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  • शिवपुरी में दो बहनों और चार बच्चों की कुएं में डूबने से मौत, परिवारों में पसरा मातम..

    शिवपुरी में दो बहनों और चार बच्चों की कुएं में डूबने से मौत, परिवारों में पसरा मातम..


    शिवपुरी जिले:
    में बुधवार को हुई दो अलग-अलग घटनाओं में दो बहनों और चार बच्चों की मौत हो गई। पहली घटना बैराड़ थाना क्षेत्र के गूंगरगांव में हुई, जहां आठ माह की गर्भवती अंजलि रावत ने अपने छह वर्षीय बेटे के साथ कुएं में छलांग लगा दी। दूसरी घटना कोलारस थाना क्षेत्र के सेसई गांव से जुड़ी है, जहां अंजलि की बड़ी बहन सीता रावत अपने तीन बच्चों के साथ कुएं में मृत पाई गई। दोनों घटनाओं में कुल छह लोगों की जान चली गई। पुलिस ने दोनों मामलों की अलग-अलग जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, अंजलि रावत की उम्र 35 वर्ष थी और वह आठ माह की गर्भवती थी। उसके पति धर्मवीर सिंह रावत की करीब डेढ़ महीने पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद से अंजलि मानसिक तनाव में बताई जा रही थी। बुधवार दोपहर करीब एक बजे उसने अपने छह वर्षीय बेटे प्रशांत के साथ कुएं में छलांग लगा दी। इस घटना में मां और बेटे की मौत हो गई।

    घटना के समय अंजलि की तीन बेटियां भी उसके साथ मौजूद थीं। उसकी बड़ी बेटी मोनिका ने अपनी और अपनी दोनों छोटी बहनों की जान बचा ली। इसके बाद वह घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद परिवार में चिंता और शोक का माहौल बन गया। अंजलि की मौत के बाद उसके परिवार के सामने पहले से मौजूद दुख और गहरा गया।

    इसी दिन कुछ घंटे बाद अंजलि की बड़ी बहन सीता रावत से जुड़ी दूसरी घटना सामने आई। 40 वर्षीय सीता कोलारस थाना क्षेत्र के सेसई गांव की निवासी थी। बुधवार को वह अपनी बेटी राखी, उम्र 14 वर्ष, बेटी प्रियंका, उम्र 11 वर्ष और बेटे श्लोक, उम्र छह वर्ष के साथ खोंकर गांव स्थित खेत पर गई थी। शाम करीब छह बजे तक जब वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी।

    खेत पर पहुंचने के बाद परिजनों को कुएं के पास चप्पलें दिखाई दीं। कुएं में देखने पर एक बच्चे का शव नजर आया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। कोलारस पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। बुधवार रात करीब 11 बजे तक सीता और उसके तीनों बच्चों के शव कुएं से बाहर निकाल लिए गए। इस घटना में सीता, राखी, प्रियंका और श्लोक की मौत हुई।

    परिवार के सदस्य हाकम सिंह के मुताबिक, दोनों बहनों के बीच गहरा लगाव था और वे अक्सर फोन पर बातचीत करती थीं। परिजनों ने सीता की मौत को छोटी बहन अंजलि की मृत्यु से जुड़े सदमे से जोड़कर देखा है। हालांकि, सीता ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।

    बैराड़ थाना प्रभारी रवि चौहान के अनुसार, अंजलि और उसके बेटे के शव शिवपुरी जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाए गए थे। वहीं, कोलारस थाना प्रभारी जितेंद्र चंदेलिया ने बताया कि सीता और उसके तीनों बच्चों के शव बुधवार रात तक कुएं से निकाल लिए गए थे। दोनों घटनाओं में पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जानी थी। पुलिस अलग-अलग प्रकरणों की जांच कर रही है, ताकि घटनाओं से जुड़े हालात और कारणों का पता लगाया जा सके।

  • शिवपुरी के सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य पर महिला शिक्षिकाओं को परेशान करने के आरोप, पैर पकड़कर माफी मांगने का वीडियो वायरल

    शिवपुरी के सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य पर महिला शिक्षिकाओं को परेशान करने के आरोप, पैर पकड़कर माफी मांगने का वीडियो वायरल

    मध्य प्रदेश”: के शिवपुरी जिले के कोलारस स्थित सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य राकेश कुलश्रेष्ठ से जुड़ा एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया है। वीडियो में प्राचार्य एक महिला के पैर पकड़कर माफी मांगते दिखाई दे रहे हैं। इस घटनाक्रम के साथ महिला अतिथि शिक्षिकाओं की ओर से लगाए गए अनुचित व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली घटना की पूरी परिस्थितियों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

    महिला शिक्षिका का आरोप है कि प्राचार्य खाली पीरियड के दौरान उन्हें अपने साथ बाहर घूमने के लिए कहते थे। वायरल वीडियो में शिक्षिका कथित तौर पर प्राचार्य से कहती सुनाई देती हैं कि उन्होंने ऐसा एक बार नहीं, बल्कि तीन बार कहा था। शिक्षिका के मुताबिक, स्कूल में खाली समय को लेकर दिए गए इस निर्देश से वह असहज थीं। मामले को लेकर स्कूल परिसर में विवाद होने और शिक्षिका की ओर से पुलिस थाने जाने की बात कहे जाने का भी उल्लेख किया गया है।

    वीडियो में दिखाई देने वाले घटनाक्रम के अनुसार, जब महिला शिक्षिका ने थाने जाने की बात कही, तो प्राचार्य उनके पैर पकड़कर माफी मांगते नजर आए। इस दृश्य के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि विवाद किन परिस्थितियों में हुआ था और माफी मांगने की नौबत क्यों आई। हालांकि, केवल वीडियो के आधार पर पूरे मामले के सभी पहलुओं या आरोपों की सत्यता का अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

    वीडियो में महिला शिक्षिका एक अन्य शिक्षिका का जिक्र करते हुए यह भी कहती सुनाई देती हैं कि उन्होंने पहले महिला एवं बाल विकास विभाग के समक्ष अपने बयान बदलकर प्राचार्य को बचाया था। शिक्षिका कथित तौर पर यह मांग भी करती हैं कि स्कूल में भविष्य में इस तरह का व्यवहार दोबारा नहीं होना चाहिए। यह बयान मामले में पहले हुई किसी शिकायत या विभागीय प्रक्रिया की ओर संकेत करता है, लेकिन उपलब्ध जानकारी में उस प्रक्रिया के आधिकारिक निष्कर्षों का विवरण नहीं दिया गया है।

    मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, दोनों महिला शिक्षिकाओं को बाद में नौकरी छोड़नी पड़ी। आरोप है कि प्राचार्य महिला शिक्षिकाओं को अकेले में बुलाते थे और खाली पीरियड के दौरान अपने साथ समय बिताने का दबाव बनाते थे। शिक्षिकाओं की ओर से कथित अनुचित टिप्पणियों और मानसिक परेशानी की शिकायत भी सामने आई है। हालांकि, नौकरी छोड़ने के कारणों और परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है।

    दूसरी ओर, प्राचार्य राकेश कुलश्रेष्ठ ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि आरोप लगाने वाली दोनों महिलाओं ने झूठी शिकायतें की थीं और बाद में नौकरी छोड़कर चली गईं। इस तरह मामले में शिकायतकर्ता पक्ष के आरोप और प्राचार्य का पक्ष एक-दूसरे से अलग हैं। वायरल वीडियो ने विवाद को सार्वजनिक चर्चा में ला दिया है, लेकिन पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट करने के लिए संबंधित पक्षों के बयान, शिकायतों के रिकॉर्ड और किसी आधिकारिक जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

    शिक्षण संस्थानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षित वातावरण और शिकायतों के निष्पक्ष निपटारे का मुद्दा इस मामले के केंद्र में है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता। मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई और जांच से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का सामने आना जरूरी है।

  • शिवपुरी में संदिग्ध मौत से सनसनी, पेड़ पर लटका मिला युवक; पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी

    शिवपुरी में संदिग्ध मौत से सनसनी, पेड़ पर लटका मिला युवक; पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के लुकवासा चौकी अंतर्गत रामपुरी गांव में एक 23 वर्षीय युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने इस मामले में पत्नी के मायके पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि युवक के साथ पहले मारपीट की गई और इसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वहीं पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    मृतक की पहचान रामपुरी निवासी मर्दन सिंह आदिवासी (23) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात मर्दन का अपनी पत्नी के साथ चरित्र शंका को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद शनिवार सुबह स्थिति और बिगड़ गई। मृतक के पिता गोविंद सिंह आदिवासी का आरोप है कि उनकी बहू ने अपने मायके वालों को गांव बुला लिया था। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने मर्दन के साथ मारपीट की और उसकी पत्नी को अपने साथ ले गए।

    परिजनों का कहना है कि घटना के बाद दोनों पक्ष लुकवासा पुलिस चौकी पहुंचे थे। उनका आरोप है कि बाद में पुलिस ने मर्दन को भी चौकी बुलाया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शाम के समय मर्दन अपने घर लौट आया था और अपने तीन वर्षीय बेटे को भी अपने साथ लेकर आया था।

    रविवार सुबह मर्दन घर से निकला, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। कुछ समय बाद ग्रामीणों ने गांव के बाहर स्थित एक नर्सरी में पेड़ से उसका शव फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    लुकवासा चौकी प्रभारी बैजनाथ मिश्रा ने बताया कि शनिवार को दोनों पक्ष चौकी आए थे, जहां बातचीत के बाद आपसी सहमति से समझौता कराया गया था। इसके बाद मृतक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ चली गई थी, जबकि उनका तीन वर्षीय बेटा मर्दन अपने साथ घर ले गया था। रविवार सुबह युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम कर लिया गया है।

    पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर लगाया जाएगा। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल इस घटना के बाद गांव में शोक और तनाव का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

  • 250 क्विंटल सरसों गबन मामले में बड़ा खुलासा: 29 लाख का ट्रक और माल बरामद, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

    250 क्विंटल सरसों गबन मामले में बड़ा खुलासा: 29 लाख का ट्रक और माल बरामद, मुख्य आरोपी गिरफ्तार


    मध्‍य प्रदेश । शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र में सरसों गबन के चर्चित मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। तेंदुआ थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करोड़ों के कृषि व्यापार से जुड़े इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पुलिस ने लगभग 29 लाख रुपए मूल्य का ट्रक और बची हुई सरसों भी बरामद की है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

    पुलिस के अनुसार मामला उस समय सामने आया जब कोलारस निवासी व्यापारी Anita Gupta ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी फर्म ‘बुलबुल इंटरप्राइजेज’ से आगरा भेजी गई सरसों निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंची। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज किया।

    जानकारी के मुताबिक 21 मार्च 2026 को बुलबुल इंटरप्राइजेज से 250 क्विंटल सरसों आगरा स्थित Mahesh Edible Oil Mills के लिए भेजी गई थी। लेकिन माल लेकर रवाना हुआ ट्रक निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचा। इसके बाद व्यापारी की शिकायत पर ट्रक मालिक रामब्रज गुर्जर और उसके भाई श्रीकेश गुर्जर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

    तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ के अनुसार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी बची हुई सरसों को बेचने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर खरई और कस्बाथाना के बीच घेराबंदी कर कार्रवाई की। इस दौरान ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई और मुख्य आरोपी रामब्रज गुर्जर निवासी Dholpur को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस ने ट्रक (आरजे 11 जीए 9297) को भी जब्त कर लिया। अधिकारियों के अनुसार ट्रक की अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपए है। वहीं वाहन में लगभग 100 क्विंटल सरसों बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत करीब 7 लाख रुपए आंकी गई है। इस प्रकार पुलिस ने कुल 29 लाख रुपए का मशरूका बरामद किया है।

    जांच अधिकारियों का कहना है कि 250 क्विंटल में से बड़ी मात्रा में सरसों पहले ही बेची जा चुकी है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शेष माल कहां और किसे बेचा गया तथा उससे प्राप्त राशि का क्या हुआ। आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    मामले की जांच के दौरान एक और नया नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार रामकेश गुर्जर, जो मुख्य आरोपी रामब्रज का रिश्तेदार बताया जा रहा है, इस पूरे मामले में सहयोगी भूमिका में हो सकता है। पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है। हालांकि उसके खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    वहीं, मामले में नामजद आरोपी श्रीकेश गुर्जर अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर मामले के सभी पहलुओं का खुलासा किया जाएगा।

  • MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट

    MP: सिंधिया का बड़ा ऐलान…. शिवपुरी के कोलारस में बनेगा 2500 करोड़ का डिफेंस प्लांट


    शिवपुरी।
    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कोलारस (Kollars) में 2,500 करोड़ के डिफेंस प्लांट (Defense Plant) की घोषणा की, जिससे 2,000 रोजगार मिलेंगे। साथ ही 19.68 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू कर क्षेत्रीय विकास, कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी के कोलारस नगर के लिए बड़े औद्योगिक विकास की घोषणा की। उन्होंने 2,500 करोड़ रुपये के रक्षा निर्माण संयंत्र (डिफेंस प्लांट) की स्थापना के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शुभारंभ किया। शिवपुरी-कोलारस दौरे के पहले दिन एक जनसभा को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रस्तावित रक्षा संयंत्र अगले दो महीनों के भीतर स्थापित किया जाएगा।

    सिंधिया ने कहा कि कोलारस को 2,500 करोड़ रुपये का रक्षा प्लांट मिलेगा, जो क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य को बदल देगा और लगभग दो दशकों से लंबित मांग को पूरा करेगा। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह संयंत्र कोलारस से लगभग 15 किलोमीटर दूर कोटा हाईवे और मुंबई-ग्वालियर हाईवे के जंक्शन पर स्थापित किया जाएगा, जिसे उन्होंने कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान बताया।

    2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे
    उन्होंने कहा कि इस परियोजना से लगभग 2,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। परियोजना के व्यापक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए सिंधिया ने कहा कि कोलारस, जो अब तक मुख्य रूप से कृषि, खासकर टमाटर उत्पादन के लिए जाना जाता था, अब देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।

    उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा
    उन्होंने कहा कि कोलारस लंबे समय से अपनी कृषि क्षमता के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब यह देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में भी योगदान देगा। यहां निर्मित उपकरण हमारी सीमाओं की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस निवेश से सहायक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। यह परियोजना गुणक प्रभाव (मल्टीप्लायर इफेक्ट) पैदा करेगी, जिससे आगे औद्योगिक विकास और आर्थिक विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।

    कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा
    औद्योगिक घोषणा के अलावा, केंद्रीय मंत्री ने कोलारस में 19.68 करोड़ रुपये की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। पीएम-जनमन योजना के तहत उन्होंने छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों का भूमिपूजन किया और जनपद पंचायत भवन का शिलान्यास किया। सिंधिया ने एक नए बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन भी किया, जिसका उद्देश्य कनेक्टिविटी में सुधार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, उन्होंने एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की आधारशिला भी रखी, जिससे क्षेत्र में स्वच्छता और शहरी ढांचे को मजबूती मिलेगी। संतुलित विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रयास किए जा रहे हैं ताकि क्षेत्र के हर हिस्से तक बुनियादी ढांचा, रोजगार और आवश्यक सेवाएं पहुंच सकें।

  • केंद्रीय मंत्री सिंधिया के प्रयासों से मप्र के कोलारस को मिली रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात

    केंद्रीय मंत्री सिंधिया के प्रयासों से मप्र के कोलारस को मिली रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात


    भोपाल।
    केन्द्रीय संचार मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से मध्य प्रदेश के अशोकनगर और कोलारस क्षेत्र की जनता को बेहतर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

    रेल मंत्रालय ने गुरुवार को अशोकनगर में सोगरिया–दानापुर एक्सप्रेस (19801/02) तथा कोलारस में उज्जैनी एक्सप्रेस (14309/10) के स्टॉपेज को स्वीकृति दी है। यह निर्णय क्षेत्र के यात्रियों के लिए आवागमन को अधिक सुगम और सुविधाजनक बनाएगा। यह जानकारी केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सोशल मीडिया फेसबुक पर पोस्ट कर साझा की है।

    पत्र पर त्वरित कार्रवाई
    सिंधिया ने बताया कि उन्होंने 26 फरवरी 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर अशोकनगर और कोलारस में इन ट्रेनों के ठहराव की आवश्यकता को रेखांकित किया था। उनके इस पत्र पर त्वरित संज्ञान लेते हुए रेल मंत्रालय ने दोनों स्टॉपेज को स्वीकृति प्रदान की है, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को सीधी और बेहतर रेल सुविधा मिल सकेगी।

    सिंधिया ने कहा कि अशोकनगर में सोगरिया–दानापुर एक्सप्रेस और कोलारस में उज्जैनी एक्सप्रेस के ठहराव से क्षेत्र के यात्रियों को देश के विभिन्न हिस्सों से बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। इससे न केवल दैनिक यात्रियों, छात्रों और व्यापारियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।


    रेल मंत्री के प्रति सिंधिया ने व्यक्त किया आभार

    इस बड़ी सौगात पर सिंधिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की सुविधा मोदी सरकार के लिए सर्वोपरि है और सभी मंत्रालय एक साथ मिलकर (Whole of Government) अप्रोच के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय अशोकनगर और कोलारस की जनता के लिए बड़ी राहत और सुविधा लेकर आएगा तथा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और अधिक सुदृढ़ करेगा।