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  • कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट का असर: एशियन पेंट्स में निवेशकों के लिए क्या बन रहे हैं

    कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट का असर: एशियन पेंट्स में निवेशकों के लिए क्या बन रहे हैं


    नई दिल्ली:
      वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार में पेंट सेक्टर के स्टॉक्स पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान-अमेरिका तनाव में नरमी और आपूर्ति परिस्थितियों में सुधार के चलते क्रूड ऑयल करीब 20 प्रतिशत तक टूटकर 76 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। इस बदलाव ने निवेशकों का ध्यान उन कंपनियों की ओर खींचा है, जिनकी लागत संरचना में कच्चा तेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन्हीं में प्रमुख नाम है Asian Paints Ltd का, जो भारतीय पेंट उद्योग की अग्रणी कंपनी मानी जाती है।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार क्रूड ऑयल में गिरावट का सीधा लाभ पेंट कंपनियों को मिल सकता है क्योंकि इनके प्रमुख कच्चे माल पेट्रोकेमिकल आधारित होते हैं। लागत घटने की संभावना से कंपनी के मार्जिन में सुधार की उम्मीद बढ़ती है, जिसका सकारात्मक असर शेयर कीमतों पर दिखाई दे सकता है। हालांकि, मौजूदा स्तरों पर बाजार पहले ही इस कारक को काफी हद तक कीमतों में समाहित कर चुका है।

    डेली चार्ट पर तकनीकी विश्लेषण के अनुसार एशियन पेंट्स के शेयर ने हाल के सत्र में 2829 रुपये का उच्च स्तर बनाया था, जिसके बाद इसमें हल्का प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिली है। इसके बावजूद स्टॉक अभी भी अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो इसकी मध्यम अवधि की मजबूती को दर्शाता है। पिछले कुछ महीनों में स्टॉक ने हायर हाई और हायर लो का पैटर्न बनाए रखा है, जिससे इसमें अपट्रेंड की संरचना बनी हुई है।

    ट्रेडिंग विश्लेषकों का मानना है कि नीचे की ओर 2650 से 2700 रुपये का जोन मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है। इस स्तर पर यदि स्टॉक आता है तो इसमें खरीदारी की दिलचस्पी बढ़ने की संभावना बनी रहती है। वहीं ऊपर की ओर 2828 रुपये का हालिया हाई महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह स्तर निर्णायक रूप से टूटता है तो स्टॉक 2900 से 2928 रुपये के 52-सप्ताह उच्च स्तर की ओर बढ़ सकता है।

    बाजार विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि क्रूड ऑयल में आई मौजूदा गिरावट का प्रभाव अब सीमित रह सकता है क्योंकि हालिया रैली के दौरान इस फैक्टर का काफी हद तक असर स्टॉक प्राइस में पहले ही दिख चुका है। ऐसे में आगे की चाल मुख्य रूप से बाजार की मांग, तिमाही नतीजों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी। अल्पकाल में स्टॉक में कंसोलिडेशन की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि मध्यम अवधि में ट्रेंड अभी भी सकारात्मक माना जा रहा है।

    निवेशकों के लिए फिलहाल रणनीति यह मानी जा रही है कि मजबूत सपोर्ट जोन पर ही एंट्री की जाए और ऊपरी स्तरों पर सावधानी बरती जाए। पेंट सेक्टर में लागत घटने का लाभ लंबे समय में ग्रोथ सपोर्ट कर सकता है, लेकिन तात्कालिक तेजी की संभावना सीमित दायरे में रह सकती है।

  • झांसी के गुरसराय CHC में मरीजों की भीड़, वायरल फीवर और डायरिया के मामलों में तेजी

    झांसी के गुरसराय CHC में मरीजों की भीड़, वायरल फीवर और डायरिया के मामलों में तेजी


    झांसी। झांसी के गुरसराय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में इन दिनों मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है। खासकर वायरल फीवर, उल्टी-दस्त और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी आई है।

    अस्पताल के पर्चा काउंटर पर कार्यरत नमन और मनोज कुमार के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 300 मरीजों के पर्चे बनाए जा रहे हैं। वहीं ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या भी 300 से अधिक पहुंच रही है, जिससे पूरे केंद्र में भीड़ की स्थिति बनी रहती है।

    CHC के चिकित्सक डॉ. रवि अनुरागी ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रतिदिन 400 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले वायरल फीवर के हैं। इसके अलावा उल्टी, दस्त, टाइफाइड, खुजली, घुटनों में दर्द और दमा (अस्थमा) जैसी समस्याओं से पीड़ित मरीज भी बड़ी संख्या में इलाज के लिए आ रहे हैं।

    डॉ. अनुरागी ने बताया कि मौसमी बदलाव और संक्रमण के कारण ऐसे मामले बढ़ रहे हैं और लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि लोग पानी को उबालकर या फिल्टर करके ही पिएं और आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि मच्छरों और संक्रमण से बचाव हो सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या रूमाल से ढकना चाहिए और इस्तेमाल के बाद टिश्यू को तुरंत नष्ट कर देना चाहिए। यदि टिश्यू उपलब्ध न हो तो कोहनी का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है। साथ ही हाथों को नियमित रूप से साबुन से अच्छी तरह धोने की सलाह दी गई है।

    चिकित्सक ने यह भी अपील की कि लोग अपने तौलिये, बर्तन और अन्य व्यक्तिगत वस्तुएं साझा न करें, क्योंकि इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। घर और कार्यस्थल पर दरवाजों के हैंडल, मोबाइल फोन और अन्य बार-बार छुई जाने वाली सतहों को नियमित रूप से साफ और कीटाणुरहित करना भी जरूरी है।

    स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे लक्षण दिखाई देने पर देरी न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच और उपचार कराएं, ताकि बीमारी को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।