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  • सिहोरा में मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, 6 घंटे चले ड्रामे के बाद उतरी नीचे

    सिहोरा में मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, 6 घंटे चले ड्रामे के बाद उतरी नीचे


    मध्यप्रदेश । जबलपुर जिले के सिहोरा क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला मोबाइल टावर पर चढ़ गई और नीचे उतरने से इनकार कर दिया। करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित इस घटना स्थल पर पुलिस और प्रशासनिक टीम घंटों तक महिला को समझाने में जुटी रही।

    महिला ने आरोप लगाया कि उसके परिवार के ही कुछ लोगों ने उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है और बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस व प्रशासन उसकी फरियाद नहीं सुन रहे हैं। इस कारण वह मानसिक रूप से परेशान होकर टावर पर चढ़ गई।

    घटना की पहचान सिहोरा नगर के वार्ड क्रमांक-3 निवासी सोनम मल्लाह के रूप में हुई है। महिला का कहना है कि उसके बड़े पिता के पुत्र संतोष मल्लाह और गोपाल मल्लाह ने एक स्थानीय व्यवसायी के साथ मिलकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। उसने यह भी दावा किया कि उसने इस मामले की शिकायत थाने, तहसील कार्यालय और अन्य विभागों में कई बार की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

    मंगलवार सुबह करीब 9 बजे महिला थाने पहुंची थी, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर वह मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इसके बाद मौके पर पहुंची सिहोरा पुलिस ने लगातार समझाइश शुरू की। थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को सहित अन्य अधिकारी उसे शांत कराने में लगे रहे और कार्रवाई का आश्वासन दिया।

    करीब छह घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान पुलिस ने महिला को सुरक्षित नीचे उतरने के लिए मनाने की कोशिश की। लगातार बातचीत और समझाइश के बाद आखिरकार महिला टावर से नीचे उतर आई, जिससे पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।

    फिलहाल पुलिस ने संबंधित पक्ष को बयान के लिए तलब किया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही महिला की शिकायत को एसडीएम और तहसीलदार को भी भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

  • जमीन कब्जे से परेशान किसान ने खाया जहर, सुसाइड नोट में पांच लोगों पर लगाए आरोप

    जमीन कब्जे से परेशान किसान ने खाया जहर, सुसाइड नोट में पांच लोगों पर लगाए आरोप


    कटनी। कटनी जिले के बड़वारा क्षेत्र में जमीन विवाद और कथित दबंगों की प्रताड़ना से परेशान एक किसान द्वारा जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। गंभीर हालत में किसान को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल रेफर किया गया है। फिलहाल उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

    पीड़ित किसान की पहचान चंद्रभान महोबिया के रूप में हुई है। उन्होंने आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें पांच लोगों को अपनी हालत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    सुसाइड नोट में किसान ने भानपुरा निवासी भूरा, जगमोहन, कल्लू, जग्गू और अर्जुन के नाम लिखते हुए आरोप लगाया कि ये लोग लंबे समय से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। नोट में उन्होंने लिखा कि वह अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहे हैं और उनके परिवार को किसी प्रकार से परेशान न किया जाए।

    किसान के बेटे चंद्रकांत महोबिया ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के नाम सुसाइड नोट में लिखे गए हैं, वे दबंग प्रवृत्ति के हैं और उनकी पैतृक जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। परिवार का कहना है कि इस मामले को लेकर पिछले छह महीनों से लगातार प्रशासन और पुलिस के चक्कर लगाए जा रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

    परिजनों के मुताबिक बड़वारा तहसील, थाना और एसपी कार्यालय में कई बार लिखित शिकायतें दी गई थीं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन मिला। आरोप है कि पुलिस और राजस्व विभाग की टालमटोल नीति के कारण आरोपी बेखौफ बने रहे और किसान पर लगातार दबाव बनाते रहे। इसी मानसिक तनाव और प्रशासनिक उदासीनता से परेशान होकर किसान ने यह कदम उठाया।

    घटना के बाद इलाके में लोगों में आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर कार्रवाई की जाती तो शायद किसान को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता।

    मामले को लेकर संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि शिकायत मिलने पर संबंधित थाने को पहले ही जांच के निर्देश दिए जा चुके थे। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और किसान का इलाज जारी है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर जमीन विवादों और प्रशासनिक कार्रवाई में देरी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • जमीन विवाद में खूनी झड़प: तलवार, चाकू और डंडों से हमला, फौजी समेत 5 पर केस दर्ज

    जमीन विवाद में खूनी झड़प: तलवार, चाकू और डंडों से हमला, फौजी समेत 5 पर केस दर्ज


    सतना । सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के कंदवा गांव में जमीन विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया, जब दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला तलवार, चाकू और डंडों से हमले तक पहुंच गया। इस झड़प में आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और हथियारों का इस्तेमाल दिखाई दे रहा है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक पक्ष की शिकायत पर फौजी समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर ली है।

    पहले पक्ष के राजकिशोर तिवारी ने आरोप लगाया कि उनके परिवार और गांव के ही दूसरे पक्ष के लोगों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 25 मई की शाम करीब 6 बजे विवाद ने उग्र रूप ले लिया, जब दूसरे पक्ष के लोग गाली-गलौज करते हुए घर में घुस आए।

    शिकायत के अनुसार, हमलावरों में से एक व्यक्ति तलवार लेकर आया था, जबकि अन्य लोग चाकू और डंडों से लैस थे। आरोप है कि उन्होंने घर के बाहर बैठी तुलसी देवी और अन्य परिजनों पर हमला किया। विरोध करने पर पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई।

    घटना के बाद घायल पक्ष थाने पहुंचा और रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें फौजी पंकज तिवारी, मनीष तिवारी, मुनेंद्र तिवारी, दिनेश तिवारी और अभिषेक तिवारी शामिल हैं।

    वहीं, दूसरे पक्ष ने भी पलटवार करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि छुट्टी पर घर आए फौजी पंकज तिवारी पर पहले हमला किया गया। इस शिकायत में राजकिशोर तिवारी सहित पांच अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए हैं।

    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल, वीडियो फुटेज और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की नई हिंसा न हो।

  • रात के अंधेरे में शिलान्यास की कोशिश सिंगरौली में आदित्य बिरला ग्रुप के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध

    रात के अंधेरे में शिलान्यास की कोशिश सिंगरौली में आदित्य बिरला ग्रुप के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बंधा क्षेत्र में उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब आदित्य बिरला ग्रुप से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी कथित रूप से देर रात ग्रामीणों की जमीन पर शिलान्यास करने पहुंच गए इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और असंतोष की स्थिति पैदा कर दी

    बताया जा रहा है कि कंपनी के प्रतिनिधि रात के अंधेरे में चुपचाप मौके पर पहुंचे और जमीन पर शिलान्यास की तैयारी शुरू कर दी लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी ग्रामीणों को लगी वे बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इस कार्रवाई का तीखा विरोध किया ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना उनकी सहमति और जानकारी के उनकी जमीन पर किसी भी तरह का काम नहीं होने दिया जाएगा

    बंधा क्षेत्र के ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी साफ दिखाई देती है उनका कहना है कि यदि कंपनी का प्रोजेक्ट पूरी तरह वैध है तो शिलान्यास दिन में खुले तौर पर किया जाना चाहिए था रात के समय इस तरह की गतिविधि कई सवाल खड़े करती है

    घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है और लोग कंपनी की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इस कार्रवाई के पीछे किसी प्रकार का प्रशासनिक संरक्षण है या फिर यह किसी बड़े स्तर की योजना का हिस्सा है हालांकि इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है

    ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे और किसी भी प्रकार के अवैध या जबरन कार्य को रोकने के लिए संगठित रूप से विरोध जारी रखेंगे उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा

    यह घटनाक्रम न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि व्यापक रूप से औद्योगिक परियोजनाओं और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े करता है पारदर्शिता संवाद और सहमति की कमी ऐसे विवादों को जन्म देती है जो आगे चलकर बड़े टकराव का कारण बन सकते हैं फिलहाल बंधा क्षेत्र की यह घटना एक गंभीर विवाद के रूप में उभर रही है जिस पर प्रशासन और संबंधित पक्षों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं