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  • खंडवा में बारिश बनी जानलेवा आफत, आकाशीय बिजली से दो किसानों की मौत, उफनती नदी में बहीं कृषि मशीनें और पंधाना मार्ग का संपर्क टूटा

    खंडवा में बारिश बनी जानलेवा आफत, आकाशीय बिजली से दो किसानों की मौत, उफनती नदी में बहीं कृषि मशीनें और पंधाना मार्ग का संपर्क टूटा


    मध्य प्रदेश:
    के खंडवा जिले में लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन पर व्यापक असर डाला है। जिले के कई हिस्सों में जलभराव, उफनती नदियों और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस बीच आकाशीय बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में दो किसानों की मौत हो गई, जबकि कई स्थानों पर बाढ़ के तेज बहाव में कृषि उपकरण बह जाने और सड़क संपर्क टूटने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने हालात पर लगातार नजर रखते हुए लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।

    खंडवा जिले के देवला माफी गांव में 42 वर्षीय किसान अपने खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    इसी तरह भगवानपुरा गांव में 45 वर्षीय एक व्यक्ति अपने घर के बाहर खड़े थे, तभी अचानक गिरी बिजली की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें भी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लगातार हो रही बारिश के बीच आकाशीय बिजली की इन घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

    भारी बारिश का असर जिले की सड़क व्यवस्था पर भी स्पष्ट दिखाई दिया। खंडवा-पंधाना-बुरहानपुर मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया के लिए बनाई गई अस्थायी सर्विस रोड तेज बहाव के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन लंबे समय तक बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्रियों को घंटों तक रास्ता खुलने का इंतजार करना पड़ा।

    हालांकि प्रशासन की चेतावनी के बावजूद कुछ लोग उफनते पानी को पार करने का जोखिम उठाते हुए दिखाई दिए। तेज बहाव के बीच लोगों का इस तरह आवागमन करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहा है।

    जिले के जसवाड़ी क्षेत्र में भी तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव में एक कृषि मशीन और दो कल्टीवेटर पानी में बह गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं मौके पर मौजूद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए एक गिट्टी-सीमेंट मिक्सर मशीन को मजबूत रस्सियों से बांध दिया, जिससे उसे बहने से बचा लिया गया। इस घटना ने क्षेत्र में बारिश के बढ़ते खतरे को और स्पष्ट कर दिया।

    जिले में मौसम अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि पुल-पुलिया के ऊपर पानी बहने की स्थिति में किसी भी हाल में उसे पार करने का प्रयास न करें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आगामी दिनों में भी सतर्कता बनाए रखना आवश्यक माना जा रहा है।

  • ओंकारेश्वर झूला पुल पर बढ़ा सुरक्षा संकट, लोडिंग तार की कड़ी टूटने के बाद आवागमन पूरी तरह बंद, तीन दिन तक जारी रह सकता है मरम्मत कार्य

    ओंकारेश्वर झूला पुल पर बढ़ा सुरक्षा संकट, लोडिंग तार की कड़ी टूटने के बाद आवागमन पूरी तरह बंद, तीन दिन तक जारी रह सकता है मरम्मत कार्य

     मध्य प्रदेश:  के खंडवा जिले स्थित ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर में उस समय प्रशासनिक सतर्कता बढ़ गई जब ओंकारेश्वर और ममलेश्वर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण झूला पुल के लोडिंग तार की एक कड़ी क्षतिग्रस्त पाई गई। तकनीकी खराबी सामने आने के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने एहतियातन बड़ा कदम उठाते हुए पुल पर सभी प्रकार की आवाजाही को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुल के दोनों ओर स्थित प्रवेश द्वारों पर ताले लगा दिए गए हैं तथा किसी भी व्यक्ति को पुल पर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

    यह झूला पुल नर्मदा नदी के दोनों किनारों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क माध्यम माना जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक और पर्यटक इस पुल का उपयोग करते हैं। ऐसे में पुल के तार में आई तकनीकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए तत्काल प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पुल की संरचनात्मक सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना उसे दोबारा चालू नहीं किया जाएगा।

    घटना की जानकारी मिलते ही तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर पुल का विस्तृत निरीक्षण शुरू कर दिया। प्रारंभिक जांच में लोडिंग तार की एक कड़ी टूटने की पुष्टि हुई है। इसके बाद क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और आवश्यक तकनीकी सुधार की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि मरम्मत कार्य और सुरक्षा परीक्षण में लगभग तीन दिन का समय लग सकता है। इस दौरान पुल पूरी तरह बंद रहेगा।

    प्रशासन ने पुल के दोनों छोर पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी कर दी है ताकि कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न कर सके। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को वैकल्पिक मार्गों के उपयोग की सलाह दी गई है। नर्मदा नदी पार करने के लिए पुराने पुल तथा नाव सेवा का उपयोग किया जा सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करना सभी के हित में है।

    ओंकारेश्वर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां वर्षभर श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहता है। विशेष अवसरों और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां आने वाले लोगों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में झूला पुल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि यह दोनों धार्मिक स्थलों के बीच सुगम संपर्क उपलब्ध कराता है। पुल के अस्थायी रूप से बंद होने से यात्रियों को कुछ असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।

    गौरतलब है कि नर्मदा नदी पर निर्मित यह झूला पुल वर्ष 2004 में लगभग 7.20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था। पिछले दो दशकों में यह पुल ओंकारेश्वर और ममलेश्वर के बीच आवागमन का प्रमुख साधन बन चुका है। इससे पहले वर्ष 2023 में भी पुल के एक तार में खराबी सामने आई थी, जिसके बाद आवश्यक मरम्मत कर इसे पुनः चालू किया गया था।

    वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल की व्यापक तकनीकी जांच की जाएगी। सभी सुरक्षा मानकों पर संतोषजनक रिपोर्ट मिलने के बाद ही इसे आम लोगों के लिए दोबारा खोला जाएगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता पुल की संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित जोखिम को पूरी तरह समाप्त करना है।

  • बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर

    बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर


    खंडवा । खंडवा में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद से पहले पुलिस ने कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा और सख्त अभियान चलाया है। जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। इसी के तहत व्यापक कॉम्बिंग गश्त और विशेष कार्रवाई करते हुए करीब 200 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो लोगों को जिला बदर भी किया गया है।

    पुलिस ने त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से ही तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत थानों पर गुंडा परेड कराई जा रही है, जिसमें आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को पुलिस के सामने लाकर सख्त संदेश दिया जा रहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर में करीब 450 से 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। इसमें पुलिस बल के साथ होमगार्ड और वन विभाग की टीमें भी सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा मोबाइल वैन लगातार गश्त कर रही हैं ताकि हर क्षेत्र में नजर रखी जा सके।

    पुलिस ने संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। गली मोहल्लों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे शहर पर नजर रखी जा रही है। किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।

    इसके साथ ही साइबर सेल सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

    खंडवा एसपी अगम जैन ने बताया कि पुलिस लगातार लोगों से संवाद कर रही है और शांति समिति की बैठक भी आयोजित की गई है, ताकि त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • खंडवा में मालगाड़ी के वैगन से एलपीजी गैस रिसाव, 3 घंटे चला रेस्क्यू, राजधानी समेत 6 ट्रेनें प्रभावित

    खंडवा में मालगाड़ी के वैगन से एलपीजी गैस रिसाव, 3 घंटे चला रेस्क्यू, राजधानी समेत 6 ट्रेनें प्रभावित


    खंडवा।
    मध्य प्रदेश के खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर रविवार रात एलपीजी गैस से भरी मालगाड़ी के एक वैगन में रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई। समय रहते रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा हादसा टल गया।

    दरअसल महाराष्ट्र के पनवेल से जबलपुर (भिटौनी) जा रही भारत पेट्रोलियम की मालगाड़ी में 32 वैगन थे। रात करीब 9:30 बजे ट्रेन आउटर पर खड़ी थी, तभी स्टाफ बदलने के दौरान गैस की तेज गंध महसूस हुई। जांच में एक वैगन से एलपीजी गैस रिसाव की पुष्टि हुई।

    जानकारी के अनुसार, शिफ्ट खत्म होने पर ट्रैक चेक कर रहे एक रेलवे कर्मचारी ने पहले गैस की आवाज और फिर तेज गंध महसूस की। पास जाकर देखने पर एक वैगन से तेजी से गैस निकलती दिखाई दी। कर्मचारी ने तुरंत स्टेशन प्रबंधन को सूचना दी, जिसके बाद पूरे सिस्टम को अलर्ट कर दिया गया। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी, स्टेशन प्रबंधक अरविंद साहा, आरपीएफ और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसपी मनोज कुमार राय ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेराबंदी में लिया गया और आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई।


    तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    गंभीर स्थिति को देखते हुए रेलवे और डिजास्टर मैनेजमेंट टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों ने 3 घंटे की मशक्कत के बाद लीकेज वाले 1 वैगन को बाकी 31 वैगन से अलग कर आइसोलेट किया। एहतियात के तौर पर लीकेज वाले वैगन को गीले बारदान (बोरियों) और गीली बालू रेत से ढंक दिया गया। लीकेज वैगन को अलग करने और स्थिति को सुरक्षित करने में प्रशासन को करीब 3 घंटे का समय लगा। स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया और बाकी 31 वैगन वाली ट्रेन को जबलपुर रवाना कर रात 12:30 बजे के बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है।


    3 घंटे प्रभावित रहा रेल यातायात

    रात 12:30 बजे अधिकारी मौके से रवाना हुए। इस पूरे घटनाक्रम के कारण रेलवे यातायात भी बाधित हुआ और राजधानी व मंगला एक्सप्रेस सहित कुल 6 ट्रेनें प्रभावित रहीं। कई ट्रेनों को आउटर और नजदीकी स्टेशनों पर रोकना पड़ा। करीब रात 12:30 बजे स्थिति नियंत्रण में आने के बाद ट्रेनों की आवाजाही बहाल की गई।


    कलेक्टर बोले— एक वैगन ही गंभीर खतरनाक था

    मौके पर पहुंचे कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि, “32 वैगन वाली ट्रेन में एलपीजी गैस भरी हुई थी। एक वैगन में लीकेज पाया गया। जिसे आइसोलेट करके फर्स्ट एड के रूप में गीली बोरियों से ढ़का गया हैं। औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से टेक्निकल टीम को बुलाया गया है। टीम वहां से रवाना हो गई हैं। एक वैगन में इतनी गैस भरी रहती है कि, यदि हादसा होता तो पूरा शहर दहल सकता था।”

  • MP: खंडवा में अतिक्रमण हटाने के दौरान कुएं में फेंकी मूर्ति… भड़के हिंदू संगठन, मचा बवाल

    MP: खंडवा में अतिक्रमण हटाने के दौरान कुएं में फेंकी मूर्ति… भड़के हिंदू संगठन, मचा बवाल


    खंडवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खंडवा (Khandwa) के सूरजकुंड वार्ड में रेलवे की ओर पिछले एक हफ्ते से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई (Remove Encroachment) चल रही है जिसके तहत 100 से अधिक मकान तोड़े जा चुके हैं। इस कार्रवाई के दौरान एक मूर्ति को कुएं में फेंकने का वीडियो वायरल होने पर हिंदू संगठनों ने रेलवे अधिकारियों पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने और भेदभावपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर नगर निगम में हंगामा किया।


    अब तक 100 से ज्यादा मकान तोड़े गए

    खंडवा के सूरजकुंड वार्ड में रेलवे के काम के लिए बीते एक हफ्ते से लगातार अतिक्रमण हटाया जा रहा है। अब तक 100 से ज्यादा मकान तोड़े जा चुके हैं जिससे प्रभावित परिवारों में बहुत गुस्सा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रहने का दूसरा इंतजाम किए बिना की गई इस कार्रवाई से कई परिवार बेघर होने वाले हैं। आलम यह है कि इलाके में तनाव बना हुआ है।


    मूर्ति को कुएं में गिराए जाने का वीडियो वायरल

    लोग उस वक्त और भड़क गए जब बुधवार को रेलवे अधिकारियों पर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने का आरोप लगा। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर एक मूर्ति को कुएं में फेंकते हुए दिखाया गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों, हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और रेलवे अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।


    दोहरे मापदंड का आरोप

    हिंदू जागरण मंच के नेता माधव झा ने रेलवे प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर मंदिरों को बिना किसी पूर्व अनुमति के तोड़ा जा रहा है, जबकि मजारों के मामले में नोटिस देकर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर धार्मिक स्थलों को लेकर इस तरह का भेदभाव क्यों किया जा रहा है। इस आरोप के बाद मौके पर माहौल और अधिक गरमा गया।


    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    रेलवे अधिकारियों, हिंदू जागरण मंच और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय तक तीखी बहस होती रही। मौके पर विवाद की स्थिति बनी रही, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बढ़ते तनाव को देखते हुए समझाइश का प्रयास किया गया। फिलहाल रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में इस तरह की संवेदनशील परिस्थितियों में अधिक सावधानी बरती जाएगी और धार्मिक भावनाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

    कांग्रेस का हंगामा, मुख्य द्वार पर लगाना पड़ा ताला
    रेलवे की अतिक्रमण कार्रवाई को लेकर जनता में पहले से ही नाराजगी बनी हुई थी। इसी मुद्दे पर बुधवार को खंडवा नगर निगम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। प्रदर्शन इतना बढ़ गया कि नगर निगम के मुख्य द्वार पर स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए ताला तक लगाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित लोगों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग उठाई।


    महापौर ने दिया पुनर्वास का भरोसा

    आखिरकार खंडवा महापौर अमृता यादव ने प्रदर्शनकारियों और प्रभावित परिवारों को नई जगह पर जमीन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। महापौर के इस आश्वासन के बाद माहौल कुछ शांत हुआ और विवाद अस्थायी रूप से थम गया। हालांकि, प्रभावित परिवारों और स्थानीय संगठनों का कहना है कि जब तक लिखित और ठोस पुनर्वास योजना सामने नहीं आती, उनका विरोध जारी रहेगा।

  • पहले पहाड़ खत्म कराए, अब पानी बचाने की मुहिम:खंडवा की देशगांव घाटी पर 8 हजार कंटूर ट्रेंच खुदेंगे

    पहले पहाड़ खत्म कराए, अब पानी बचाने की मुहिम:खंडवा की देशगांव घाटी पर 8 हजार कंटूर ट्रेंच खुदेंगे


    खंडवा खंडवा-इंदौर नेशनल हाईवे पर स्थित देशगांव घाटी अब जल संरक्षण की मुहिम का केंद्र बन गई है। छैगांवमाखन जनपद पंचायत ने सैकड़ों एकड़ जमीन पर करीब 8 हजार कंटूर ट्रेंच खोदने की योजना बनाई है। सोमवार को कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने पंडित से विधिवत भूमिपूजन कराया और खुद श्रमदान कर गेंती चलाकर कंटूर ट्रेंच कार्य का शुभारंभ किया।

    खंडवा जिले में ‘गांव का पानी गांव में’ अभियान के तहत ग्राम देशगांव में प्रशासन, ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कंटूर ट्रेंच खुदाई का काम शुरू किया गया। इस दौरान कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने ग्रामीणों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को जल संग्रहण की शपथ दिलाई।

    कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, जनपद अध्यक्ष महेंद्र सावनेर, जिला पंचायत सदस्य श्रीराम चौधरी, नानकराम बरवाहे और अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।

    हाईवे पर कारोबारियों ने खत्म कर दी घाटी
    देशगांव घाटी को पहले ही 150 फीट तक खोदकर नेशनल हाईवे का फोरलेन बनाया जा चुका है। एनएचएआई ने पहाड़ी को समतल किया, वहीं कुछ शहर के कारोबारी ने पहाड़ी जमीन खरीदकर उसे पूरी तरह खत्म कर दिया और पेट्रोल पंप खोल दिए। इस प्रक्रिया में खनिज विभाग और शासन को एक रूपए की रॉयल्टी भी नहीं दी गई।

    अब इसी घाटी में जल संरक्षण के लिए कंटूर ट्रेंच खुदाई की जा रही है ताकि भूजल स्तर में सुधार हो और गांवों के पानी की समस्या दूर की जा सके।

  • खंडवा में प्रशासन का बड़ा अभियान: होटल एप्पल और हरिओम दूध भंडार से 22 घरेलू गैस सिलेंडर और 5 गैस भट्टी जब्त, अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई

    खंडवा में प्रशासन का बड़ा अभियान: होटल एप्पल और हरिओम दूध भंडार से 22 घरेलू गैस सिलेंडर और 5 गैस भट्टी जब्त, अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई


    नई दिल्ली। खंडवा जिले के पंधाना क्षेत्र में प्रशासन ने शनिवार देर शाम से रविवार सुबह तक घरेलू गैस के अवैध भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ बड़ा छापा मारा। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने बोरगांव बुजुर्ग स्थित होटल एप्पल और हरिओम दूध भंडार पर कार्रवाई करते हुए कुल 22 घरेलू गैस सिलेंडर और 5 गैस भट्टी जब्त की। इस कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस बल भी मौजूद रहे।

    टीम के मुताबिक, होटल एप्पल में सिलेंडरों को इस तरह जमा किया गया था जैसे किसी गोदाम में रखा गया हो। ये सिलेंडर आरुद स्थित सुमन एचपी गैस एजेंसी से जुड़े हुए पाए गए। पंधाना तहसील प्रशासन ने बताया कि नियमों के अनुसार किसी भी परिसर में 100 किलोग्राम से अधिक गैस भंडारण करना प्रतिबंधित है, लेकिन यहां 20 से अधिक सिलेंडर रखे गए थे, जो गंभीर अनियमितता मानी जा रही है।

    हरिओम दूध भंडार पर भी इसी तरह की जांच की गई। यहां घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया। खाद्य विभाग के अधिकारी रोहित देवल ने कहा कि प्रशासन ऐसे मामलों के खिलाफ लगातार अभियान जारी रखेगा ताकि उपभोक्ताओं को गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

    पंधाना तहसीलदार दिवाकर सुल्या, नायब तहसीलदार वैशाली बघेल और पटवारी अजय रघुवंशी के साथ पुलिस बल कार्रवाई में शामिल था। अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध भंडारण रोकना है, बल्कि कालाबाजारी और अनियमित वितरण पर भी सख्त नजर रखना है।

    यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के हित में प्रशासन की सजगता और कानून व्यवस्था में कड़े कदम का प्रतीक है, जिससे यह संदेश भी जाता है कि किसी भी व्यवसायिक प्रतिष्ठान में घरेलू गैस का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • खंडवा में दिनदहाड़े स्कॉर्पियो सवार 8 बदमाशों की किसान घर में डकैती, 1.60 लाख और बंदूक लूटकर फरार

    खंडवा में दिनदहाड़े स्कॉर्पियो सवार 8 बदमाशों की किसान घर में डकैती, 1.60 लाख और बंदूक लूटकर फरार


    खंडवाखंडवा जिले के नर्मदानगर थाना क्षेत्र के पामाखेड़ी गांव में गुरुवार सुबह 6 बजे एक सनसनीखेज डकैती की वारदात हुई। स्कॉर्पियो सवार 8 बदमाशों ने पामाखेड़ी गांव निवासी संपन्न किसान ललित सोलंकी के घर पर धावा बोल दिया। बदमाशों ने सबसे पहले घर के तीन चौकीदारों को बंधक बनाया और उसके बाद कमरों में जाकर अलमारियों के ताले तोड़कर 1.60 लाख रुपए नकद और एक 12 बोर की बंदूक अपने कब्जे में ले ली।

    वारदात के समय किसान ललित और उनके परिवार के अन्य सदस्य घर से बाहर गए हुए थे, जिससे बदमाशों ने घर में आसानी से लूट की। शुरुआती जांच में पुलिस को यह संकेत मिला है कि बदमाश परिवार से पूर्व परिचित हो सकते हैं। चौकीदारों से पूछताछ के दौरान बदमाशों ने सीधे “ललित कहां है?” सवाल किया, जिससे यह अंदेशा मजबूत होता है।

    पीड़ित किसान के पिता वासुदेव सोलंकी, जो पहले चांदगढ़ रेंज की वन समिति के अध्यक्ष रह चुके हैं, परिवार के संपन्न होने की वजह से भी लूट के निशाने पर हो सकते हैं। सोलंकी परिवार के पास गांव में करीब 40 एकड़ खेती की जमीन, कार और बस सहित अन्य संपत्ति मौजूद है।

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वन विभाग के कैमरों में लुटेरों के स्कॉर्पियो वाहन की पहचान की गई है, जिससे जल्द ही बदमाशों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    नर्मदानगर थाना प्रभारी विकास खिंची ने बताया कि लूट की वारदात का रहस्य जल्द सुलझाने के लिए टीम गठित की गई है और इलाके के ग्रामीणों से भी मदद मांगी जा रही है। पुलिस ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील की है।

    यह वारदात यह भी दर्शाती है कि मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में संपन्न परिवारों के घरों को निशाना बनाकर दिनदहाड़े लूट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। पुलिस का दावा है कि तकनीकी मदद और गांव के लोगों के सहयोग से जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • खंडवा में बेकाबू ट्रक हादसा: शिक्षक की मौत, घंटों की कोशिश के बाद निकाला शव

    खंडवा में बेकाबू ट्रक हादसा: शिक्षक की मौत, घंटों की कोशिश के बाद निकाला शव


    खंडवा । पिपलोद खास बस स्टैंड के पास मंगलवार तड़के करीब 3 बजे एक भयानक सड़क हादसा हुआ जिसमें शिक्षक सोहन सिंह चौहान की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार ट्रक बस स्टैंड के टर्न पर पहुंचा तो ड्राइवर का स्टेयरिंग नियंत्रण से बाहर हो गया। ट्रक सीधे रोड से उतरते हुए वहां बनी तीन दुकानों और एक पेड़ को तोड़ता हुआ आगे बढ़ा।

    हादसे के समय ट्रक में रखी कपास की गठानें सड़क और फुटपाथ पर बिखर गईं। ट्रक के नीचे दबे शिक्षक का शव कई घंटे की मेहनत के बाद रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार ट्रक डेढ़ तलाई से इंदौर की ओर जा रहा था। हादसे में ट्रक ड्राइवर और क्लीनर को मामूली चोटें आई हैं।

    शिक्षक सोहन सिंह चौहान अपने स्कूल के काम से इंदौर जाने के लिए घर से तड़के 3 बजे निकले थे। बस स्टैंड के मोड़ पर वह एक दुकान के नीचे खड़े होकर बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

    रेस्क्यू टीम ने ट्रक के नीचे फंसे शव को सुरक्षित बाहर निकाला और आसपास बिखरी कपास की गठानें हटाई। हादसे ने इलाके में सन्नाटा और शोक की लहर दौड़ा दी है। अधिकारियों ने कहा कि आगे ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सड़क सुरक्षा और वाहन की गति पर कड़ी नजर रखी जाएगी।

  • MP में मौसम लेगा करवट, उज्जैन संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल

    MP में मौसम लेगा करवट, उज्जैन संभाग में बारिश के आसार, भोपाल-इंदौर में छाएंगे बादल


    भोपाल। फरवरी के मध्य में एमपी के मौसम में नया बदलाव देखने को मिलेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की सक्रियता के कारण 18 और 19 फरवरी को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और नीमच सहित उज्जैन संभाग में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में अलर्ट जारी किया है। वहीं, भोपाल और इंदौर में बादल छाए रह सकते हैं।

    रविवार को प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। खंडवा और खरगोन में दिन का तापमान 34 डिग्री के पार पहुंच गया, जबकि दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रायसेन, रतलाम, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सतना और उमरिया में पारा 30 डिग्री या उससे अधिक रहा।

    शनिवार-रविवार की रात ठंड का असर भी महसूस किया गया। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 9.2 डिग्री, कल्याणपुर में 9.4 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री रहा। प्रमुख शहरों में इंदौर 11.5 डिग्री, ग्वालियर 11.7 डिग्री, भोपाल 13 डिग्री, उज्जैन 13.5 डिग्री और जबलपुर 14.3 डिग्री के साथ सबसे ठंडे शहर रहे।

    फरवरी में यह तीसरी बार होगा जब एमपी बारिश की चपेट में आएगा। फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर देखा गया था, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था।

    मौसम विभाग के अनुसार, न्यूनतम तापमान में अगले दो दिन 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला नया सिस्टम 16 फरवरी से सक्रिय होगा, जिसका असर एमपी में भी दिखेगा। पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाए रहेंगे।

    अगले दो दिन का मौसम का हाल
    16 फरवरी – दिन में गर्मी बढ़ेगी, रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी।
    17 फरवरी – कुछ जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा रहेगा, इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है।

    अभी प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है, रात और सुबह के समय ठंड रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही रहेगा, जबकि दिन के समय पारा 30 डिग्री तक पहुंच सकता है।