Tag: Kuwait drone attack

  • पश्चिम एशिया में फिर भड़की जंग की चिंगारी, बेरूत में हिजबुल्ला कमांडर ढेर; कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला

    पश्चिम एशिया में फिर भड़की जंग की चिंगारी, बेरूत में हिजबुल्ला कमांडर ढेर; कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला



    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। युद्धविराम और कूटनीतिक कोशिशों के बीच Israel ने दावा किया है कि बेरूत के दक्षिणी इलाके में किए गए हवाई हमले में हिजबुल्ला के कई शीर्ष कमांडर मारे गए हैं। वहीं कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले से नया संकट खड़ा हो गया है।

    बेरूत हमले में हिजबुल्ला कमांडर मारे जाने का दावा
    इज़राइल रक्षा बल ने दावा किया कि बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हुए हमले में हिजबुल्ला की रदवान यूनिट के कमांडर अहमद बलूत मारे गए। इसके अलावा नासेर यूनिट के इंटेलिजेंस प्रमुख मोहम्मद अली बाजी और एयर डिफेंस अधिकारी हुसैन हसन रोमानि के भी मारे जाने की बात कही गई है।रिपोर्ट्स के अनुसार गाज़ा शहर में अलग कार्रवाई के दौरान हमास नेता खलील अल-हय्या के बेटे अज्जाम अल-हय्या के मारे जाने का भी दावा किया गया है।

    कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला
    कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले के बाद ईंधन टैंक में आग लग गई। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। दमकल और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर काबू पाने में जुटी हैं।

    ईरान-इस्राइल तनाव जारी
    इस बीच ईरान  और इस्राइल के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। तेल अवीव के पास बनेई बराक में एक इमारत ईरानी मिसाइल हमले की चपेट में आने से ढह गई, जिसमें कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।

    वहीं डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत जारी है और जल्द समझौता संभव है। दूसरी ओर ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर ग़ालिबफ़ ने अमेरिकी रणनीति का मजाक उड़ाते हुए उसे “ऑपरेशन ट्रस्ट मी ब्रो” बताया।

    लेबनान और गाजा में बढ़ा संकट
    रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 24 घंटों में लेबनान में इस्राइली हमलों में कई लोगों की मौत हुई है। वहीं लेबनान की ओर से दागे गए रॉकेट हमलों में उत्तरी इस्राइल में भी हताहत होने की खबरें हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी यह संघर्ष फिलहाल थमता नहीं दिख रहा और आने वाले दिनों में क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।

  • रूस ईरान को खुफिया जानकारी दे रहा! ट्रंप बोले- इससे कोई खास फायदा नहीं

    रूस ईरान को खुफिया जानकारी दे रहा! ट्रंप बोले- इससे कोई खास फायदा नहीं



    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने शनिवार को उन रिपोर्टों को कम महत्व दिया, जिनमें कहा गया कि रूस ने ईरान को अमेरिकी सैनिकों और ठिकानों पर हमले के लिए खुफिया जानकारी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ऐसा हुआ भी है, तो इससे ईरान को कोई खास लाभ नहीं हो रहा। यह टिप्पणी उन्होंने एयर फोर्स वन से मियामी के लिए रवाना होते समय की।

    अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बढ़ा तनाव

    ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू करने के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है। युद्ध शुरू होने के एक दिन बाद कुवैत में ड्रोन हमले में अमेरिकी सेना के छह रिजर्व सैनिक मारे गए।

    राष्ट्रपति ने सीधे तौर पर पुष्टि नहीं की कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को रूस द्वारा ईरान को लक्ष्य संबंधी जानकारी देने के ठोस सबूत मिले हैं या नहीं, लेकिन उन्होंने कहा कि इससे युद्ध की दिशा पर बड़ा असर नहीं पड़ा है।

    रूस और अमेरिका संबंधों पर सवाल टाले

    जब ट्रंप से पूछा गया कि अगर रूस ईरान की मदद कर रहा है तो अमेरिका-रूस संबंधों पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने सवाल टालते हुए कहा कि “हम भी उनके खिलाफ वैसा ही कर सकते हैं।” उन्होंने यूक्रेन का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों से अमेरिका यूक्रेन को खुफिया सहायता दे रहा है ताकि वह रूस के हमलों से बच सके।

    तेल बाजार पर युद्ध का असर

    पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के साथ ही तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। फारस की खाड़ी के प्रवेश द्वार Hormuz Strait से रोजाना लगभग दो करोड़ बैरल तेल ले जाने वाले जहाज गुजरते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उनके आवागमन में रुकावट आई है। ईरान के जवाबी हमलों और क्षेत्र की ऊर्जा सुविधाओं को हुए नुकसान के कारण वैश्विक आपूर्ति पर दबाव बढ़ा, जिससे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

    रणनीतिक तेल भंडार पर ट्रंप का रुख

    तेल की कीमतों को नियंत्रित करने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ी तो कदम उठाने को तैयार हैं, लेकिन फिलहाल अमेरिका के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी रणनीतिक तेल भंडार में पिछले महीने के अंत तक लगभग 41.5 करोड़ बैरल तेल था, जबकि इसकी कुल क्षमता 70 करोड़ बैरल से अधिक है। ट्रंप ने कहा कि देश में पर्याप्त तेल है और बाजार में आपूर्ति जल्दी सामान्य हो सकती है।