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  • यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद रूस का बड़ा पलटवार, कीव समेत कई ठिकानों पर मिसाइलों की बरसात; युद्ध में बढ़ा नया तनाव

    यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद रूस का बड़ा पलटवार, कीव समेत कई ठिकानों पर मिसाइलों की बरसात; युद्ध में बढ़ा नया तनाव

    नई दिल्ली । रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। हाल के दिनों में यूक्रेन द्वारा रूस के ऊर्जा और सैन्य प्रतिष्ठानों पर किए गए ड्रोन हमलों के बाद रूस ने राजधानी कीव सहित कई क्षेत्रों में व्यापक हवाई और मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों के बाद राजधानी में बड़े पैमाने पर नुकसान और जनहानि की खबरें सामने आई हैं, जबकि कई इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

    लगातार हो रहे हमलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपना विदेश दौरा बीच में समाप्त कर तत्काल देश लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ हालात की समीक्षा की तथा नागरिकों से एयर अलर्ट का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को भी सक्रिय कर दिया है ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।

    रूसी सेना ने इस अभियान में लंबी दूरी की मिसाइलों और रणनीतिक हवाई क्षमता का इस्तेमाल किया। राजधानी के अलावा कई अन्य स्थानों पर भी हमलों की सूचना मिली है। कई इमारतों, सार्वजनिक ढांचों और बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर आग लगने और मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।

    रूस का कहना है कि हमलों का उद्देश्य यूक्रेन के सैन्य और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना था। उसके अनुसार हाल के सप्ताहों में यूक्रेन ने रूसी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा प्रतिष्ठानों, तेल भंडारण केंद्रों और सैन्य परिसरों पर ड्रोन हमले किए थे, जिनके जवाब में यह कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर यूक्रेन का आरोप है कि हमलों का दायरा केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा और कई नागरिक क्षेत्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

    युद्ध के मौजूदा चरण में दोनों पक्ष लगातार नई सैन्य रणनीतियां अपना रहे हैं। यूक्रेन की ओर से ड्रोन हमलों की क्षमता में वृद्धि देखी गई है, जबकि रूस लंबी दूरी की मिसाइलों और हवाई हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई तेज कर रहा है। इससे संघर्ष का दायरा और अधिक व्यापक होता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां आने वाले समय में युद्ध को और जटिल बना सकती हैं।

    यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा है कि उनका देश संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों के पक्ष में है, लेकिन लगातार हो रहे हमले शांति प्रक्रिया को कठिन बना रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन की सुरक्षा और पुनर्निर्माण में सहयोग जारी रखने की अपील की। वहीं रूस ने अपने सुरक्षा हितों और सैन्य लक्ष्यों को प्राथमिकता बताते हुए अभियान जारी रखने के संकेत दिए हैं।

    चार वर्ष से अधिक समय से जारी इस युद्ध ने यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर गहरा प्रभाव डाला है। मौजूदा घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी कम होने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर फिर से चर्चा तेज हो सकती है, हालांकि फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रणनीतिक रुख पर कायम दिखाई दे रहे हैं।

  • रूस-यूक्रेन युद्ध: ओरेश्निक हाइपरसोनिक मिसाइल समेत बड़े हमले में 4 की मौत, कीव में भारी तबाही; जेलेंस्की बोले- रूस पागल हो चुका है



    नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रविवार को एक बार फिर बड़ा सैन्य तनाव देखने को मिला जब रूस ने यूक्रेन पर मिसाइलों और ड्रोनों से भीषण हमला किया। इस हमले में कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई दर्जन लोग घायल हुए हैं। हमलों का मुख्य निशाना राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाके रहे।

    रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह हमला यूक्रेन की ओर से किए गए हमलों के जवाब में किया गया है। इस दौरान रूस ने ओरेश्निक हाइपरसोनिक मिसाइल का भी इस्तेमाल किया, जिसे परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम बताया जाता है। यह मिसाइल अपनी तेज गति और आधुनिक तकनीक के कारण मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है।

    यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमलों में जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने बताया कि पानी आपूर्ति की एक सुविधा, एक बाजार, कई घर और स्कूल इस हमले में क्षतिग्रस्त हुए हैं। जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर कहा कि रूसी मिसाइल बिला त्सेरक्वा शहर के पास गिरी और रूस “पागल हो चुका है।”

    यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने दावा किया कि ओरेश्निक मिसाइल में डमी वारहेड लगाया गया था। उन्होंने कहा कि रूस द्वारा यह मिसाइल सिर्फ डर पैदा करने और शक्ति प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल की जा रही है।

    यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक रूस ने रातभर में लगभग 600 ड्रोन और 90 मिसाइलें दागीं, जिनमें से 604 को एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया। अधिकारियों ने इसे राजधानी पर हुए सबसे बड़े हमलों में से एक बताया है।

    इस बीच रूस ने आरोप लगाया कि यूक्रेन की ओर से उसके नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर हमले किए गए थे, जिनके जवाब में यह कार्रवाई की गई। रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन के “आतंकी हमलों” के जवाब में ओरेश्निक और अन्य बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।

    अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी सामने आई है। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलस ने ओरेश्निक मिसाइल के इस्तेमाल को बेहद खतरनाक परमाणु शक्ति प्रदर्शन बताया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रीडरिष मर्ज ने भी इस हमले की निंदा करते हुए इसे युद्ध में गंभीर बढ़ोतरी बताया है।

    यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध पहले से ही चरम पर है और दोनों देश लगातार एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयां संघर्ष को और अधिक खतरनाक दिशा में ले जा सकती हैं।