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  • हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की मांग नहीं, केंद्र ने किसानों के विरोध के बीच जारी किया स्पष्टीकरण

    हैदराबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की मांग नहीं, केंद्र ने किसानों के विरोध के बीच जारी किया स्पष्टीकरण

    नई दिल्ली ।केंद्र सरकार ने हैदराबाद से जुड़ी प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को लेकर स्पष्ट किया है कि फिलहाल इनके लिए जमीन अधिग्रहण की कोई मांग नहीं की गई है। हैदराबाद-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु और हैदराबाद-पुणे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की अलाइनमेंट स्टडी अभी चल रही है। केंद्र के अनुसार, इन कॉरिडोर का मार्ग निर्धारित होने के बाद ही संबंधित राज्य सरकारों और किसानों के साथ आवश्यक जानकारी साझा की जाएगी।

    केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। दोनों मंत्रियों के बीच हैदराबाद को चेन्नई, बेंगलुरु और पुणे से जोड़ने वाली प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी पर चर्चा हुई। बैठक के बाद रेड्डी ने बताया कि रेल मंत्री ने साफ किया है कि संबंधित राज्य सरकारों को जमीन अधिग्रहण के संबंध में कोई अनुरोध नहीं भेजा गया है।

    रेड्डी के अनुसार, रेल मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना के मौजूदा चरण में हाई-स्पीड रेल के नाम पर जमीन का अधिग्रहण करना गैर-कानूनी है। उन्होंने कहा कि तीनों प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए अलाइनमेंट संबंधी अध्ययन जारी है। मार्ग का निर्धारण पूरा होने के बाद संबंधित राज्य सरकारों और किसानों को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी। इस स्पष्टीकरण से परियोजना के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की गई है।

    यह बयान ऐसे समय आया है, जब तेलंगाना में रेल कॉरिडोर और अन्य परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की कोशिशों को लेकर किसानों का विरोध सामने आया है। हैदराबाद के बाहरी इलाकों में किसान जमीन अधिग्रहण के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार ने प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के संबंध में मौजूदा स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि अभी जमीन अधिग्रहण के लिए संबंधित राज्य सरकारों को कोई मांग नहीं भेजी गई है। फिलहाल परियोजनाओं का मार्ग तय करने के लिए अध्ययन किया जा रहा है।

    प्रस्तावित रेल कनेक्टिविटी को लेकर पहले भी चर्चा हुई थी। दक्षिण मध्य रेलवे की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में अश्विनी वैष्णव और जी. किशन रेड्डी के बीच हैदराबाद को चेन्नई, बेंगलुरु और पुणे से जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल मार्गों पर विस्तार से चर्चा होने की जानकारी दी गई थी। मौजूदा स्पष्टीकरण में केंद्र ने दोहराया है कि तीनों कॉरिडोर की अलाइनमेंट स्टडी पूरी होने और मार्ग निर्धारित किए जाने के बाद ही संबंधित पक्षों के साथ जानकारी साझा की जाएगी।

    रेलवे के बजट खर्च और सुरक्षा से जुड़े कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी गई थी। अगस्त में सरकार ने बताया था कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित बजट में से जुलाई तक भारतीय रेलवे 1,14,973 करोड़ रुपये खर्च कर चुका था। यह राशि 2,93,030 करोड़ रुपये के कुल बजट का लगभग 39 प्रतिशत थी।

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित जवाब में यह जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि रेलवे में सुरक्षा से जुड़े कार्यों पर खर्च 2013-14 में 39,200 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बढ़कर 1,20,389 करोड़ रुपये हो गया। स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम कवच के संबंध में उन्होंने बताया कि 31 जुलाई तक इसके संस्करण 4.0 को 2,633 रूट किलोमीटर पर लागू किया जा चुका था। इसमें दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे अधिक यातायात वाले रेल कॉरिडोर के महत्वपूर्ण हिस्से शामिल हैं।

  • रणबीर कपूर का पुणे में बड़ा निवेश, 16.42 करोड़ रुपये में खरीदी 25 एकड़ से अधिक जमीन, रियल एस्टेट पोर्टफोलियो को मिला नया विस्तार

    रणबीर कपूर का पुणे में बड़ा निवेश, 16.42 करोड़ रुपये में खरीदी 25 एकड़ से अधिक जमीन, रियल एस्टेट पोर्टफोलियो को मिला नया विस्तार

    नई दिल्ली ।बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर ने फिल्मों के साथ-साथ रियल एस्टेट निवेश के क्षेत्र में भी एक बड़ा कदम उठाया है। अयोध्या में जमीन खरीदने के बाद अब उन्होंने महाराष्ट्र के पुणे जिले के मुलशी तालुका में करीब 25.7 एकड़ भूमि खरीदकर अपने निवेश पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। इस सौदे की कुल कीमत 16.42 करोड़ रुपये बताई गई है। यह निवेश ऐसे समय में सामने आया है जब देश के प्रमुख शहरों और पर्यटन क्षेत्रों के आसपास भूमि निवेश को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है।

    उपलब्ध पंजीकरण दस्तावेजों के अनुसार यह भूमि पुणे के मुलशी तालुका स्थित पिंपरी गांव में खरीदी गई है। इस पूरी डील का पंजीकरण 30 अप्रैल 2026 को कराया गया था। खरीदी गई संपत्ति चार अलग-अलग लेकिन आपस में जुड़े भूखंडों से मिलकर बनी है। इन सभी प्लॉटों का कुल क्षेत्रफल लगभग 1,04,000 वर्ग मीटर है, जो करीब 25.7 एकड़ के बराबर है। एक साथ जुड़े हुए इन भूखंडों को भविष्य की संभावित विकास योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    दस्तावेजों के अनुसार सबसे बड़ा भूखंड लगभग 43,800 वर्ग मीटर का है, जिसकी खरीद 7.07 करोड़ रुपये में की गई। दूसरा प्लॉट करीब 29,900 वर्ग मीटर का है और इसकी कीमत 4.62 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। तीसरे भूखंड का क्षेत्रफल लगभग 21,400 वर्ग मीटर है, जिसे 3.31 करोड़ रुपये में खरीदा गया। वहीं सबसे छोटा 8,900 वर्ग मीटर का प्लॉट 1.39 करोड़ रुपये में खरीदा गया। चारों भूखंड एक-दूसरे से जुड़े होने के कारण यह सौदा एकीकृत भूमि निवेश के रूप में देखा जा रहा है।

    इस खरीद के लिए रणबीर कपूर ने 82.13 लाख रुपये का स्टाम्प शुल्क भी अदा किया है। हालांकि इस पूरे लेनदेन को लेकर अभिनेता या उनकी टीम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी नहीं की गई है। ऐसे में इस भूमि के संभावित उपयोग को लेकर किसी प्रकार की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी केवल संपत्ति पंजीकरण से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों तक सीमित है।

    रणबीर कपूर इससे पहले भी रियल एस्टेट में निवेश कर चुके हैं। उन्होंने अयोध्या में विकसित हो रही एक प्रीमियम टाउनशिप में लगभग 3.31 करोड़ रुपये का प्लॉट खरीदा था। यह भूमि सरयू नदी के निकट विकसित की जा रही परियोजना का हिस्सा है, जहां आधुनिक आवासीय सुविधाओं और लाइफस्टाइल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की योजना बनाई गई है। लगातार दूसरे बड़े भूमि निवेश ने यह संकेत दिया है कि अभिनेता दीर्घकालिक संपत्ति निवेश पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो रणबीर कपूर अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भी लगातार चर्चा में हैं। इस बहुप्रतीक्षित फिल्म में वह भगवान राम की भूमिका निभाते नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं और इसमें साई पल्लवी, यश, सनी देओल तथा रवि दुबे भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। यह फिल्म दो भागों में रिलीज होगी, जिसमें पहला भाग दीपावली 2026 और दूसरा भाग दीपावली 2027 के अवसर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा। ऐसे में एक ओर जहां उनका फिल्मी करियर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर रियल एस्टेट क्षेत्र में उनका बढ़ता निवेश भी चर्चा का विषय बना हुआ है।