पुलिस के मुताबिक फरियादी रितिक सिंह उर्फ रुद्रसिंह निवासी ग्राम बिहाड़िया अपने भतीजे अभिषेक पटेल के साथ बाइक से सनन चाय कंपनी जा रहे थे। शनिवार दोपहर जब वे शिवाजी राव कदम कॉलेज तिल्लोरखुर्द के पास पहुंचे तो दो बाइकों पर सवार होकर आए बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों में कुणाल उर्फ टीटू गुर्जर और अनुज गुर्जर निवासी ग्राम दूधिया तथा रोहित चौधरी निवासी तिल्लोर बामन टेकरी शामिल थे। इनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे।
रास्ते में रोकने के बाद कुणाल गुर्जर ने रितिक सिंह से पूछा कि क्या वह रितिक यादव को जानता है। रितिक सिंह ने पहचान होने की बात स्वीकार की तो आरोपियों ने दोनों चाचा-भतीजे को अलग-अलग बाइक पर जबरन बैठा लिया। इसके बाद उन्हें नीलगिरी परिसर स्थित खदान पर ले जाया गया। वहां बदमाशों ने रितिक यादव को छिपाकर रखने के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी। दोनों ने इस बारे में जानकारी होने से इनकार किया तो आरोपी नाराज हो गए और गाली-गलौज करने लगे।
पीड़ितों के विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। कुणाल अनुज रोहित और उनके साथियों ने खदान के पास पड़े डंडों से दोनों को पीटा। थप्पड़ भी मारे गए। अचानक हुए हमले से चाचा-भतीजे खुद को बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन बदमाशों की संख्या अधिक होने के कारण वे उनका मुकाबला नहीं कर सके। इसी दौरान वहां से गुजर रहे आनंद यादव और अन्य राहगीरों की नजर दोनों पर पड़ी। उन्होंने बीच-बचाव करते हुए बदमाशों को रोकने की कोशिश की। लोगों को आता देखकर आरोपी मौके से भाग निकले।
आरोप है कि भागते समय बदमाशों ने दोनों के मोबाइल फोन भी तोड़ दिए। मारपीट और अफरा-तफरी के दौरान पीड़ितों का पर्स और हाथ की अंगूठी भी गिर गई। घटना के बाद दोनों पीड़ित खुड़ैल थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर मेडिकल परीक्षण कराया और तीन नामजद आरोपियों सहित उनके अन्य साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है। घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के साथ मारपीट और जबरन ले जाने के पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। दिनदहाड़े कॉलेज के पास से चाचा-भतीजे को जबरन ले जाकर खदान में पीटने की इस घटना से इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। राहगीरों के समय पर हस्तक्षेप के कारण दोनों को आरोपियों के चंगुल से निकलने का मौका मिला।

