थे. ग्रामीणों को आस थी कि बरसों से जिस जमीन पर वे रह रहे हैं, उसका मालिकाना हक उन्हें मिलेगा. लेकिन योजना के क्रियान्वयन से पहले ही तत्कालीन पटवारी राजेश मंडलोई ने सरकारी रिकॉर्ड में गड़बड़ी की।

    पटवारी राजेश मंडलोई ने गांव के रिकॉर्ड में हेरफेर कर अपने नाम 48 और अपनी पत्नी मनीषा मंडलोई के नाम 3 पट्टे दर्ज करा लिए. यानी गांव के कुल पट्टों में से 51 पट्टे अकेले पटवारी के परिवार के नाम दर्ज हो गए।

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    इस पूरे मामले का पर्दाफाश तब हुआ, जब ग्रामीण शुभम तोमर ने इसकी शिकायत की और कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने दस्तावेजों के साथ पूरे मामले को सामने रखा. ग्रामीणों के मुताबिक, दो-तीन साल पहले पटवारी राजेश मंडलोई सर्वे के नाम पर रिकॉर्ड दुरुस्त करने आए थे. लेकिन उन्होंने चुपके से सार्वजनिक और निजी संपत्तियों पर अपना नाम चढ़ा दिया।

    जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने आरोप लगाया कि शुभम तोमर के घर के पीछे स्थित सार्वजनिक बावड़ी, जिससे पूरा गांव पानी पीता है, उसे पटवारी ने अपने नाम कर लिया. हद तो तब हो गई, जब गांव के बस स्टैंड पर बना RCC का सार्वजनिक चबूतरा और ग्रामीण बलिराम का मकान यानी खसरा नंबर 530 भी पटवारी के रिकॉर्ड में दर्ज पाया गया. जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह ने जब इस मामले की शिकायत कलेक्टर से की तो उन्होंने भी इसे देखकर गंभीरता से लिया।

    शासन ने ‘स्वामित्व योजना’ के तहत पटवारियों को जमीन की रजिस्ट्री करने के अधिकार दिए हैं. कोलगांव पंचायत में पूर्व पटवारी ने 51 पट्टे अपने और अपने परिवार के नाम करा लिए हैं. यह योजना शुरू होने के पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है. यह सिर्फ एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश में भी कई मामले हो सकते हैं. तत्काल इसकी जांच कमेटी बनाकर जांच की जाए, इससे और भी कई मामले उजागर हो सकते हैं. इससे वाजिब लोग अपने हक से वंचित हो रहे हैं. दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

    मामला उजागर होते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए वर्तमान पटवारी राकेश पटेल को मौके पर भेजकर स्थलीय जांच कराई गई. ग्रामीणों की मौजूदगी में जब खसरों का मिलान हुआ, तो गड़बड़ी की पुष्टि हुई।

    जांच रिपोर्ट सामने आते ही खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने सख्त रुख अपनाया और आरोपी पटवारी राजेश मंडलोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. इसके साथ ही कोलगांव के सभी 935 खसरों और पट्टों की दोबारा जांच कर रिकॉर्ड को तुरंत दुरुस्त करने के आदेश दिए गए हैं।

  • खंडवा में गणेश विसर्जन की धूम, मंत्री विजय शाह ने की आरती, क्रेन पर चढ़कर कृत्रिम कुंड का निरीक्षण

    खंडवा में गणेश विसर्जन की धूम, मंत्री विजय शाह ने की आरती, क्रेन पर चढ़कर कृत्रिम कुंड का निरीक्षण

    मध्य प्रदेश: के खंडवा जिले में गणेश उत्सव के समापन के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला धूमधाम से जारी है। विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है और गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। इस दौरान प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने विसर्जन स्थल पहुंचकर भगवान गणेश की आरती की और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

    मंत्री विजय शाह ने विसर्जन के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उनके साथ खंडवा की महापौर अमृता यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता मौजूद रहे। इस दौरान अधिकारियों से विसर्जन स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई।

    खंडवा में गणेश प्रतिमाओं के सुरक्षित विसर्जन के लिए नगर निगम की ओर से शहर में तीन कृत्रिम कुंड तैयार किए गए हैं। इन कुंडों के माध्यम से प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके और विसर्जन के दौरान आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा सकें।

    मंत्री विजय शाह ने महापौर अमृता यादव और नगर निगम परिषद के सदस्यों के साथ भैरव तालाब परिसर में बनाए गए कृत्रिम विसर्जन कुंड का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और नगर निगम के प्रतिनिधियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

    निरीक्षण के दौरान मंत्री विजय शाह विसर्जन में इस्तेमाल की जा रही क्रेन पर भी चढ़े और वहां से कुंड की व्यवस्था का जायजा लिया। विसर्जन के लिए क्रेन के इस्तेमाल से प्रतिमाओं को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और विसर्जन की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की व्यवस्था की गई है।

    गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन और नगर निगम की ओर से सुविधाओं का प्रबंध किया गया है। नगर निगम की टीम विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक तरीके से विसर्जन कराने में जुटी हुई है।

    मंत्री विजय शाह ने नगर निगम की ओर से बनाए गए कृत्रिम कुंडों की व्यवस्था पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं के अनुरूप भगवान गणेश के विसर्जन के लिए कुंड तैयार करना सराहनीय पहल है। उन्होंने खंडवा नगर निगम की पूरी टीम को इस व्यवस्था के लिए बधाई दी।

    मंत्री ने कहा कि नगर निगम ने लोगों की भावनाओं और विश्वास के अनुरूप व्यवस्था की है। उन्होंने भगवान गणेश के विसर्जन को सम्मानपूर्वक संपन्न कराने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए विसर्जन की व्यवस्था की गई है।

    विजय शाह ने यह भी कहा कि भगवान गणेश का विसर्जन मां नर्मदा के पवित्र जल में सम्मानपूर्वक किया जा रहा है। गणेश उत्सव के अंतिम चरण में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लेकर पहुंच रहे हैं।

    खंडवा में तीन कृत्रिम कुंडों की व्यवस्था और नगर निगम की तैयारियों के बीच गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन लगातार जारी है। प्रशासन और नगर निगम की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा तथा विसर्जन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने पर ध्यान दिया जा रहा है।

  • मंगला एक्सप्रेस में खाना खाने के बाद 20 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, खंडवा में ट्रेन रोककर किया इलाज

    मंगला एक्सप्रेस में खाना खाने के बाद 20 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, खंडवा में ट्रेन रोककर किया इलाज


    भोपाल। दिल्ली से केरल लौट रहे स्कूली बच्चों के एक दल में शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस में खाना खाने के बाद करीब 15-20 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों ने उल्टी, जी मिचलाने और बेचैनी की शिकायत की। सूचना मिलते ही ट्रेन को खंडवा रेलवे स्टेशन पर रोका गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने ट्रेन में ही बच्चों की जांच कर प्राथमिक उपचार दिया।

    जानकारी के मुताबिक, बच्चे स्कूल स्टाफ के साथ शैक्षणिक टूर पर दिल्ली गए थे। टूर पूरा होने के बाद सभी ट्रेन से केरल लौट रहे थे। इटारसी स्टेशन के बाद बच्चों ने ट्रेन की पेंट्री कार से खाना मंगाकर खाया था। इसके कुछ समय बाद एक के बाद एक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। ट्रेन स्टाफ ने इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को दी।

    स्टेशन पर पहले से तैयार थी मेडिकल टीम

    बच्चों की तबीयत खराब होने की सूचना खंडवा रेलवे प्रशासन को ट्रेन के पहुंचने से पहले ही मिल गई थी। ऐसे में स्टेशन पर डॉक्टरों की टीम को तैयार रखा गया था। मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस रात करीब 9:05 बजे खंडवा स्टेशन पहुंची। ट्रेन रुकते ही मेडिकल टीम ने प्रभावित बच्चों की जांच शुरू कर दी।

    जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल, सीएसपी अभिनव बारंगे और सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर समेत रेलवे और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। चिकित्सकों ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है।

    40 मिनट स्टेशन पर खड़ी रही ट्रेन

    खंडवा के स्टेशन मास्टर जीएल मीणा के अनुसार, बच्चों के उपचार के दौरान ट्रेन करीब 40 मिनट स्टेशन पर खड़ी रही। मेडिकल टीम ने बच्चों की जांच कर उन्हें जरूरी दवाइयां दीं। उपचार के बाद ट्रेन को रात करीब 9:45 बजे भुसावल की ओर रवाना कर दिया गया।

    बच्चों के साथ रेलवे के डॉक्टरों और कर्मचारियों की एक टीम भी आगे के सफर के लिए रवाना की गई, ताकि रास्ते में जरूरत पड़ने पर उन्हें चिकित्सा सहायता मिल सके।

    15 से 18 साल के हैं सभी बच्चे

    बताया गया है कि बीमार हुए सभी बच्चे केरल के रहने वाले हैं और एक क्रिश्चियन स्कूल से जुड़े हुए हैं। उनकी उम्र करीब 15 से 18 वर्ष बताई गई है। बच्चे स्कूल स्टाफ के साथ शैक्षणिक भ्रमण के लिए दिल्ली गए थे। टूर खत्म होने के बाद वे ट्रेन से वापस केरल लौट रहे थे।

    अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों की हालत फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पूरे मामले पर नजर रख रही है। खाना खाने के बाद एक साथ कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने के कारण फूड पॉइजनिंग की आशंका के आधार पर मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • माइग्रेन के इलाज के बीच होटल में मिला महिला का शव, आत्महत्या के कारणों की तलाश में जुटी पुलिस

    माइग्रेन के इलाज के बीच होटल में मिला महिला का शव, आत्महत्या के कारणों की तलाश में जुटी पुलिस


    मध्य प्रदेश:
    के इंदौर शहर में इलाज के लिए आई एक महिला की होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने जहर सेवन कर आत्महत्या की आशंका जताई है। हालांकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और महिला के मोबाइल सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, खंडवा निवासी 26 वर्षीय महिला माइग्रेन की समस्या से लंबे समय से परेशान थी और उपचार के लिए समय-समय पर इंदौर आती रहती थी। इसी सिलसिले में वह इस बार भी इंदौर पहुंची और विजय नगर क्षेत्र स्थित एक होटल में कमरा लेकर ठहरी थी। दिनभर इलाज के बाद वह अपने कमरे में लौट गई थी।

    देर शाम होटल कर्मचारियों को उस समय संदेह हुआ जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला। कई बार आवाज देने और संपर्क करने की कोशिश के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर होटल प्रबंधन ने मास्टर चाबी की मदद से कमरा खोला। अंदर महिला अचेत अवस्था में बिस्तर पर मिली। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

    पुलिस ने महिला को अस्पताल भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और घटना की सूचना परिजनों को दी गई। परिजन खंडवा से इंदौर पहुंचे, जिनसे पुलिस ने घटना के संबंध में पूछताछ भी की।

    प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने महिला का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और उसकी कॉल डिटेल, मैसेज तथा अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है, ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि महिला लंबे समय से माइग्रेन की समस्या से परेशान थी और उसका उपचार चल रहा था। हालांकि उन्होंने किसी पारिवारिक विवाद या अन्य कारण की जानकारी होने से इनकार किया है। पुलिस बीमारी, मानसिक स्थिति और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।

    जांच अधिकारी होटल के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रहे हैं। होटल में प्रवेश और निकास से जुड़े रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि महिला के होटल पहुंचने के बाद क्या घटनाक्रम रहा और क्या किसी अन्य व्यक्ति का उससे संपर्क हुआ था।

    पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।

  • खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा में रिकॉर्ड बारिश, गांवों में जलभराव, SDRF ने 10 घंटे चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

    खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा में रिकॉर्ड बारिश, गांवों में जलभराव, SDRF ने 10 घंटे चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। सबसे ज्यादा बारिश खरगोन जिले के गोगावां में 7.6 इंच रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बुरहानपुर शहर में 7 इंच और बैतूल के भीमपुर में 6.6 इंच बारिश हुई। लगातार हो रही बारिश से कई नदियां और नाले उफान पर हैं, जबकि घरों, खेतों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार बड़वानी के वरला, आलीराजपुर के उदयगढ़ और बुरहानपुर के खकनार में 5.3 इंच, खंडवा शहर में 5.1 इंच तथा खरगोन के बड़वाह में 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं झाबुआ के रानापुर में 4 इंच, खरगोन के सेगांव में 4.3 इंच और खरगोन शहर में 4.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रदेश के 33 शहरों और कस्बों में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज होने से कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई।

    बड़वानी जिले के सेंधवा ब्लॉक में 24 घंटे के दौरान साढ़े चार इंच से अधिक बारिश हुई। तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए और धनोरा गांव में नाले का पानी 10 से 15 घरों में घुस गया। कई मकानों में करीब दो फीट तक पानी भर गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण खेतों में खड़ी मक्का की फसल भी गिर गई। सेंधवा ब्लॉक का सबसे बड़ा तालाब ओवरफ्लो हो गया, जबकि वरला और बलवाड़ी क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति बनी रही।

    खंडवा जिले में भी लगातार बारिश से हालात गंभीर बने रहे। यहां 24 घंटे के दौरान 128 मिलीमीटर यानी पांच इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव के साथ कपास और मक्का की फसलों को नुकसान पहुंचा है। आबना और सुक्ता नदी में तेज बहाव के कारण हांड़ी-कुंडी गांव के पास बने टापू पर चार लोग फंस गए। सूचना मिलने पर खंडवा और इंदौर की एसडीआरएफ टीम ने करीब साढ़े दस घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान ड्रोन के माध्यम से फंसे लोगों तक लाइफ जैकेट भी पहुंचाई गई।

    लगातार बारिश के चलते कई जिलों में निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण सड़कों पर पानी भरने और खेतों में फसल नुकसान की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से नदी-नालों के आसपास नहीं जाने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में प्रशासन ने जिलों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

  • प्रेम, लालच और विश्वासघात की खौफनाक साजिश, गोद ली हुई 8 साल की बेटी की गवाही से खुला नर्स हत्याकांड का राज, तीनों आरोपियों को मिली उम्रकैद

    प्रेम, लालच और विश्वासघात की खौफनाक साजिश, गोद ली हुई 8 साल की बेटी की गवाही से खुला नर्स हत्याकांड का राज, तीनों आरोपियों को मिली उम्रकैद

     मध्य प्रदेश के खंडवा में वर्ष 2013 में सामने आए चर्चित नर्स ट्रेजा पारे हत्याकांड ने एक बार फिर यह साबित किया कि किसी भी सुनियोजित अपराध के पीछे छिपा सच अंततः सामने आ ही जाता है। शुरुआत में इस घटना को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई थी, लेकिन आठ वर्ष की गोद ली हुई बेटी की गवाही, वैज्ञानिक साक्ष्यों और पुलिस जांच ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया। बाद में अदालत ने इस मामले में तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

    पुलिस जांच के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब बच्ची ने बताया कि घटना के समय कार में मौजूद व्यक्ति वही नहीं था, जिसका पहले संदेह जताया जा रहा था। उसकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और तीसरे आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इसके बाद कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई, जिससे आरोपियों के बीच लगातार संपर्क होने की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि पूरी वारदात एक पूर्व नियोजित साजिश थी।

    पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि ट्रेजा पारे और एक पत्रकार के बीच लंबे समय से निजी संबंध थे। आरोप है कि इस दौरान ट्रेजा ने उस पर आर्थिक रूप से भी भरोसा किया और कई बार बड़ी रकम देने के साथ उसके लिए कार और बुलेट मोटरसाइकिल तक खरीदी। समय के साथ दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ा और विवाद गहराता चला गया। जांच में यह भी सामने आया कि निजी जीवन से जुड़ी कुछ जानकारियां सामने आने के बाद दोनों के बीच विश्वास पूरी तरह टूट गया था।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विवाद बढ़ने पर ट्रेजा ने आरोपी के खिलाफ शिकायत तैयार कर थाने में जमा कराने के लिए अपने ड्राइवर को दी थी। आरोप है कि शिकायत पुलिस तक पहुंचाने के बजाय ड्राइवर ने इसकी जानकारी आरोपी को दे दी। इसके बाद कथित रूप से शिकायत को रोकने और कानूनी कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से हत्या की साजिश रची गई। जांच में यह आरोप भी सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए सुपारी दी गई थी।

    घटना वाले दिन आरोपियों ने ट्रेजा और उनकी बेटी को इलाज के बहाने अपने साथ ले जाकर सुनसान इलाके में पहुंचाया। वहीं कथित रूप से ट्रेजा की हत्या कर दी गई और पूरे मामले को सड़क दुर्घटना जैसा दिखाने का प्रयास किया गया। बच्ची भी हमले की शिकार हुई, लेकिन वह जीवित बच गई। बाद में उसी की गवाही ने पूरे मामले की दिशा बदल दी और पुलिस को वास्तविक घटनाक्रम तक पहुंचने में मदद मिली।

    मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्ष गवाही, तकनीकी साक्ष्य और परिस्थितिजन्य प्रमाण अदालत के सामने प्रस्तुत किए। अदालत ने पाया कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपियों की भूमिका को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त हैं। इसके आधार पर वर्ष 2016 में खंडवा जिला न्यायालय ने तीनों आरोपियों को ट्रेजा पारे की हत्या और बच्ची की हत्या के प्रयास का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

    यह मामला इस बात का भी उदाहरण माना गया कि किसी अपराध की जांच में प्रत्यक्षदर्शी गवाही, वैज्ञानिक साक्ष्य और निष्पक्ष विवेचना कितनी महत्वपूर्ण होती है। एक मासूम बच्ची के साहस और पुलिस की विस्तृत जांच ने उस साजिश का खुलासा किया, जिसे दुर्घटना का रूप देकर हमेशा के लिए छिपाने की कोशिश की गई थी।

  • खंडवा में बारिश बनी जानलेवा आफत, आकाशीय बिजली से दो किसानों की मौत, उफनती नदी में बहीं कृषि मशीनें और पंधाना मार्ग का संपर्क टूटा

    खंडवा में बारिश बनी जानलेवा आफत, आकाशीय बिजली से दो किसानों की मौत, उफनती नदी में बहीं कृषि मशीनें और पंधाना मार्ग का संपर्क टूटा


    मध्य प्रदेश:
    के खंडवा जिले में लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन पर व्यापक असर डाला है। जिले के कई हिस्सों में जलभराव, उफनती नदियों और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस बीच आकाशीय बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में दो किसानों की मौत हो गई, जबकि कई स्थानों पर बाढ़ के तेज बहाव में कृषि उपकरण बह जाने और सड़क संपर्क टूटने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने हालात पर लगातार नजर रखते हुए लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।

    खंडवा जिले के देवला माफी गांव में 42 वर्षीय किसान अपने खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    इसी तरह भगवानपुरा गांव में 45 वर्षीय एक व्यक्ति अपने घर के बाहर खड़े थे, तभी अचानक गिरी बिजली की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें भी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लगातार हो रही बारिश के बीच आकाशीय बिजली की इन घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

    भारी बारिश का असर जिले की सड़क व्यवस्था पर भी स्पष्ट दिखाई दिया। खंडवा-पंधाना-बुरहानपुर मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया के लिए बनाई गई अस्थायी सर्विस रोड तेज बहाव के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन लंबे समय तक बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्रियों को घंटों तक रास्ता खुलने का इंतजार करना पड़ा।

    हालांकि प्रशासन की चेतावनी के बावजूद कुछ लोग उफनते पानी को पार करने का जोखिम उठाते हुए दिखाई दिए। तेज बहाव के बीच लोगों का इस तरह आवागमन करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहा है।

    जिले के जसवाड़ी क्षेत्र में भी तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव में एक कृषि मशीन और दो कल्टीवेटर पानी में बह गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं मौके पर मौजूद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए एक गिट्टी-सीमेंट मिक्सर मशीन को मजबूत रस्सियों से बांध दिया, जिससे उसे बहने से बचा लिया गया। इस घटना ने क्षेत्र में बारिश के बढ़ते खतरे को और स्पष्ट कर दिया।

    जिले में मौसम अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि पुल-पुलिया के ऊपर पानी बहने की स्थिति में किसी भी हाल में उसे पार करने का प्रयास न करें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आगामी दिनों में भी सतर्कता बनाए रखना आवश्यक माना जा रहा है।