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  • 500 करोड़ की जमीन विवाद में कांग्रेस नेता पंकज संघवी से पुलिस पूछताछ डायमंड पैलेस जमीन मामले में जांच तेज


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के इंदौर में करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की 17 एकड़ जमीन को लेकर चल रहे चर्चित विवाद में पुलिस जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में मंगलवार को कनाड़िया थाना पुलिस ने संयम इंफ्रा से जुड़े कारोबारी और कांग्रेस नेता पंकज संघवी से पूछताछ की। उनके भतीजे तथा कंपनी के पार्टनर प्रतीक संघवी को भी नोटिस देकर थाने बुलाया गया जहां उनसे लंबे समय तक पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि जांच के तहत सभी संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाई जा रही है।

    यह मामला कनाड़िया क्षेत्र स्थित डायमंड पैलेस कॉलोनी की लगभग 17 एकड़ जमीन से जुड़ा है जिसकी अनुमानित कीमत करीब 500 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पिछले सप्ताह इस जमीन को लेकर संयम इंफ्रा से जुड़े लोगों और स्थानीय रहवासियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी जहां कथित रूप से कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी विवाद किया था।

    पुलिस के अनुसार मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी विजय सिकरवार और आशीष शर्मा के साथ मोहसीन और उसके साथियों की कहासुनी हुई थी। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। इसके बाद सात दिन के भीतर नामजद आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

    एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि जांच के क्रम में पंकज संघवी और प्रतीक संघवी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पंकज संघवी से पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया जबकि प्रतीक संघवी से देर तक पूछताछ जारी रही। पुलिस का कहना है कि अभी यह केवल जांच प्रक्रिया का हिस्सा है और किसी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

    जांच अधिकारियों के मुताबिक संयम इंफ्रा कंपनी में पंकज संघवी प्रतीक संघवी दीपक और आशीष साझेदार हैं। कंपनी के कई आधिकारिक दस्तावेजों पर प्रतीक संघवी के हस्ताक्षर होने के कारण उनसे भी विस्तृत जानकारी ली जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि विवाद वाले दिन मौके पर पहुंचे लोगों को किसने बुलाया था और पूरे घटनाक्रम में उनकी भूमिका क्या थी।

    बताया जा रहा है कि डायमंड पैलेस कॉलोनी की यह जमीन लंबे समय से विवादों में रही है। संघवी परिवार इस जमीन पर अपना दावा करता है जबकि कथित अवैध कब्जों और निर्माण को लेकर कई वर्षों से स्थानीय रहवासियों और परिवार के बीच विवाद चलता आ रहा है। यह मामला अदालत तक भी पहुंच चुका है और अब तक इसका अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है।

    फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी तथा यदि जांच में किसी की भूमिका सामने आती है तो कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

  • 2 करोड़ की जमीन के लिए 1000 किलोमीटर का सफर, ICU एंबुलेंस से इंदौर पहुंचीं बुजुर्ग महिला; बोलीं- मेरा प्लॉट वापस दिला दीजिए

    2 करोड़ की जमीन के लिए 1000 किलोमीटर का सफर, ICU एंबुलेंस से इंदौर पहुंचीं बुजुर्ग महिला; बोलीं- मेरा प्लॉट वापस दिला दीजिए

    मध्य प्रदेश: के इंदौर में आयोजित कलेक्टर जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया जिसने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौजूद लोगों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उत्तर प्रदेश के बिजनौर से गंभीर रूप से बीमार एक बुजुर्ग महिला को उनके परिजन विशेष आईसीयू एंबुलेंस के जरिए करीब 1000 किलोमीटर का सफर तय कर इंदौर लेकर पहुंचे। परिवार का आरोप है कि उनकी करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा कर लिया गया है और लंबे समय से शिकायतों के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल सका है।

    परिजनों के अनुसार विवाद गांधीनगर क्षेत्र स्थित दो प्लॉटों को लेकर है, जो वर्ष 1969 में एक आवासीय सहकारी संस्था द्वारा बुजुर्ग महिला के नाम आवंटित किए गए थे। बाद में संबंधित संपत्तियों का नामांतरण भी विधिवत उनके नाम पर दर्ज किया गया था। परिवार का दावा है कि वे कई दशकों से इन जमीनों के वैध मालिक रहे हैं और सभी आवश्यक दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं।

    परिवार के सदस्यों का कहना है कि वर्षों पहले जब वे बिजनौर में रहने चले गए थे, तब संपत्ति की देखरेख की जिम्मेदारी कुछ रिश्तेदारों को सौंपी गई थी। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने कथित रूप से सोसायटी प्रबंधन के साथ मिलीभगत की और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। परिवार का दावा है कि वर्तमान बाजार मूल्य के हिसाब से विवादित संपत्ति की कीमत लगभग दो करोड़ रुपये है।

    पीड़ित परिवार का आरोप है कि मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। उनका कहना है कि विभिन्न स्तरों पर आवेदन और शिकायतें देने के बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी, जिससे उन्हें न्याय के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ा।

    स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं से जूझ रही बुजुर्ग महिला को आखिरकार परिवार विशेष चिकित्सा सुविधाओं से लैस आईसीयू एंबुलेंस में इंदौर लेकर पहुंचा। जनसुनवाई के दौरान उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी पूरी बात रखी और जमीन वापस दिलाने की मांग की। परिवार का कहना है कि यह केवल संपत्ति का विवाद नहीं, बल्कि कई वर्षों से चल रही कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई का मुद्दा है, जिसने उन्हें मानसिक और आर्थिक रूप से प्रभावित किया है।

    जनसुनवाई में मौजूद लोगों ने भी बुजुर्ग महिला की स्थिति और उनके संघर्ष को गंभीरता से देखा। लंबी दूरी तय कर स्वास्थ्य जोखिम के बावजूद न्याय की उम्मीद में उनका इंदौर पहुंचना चर्चा का विषय बना रहा। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो उन्हें इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

    मामले में परिवार की ओर से प्रस्तुत आवेदन प्राप्त करने के बाद जिला प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने संबंधित दस्तावेजों और आरोपों की समीक्षा कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही है। परिवार का कहना है कि अब उनकी अंतिम उम्मीद प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है और उन्हें भरोसा है कि निष्पक्ष जांच के बाद वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

    यह मामला एक बार फिर संपत्ति विवादों, दस्तावेजों की सुरक्षा और लंबे समय तक लंबित रहने वाली शिकायतों को लेकर कई सवाल खड़े करता है। फिलहाल परिवार प्रशासनिक जांच के परिणाम का इंतजार कर रहा है और उम्मीद जता रहा है कि वर्षों से चली आ रही उनकी परेशानी का समाधान जल्द निकलेगा।

  • मध्यप्रदेश में सनसनीखेज वारदात: जमीन विवाद में एक दर्जन से अधिक लोगों ने चलाई गोलियां

    मध्यप्रदेश में सनसनीखेज वारदात: जमीन विवाद में एक दर्जन से अधिक लोगों ने चलाई गोलियां

    मध्यप्रदेश के डबरा क्षेत्र से एक गंभीर और सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और गांव में अचानक गोलियों की गूंज से दहशत फैल गई। पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम सहोना में हुई इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है, जहां एक पक्ष के एक दर्जन से अधिक लोगों ने गांव में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की।

    जानकारी के अनुसार यह विवाद लंबे समय से जमीन के स्वामित्व को लेकर चल रहा था, जो समय के साथ इतना बढ़ गया कि स्थिति पूरी तरह हिंसक हो गई। घटना वाले दिन आरोप है कि हथियारों से लैस कई लोग गांव में पहुंचे और बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

    फायरिंग के दौरान कई घरों को भी निशाना बनाया गया, जिससे लगभग 10 से 15 मकानों की दीवारों पर गोलियों के निशान देखे गए हैं। इस हमले में कई लोगों को छर्रे लगे हैं, जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना में एक राजनीतिक रूप से सक्रिय व्यक्ति भी घायल हुआ है, जिससे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पूरी तैयारी के साथ गांव में आए थे और उन्होंने सीधे तौर पर निशाना बनाकर गोलियां चलाईं। अचानक हुई इस घटना से गांव में भय का माहौल बन गया है और लोग अपने घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। बच्चों और महिलाओं में विशेष रूप से दहशत का माहौल देखा जा रहा है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में लिया। पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में कुछ नाम सामने आए हैं, जिन पर फायरिंग करने का आरोप लगाया जा रहा है। पुलिस ने इनमें से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। जमीन विवाद से जुड़ी पुरानी रंजिशों को भी खंगाला जा रहा है ताकि घटना के पीछे की असली वजह सामने आ सके। साथ ही गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति दोबारा न बने।

    इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जमीन विवादों के बढ़ते तनाव और उसके हिंसक रूप लेने की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और क्षेत्र में शांति बहाल हो सके।

  • बांदा: जमीन के लालच में कलयुगी बेटे ने मां और भाई को भूना, दोहरे हत्याकांड से कांपा इलाका

    बांदा: जमीन के लालच में कलयुगी बेटे ने मां और भाई को भूना, दोहरे हत्याकांड से कांपा इलाका


    नई दिल्ली। बबेरू कोतवाली क्षेत्र में रविवार की सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक शख्स ने मामूली जमीनी विवाद में अपने ही परिवार का खून बहा दिया। तहसील परिसर के पीछे रहने वाले राजकिशोर उर्फ गोविंद ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से अपनी 60 वर्षीय मां (शांति देवी) और 40 वर्षीय छोटे भाई (देवीदीन) की गोली मारकर हत्या कर दी।

    पुश्तैनी जमीन को पिता द्वारा बेचे जाने का विरोध और घरेलू मनमुटाव।आरोपी ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से ताबड़तोड़ फायरिंग की।बीच-बचाव करने आई आरोपी की पत्नी प्रभा भी इस हमले में घायल हुई है।फायरिंग की आवाज से पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया; वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार।

    विवाद से हत्याकांड तक की कहानी
    जानकारी के मुताबिक, राजकिशोर अपने पिता द्वारा पुश्तैनी जमीन बेचे जाने से नाराज था। रविवार सुबह इसी बात को लेकर घर में कहासुनी शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ा कि राजकिशोर ने अपना आपा खो दिया। जब उसकी पत्नी प्रभा ने उसे शांत करने की कोशिश की, तो वह भी चोटिल हो गई। इससे गुस्साए राजकिशोर ने घर में रखी बंदूक निकाली और मां व भाई पर गोलियां बरसा दीं।

    पड़ोसी जब तक मौके पर पहुंचे, दोनों लहूलुहान होकर गिर चुके थे। पुलिस ने फौरन दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस की कार्रवाई और एसपी का बयान
    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) पलाश बंसल ने खुद कमान संभाली है। उन्होंने बताया,शुरुआती जांच में यह पुश्तैनी जमीन की बिक्री से जुड़ा विवाद लग रहा है। आरोपी के पिता ने जमीन बेची थी, जिससे वह क्षुब्ध था। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।

  • जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल

    जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल


    हरदा । हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के दीपगांव कला में बुधवार सुबह एक पुराना जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। जानकारी के अनुसार यह झगड़ा मामा-बुआ के परिवारों के बीच लंबे समय से चला आ रहा था, जो अचानक उग्र रूप ले लिया।

    इस घटना में 65 वर्षीय अमरसिंह कलम की मौके पर ही मौत हो गई। संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों ने लाठी-डंडों और पत्थरों का इस्तेमाल किया। इस झड़प में मृतक के भाई सूरत सिंह सहित रामभरोस, आनंद सिंह, हरिसिंह, सतीश राजपूत और दूसरे पक्ष के नारायण राजपूत भी घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। घायल लोगों को सिराली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल हरदा रेफर किया गया।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि जमीनी विवाद इस खूनी झड़प का मुख्य कारण था। स्थानीय लोग और परिवार वाले अब भी इस घटना को लेकर तनाव में हैं और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।