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  • भारत की अंतरिक्ष में एक और लंबी छलांग… ISRO ने सफलतापूर्वक लॉन्च किया NVS-03 उपग्रह

    भारत की अंतरिक्ष में एक और लंबी छलांग… ISRO ने सफलतापूर्वक लॉन्च किया NVS-03 उपग्रह


    श्रीहरिकोटा।
    अंतरिक्ष (Space) के क्षेत्र में भारत (India) ने एक और लंबी छलांग (Another Giant Leap) लगाई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) (Indian Space Research Organisation – ISRO) ने अपने महत्वाकांक्षी नेविगेशन उपग्रह एनवीएस-03 को सफलतापूर्वक भूस्थिर स्थानांतरण कक्षा (जीटीओ) में पहुंचा दिया है। यह भारत की अंतरिक्ष और तकनीकी ताकत को दिखाता है।

    आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे प्रक्षेपण स्थल (लॉन्च पैड) से जीएसएलवी-एफ18 रॉकेट ने शुक्रवार रात 11:51 बजे उड़ान भरी। यह अपने साथ 2,232 किलोग्राम वजनी एनवीएस-03 उपग्रह लेकर गया।

    मिशन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए इसरो ने 24 घंटे की उलटी गिनती शुरू की थी। यह उलटी गिनती गुरुवार रात 11:51 बजे शुरू हुई थी। जीएसएलवी-एफ18 रॉकेट 50 मीटर ऊंचा है। इसका वजन 420 टन है। यह तीन चरणों वाला रॉकेट है।

    इसरो के अनुसार, उपग्रह की तय कक्षा में पृथ्वी से सबसे कम दूरी (निकटतम) 170 किलोमीटर होगी। वहीं, पृथ्वी से इसकी सबसे अधिक दूरी (अधिकतम) 37,023 किलोमीटर होगी। इसके बाद उपग्रह अपनी कक्षा को आगे बढ़ाएगा। यह 32.5 डिग्री पूर्व में अपने अंतिम निर्धारित स्थान पर पहुंचेगा।

    जीटीओ एक अंडाकार कक्षा होती है। इसका इस्तेमाल उपग्रहों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में पहुंचाने के लिए किया जाता है। यह पृथ्वी की निचली कक्षा से भूस्थिर कक्षा तक पहुंचने का बीच का रास्ता है।


    नेविगेशन को बनाएगा और सटीक

    एनवीएस-03 अगली पीढ़ी के नेविगेशन उपग्रहों की श्रृंखला का तीसरा उपग्रह है। यह भारत की अपनी नेविगेशन प्रणाली नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन (एनएवीआईसी) का अहम हिस्सा है। इसे भारत का अपना जीपीएस भी कहा जा सकता है। इसका इस्तेमाल कई जरूरी सेवाओं में होता है। इनमें लोकेशन पता करना, रास्ता खोजना और सही समय की जानकारी देना शामिल है।

    यह उपग्रह भारत और उसकी सीमाओं से करीब 1,500 किलोमीटर दूर तक के इलाके में सटीक जानकारी देने में मदद करेगा। इससे लोकेशन, रास्ते और समय का पता लगाने की सुविधा मिलेगी।


    एनवीएस-03 की क्या है खासियत?

    इस उपग्रह की सबसे बड़ी खासियत इसमें लगी स्वदेशी परमाणु घड़ी है। इसे भारत में ही बनाया गया है। यह बेहद सटीक समय बताने का काम करती है। इसके अलावा, इसमें नया एल1 सिग्नल भी जोड़ा गया है। इससे आम लोगों के स्मार्टफोन और गाड़ियों में नेविगेशन सेवाएं और बेहतर होंगी। इससे रास्ता खोजने में ज्यादा सटीक जानकारी मिल सकेगी।


    ‘एक देश, एक समय’ पहल को मिलेगी गति

    यह मिशन केंद्र सरकार की ‘एक देश, एक समय’ पहल को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार ने 29 अगस्त को विधिक मापविज्ञान (भारतीय मानक समय) नियम, 2026 अधिसूचित किए थे। ये नियम राजपत्र में प्रकाशित होने के 180 दिन बाद लागू होंगे।

    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, सटीक और एक समान समय बहुत जरूरी है। यह दूरसंचार, डिजिटल वित्तीय लेनदेन, बिजली ग्रिड, परिवहन और डेटा केंद्रों के सुरक्षित संचालन का आधार है। एनवीएस-03 का सफल प्रक्षेपण देश को समय की जानकारी के लिए विदेशी स्रोतों पर निर्भरता से पूरी तरह मुक्त करने की दिशा में अहम कदम है।


    पिछली विफलता से क्या सीखा?

    इसरो ने इस मिशन में एक बड़ा तकनीकी बदलाव किया है। जनवरी 2025 में एनवीएस-02 मिशन के दौरान एक कनेक्टर में खराबी आ गई थी। इस बार ऐसी समस्या से बचने के लिए उपग्रह में बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा, एक उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर सुरक्षा से जुड़े सुधार भी लागू किए गए हैं।

  • दिल्ली में अब बैग उठाने की टेंशन खत्म… दो मम्म‍ियों ने बाजारों में उतारा कैरीमेन

    दिल्ली में अब बैग उठाने की टेंशन खत्म… दो मम्म‍ियों ने बाजारों में उतारा कैरीमेन


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) के सरोजनी नगर, लाजपत नगर या चांदनी चौक के मुहाने पर खड़े होकर गौर से देखें तो एक बड़ा ही दिलचस्प नजारा दिखता है. एक तरफ वो पति, दोस्त या बॉयफ्रेंड्स हैं, जो शॉपिंग बैग्स (Shopping bags) के बोझ तले दबे, रीढ़ की हड्डी को 45 डिग्री पर झुकाए, चेहरे पर ‘मुझे घर जाना है’ वाले भाव लिए घूम रहे हैं. और दूसरी तरफ… एक नई नस्ल का उदय हुआ है- नाम है ‘कैरीमैन (Carryman)’. जो न फुल टाइम सैलरी (Full time salary) पर जॉब कर रहे हैं, बल्क‍ि हैप्पी कस्टमर वाली संतुष्ट‍ि भी बटोर रहे।

    शॉपिंग का ये वो गंभीर मोड़ है जहां अमूमन एक लंबा पारिवारिक झगड़ा शुरू होता है, लेकिन दो मम्म‍ियों के एक अनोखे बिजनेस आइडिया ने इस ‘वेटलिफ्टिंग’ को एक बेहद दिलचस्प स्टार्टअप में बदल दिया है. सोशल मीडिया पर इस सर्विस की तस्वीरें और रील्स इस कदर वायरल हो रही हैं कि लोग इसकी क्रिएटिविटी को सलाम कर रहे हैं।


    जब दो सहेलियों के ‘मॉम गिल्ट’ से निकला लाख टके का आइडिया

    इस अनोखे स्टार्टअप की कहानी किसी कॉरपोरेट रूम में नहीं, बल्कि बच्चों के प्रैम और भारी शॉपिंग बैग्स से जूझते हुए लाजपत नगर की सड़कों पर लिखी गई. इस स्टार्टअप की को-फाउंडर रितु कंदारी श्रीवास्तव और कनिष्का मल्होत्रा ने बताया कि वे दोनों छोटे बच्चों की मां हैं. पिछले साल जब वे लाजपत नगर बाजार गईं, तो बच्चों के प्रैम को संभालना और साथ में भारी-भरकम शॉपिंग बैग्स को ढोना उनके लिए एक दुःस्वप्न जैसा हो गया था।

    उन्होंने वहां एक बुजुर्ग महिला को भी सामान से हांफते देखा. रितु के मुताबिक तभी हमारे मन में आया कि काश कोई ऐसी सर्विस होती जहां हम कुछ पैसे देकर मदद ले पाते, ताकि हमें शॉपिंग पर जाने के लिए अपने घरवालों के आगे हाथ न फैलाना पड़े. बस इसी जरूरत ने ‘कैरीमैन’ को जन्म दे दिया. उन्होंने नगर निगम और पुलिस से बकायदा इजाजत ली, युवाओं को ट्रेनिंग दी और लाजपत नगर में अपना पहला कियोस्क खोल दिया।


    ‘पत्नियों का अरमान और पतियों का सहारा’: सोशल मीडिया पर हो रही तारीफ

    ये स्टार्ट अप शुरू होने के साथ ही इंटरनेट पर ये सर्विस इस कदर छा गई है कि दिल्ली के मिजाज को समझने वाले यूजर्स इस पर मजेदार पोस्ट और अनुभव लिख रहे हैं.यूजर दीपाली पोरवाल ने लाजपत नगर के सेंट्रल मार्केट का एक मजेदार आंखों देखा हाल बयां करते हुए अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि दृश्य यह था कि कविता जी आगे-आगे चल रही थीं, उनकी नजरें कुर्तियों के डिस्काउंट बोर्ड पर थीं. उनके ठीक 3 कदम पीछे उनके पति शर्मा जी चल रहे थे, जिनके दोनों हाथों में पहले से ही 6 बैग्स थे।

    शर्मा जी के मुंह से कराह निकली- ‘कविता, अब और नहीं! यह शॉपिंग है या वेटलिफ्टिंग?’ तभी नीली टी-शर्ट पहने ‘कैरीमैन’ राहुल की एंट्री होती है. शर्मा जी ने राहुल को ऐसे देखा जैसे कोई डूबता हुआ इंसान लाइफ-जैकेट को देखता है. 149 रुपये में शर्मा जी को जो सुख मिला, उसकी तुलना दुनिया के किसी भी लग्जरी स्पा से नहीं की जा सकती. अब शर्मा जी आजाद थे, गोलगप्पे खा रहे थे और पत्नी से कह रहे थे-‘अरे सुनो, वो कोने वाली दुकान पर भी अच्छा कलेक्शन है, वहां भी देख लो!’

    वहीं, नीतू मिश्रा नाम की यूजर ने इस सर्विस को दुनियाभर के पतियों के लिए ‘मुक्ति का मार्ग’ बताते हुए पोस्ट किया, ‘भाई! दुनियाभर के पतियों और बॉयफ्रेंड्स के लिए खुशखबरी है. अब शॉपिंग में बीवी या गर्लफ्रेंड के शॉपिंग बैग नहीं उठाने पड़ेंगे. आप चाहें तो उन्हें अपना क्रेडिट, डेबिट कार्ड देकर अकेले भी शॉपिंग पर भेज सकते हैं! मैंने सर्च किया तो पाया कि यह सिर्फ ₹149 प्रति घंटा में आपका 12 किलो तक का भारी बैग उठाएगा, लंबी लाइनों में आपकी जगह खड़ा रहेगा और फूड स्टॉल से खाना भी लाएगा. थक जाएं तो आपके लिए फोल्डिंग चेयर और धूप से बचाने के लिए छाता भी लगाएगा।

    वहीं यूजर आशीष प्रमोद गोस्वामी और सीमा त्यागी ने भी इसके किरायों की लिस्ट साझा करते हुए बताया कि कैसे यह सेवा 2 घंटे के लिए 219 रुपये और 3 घंटे के लिए 319 रुपये में उपलब्ध है, जो ग्राहकों को दुकानों में बैठने की जगह ढूंढने और सामान को मेट्रो स्टेशन तक पहुंचाने में भी मदद करती है.

    यूजर कल्पना प्रसाद लिखती हैं कि अब दिल्ली की शॉपिंग होगी बिल्कुल टेंशन-फ्री! न पति को परेशान करना पड़ेगा, न हाउस हेल्प का इंतजार.यह सिर्फ सामान उठाना नहीं, कैरीमेन एक सम्मानजनक व्यवस्था है।


    कैरीमेन ने रखा अपना पक्ष

    इस पूरे शोर और लोकप्रियता के बीच खुद ‘कैरीमैन’ ने भी सोशल मीडिया पर अपना विजन साफ करते हुए लिखा है कि कैरीमैन सिर्फ शॉपिंग में मदद करने वाली सर्विस नहीं है. हमारा मानना है कि भारतीय बाजारों में शॉपिंग आरामदायक होनी चाहिए, भीड़भाड़ वाले इलाकों में परिवार खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और हर काम को एक सम्मान और एक स्ट्रक्चर मिलना चाहिए. हम सिर्फ एक सर्विस नहीं, एक पूरा सिस्टम बना रहे हैं.


    फुल टाइम पर कर रहे काम

    एक रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई कि कैरीमेन स्टार्टअप में इन युवाओं को प्रॉपर फुल-टाइम सैलरी पर रखा गया है, वे कोई दिहाड़ी या ‘गिग वर्कर्स’ नहीं हैं. 18 साल के एक ‘कैरीमैन’ आनंद कुमार ने बताया कि पहले वे साड़ी की दुकान में हेल्पर थे, लेकिन यहां उन्हें बेहतर पैसे के साथ-साथ ग्राहकों से पूरा ‘सम्मान’ और भरोसा मिलता है।

    वैसे देखा जाए तो ये स्टार्टअप केवल दो सहेलियों की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि भारतीय बाजारों की बुनियादी कमियों जैसे टूटे फुटपाथ, बेतरतीब भीड़ और पार्किंग की किल्लत के बीच से भी कैसे ‘जुगाड़’ और ‘इनोवेशन’ का एक नया रास्ता निकाला जा सकता है।

  • चीन ने लॉन्च किया शेनझोउ 23 अंतरिक्ष यान… 3 लोगों को भेजा स्पेस स्टेशन

    चीन ने लॉन्च किया शेनझोउ 23 अंतरिक्ष यान… 3 लोगों को भेजा स्पेस स्टेशन


    बीजिंग।
    चीन (China) ने अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम (Space Program) को नई रफ्तार देते हुए रविवार रात शेनझोउ-23 अंतरिक्ष यान (Shenzhou-23 spacecraft) को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। इस मिशन के जरिए तीन अंतरिक्ष यात्रियों को चीन के तियांगोंग स्पेस स्टेशन (Tiangong Space Station) भेजा गया है। खास बात यह है कि इस मिशन में शामिल एक अंतरिक्ष यात्री पूरे एक साल तक अंतरिक्ष में रहेगा। चीन इसे इंसानी शरीर और दिमाग पर लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के असर को समझने का बड़ा प्रयोग मान रहा है। इस मिशन को चीन के 2030 तक इंसान को चांद पर उतारने के लक्ष्य से भी जोड़कर देखा जा रहा है।


    क्या है शेनझोउ-23 मिशन की सबसे बड़ी खासियत?

    शेनझोउ-23 अंतरिक्ष यान को उत्तर-पश्चिम चीन स्थित जियुक्वान सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से लॉन्च किया गया। मिशन में कमांडर झू यांगझू के साथ झांग झियुआन और लाई का-यिंग शामिल हैं। लाई का-यिंग को चीनी अधिकारियों ने ली जियायिंग नाम से भी पहचान दी है। वह हांगकांग में जन्मी पहली महिला अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्हें किसी स्पेस मिशन में भेजा गया है। उनके पास कंप्यूटर फॉरेंसिक में डॉक्टरेट की डिग्री भी है। चीन ने इस मिशन को तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में अपनी बड़ी उपलब्धि बताया है।


    अंतरिक्ष स्टेशन पर क्या काम करेंगे वैज्ञानिक और यात्री?

    चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक यह टीम अंतरिक्ष स्टेशन पर कई वैज्ञानिक प्रयोग और तकनीकी परियोजनाओं पर काम करेगी। इसके साथ ही शेनझोउ-21 मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों के साथ इन-ऑर्बिट रोटेशन भी किया जाएगा। शेनझोउ-21 की टीम पिछले 200 दिनों से ज्यादा समय से तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर मौजूद है। मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने से शरीर पर पड़ने वाले असर, काम करने की क्षमता और मानसिक स्थिति का अध्ययन करना होगा। चीन का कहना है कि इससे भविष्य के लंबे अंतरिक्ष मिशनों, खासकर चांद और उससे आगे की यात्राओं की तैयारी मजबूत होगी।


    क्या अमेरिका-चीन की अंतरिक्ष होड़ अब और तेज होगी?

    चीन लगातार अपने स्पेस प्रोग्राम को आगे बढ़ा रहा है। तियांगोंग स्पेस स्टेशन पर पहले भी कई मिशन भेजे जा चुके हैं। चीन ने यह स्टेशन तब विकसित किया था, जब उसे राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन कार्यक्रम से लगभग बाहर कर दिया गया था। अब चीन और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष को लेकर मुकाबला और तेज होता दिख रहा है। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी 2028 तक फिर से इंसानों को चांद पर उतारने की तैयारी कर रही है। ऐसे में चीन का यह मिशन सिर्फ वैज्ञानिक अभियान नहीं बल्कि ताकत और तकनीक का प्रदर्शन भी माना जा रहा है।


    तियांगोंग स्टेशन क्यों बन रहा है चीन की नई ताकत?

    तियांगोंग स्पेस स्टेशन का मतलब स्वर्गीय महल होता है। इस स्टेशन ने पहली बार 2021 में अंतरिक्ष यात्रियों की मेजबानी की थी। चीन का शेनझोउ कार्यक्रम लगातार विस्तार कर रहा है। पिछले साल इसी कार्यक्रम के तहत एक आपातकालीन मिशन भी चलाया गया था, जिसमें खराब अंतरिक्ष यान की वजह से स्टेशन पर फंसे अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित वापस लाया गया था। अब शेनझोउ-23 मिशन के जरिए चीन यह दिखाना चाहता है कि वह लंबे समय तक अंतरिक्ष में इंसानों को सुरक्षित रखने और बड़े वैज्ञानिक मिशन चलाने में सक्षम है। यही वजह है कि दुनिया की नजर इस मिशन पर टिकी हुई है।

  • Indian Oil ने लॉन्च किया इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम…. गैस-बिजली के बगैर बनेगा खाना

    Indian Oil ने लॉन्च किया इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम…. गैस-बिजली के बगैर बनेगा खाना


    नई दिल्ली।
    बढ़ती एलपीजी कीमतें (Rising LPG prices) और कई जगहों पर सप्लाई की दिक्कतों ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हर महीने महंगा होता सिलेंडर (Cylinder Expensive) अब घर के बजट पर भारी पड़ रहा है। ऐसे समय में लोग ऐसे ऑप्शन तलाश रहे हैं जो सस्ते हों, भरोसेमंद हों और लंबे समय तक राहत दे सकें। Indian Oil ने एक ऐसा समाधान पेश किया है जो LPG संकट के बीच बड़ा समाधान बनकर सामने आया है। कंपनी ने ‘Surya Nutan’ नाम का इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम (Solar Cooking System ) लॉन्च किया है, जिस पर बिना LPG, PNG गैस और यहां तक कि बिना बिजली के भी खाना बनाया जा सकता है। यह सिस्टम सूरज की रोशनी से चलता है। खास बात यह है कि एक बार लगाने के बाद यह लंबे समय तक आपका खर्च कम कर सकता है। अगर आप इस कुकिंग सिस्‍टम को बुकिंग कराना चाहते हैं तो यहां हम आपको इसे बुक करने का प्रोसेस कीमत आगे बता रहे हैं।


    ‘Surya Nutan’ सोलर कुकिंग सिस्टम क्या है?

    ‘Surya Nutan’ एक इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम है जिसे घर के अंदर इस्तेमाल के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें आपको चूल्हा बाहर धूप में रखने की जरूरत नहीं होती। यह सिस्टम पूरी तरह से किचन से जुड़ा रहता है और सोलर एनर्जी का इस्तेमाल करके खाना बनाता है। इसे Indian Oil Corporation के रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर ने तैयार किया है, जिससे साफ है कि यह एक मेड-इन-इंडिया टेक्नोलॉजी है।


    ऐसे काम करता है यह सोलर चूल्हा

    इस सिस्टम में घर की छत पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं, जो सूरज की रोशनी को एनर्जी में बदलते हैं। यह एनर्जी एक केबल के जरिए सीधे किचन में लगे कुकटॉप तक पहुंचती है। खास बात यह है कि इसमें “हाइब्रिड सिस्टम” दिया गया है, यानी यह सोलर के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर दूसरी एनर्जी से भी चल सकता है। इसका मतलब यह है कि अगर धूप नहीं है या बारिश हो रही है, तब भी आप बिना परेशानी खाना बना सकते हैं।


    Surya Nutan की कीमत

    इस सोलर कुकिंग सिस्टम को तीन अलग-अलग मॉडल्स में पेश किया है, ताकि लोग अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से चुन सकें। इसकी शुरुआती कीमत करीब 12,000 रुपये रखी गई है, जबकि इसका टॉप या प्रीमियम मॉडल लगभग 23,000 रुपये तक जाता है। खास बात यह है कि प्रीमियम वेरिएंट इतना पावरफुल है कि यह एक आम 4 लोगों के परिवार के पूरे दिन का खाना आराम से बना सकता है।


    ऐसे करें सोलर चूल्हे के लिए अप्लाई

    अगर आप इस सोलर कुकिंग सिस्टम को खरीदने की सोच रहे हैं, तो इसकी प्री-बुकिंग ऑनलाइन की जा रही है। इसके लिए आपको Indian Oil Corporation की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना नाम, ईमेल और परिवार में कितने लोग हैं जैसी जरूरी जानकारी भरनी होगी। इसके अलावा, आपको अपनी जरूरत के हिसाब से सिंगल या डबल बर्नर का ऑप्शन भी चुनना होगा। सारी डिटेल भरने के बाद फॉर्म सबमिट करना होता है, जिसके जरिए आपकी प्री-बुकिंग दर्ज हो जाती है।


    हर मौसम में करेगा काम

    लोगों को अक्सर लगता है कि सोलर कुकिंग सिर्फ धूप में ही काम करती है, लेकिन ‘Surya Nutan’ के साथ ऐसा नहीं है। यह सिस्टम ऐसी टेक्नोलॉजी के साथ आता है जो कम धूप या बारिश के समय भी काम कर सकता है। यानी आपको मौसम की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

  • इजराइली सेना का लेबनान में बड़ा हमला…. हिजबुल्लाह के 200 ठिकानों पर की बमबारी

    इजराइली सेना का लेबनान में बड़ा हमला…. हिजबुल्लाह के 200 ठिकानों पर की बमबारी


    येरुशलम।
    इजरायली सेना (Israeli army.) ने 24 घंटे के भीतर लेबनान (Lebanon) में हिजबुल्लाह (Hezbollah.) के 200 से अधिक ठिकानों पर हमले का दावा किया है। सेना के मुताबिक, उसके वायुसेना के विमानों ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के अड्डों को निशाना बनाया। एक्स पर जारी आधिकारिक पोस्ट में इजरायली रक्षा बल (Israeli Defense Forces.-IDF) ने कहा कि यह ऑपरेशन जारी रहेगा। आईडीएफ ने दावा किया कि इन हमलों से हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच क्षेत्र में तनाव जारी है, क्योंकि इजरायल हिजबुल्लाह को कमजोर करने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रहा है।

    इन घटनाओं के बीच ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम अमेरिका के साथ हुई बातचीत का हिस्सा था। पाकिस्तानी पक्ष ने भी इसकी पुष्टि की है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल हिजबुल्लाह के संपर्क में है और स्थिति पर जरूरी फैसले ले रहा है। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, यह जानकारी ईरान-पाकिस्तान-अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता के शुरू होने के साथ आई है।


    पाकिस्तानी राजधानी में एक अहम बैठक

    इस्लामाबाद में हो रही ये बातचीत 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच उच्चतम स्तर की चर्चा मानी जा रही है। ईरानी टीम ने औपचारिक वार्ता से पहले पाकिस्तानी राजधानी में रणनीतिक बैठक की। इस्लामाबाद के सेरेना होटल में ये बातचीत हो रही है, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधि पहुंचे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की।

    ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात की। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इन वार्ताओं को मेक-ऑर-ब्रेक यानी निर्णायक बताया है। 8 अप्रैल को घोषित युद्धविराम को स्थिर करने और क्षेत्रीय सुरक्षा के भविष्य पर चर्चा का लक्ष्य है। होटल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और गतिविधियां दिख रही हैं। ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रेजा आरेफ ने एक्स पर लिखा कि बातचीत का नतीजा अमेरिकी रुख पर निर्भर करेगा। अगर अमेरिका फर्स्ट की सोच वाले प्रतिनिधि मिले तो दोनों पक्षों और दुनिया के लिए फायदेमंद समझौता संभव है।

  • इंडियन प्रीमियर लीग से पहले पंजाब किंग्स ने लॉन्च की नई जर्सी

    इंडियन प्रीमियर लीग से पहले पंजाब किंग्स ने लॉन्च की नई जर्सी


    नई दिल्ली।
    आगामी इंडियन प्रीमियर लीग सत्र से पहले पंजाब किंग्स ने अपनी नई आधिकारिक मैच जर्सी का अनावरण किया है। नई जर्सी में पंजाब किंग्स के पारंपरिक लाल और नीले रंग को बरकरार रखा गया है, जो टीम की ऊर्जा, गर्व और निडर रवैये का प्रतीक माने जाते हैं। इस बार जर्सी के डिजाइन में खास पैटर्न जोड़ा गया है, जिसकी शुरुआत टीम के प्रतीक शेर से होती है और आगे बढ़ते हुए कपड़े पर हीरे के आकार के डिजाइनों में बदल जाता है।

    इस डिजाइन के जरिए टीम और खिलाड़ियों की यात्रा को दर्शाने की कोशिश की गई है। शेर टीम की ताकत, आक्रामकता और प्राकृतिक प्रतिभा का प्रतीक है, जबकि हीरे का पैटर्न उस प्रतिभा को दर्शाता है जो कड़ी मेहनत, तैयारी और उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा से निखरती है।

    फ्रेंचाइजी का मानना है कि यह अवधारणा उनकी उस सोच को भी दर्शाती है, जिसके तहत युवा प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें भरोसा और सही मार्गदर्शन दिया जाता है, ताकि वे बड़े मंच पर मैच जिताने वाले खिलाड़ी बन सकें।

    पिछले सत्र में टीम के मजबूत प्रदर्शन के बाद पेश की गई यह नई जर्सी एक ऐसे दल का संकेत देती है, जो नए आत्मविश्वास और महत्वाकांक्षा के साथ आगे बढ़ रहा है। परंपरा और आधुनिकता के मिश्रण के साथ तैयार की गई यह जर्सी पंजाब किंग्स के प्रशंसकों के साथ-साथ दुनिया भर में टीम के बढ़ते दर्शक वर्ग को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है।

  • वियतनाम और जापान के लिए सीधी नई उड़ानें शुरू करेगी एयर इंडिया

    वियतनाम और जापान के लिए सीधी नई उड़ानें शुरू करेगी एयर इंडिया


    नई दिल्ली।
    टाटा समूह की अगुवाई वाली विमानन कंपनी एयर इंडिया ने वियतनाम और जापान के लिए अपनी नई उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत कंपनी अपने नेटवर्क विस्तार के तहत वियतनाम के हनोई और टोक्यो के हनेडा के लिए नॉन स्टॉप सर्विस को जोड़ेगी।

    कंपनी ने बताया कि एयर इंडिया 01 मई से दिल्ली से वियतनाम के हनोई के लिए और 15 जून से मुंबई से टोक्यो के हानेडा के लिए अपनी सीधी उड़ानें शुरू करने वाली है। एयर इंडिया ने ‘एक्स’ पोस्ट पर लिखा, मरीन ड्राइव के सनसेट से लेकर शिबुया की रौनक भरी रातों तक जापान अब पहले से कहीं ज्यादा करीब है। हम 15 जून से मुंबई और टोक्यो हानेडा के बीच हफ़्ते में 4x नॉन-स्टॉप फ्लाइट की शुरुआत कर रहे हैं, जिससे यात्रियों के लिए जापान के कल्चर, एनर्जी और हमेशा रहने वाले आकर्षण का अनुभव करना आसान हो जाएगा। एयरलाइन ने कहा कि बुकिंग अभी शुरू है।