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  • रूसी तेल खरीद पर जयशंकर का स्पष्ट रुख, बोले युद्ध ऊर्जा कारोबार से नहीं बल्कि संवाद और कूटनीति से खत्म होगा

    रूसी तेल खरीद पर जयशंकर का स्पष्ट रुख, बोले युद्ध ऊर्जा कारोबार से नहीं बल्कि संवाद और कूटनीति से खत्म होगा

    नई दिल्ली ।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भारत का रुख एक बार फिर स्पष्ट करते हुए कहा है कि यूक्रेन युद्ध का समाधान किसी देश के तेल खरीदने या नहीं खरीदने से नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा कि करीब पांचवें वर्ष में पहुंच चुका यह संघर्ष संवाद, कूटनीति और गंभीर बातचीत के जरिए ही समाप्त हो सकता है।

    कीव में गुरुवार को जयशंकर ने कहा कि भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। करीब 1.4 अरब आबादी वाले देश के लिए पर्याप्त और सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन का अपना दृष्टिकोण है और भारत उसका सम्मान करता है, लेकिन युद्ध खत्म करने का रास्ता केवल तेल खरीदने या रोकने से नहीं निकल सकता।

    अमेरिका की ओर से रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर संभावित प्रतिबंध या अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के सवाल पर भी विदेश मंत्री ने भारत की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि संघर्ष को समाप्त करने के लिए उन उपायों पर ध्यान देना जरूरी है, जो सीधे शांति और बातचीत की दिशा में आगे बढ़ते हों।

    जयशंकर ने कहा कि रूस से तेल, खनिज, धातु, एल्यूमिना या उर्वरक खरीदना अथवा नहीं खरीदना युद्ध का समाधान नहीं है। उनके मुताबिक वास्तविक समाधान बातचीत के जरिए ही संभव है और भारत दोनों पक्षों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करने की अपनी नीति पर कायम है।

    रूस और यूक्रेन के बीच 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से भारत की रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिका और यूरोपीय देशों की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं। भारत ने लगातार कहा है कि उसकी प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए ऊर्जा की उपलब्धता और उचित कीमत सुनिश्चित करना है। वैश्विक ऊर्जा बाजार में बदलाव के बीच रूसी तेल भारत के लिए एक व्यावहारिक ऊर्जा विकल्प भी बना है।

    जयशंकर इन दिनों तीन दिवसीय यूक्रेन और पोलैंड यात्रा पर हैं। कीव में उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की और विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा से मुलाकात की। यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है।

    उन्होंने भारत की उस नीति को भी दोहराया कि यह युद्ध का युग नहीं है और किसी संघर्ष का स्थायी समाधान युद्ध के मैदान में नहीं खोजा जा सकता। भारत दोनों पक्षों के साथ संपर्क बनाए हुए है। जयशंकर ने हाल में मॉस्को में हुई उच्चस्तरीय बातचीत के बाद अब कीव में भी सीधे संवाद किया है।

    विदेश मंत्री ने हाल में कीव पर हुए हमले का उल्लेख करते हुए वहां हुई भारतीय नागरिक की मौत पर भी शोक जताया। उन्होंने कहा कि संघर्ष में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिवारों के प्रति भारत की संवेदनाएं हैं। इस घटना ने यूक्रेन में मौजूद भारतीय नागरिकों और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के मुद्दे को भी महत्वपूर्ण बना दिया है।

    जयशंकर ने यूक्रेनी विदेश मंत्री के साथ बातचीत में काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविक विभिन्न देशों के जहाजों पर काम करते हैं और ऐसे हमलों से उनकी सुरक्षा प्रभावित होती है।

    भारत ने काला सागर में नागरिक और व्यावसायिक जहाजों पर किसी भी पक्ष की ओर से किए जाने वाले हमलों को अस्वीकार्य बताया है। समुद्री मार्ग बाधित होने से ईंधन, उर्वरक और खाद्य सामग्री की आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है। भारत का जोर इसलिए युद्धविराम, संवाद और कूटनीतिक समाधान के साथ नागरिकों तथा वैश्विक व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर भी बना हुआ है।

  • रूस का यूक्रेन पर बड़ा हमला…. राजधानी कीव पर दांगी बैलिस्टिक मिसाइलें

    रूस का यूक्रेन पर बड़ा हमला…. राजधानी कीव पर दांगी बैलिस्टिक मिसाइलें


    कीव।
    रूस (Russia) ने गुरुवार तड़के एक बार फिर यूक्रेन (Ukraine) की राजधानी कीव (Kyiv) को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों (Ballistic Missiles) से बड़ा हमला किया. यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, हमले के दौरान कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि एयर डिफेंस सिस्टम (Air Defense System) लगातार मिसाइलों को रोकने में जुटे रहे. यूक्रेनी वायुसेना ने चेतावनी दी है कि राजधानी पर और मिसाइल हमले हो सकते हैं, इसलिए लोगों से सुरक्षित बंकरों में रहने की अपील की गई है।

    कीव के मेयर विताली क्लिट्स्को ने बताया कि शहर के पश्चिमी बाहरी इलाके में एक गोदाम मिसाइल हमले की चपेट में आ गया. वहीं, इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों का मलबा ड्नीप्रो नदी के पूर्वी किनारे स्थित इलाके में गिरा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कम से कम आठ बैलिस्टिक मिसाइलें कीव की ओर दागी गई थीं।

    यूक्रेन की वायुसेना ने टेलीग्राम पर जारी संदेश में कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों के अलावा रूस ने शाहेद ड्रोन भी कई शहरों की ओर भेजे हैं. उत्तर-पूर्वी शहर खारकीव में भी ड्रोन हमलों के बाद कई विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं. इसके अलावा विनित्सिया समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी एयर रेड अलर्ट जारी किया गया.


    यूक्रेन के रक्षा मंत्री को पद से हटाने के बाद हमला

    यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन में रक्षा मंत्री मायखाइलो फेदोरोव को पद से हटाए जाने को लेकर राजनीतिक हलचल बनी हुई है. उनके हटने के कुछ ही समय बाद रूस ने राजधानी पर नया हमला कर दिया।


    यूक्रेन पर रूस लगातार कर रहा घातक हमले

    जुलाई में रूस की तरफ से कीव पर यह सातवां बड़ा हमला बताया जा रहा है. इससे पहले 14 जुलाई की रात रूस ने मिसाइलों और ड्रोन के जरिए बड़े पैमाने पर हमला किया था, जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हुई थी और 78 लोग घायल हुए थे. उस हमले में राजधानी के 16 स्थानों को नुकसान पहुंचा था, जिनमें एक स्कूल और एक नागरिक औद्योगिक प्रतिष्ठान भी शामिल था।

    इससे पहले 2 जुलाई को हुए हमले में 30 से अधिक लोगों की मौत और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. वहीं, 6 जुलाई के हमले में कम से कम 26 लोगों की जान गई थी. लगातार हो रहे इन हमलों ने कीव में आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

  • यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद रूस का बड़ा पलटवार, कीव समेत कई ठिकानों पर मिसाइलों की बरसात; युद्ध में बढ़ा नया तनाव

    यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद रूस का बड़ा पलटवार, कीव समेत कई ठिकानों पर मिसाइलों की बरसात; युद्ध में बढ़ा नया तनाव

    नई दिल्ली । रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। हाल के दिनों में यूक्रेन द्वारा रूस के ऊर्जा और सैन्य प्रतिष्ठानों पर किए गए ड्रोन हमलों के बाद रूस ने राजधानी कीव सहित कई क्षेत्रों में व्यापक हवाई और मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों के बाद राजधानी में बड़े पैमाने पर नुकसान और जनहानि की खबरें सामने आई हैं, जबकि कई इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

    लगातार हो रहे हमलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपना विदेश दौरा बीच में समाप्त कर तत्काल देश लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ हालात की समीक्षा की तथा नागरिकों से एयर अलर्ट का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को भी सक्रिय कर दिया है ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।

    रूसी सेना ने इस अभियान में लंबी दूरी की मिसाइलों और रणनीतिक हवाई क्षमता का इस्तेमाल किया। राजधानी के अलावा कई अन्य स्थानों पर भी हमलों की सूचना मिली है। कई इमारतों, सार्वजनिक ढांचों और बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर आग लगने और मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।

    रूस का कहना है कि हमलों का उद्देश्य यूक्रेन के सैन्य और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना था। उसके अनुसार हाल के सप्ताहों में यूक्रेन ने रूसी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा प्रतिष्ठानों, तेल भंडारण केंद्रों और सैन्य परिसरों पर ड्रोन हमले किए थे, जिनके जवाब में यह कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर यूक्रेन का आरोप है कि हमलों का दायरा केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा और कई नागरिक क्षेत्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

    युद्ध के मौजूदा चरण में दोनों पक्ष लगातार नई सैन्य रणनीतियां अपना रहे हैं। यूक्रेन की ओर से ड्रोन हमलों की क्षमता में वृद्धि देखी गई है, जबकि रूस लंबी दूरी की मिसाइलों और हवाई हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई तेज कर रहा है। इससे संघर्ष का दायरा और अधिक व्यापक होता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां आने वाले समय में युद्ध को और जटिल बना सकती हैं।

    यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा है कि उनका देश संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों के पक्ष में है, लेकिन लगातार हो रहे हमले शांति प्रक्रिया को कठिन बना रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन की सुरक्षा और पुनर्निर्माण में सहयोग जारी रखने की अपील की। वहीं रूस ने अपने सुरक्षा हितों और सैन्य लक्ष्यों को प्राथमिकता बताते हुए अभियान जारी रखने के संकेत दिए हैं।

    चार वर्ष से अधिक समय से जारी इस युद्ध ने यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर गहरा प्रभाव डाला है। मौजूदा घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी कम होने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर फिर से चर्चा तेज हो सकती है, हालांकि फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रणनीतिक रुख पर कायम दिखाई दे रहे हैं।

  • रूस-यूक्रेन युद्ध: ओरेश्निक हाइपरसोनिक मिसाइल समेत बड़े हमले में 4 की मौत, कीव में भारी तबाही; जेलेंस्की बोले- रूस पागल हो चुका है



    नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रविवार को एक बार फिर बड़ा सैन्य तनाव देखने को मिला जब रूस ने यूक्रेन पर मिसाइलों और ड्रोनों से भीषण हमला किया। इस हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई दर्जन लोग घायल हुए हैं। हमलों का मुख्य निशाना राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाके रहे।

    रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह हमला यूक्रेन की ओर से किए गए हमलों के जवाब में किया गया है। इस दौरान रूस ने ओरेश्निक हाइपरसोनिक मिसाइल का भी इस्तेमाल किया, जिसे परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बताया जाता है। यह मिसाइल अपनी तेज गति और आधुनिक तकनीक के कारण मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।

    यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमलों में जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पानी आपूर्ति की एक सुविधा, एक बाजार, कई घर और स्कूल इस हमले में क्षतिग्रस्त हुए हैं। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर कहा कि रूसी मिसाइल बिला त्सेरक्वा शहर के पास गिरी और रूस “पागल हो चुका है।”

    यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने दावा किया कि ओरेश्निक मिसाइल में डमी वारहेड लगाया गया था। उन्होंने कहा कि रूस द्वारा यह मिसाइल सिर्फ डर पैदा करने और शक्ति प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल की जा रही है।

    यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक रूस ने रातभर में लगभग 600 ड्रोन और 90 मिसाइलें दागीं, जिनमें से 604 को एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। अधिकारियों ने इसे राजधानी पर हुए सबसे बड़े हमलों में से एक बताया है।

    इस बीच रूस ने आरोप लगाया कि यूक्रेन की ओर से उसके नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर हमले किए गए थे, जिनके जवाब में यह कार्रवाई की गई। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन के “आतंकी हमलों” के जवाब में ओरेश्निक और अन्य बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।

    अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी सामने आई है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलस ने ओरेश्निक मिसाइल के इस्तेमाल को बेहद खतरनाक परमाणु शक्ति प्रदर्शन बताया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मर्ज ने भी इस हमले की निंदा करते हुए इसे युद्ध में गंभीर बढ़ोतरी बताया है।

    यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध पहले से ही चरम पर है और दोनों देश लगातार एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयां संघर्ष को और अधिक खतरनाक दिशा में ले जा सकती हैं।