Tag: Khargone accident

  • CISF बाउंड्री वॉल पर पैर फिसलने से किशोर के गले और जबड़े के आर-पार हुआ नुकीला सरिया, गंभीर हालत में इंदौर रेफर

    CISF बाउंड्री वॉल पर पैर फिसलने से किशोर के गले और जबड़े के आर-पार हुआ नुकीला सरिया, गंभीर हालत में इंदौर रेफर

    बड़वाह (खरगोन)। मध्यप्रदेश के खरगोन जिला अंतर्गत आने वाले बड़वाह नगर में एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके के लोगों को स्तब्ध कर दिया है। यहां के जयंती माता रोड पर स्थित सुरक्षा बल की बाउंड्री वॉल पर खेल-खेल में चढ़ना एक मासूम किशोर के लिए काल के समान साबित हुआ। सड़क किनारे बनी इस बेहद ऊंची सुरक्षा दीवार के ऊपर सुरक्षा के लिहाज से नुकीले लोहे के सरिए लगाए गए थे, जो एक बच्चे के फिसलने के बाद उसकी जिंदगी के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए। इस दर्दनाक घटना की खबर जैसे ही नगर में फैली, चारों तरफ हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

    घटनाक्रम के अनुसार, वार्ड क्रमांक दो के रहने वाले बलराम का 16 वर्षीय पुत्र टैटू अपने हमउम्र दोस्तों के साथ रोज की तरह जयंती माता मार्ग पर खेल रहा था। इसी दौरान खेल-खेल में एक बच्चे की चप्पल उछलकर सड़क किनारे बनी केंद्रीय सुरक्षा बल की ऊंची बाउंड्री वॉल के दूसरी तरफ चली गई। बच्चों की जिद और चप्पल वापस लाने के आग्रह पर टैटू दीवार लांघकर दूसरी तरफ उतर गया। उसने नीचे गिरी चप्पल को उठाकर वापस दीवार के इस पार सड़क पर फेंक दिया। इसके बाद जब वह खुद वापस आने के लिए उस ऊंची दीवार पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था, तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह अपना संतुलन खो बैठा।

    संतुलन बिगड़ते ही वह सीधे दीवार के ऊपरी हिस्से पर लगे नुकीले सरियों पर जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि लोहे का एक नुकीला और मोटा सरिया उसके गले को पूरी तरह से चीरता हुआ जबड़े को फाड़कर मुंह के रास्ते बाहर निकल आया। बालक हवा में ही उस सरिए के सहारे लटक गया और असहनीय दर्द से तड़पने लगा। इस खौफनाक मंजर को देखकर वहां मौजूद अन्य बच्चों ने चीख-पुकार मचानी शुरू कर दी। बच्चों की आवाजें सुनकर आसपास के रहवासी तुरंत मौके की तरफ दौड़े। किशोर को इस तरह लहूलुहान और सरिए में फंसा देख एक बार तो लोगों के होश उड़ गए, लेकिन स्थानीय नागरिकों ने तुरंत हिम्मत दिखाई और बचाव कार्य में जुट गए।

    स्थानीय निवासियों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत बिजली से चलने वाली कटर मशीन का इंतजाम किया। इसके बाद बेहद सावधानी से करीब एक घंटे की भारी मशक्कत और सूझबूझ के साथ उस लोहे के सरिए को दीवार से काटकर अलग किया गया। इस दौरान किशोर जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा। सरिया काटने के तुरंत बाद मौके पर आपातकालीन पुलिस सेवा की गाड़ी पहुंची, जिसकी मदद से घायल अवस्था में बालक को लोहे के टुकड़े समेत तुरंत बड़वाह के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार देकर रक्तस्राव रोकने की कोशिश की।

    अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, सरिया गले और मुंह के बेहद संवेदनशील हिस्से के आर-पार हो चुका था, जिसके कारण अंदरूनी नसें और अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। बालक की नाजुक हालत और लगातार बहते खून को देखते हुए प्राथमिक डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए तत्काल इंदौर के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं स्थानीय नागरिकों में इस तरह के नुकीले और खतरनाक सरियों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। फिलहाल घायल किशोर का इंदौर में सघन उपचार जारी है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने की हरसंभव कोशिश कर रही है।

  • एक गलती और जिंदगी दांव पर ओवरटेक के चक्कर में खौफनाक सड़क हादसा

    एक गलती और जिंदगी दांव पर ओवरटेक के चक्कर में खौफनाक सड़क हादसा

    खरगोन । मध्यप्रदेश के खरगोन शहर से एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है जिसने एक बार फिर सड़क पर लापरवाही के खतरनाक अंजाम को उजागर कर दिया है आनंद नगर इलाके में सुबह के समय एक ऐसा हादसा हुआ जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं

    जानकारी के मुताबिक सींट्रिंग का काम करने वाला युवक सद्दाम अहमद अपनी बाइक से लोहे का सरिया लेकर जा रहा था सुबह का वक्त था और सड़क पर सामान्य ट्रैफिक चल रहा था इसी दौरान उसने एक स्कूल बस को ओवरटेक करने की कोशिश की लेकिन यह कोशिश उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गई जैसे ही उसने बस को पार करने की कोशिश की बाइक पर रखा सरिया बस से टकरा गया और जोरदार झटके के साथ सीधे उसके गले में जा धंसा

    हादसा इतना खतरनाक था कि लोहे का सरिया युवक के गले में करीब चार इंच तक अंदर घुस गया और मौके पर ही खून बहने लगा यह दृश्य इतना भयावह था कि आसपास मौजूद लोग भी घबरा गए लेकिन इसी बीच इंसानियत की एक मिसाल भी देखने को मिली एक ऑटो चालक ने बिना समय गंवाए घायल युवक को अपनी गाड़ी में बैठाया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया

    अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज किया लेकिन युवक की हालत को गंभीर देखते हुए उसे तुरंत Indore रेफर कर दिया गया जहां उसका इलाज जारी है बताया जा रहा है कि फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है बताया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े एक चालक ने घायल को तुरंत शिफ्ट करने में संवेदनशीलता नहीं दिखाई और वीडियो बनने के डर से ही कार्रवाई की इस तरह का व्यवहार गंभीर सवाल खड़े करता है क्योंकि आपात स्थिति में हर पल कीमती होता है और ऐसी लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है

    यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही किस तरह जानलेवा बन सकती है खासकर ओवरटेक करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है अक्सर लोग जल्दबाजी या जोखिम लेकर आगे निकलने की कोशिश करते हैं लेकिन एक छोटी सी चूक जिंदगी और मौत के बीच की दूरी को खत्म कर सकती है

    सड़क सुरक्षा के नियम सिर्फ औपचारिकता नहीं हैं बल्कि हमारी जिंदगी की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं ऐसे में हर वाहन चालक की जिम्मेदारी है कि वह नियमों का पालन करे और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखे यह हादसा एक चेतावनी है कि कुछ सेकंड की जल्दबाजी पूरे जीवन पर भारी पड़ सकती है