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  • सब्स्टीट्यूट बनकर उतरे मेसी ने फिर दिखाया जादू, अर्जेंटीना की जीत के साथ विश्व कप में बनाया नया रिकॉर्ड

    सब्स्टीट्यूट बनकर उतरे मेसी ने फिर दिखाया जादू, अर्जेंटीना की जीत के साथ विश्व कप में बनाया नया रिकॉर्ड

    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना ने अपने शानदार अभियान को जारी रखते हुए ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले में जॉर्डन को 3-1 से हराकर नॉकआउट दौर में मजबूत अंदाज में प्रवेश किया। डलास में खेले गए इस मुकाबले में अर्जेंटीना ने पूरे मैच के दौरान गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए अपनी श्रेष्ठता साबित की। जीत के साथ टीम ने ग्रुप चरण का समापन अजेय रहते हुए किया।

    अर्जेंटीना के मुख्य कोच ने इस मुकाबले में टीम संयोजन में कई बदलाव किए और कप्तान लियोनेल मेसी को शुरुआती एकादश में शामिल नहीं किया। उन्हें दूसरे हाफ में बतौर स्थानापन्न मैदान पर उतारा गया। इसके बावजूद टीम के प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ा और शुरुआती मिनटों से ही अर्जेंटीना ने लगातार जॉर्डन के रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा।

    मुकाबले की शुरुआत में अर्जेंटीना को एक गोल मिला, लेकिन ऑफसाइड के कारण उसे मान्यता नहीं मिली। इसके बाद टीम ने आक्रमण जारी रखा और 19वें मिनट में जियोवानी लो सेल्सो ने शानदार बाएं पैर के शॉट से गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। पहले गोल के बाद अर्जेंटीना का आत्मविश्वास और बढ़ गया तथा उसने लगातार मौके बनाना जारी रखा।

    पहले हाफ के दौरान अर्जेंटीना को पेनल्टी भी मिली, जिसे लाउतारो मार्टिनेज ने बिना किसी गलती के गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ अर्जेंटीना ने 2-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली और जॉर्डन पर दबाव और बढ़ गया।

    दूसरे हाफ में जॉर्डन ने संघर्ष का परिचय देते हुए एक शानदार मूव तैयार किया और अल-तमारी ने बेहतरीन गोल कर स्कोर 2-1 कर दिया। इस गोल के बाद कुछ समय के लिए मुकाबला रोमांचक नजर आया, लेकिन अर्जेंटीना ने अपनी लय नहीं खोई और लगातार गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा।

    मैच के अंतिम चरण में मैदान पर उतरे लियोनेल मेसी ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने फ्री किक पर शानदार गोल करते हुए अर्जेंटीना की बढ़त 3-1 कर दी और टीम की जीत पर मुहर लगा दी। उनके गोल के बाद जॉर्डन के लिए वापसी की सभी संभावनाएं समाप्त हो गईं।

    इस मुकाबले के साथ मेसी ने विश्व कप 2026 में अपना छठा गोल दर्ज किया। इसके अलावा उन्होंने लगातार सात विश्व कप मैच जीतने वाले पहले खिलाड़ी बनने की उपलब्धि भी हासिल की। विश्व कप इतिहास में उनके कुल गोलों की संख्या अब 19 हो गई है, जो उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

    ग्रुप चरण में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद अर्जेंटीना अब नॉकआउट मुकाबलों में भी खिताब बचाने के मजबूत दावेदारों में शामिल है। टीम का संतुलित खेल, मजबूत आक्रमण और अनुभवी खिलाड़ियों का प्रदर्शन उसे आगामी दौर में भी खतरनाक प्रतिद्वंद्वी बनाता है।

  • फिलाडेल्फिया में फ्रांस का जलवा एम्बाप्पे के दो गोल से नॉकआउट में एंट्री

    फिलाडेल्फिया में फ्रांस का जलवा एम्बाप्पे के दो गोल से नॉकआउट में एंट्री


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस ने एक बार फिर अपना दमखम दिखाते हुए इराक को 3 0 से हराकर नॉकआउट राउंड में जगह पक्की कर ली। फिलाडेल्फिया में खेले गए इस मुकाबले में बारिश और खराब मौसम भी खेल का रोमांच कम नहीं कर सके और पूरे मैच में फ्रांस का दबदबा बना रहा। इस जीत के सबसे बड़े हीरो रहे Kylian Mbappé जिन्होंने दो गोल दागकर टीम को आसान जीत दिलाई।

    मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने आक्रामक खेल दिखाया। एम्बाप्पे ने 14वें मिनट में पहला गोल कर टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद इराक की टीम संभलने की कोशिश करती रही लेकिन फ्रांस का दबाव लगातार बढ़ता गया। दूसरे हाफ में 54वें मिनट में एम्बाप्पे ने एक और गोल कर स्कोर 2 0 कर दिया। यह गोल इराकी डिफेंडर की गलती का फायदा उठाकर किया गया, जिसमें एम्बाप्पे ने अपनी तेज रफ्तार और सटीक फिनिशिंग का बेहतरीन प्रदर्शन किया।

    इसके बाद उस्मान डेम्बेले ने तीसरा गोल कर फ्रांस की जीत पर मुहर लगा दी। इस जीत के साथ फ्रांस ने न केवल नॉकआउट राउंड में जगह बनाई बल्कि यह भी साबित कर दिया कि वह इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत दावेदार टीमों में शामिल है।

    यह मुकाबला मौसम की वजह से भी चर्चा में रहा। पहले हाफ के बाद तेज बारिश और तूफान की चेतावनी के चलते मैच को करीब दो घंटे तक रोकना पड़ा। मैदान पर पानी भर जाने के कारण खेल दोबारा शुरू कराना चुनौतीपूर्ण रहा लेकिन ग्राउंड स्टाफ की मेहनत के बाद मैच फिर से शुरू हुआ और फ्रांस ने अपनी लय बनाए रखी।

    इस मुकाबले में एम्बाप्पे के लिए यह और भी खास रहा क्योंकि यह उनका 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच था। अपने करियर के इस अहम पड़ाव पर उन्होंने दो गोल कर इसे यादगार बना दिया। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व कप में अपने गोलों की संख्या 16 तक पहुंचा दी और कई दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया।

    एम्बाप्पे ने इस उपलब्धि के साथ जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज की बराबरी कर ली और ब्राजील के दिग्गज रोनाल्डो को पीछे छोड़ दिया। अब उनसे आगे केवल अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हैं जिनके नाम 18 विश्व कप गोल दर्ज हैं।

    इराक की टीम के लिए यह मैच निराशाजनक रहा। टीम के प्रमुख स्ट्राइकर अयमेन हुसैन चोट के कारण मैदान छोड़ने को मजबूर हुए जिससे टीम की आक्रामक क्षमता कमजोर पड़ गई। इराक के लिए यह विश्व कप में सिर्फ दूसरा ही मौका था और इस हार के बाद उनका आगे का सफर काफी मुश्किल हो गया है।

    दूसरी ओर ग्रुप I से नॉर्वे ने भी नॉकआउट में जगह बना ली है। इस ग्रुप में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा जिसमें नॉर्वे ने सेनेगल को 3 2 से हराया। नॉर्वे की जीत में एर्लिंग हालैंड ने दो गोल दागे जबकि मार्कस पेडरसन ने एक गोल किया। सेनेगल की ओर से इस्माइला सार ने दोनों गोल किए।

    इस तरह फ्रांस और नॉर्वे दोनों ने नॉकआउट में प्रवेश कर लिया है और अब आगे के मुकाबलों में खिताब की दौड़ और भी दिलचस्प हो गई है।

  • ऑस्ट्रिया पर जीत के साथ मेसी ने रचा इतिहास वर्ल्ड कप के सर्वाधिक गोल का नया कीर्तिमान

    ऑस्ट्रिया पर जीत के साथ मेसी ने रचा इतिहास वर्ल्ड कप के सर्वाधिक गोल का नया कीर्तिमान


    नई दिल्ली। डलास में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप मुकाबले में अर्जेंटीना ने ऑस्ट्रिया को 2 0 से हराकर नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। इस मुकाबले में सबसे बड़ा आकर्षण लियोनेल मेसी रहे जिन्होंने दो गोल करके इतिहास रच दिया। इसी प्रदर्शन के साथ Lionel Messi ने वर्ल्ड कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    मैच की शुरुआत में अर्जेंटीना को पेनल्टी का मौका मिला। लॉटारो मार्टिनेज को बॉक्स के अंदर फाउल किया गया था। पूरे स्टेडियम में उम्मीद थी कि मेसी इस मौके को गोल में बदल देंगे लेकिन उनकी किक गोल पोस्ट से बाहर चली गई। इस चूक के बाद कुछ पल के लिए मैच का माहौल बदल गया और ऑस्ट्रिया की टीम को राहत मिली।

    हालांकि मेसी का खेल यहां से और खतरनाक हो गया। उन्होंने पहले हाफ के अंत से ठीक पहले गेंद को बॉक्स के किनारे लिया और शानदार नियंत्रण के साथ गोलकीपर के ऊपर से गेंद को नेट में पहुंचा दिया। यह गोल न केवल खूबसूरत था बल्कि ऐतिहासिक भी था क्योंकि इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

    इस मैच में अर्जेंटीना की टीम ने मजबूत संतुलन दिखाया। मिडफील्ड में लगातार पासिंग और तेज मूवमेंट से टीम ने ऑस्ट्रिया पर दबाव बनाए रखा। ऑस्ट्रिया ने भी कुछ आक्रामक प्रयास किए लेकिन अर्जेंटीना के डिफेंस और गोलकीपर ने उन्हें सफल नहीं होने दिया।

    दूसरे हाफ में ऑस्ट्रिया ने वापसी की कोशिश की। फ्री किक और तेज काउंटर अटैक से उन्होंने अर्जेंटीना की रक्षा को चुनौती दी। लेकिन कप्तान मेसी लगातार टीम को आगे बढ़ाते रहे और मैच पर पकड़ बनाए रखी।

    स्टॉपेज टाइम में मेसी ने अपना दूसरा गोल भी दाग दिया। इस बार उन्होंने राइट साइड से अंदर की ओर ड्रिबल करते हुए गेंद को गोल की ओर भेजा। पहले शॉट को उनके साथी खिलाड़ी जूलियन अल्वारेज पूरा नहीं कर सके लेकिन गेंद रिबाउंड हुई और मेसी ने तुरंत मौके का फायदा उठाकर उसे नेट में डाल दिया। यह उनका इस टूर्नामेंट में दूसरा गोल था और कुल मिलाकर वर्ल्ड कप में 18वां गोल भी बन गया।

    मैच खत्म होते ही स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने मेसी के नाम के नारे लगाए। अर्जेंटीना की यह लगातार दूसरी जीत थी जिससे टीम ने बिना किसी हार के नॉकआउट में प्रवेश किया। इस प्रदर्शन के बाद टीम को टूर्नामेंट की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल माना जा रहा है।

    अर्जेंटीना अब अपना अगला ग्रुप मैच 27 जून को जॉर्डन के खिलाफ खेलेगा। टीम का लक्ष्य लगातार जीत के साथ आगे बढ़ते हुए खिताब बचाने का है।