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  • पश्चिम बंगाल में नए कानूनों की बड़ी पहल, UCC विधेयक सहित 5 प्रस्तावित बिलों पर विधानसभा में होगा जोरदार सत्र

    पश्चिम बंगाल में नए कानूनों की बड़ी पहल, UCC विधेयक सहित 5 प्रस्तावित बिलों पर विधानसभा में होगा जोरदार सत्र

    कोलकाता । पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है क्योंकि विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में कई अहम विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है। प्रस्तावित विधेयकों में समान नागरिक संहिता (UCC) से जुड़ा बिल सबसे प्रमुख माना जा रहा है, जिस पर पूरे राज्य में राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। इसके साथ ही सरकार कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़े अन्य चार विधेयक भी पेश करने की योजना बना रही है।

    प्रस्तावित समान नागरिक संहिता विधेयक के तहत विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा लागू करने की बात कही जा रही है। इस कदम को सरकार समान नागरिक अधिकार और लैंगिक समानता की दिशा में बड़ा सुधार बताने की तैयारी में है।

    इसके साथ ही सरकार ‘योगी मॉडल’ की तर्ज पर तैयार एक विधेयक भी पेश कर सकती है, जिसका उद्देश्य संगठित अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई करना बताया जा रहा है। इस प्रस्तावित कानून में अवैध खनन, हथियार और ड्रग्स तस्करी, मानव तस्करी तथा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों पर कठोर प्रावधान शामिल होने की बात कही जा रही है।

    सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस कानून के तहत अपराधियों को जन सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए हिरासत में रखने और उनकी संपत्ति जब्त व नीलाम करने जैसे प्रावधान भी प्रस्तावित हैं। इसके अलावा सार्वजनिक अव्यवस्था, दंगे, आगजनी और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं पर नियंत्रण के लिए भी अलग विधेयक लाया जा सकता है।

    राज्य सरकार का दावा है कि इन प्रस्तावित कानूनों से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन विधेयकों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि UCC जैसे संवेदनशील मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा राज्य की राजनीति को एक नए मोड़ पर ले जा सकती है। वहीं, कानून-व्यवस्था से जुड़े सख्त प्रावधानों पर मानवाधिकार संगठनों की प्रतिक्रिया भी देखने को मिल सकती है।

    सोमवार को होने वाला यह विशेष सत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें राज्य की नीतिगत दिशा और भविष्य की कानून व्यवस्था पर गहरा प्रभाव डालने वाले निर्णय सामने आ सकते हैं।

  • कानून व्यवस्था बनाए रखने प्रशासन का बड़ा फैसला, BNSS धारा 163 लागू, उल्लंघन पर होगी FIR

    कानून व्यवस्था बनाए रखने प्रशासन का बड़ा फैसला, BNSS धारा 163 लागू, उल्लंघन पर होगी FIR

    ग्वालियर। ग्वालियर जिले में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रुचिका चौहान द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूरे जिले में बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, रैली और जुलूस के आयोजन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी किया गया है और आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा।

    प्रशासन का कहना है कि यह कदम जिले में शांति, सौहार्द और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले बाजारों, प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों, मॉल और संवेदनशील स्थानों पर किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

    जारी निर्देशों के मुताबिक किसी भी संगठन, संस्था या व्यक्ति को सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने से पहले प्रशासनिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यदि कार्यक्रम किसी एक अनुविभाग की सीमा में आयोजित किया जाना है तो संबंधित एसडीएम से अनुमति प्राप्त करनी होगी। वहीं यदि कार्यक्रम का दायरा एक से अधिक अनुविभागों में आता है तो आयोजन के लिए अपर जिला दंडाधिकारी से लिखित स्वीकृति लेना आवश्यक होगा।

    प्रशासन ने सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भड़काऊ, भ्रामक, अफवाह फैलाने वाली अथवा सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली पोस्ट पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस और आईटी सेल ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखेंगे। यदि कोई व्यक्ति धर्म, जाति, समुदाय या सामाजिक समूहों की भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री प्रसारित करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, जुलूस या रैली आयोजित करने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत मामला दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    प्रशासन का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से नियमों का पालन करने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।

    कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी इस आदेश के बाद अब जिले में किसी भी सार्वजनिक आयोजन से पहले अनुमति प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा। प्रशासन ने नागरिकों से शांति, सौहार्द और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया है।

  • बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर

    बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर


    खंडवा । खंडवा में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद से पहले पुलिस ने कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा और सख्त अभियान चलाया है। जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। इसी के तहत व्यापक कॉम्बिंग गश्त और विशेष कार्रवाई करते हुए करीब 200 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो लोगों को जिला बदर भी किया गया है।

    पुलिस ने त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से ही तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत थानों पर गुंडा परेड कराई जा रही है, जिसमें आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को पुलिस के सामने लाकर सख्त संदेश दिया जा रहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर में करीब 450 से 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। इसमें पुलिस बल के साथ होमगार्ड और वन विभाग की टीमें भी सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा मोबाइल वैन लगातार गश्त कर रही हैं ताकि हर क्षेत्र में नजर रखी जा सके।

    पुलिस ने संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। गली मोहल्लों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे शहर पर नजर रखी जा रही है। किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।

    इसके साथ ही साइबर सेल सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

    खंडवा एसपी अगम जैन ने बताया कि पुलिस लगातार लोगों से संवाद कर रही है और शांति समिति की बैठक भी आयोजित की गई है, ताकि त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • बिहार एनकाउंटर विवाद: बढ़ती पुलिस कार्रवाई पर जातीय राजनीति के आरोप, सत्ता और विपक्ष में टकराव

    बिहार एनकाउंटर विवाद: बढ़ती पुलिस कार्रवाई पर जातीय राजनीति के आरोप, सत्ता और विपक्ष में टकराव


    नई दिल्ली ।
    बिहार में पुलिस मुठभेड़ों को लेकर राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ता जा रहा है। राज्य में हाल के दिनों में हुई कई एनकाउंटर कार्रवाइयों ने जहां कानून-व्यवस्था पर सरकार की सख्ती को दिखाया है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर जातीय राजनीति भी खुलकर सामने आ गई है। विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल का आरोप है कि इन कार्रवाइयों में एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

    राज्य में हाल के हफ्तों में पटना, सीवान, भागलपुर, नवादा और समस्तीपुर सहित कई जिलों में पुलिस एनकाउंटर की घटनाएं सामने आई हैं। इन कार्रवाइयों में कुछ अपराधियों की मौत हुई है, जबकि कई घायल होकर गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस इन ऑपरेशनों को अपराध नियंत्रण की सख्त रणनीति के रूप में देख रही है, जिसे अनौपचारिक रूप से “ऑपरेशन लंगड़ा” भी कहा जा रहा है, जिसमें अपराधियों को पैर में गोली मारकर पकड़ने की रणनीति अपनाई जा रही है।

    विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि इन मुठभेड़ों में जातीय आधार पर भेदभाव किया जा रहा है और एक विशेष समुदाय के लोगों को ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के नाम पर निष्पक्षता से समझौता नहीं होना चाहिए और हर कार्रवाई पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।

    इन आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई पूरी तरह अपराधियों के खिलाफ है और इसमें किसी भी प्रकार का जातीय भेदभाव नहीं किया जाता। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा कि कानून को जाति देखकर नहीं चलाया जा सकता और बिहार में अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

    इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अपराध का कोई जाति से संबंध नहीं होता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि अपराध के मामलों को जातीय नजरिए से देखना उचित नहीं है।

    बीते कुछ हफ्तों में हुई मुठभेड़ों में कई मामलों में अपराधियों के मारे जाने और घायल होने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। सरकार का दावा है कि ये सभी कार्रवाई अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम हैं। वहीं विपक्ष का कहना है कि इन कार्रवाइयों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी तरह के पक्षपात की स्थिति स्पष्ट हो सके।

    बिहार की राजनीति में यह मुद्दा अब कानून-व्यवस्था से आगे बढ़कर सामाजिक और जातीय विमर्श का हिस्सा बन गया है। सत्ता और विपक्ष के बीच इस टकराव ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है, और आने वाले दिनों में यह बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

  • भोजशाला मामले पर हाईकोर्ट का फैसला आज, इंदौर-धार में हाई अलर्ट

    भोजशाला मामले पर हाईकोर्ट का फैसला आज, इंदौर-धार में हाई अलर्ट


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के बहुचर्चित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर आज हाईकोर्ट की इंदौर बेंच का अहम फैसला आ सकता है। वर्षों से चल रहे इस संवेदनशील मामले में कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रखा था, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया गया है।

    फैसले को देखते हुए इंदौर और धार जिले में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। खास बात यह है कि आज शुक्रवार का दिन है और इसी दिन भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज अदा की जाती है, जिससे स्थिति की संवेदनशीलता और बढ़ गई है। प्रशासन ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

    धार शहर में करीब 1200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को 12 लेयर में बांटा गया है, जिसमें रिजर्व पुलिस फोर्स और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को भी शामिल किया गया है। पुलिस कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात है।

    भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में कलेक्टर और एसपी ने खुद सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया है। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या अफवाह को फैलने से रोका जा सके।

    यह विवाद 2022 में दायर याचिकाओं के बाद और अधिक चर्चा में आया था, जिसमें भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर अदालत में मांगें रखी गई थीं। हिंदू पक्ष ने इसे मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर बताते हुए नियमित पूजा का अधिकार मांगा है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे लंबे समय से उपयोग में रही मस्जिद बताता है।

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भी इस मामले में 98 दिन का वैज्ञानिक सर्वे किया था, जिसकी रिपोर्ट को लेकर दोनों पक्षों में अलग-अलग दावे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले कुछ व्यवस्थाओं को लेकर अनुमति दी थी, जिसके बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया।

    फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह तैयार हैं।

  • सुरक्षा के कड़े इंतजाम: भोपाल की प्रमुख मस्जिदों पर पुलिस की विशेष निगरानी

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम: भोपाल की प्रमुख मस्जिदों पर पुलिस की विशेष निगरानी


    नई दिल्ली । भोपाल में आज जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शहर के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में सुबह से ही अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रमुख मस्जिदों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार निगरानी रख रही है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

    यह कदम हाल ही में सामने आए कुछ घटनाक्रमों और बढ़े हुए तनाव को देखते हुए उठाया गया है। प्रशासन के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    शहर के विभिन्न समुदायों के धार्मिक नेताओं ने भी शांति बनाए रखने की अपील की है। शहर काजी ने लोगों से संयम रखने और किसी के बहकावे में न आने की बात कही है, जबकि पुलिस कमिश्नर ने भी नागरिकों से शहर में अमन-चैन बनाए रखने का आग्रह किया है।

    प्रमुख मस्जिदों जैसे ताजुल मसाजिद, मोती मस्जिद, जामा मस्जिद, पीरगेट और पुराने भोपाल की अन्य मस्जिदों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने बैरिकेडिंग भी की है और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त बल लगाया गया है।

    नमाज का समय दोपहर के आसपास निर्धारित है, जिसके दौरान पुलिस विशेष रूप से सतर्क रहेगी। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शहर में शांति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

  • बारात में रास्ते को लेकर बड़ा बवाल ,शाजापुर में दो पक्ष भिड़े छह घायल ,पांच थानों का पुलिस बल तैनात

    बारात में रास्ते को लेकर बड़ा बवाल ,शाजापुर में दो पक्ष भिड़े छह घायल ,पांच थानों का पुलिस बल तैनात


    शाजापुर । शाजापुर जिले के बेरछा क्षेत्र में शनिवार रात एक बारात के दौरान उपजा मामूली सा विवाद देखते ही देखते बड़े हिंसक टकराव में बदल गया। घटना रात लगभग नौ से दस बजे के बीच की बताई जा रही है जब बेरछा बायपास स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के पास से हिंदू समाज की बारात गुजर रही थी। इसी दौरान रास्ते से एक ट्रक निकालने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई जो धीरे धीरे उग्र हो गई और मारपीट में तब्दील हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और लाठी डंडों के साथ हमला शुरू हो गया। इस घटना में छह बाराती घायल हो गए जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए।

    फरियादी रवि समोरा उम्र बत्तीस वर्ष निवासी बेरछा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ट्रक चालक शाहरूख शेख ने पहले बारात के लोगों से गाली गलौज की और कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद वह कुछ अन्य लोगों को साथ लेकर वापस आया और बारातियों पर हमला कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान सूरज भिलाला पर चाकू से वार किया गया जबकि राजू मिस्त्री द्वारा अरिहंत जैन पर हमला किया गया जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ गई।

    घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है जिनमें शाहरूख शेख, फखरूद्दीन का बेटा, वसीम पिता हनीफ खां, पप्पू पिता शरीफ खां, राजू पिता नसीरूद्दीन, इकरार पिता अकरम खां, अनिश पिता हन्नु पटेल, सद्दाम मंसूरी और ताजउद्दीन पिता अकबर खां शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें से चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है और सुरक्षा कारणों से उन्हें अन्य थाने में रखा गया है।

    एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय ने बताया कि यह विवाद वाहन को रास्ता देने को लेकर शुरू हुआ था जिसमें एक वाहन मुस्लिम समाज के चालक द्वारा चलाया जा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ा और बाद में मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। पुलिस के अनुसार घायल पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है।

    घटना के बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तुरंत भारी पुलिस बल तैनात किया। सुंदरसी, सलसलाई, सुनेरा, अकोदिया और शाजापुर थानों से अतिरिक्त बल बुलाया गया जिससे पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। रात करीब एक बजे एसडीएम मनीषा वास्कले और नायब तहसीलदार गौरव पोरवाल भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

    विवाद के बाद थाने पर भी भारी भीड़ जमा हो गई जहां प्रदर्शन और नारेबाजी की स्थिति बन गई। कुछ लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए तीखी टिप्पणी की और कार्रवाई की मांग की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

    थाने में देर रात तक हंगामे और बहस का माहौल बना रहा। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के जुलूस की मांग की जिसे लेकर अधिकारियों और भीड़ के बीच कई बार तीखी बहस भी हुई। बाद में पुलिस अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका और लोग शांत होकर वापस लौटे।

  • ग्वालियर में पुलिस थाने के अंदर विवाद और छात्रा के अपहरण प्रयास से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

    ग्वालियर में पुलिस थाने के अंदर विवाद और छात्रा के अपहरण प्रयास से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

    ग्वालियर । ग्वालियर में एक ही दिन में सामने आई दो घटनाओं ने कानून व्यवस्था और पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं एक ओर जहां थाने के भीतर ही पुलिसकर्मियों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला पिस्टल तानने तक पहुंच गया वहीं दूसरी ओर शहर में एक मासूम छात्रा के अपहरण का प्रयास होने से लोगों में दहशत का माहौल बन गया है

    पहली घटना तिघरा थाने की है जहां एएसआई फिरोज खान और सब इंस्पेक्टर महेंद्र कुशवाह के बीच बैटरी चोरी के एक मामले को लेकर विवाद शुरू हुआ बताया जा रहा है कि बहस इतनी तीखी हो गई कि एएसआई ने सब इंस्पेक्टर पर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी दे डाली इस दौरान सिपाही कमल रावत और रवि गुर्जर का नाम भी विवाद में सामने आया घटना ने पुलिस विभाग के भीतर अनुशासन और आपसी समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं

    मामले की गंभीरता को देखते हुए धर्मवीर यादव ने तुरंत कड़ा एक्शन लेते हुए एएसआई फिरोज खान सहित सिपाही कमल रावत और रवि गुर्जर को लाइन हाजिर कर दिया है यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन बनाए रखने के संदेश के तौर पर देखी जा रही है हालांकि इस घटना ने यह भी संकेत दिया है कि आंतरिक स्तर पर तनाव और विवाद किस हद तक बढ़ चुके हैं

    इसी बीच शहर के बहोड़ापुर इलाके से एक और चिंताजनक मामला सामने आया है जहां छठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा के अपहरण का प्रयास किया गया जानकारी के अनुसार छात्रा स्कूल बस से उतरकर अपने घर की ओर जा रही थी तभी कार सवार कुछ बदमाशों ने उसे जबरन ले जाने की कोशिश की लेकिन छात्रा के जोर जोर से चिल्लाने पर आरोपी घबरा गए और मौके से फरार हो गए

    घटना के बाद छात्रा ने घर पहुंचकर पूरी जानकारी अपने परिजनों को दी जिसके बाद उसके पिता विक्रमादित्य प्रधान ने थाने में शिकायत दर्ज कराई पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी तलाश शुरू कर दी है

    इन दोनों घटनाओं ने एक साथ मिलकर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जहां एक ओर पुलिस को आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है वहीं दूसरी ओर खुद पुलिस महकमे के भीतर अनुशासनहीनता की घटनाएं सामने आ रही हैं ऐसे में जरूरत है कि न केवल आंतरिक व्यवस्था को मजबूत किया जाए बल्कि शहर में कानून व्यवस्था को भी और अधिक सख्ती से लागू किया जाए ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें

  • जबलपुर सांप्रदायिक हिंसा अपडेट: उपद्रवियों पर बरसी पुलिस की लाठी, 5 एफआईआर दर्ज और 60 दंगाइयों को भेजा गया जेल।

    जबलपुर सांप्रदायिक हिंसा अपडेट: उपद्रवियों पर बरसी पुलिस की लाठी, 5 एफआईआर दर्ज और 60 दंगाइयों को भेजा गया जेल।


     जबलपुर/मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा में हुए सांप्रदायिक उपद्रव के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। दुर्गा मंदिर पर पथराव और तोड़फोड़ की घटना से उपजे तनाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 60 से ज्यादा उपद्रवियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं।

    सिहोरा हिंसा: पुलिस का कड़ा प्रहार, गिरफ्तारियों का आंकड़ा पहुंचा 60 के पार
    जबलपुर का सिहोरा क्षेत्र बीते कुछ घंटों से सांप्रदायिक तनाव की चपेट में था, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उपद्रवियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने अब तक कुल 60 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआत में जहां 49 आरोपियों को जेल भेजा गया था, वहीं ताजा कार्रवाई में 12 अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा ले रही है; सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए एक-एक चेहरे की शिनाख्त की जा रही है, ताकि कोई भी दोषी कानून के हाथ से बच न सके।

    इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने अब तक कुल पांच अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की हैं। ये मामले मंदिर में तोड़फोड़, पथराव, आगजनी और सार्वजनिक शांति भंग करने की धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। चश्मदीदों के बयान और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का साफ कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

    सिहोरा के वार्ड नंबर 5 और आजाद चौक जैसे संवेदनशील इलाकों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही पुलिस की कई टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। हालांकि, प्रशासन की मुस्तैदी के चलते अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और बाजार व आवाजाही फिर से पटरी पर लौटने लगी है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की भ्रामक खबर या अफवाह पर विश्वास न करने की पुरजोर अपील की है। फिलहाल, पूरे क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रहेगा।

  • गाजियाबाद में नकली Liv-52 टैबलेट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत 5 गिरफ्तार

    गाजियाबाद में नकली Liv-52 टैबलेट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत 5 गिरफ्तार


    गाजियाबाद । मुरादनगर पुलिस ने एक बड़े पैमाने पर नकली दवा बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह ने नामी कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर Liv-52 टैबलेट नकली बनाकर बेचने का काम किया। पुलिस ने गिरोह के सरगना मयंक अग्रवाल सहित कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से लगभग 50,000 टैबलेट, डेढ़ हजार खाली डिब्बियां और रैपर बरामद किए गए हैं।

    पकड़े गए आरोपी और उनकी पहचान

    डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में शामिल हैं:
    मयंक अग्रवाल (मोदीनगर, तिबड़ा रोड) – सरगना
    अनूप गर्ग (दिल्ली, उत्तम नगर)
    तुषार ठाकुर (नंदग्राम, सुभाषनगर)
    आकाश ठाकुर (नंदग्राम, हिंडन विहार)
    नितिन त्यागी (निवाड़ी)

    पुलिस अब अन्य छह साथियों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम को 20,000 रुपये का इनाम भी मिला।

    गिरोह का काम करने का तरीका

    जांच में पता चला कि गिरोह ने लगभग चार महीने पहले ही यह नेटवर्क तैयार किया। आरोपियों ने सफेद डिब्बी और ढक्कन मेरठ के एक प्लास्टिक उद्योग से बनवाए, रैपर की प्रिंटिंग प्रेस खैरनगर चौपला में करवाई। टैबलेट सोनीपत की सुबको लेबोरेट्रीज़ से बनवाई जाती थी। सभी सामग्री इकट्ठा कर मुरादनगर निवासी जोनी और फरमान के साथ मिलकर पैक की जाती थी। फर्म में मुकेश कुमार को मालिक बनाया गया था और फरमान जीएसटी की फर्जी बिलिंग तैयार करता था।

    जिम्मेदारी बांटी गई थी
    मयंक – सोनीपत की लेबोरेट्री से दवा बनवाता
    तुषार – मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के साथ दवा की सप्लाई और कुरियरिंग
    नितिन – नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष, प्रशासनिक मदद

    50,000 से अधिक गोलियां सप्लाई
    जांच में पता चला कि गिरोह ने पिछले चार महीनों में अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, आगरा, मेरठ, शामली और अन्य जिलों में 50,000 से अधिक नकली टैबलेट सप्लाई की। दवा को बाजार भाव से 20% कम पर मेडिकल स्टोर संचालकों को दिया गया। डीसीपी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया, “पुलिस ने नामी कंपनी के नाम का इस्तेमाल कर Liv-52 बनाने वाले गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार किए। दवाइयों के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं।”