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  • भोपाल में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने फहराया तिरंगा: परेड की सलामी ली, संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन

    भोपाल में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने फहराया तिरंगा: परेड की सलामी ली, संविधान निर्माताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को किया नमन


    नई दिल्ली । 77वें गणतंत्र दिवस पर भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। परेड की सलामी लेने के साथ उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का भव्य नज़ारा देखने को मिला। लाल परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर पूरा वातावरण तिरंगे की शान, देशभक्ति के गीतों और नागरिक गर्व से ओत-प्रोत नजर आया।

    परेड में कुल 23 प्लाटून ने अनुशासन और समर्पण का परिचय दिया। इसके साथ ही अश्वरोही दल, शौर्य दल और डॉग स्क्वाड की प्रस्तुतियों ने समारोह को और भी प्रभावशाली बना दिया। सशस्त्र बलों और पुलिस टुकड़ियों की सधी हुई कदमताल ने उपस्थित जनसमूह को गर्व की अनुभूति कराई। राज्यपाल ने परेड का निरीक्षण कर जवानों के उत्साह और अनुशासन की सराहना की।

    झंडा वंदन के पश्चात अपने संबोधन में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने प्रदेश और देशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्र के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह दिन हमें अपने कर्तव्यों की याद दिलाता है और देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सुदृढ़ करने का संकल्प लेने का अवसर प्रदान करता है।

    राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, संविधान सभा के सभी सदस्यों और अमर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि इन्हीं महापुरुषों के संघर्ष, त्याग और बलिदान के कारण देश को स्वतंत्रता और सशक्त संविधान प्राप्त हुआ। बाबा साहेब के विचार सामाजिक न्याय, समता और बंधुत्व के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं, जो आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक हैं।

    उन्होंने गर्व के साथ कहा कि मध्य प्रदेश को बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर की जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है। उनके सिद्धांतों को आत्मसात कर प्रदेश निरंतर सामाजिक समरसता और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्यपाल ने कहा कि आज भारत विश्व पटल पर एक सशक्त, आत्मविश्वासी और सम्मानित राष्ट्र के रूप में स्थापित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा लगातार बढ़ी है और देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

    राज्यपाल ने किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है, जिसकी तैयारियां पहले से ही की जा रही हैं। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का बजट वर्ष 2002-03 में जहां 600 करोड़ रुपये था, वहीं वर्ष 2024-25 में यह बढ़कर 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। “समृद्ध किसान–समृद्ध प्रदेश” के लक्ष्य के तहत कृषि विकास का बहुआयामी मॉडल अपनाया गया है, जिसमें तकनीक, नवाचार, प्राकृतिक खेती, बाजार और डिजिटल पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।कुल मिलाकर, भोपाल में आयोजित यह गणतंत्र दिवस समारोह संविधान के मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और विकास के संकल्प को दोहराने का सशक्त मंच बना, जिसने नागरिकों में देश के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।

  • गणतंत्र दिवस की फाइनल रिहर्सल: लाल परेड मैदान पर गूँजी 'जय हिंद' की हुंकार, DGP ने लिया जायजा

    गणतंत्र दिवस की फाइनल रिहर्सल: लाल परेड मैदान पर गूँजी 'जय हिंद' की हुंकार, DGP ने लिया जायजा


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां अपने चरम पर हैं। शनिवार, 24 जनवरी की सुबह स्थानीय लाल परेड मैदान पर संयुक्त परेड की फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल का भव्य आयोजन किया गया। इस रिहर्सल के जरिए 26 जनवरी को होने वाले मुख्य समारोह की पूरी रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया, जिसमें कदम से कदम मिलाते जवानों के जोश और बैंड की सुमधुर लहरियों ने पूरे मैदान को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

    फुल ड्रेस रिहर्सल के दौरान प्रदेश के पुलिस महानिदेशक DGP श्री कैलाश मकवाणा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने परेड की सलामी ली और सुरक्षा व्यवस्थाओं सहित पूरे कार्यक्रम का बारीकी से निरीक्षण किया। उनके साथ कई वरिष्ठ आईपीएस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। रिहर्सल में ‘डमी’ राज्यपाल द्वारा परेड का निरीक्षण और ध्वजारोहण की प्रक्रिया को ठीक उसी तरह दोहराया गया, जैसा मुख्य समारोह में होना है।

    इस वर्ष की परेड में मध्य प्रदेश पुलिस, होमगार्ड, विशेष सशस्त्र बल , एसटीएफ, जेल विभाग की महिला टुकड़ी, एनसीसी, और स्काउट-गाइड सहित कुल 13 से अधिक टुकड़ियां शामिल हो रही हैं। परेड के साथ-साथ अश्वरोही दल और स्वान दल का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। पुलिस बैंड की धुनों पर जवानों के ऊंचे कदमताल ने उपस्थित दर्शकों में उत्साह भर दिया।

    इसके अलावा रिहर्सल में विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा तैयार की गई झांकियों का भी प्रदर्शन किया गया। इस वर्ष झांकियों की थीम विरासत से विकास और विकसित भारत 2047 रखी गई है जो मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और भविष्य के आधुनिक विजन को प्रदर्शित करती हैं। 26 जनवरी को मुख्य समारोह में राज्यपाल मंगूभाई पटेल ध्वजारोहण करेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और पूरे लाल परेड मैदान क्षेत्र को नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है।