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  • टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में किसका था शूटरों से संपर्क? चेहरे टीवी पर आते ही मिला ठिकाना छोड़ने का मैसेज

    टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में किसका था शूटरों से संपर्क? चेहरे टीवी पर आते ही मिला ठिकाना छोड़ने का मैसेज


    नई दिल्ली । मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक हमले के बाद फरार आरोपियों को फोन कॉल मैसेज और टेलीविजन पर प्रसारित होने वाली खबरों के जरिए लगातार अपडेट मिल रहे थे। जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जब फायरिंग से जुड़े संदिग्धों की तस्वीरें टीवी पर दिखाई जाने लगीं तो एक शूटर को तुरंत वहां से निकलने का संदेश मिला। इस घटनाक्रम ने जांच एजेंसियों के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आरोपियों को पुलिस की कार्रवाई और उनकी पहचान उजागर होने की जानकारी कौन दे रहा था।

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस सूत्रों ने बताया कि जैसे ही संदिग्धों के चेहरे टेलीविजन पर प्रसारित होने लगे वैसे ही एक आरोपी को मैसेज भेजकर सतर्क किया गया। संदेश में कहा गया कि उनके चेहरे सामने आ गए हैं और उन्हें वहां से निकल जाना चाहिए। इससे जांचकर्ताओं को आशंका है कि हमले में शामिल लोगों के साथ कोई ऐसा व्यक्ति संपर्क में था जो घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहा था और जरूरत पड़ने पर उन्हें निर्देश दे रहा था। हालांकि पुलिस अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं कर पाई है कि आरोपियों को टीवी समाचारों के अपडेट कौन भेज रहा था।

    जांच के दौरान रेहान अंसारी नाम के आरोपी के संपर्कों को लेकर भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसे किसी कम्युनिकेशन ऐप के जरिए निर्देश मिल रहे थे। शक जताया गया है कि इस संपर्क के पीछे कथित तौर पर बिश्नोई गैंग से जुड़ा अनिल पंडित या फिर हाल ही में सोनीपत में गिरफ्तार किए गए अंकित खटक और समीर खत्री हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने कथित रूप से हमलावरों और अनिल पंडित के बीच संपर्क स्थापित करने में भूमिका निभाई हो सकती है। हालांकि इन आशंकाओं की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

    पुलिस को संदेह है कि बातचीत के लिए ऐसे ऐप का इस्तेमाल किया गया होगा जिनके जरिए इंटरनेट पर वॉयस कॉल और संदेश भेजे जा सकते हैं। रिपोर्ट में सिग्नल और जंगी जैसे ऐप का जिक्र किया गया है। सीसीटीवी फुटेज में रेहान को लगातार फोन पर बात करते हुए देखे जाने की बात भी सामने आई है। जांचकर्ताओं के अनुसार उन्हें यह अंदेशा था कि बातचीत इंटरनेट आधारित कॉलिंग सेवा के जरिए हो रही है लेकिन इस्तेमाल किए गए ऐप की पहचान करना आसान नहीं था। आरोपियों की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ के बाद पुलिस को दोनों पक्षों के बीच हुई कुछ बातचीत के बारे में जानकारी मिलने की बात कही गई है।

    यह घटना 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी जब टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की गई। अभिनेता इस हमले में सुरक्षित बच गए लेकिन उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर को चोटें आईं। पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक कुल दस लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें फूल सिंह रेहान रहिसुद्दीन अंसारी और ऋतिक महतो के नाम भी शामिल हैं।

    इस मामले में अनिल पंडित नाम के व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था और खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया था। हालांकि पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां अब हमले की साजिश संपर्कों की कड़ियों और आरोपियों को अलर्ट देने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से मामले की कई और परतें खुलने की उम्मीद है।

  • सलमान के घर की रेकी, फिर टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां, लॉरेंस गैंग की कथित साजिश से बॉलीवुड में बढ़ी चिंता

    सलमान के घर की रेकी, फिर टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां, लॉरेंस गैंग की कथित साजिश से बॉलीवुड में बढ़ी चिंता


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान एक नया और अहम पहलू सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई पुलिस की जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इस वारदात से पहले शूटरों ने अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट की रेकी की थी। बताया जा रहा है कि सलमान खान के घर के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखकर आरोपियों ने कथित तौर पर अपना प्लान बदल दिया और इसके बाद टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया। हालांकि पुलिस ने इस दावे की सार्वजनिक रूप से पूरी पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच अभी जारी है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार तीनों आरोपी मुंबई पहुंचने के बाद सलमान खान के घर के आसपास पहुंचे थे। वहां पुलिस की तैनाती और सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखकर उनके लिए अभिनेता तक पहुंचना मुश्किल था। इसके बाद उन्होंने दूसरे लक्ष्य की तलाश शुरू की। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आरोपियों को सोशल मीडिया पोस्ट और फैन पेज के जरिए टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली थी। बताया जा रहा है कि अभिनेता हर रविवार मुंबई के जुहू इलाके में एक फुटबॉल ग्राउंड पर खेलने जाते थे। कथित तौर पर इसी जानकारी के आधार पर शूटरों ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।

    18 अक्टूबर 2026 की शाम टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग हुई थी। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद ग्राउंड से बाहर निकल रहे थे तभी उनकी BMW कार पर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई।

    इस मामले में पुलिस ने तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान ऋतिक कुमार उर्फ रोशन रेहान अंसारी और फूल सिंह के रूप में बताई गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार आरोपी फायरिंग के बाद मुंबई से ट्रेन के जरिए बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुंबई लाया गया जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फायरिंग की योजना किसने बनाई और आरोपियों को निर्देश कहां से मिले थे।

    इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। सोशल मीडिया पर गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने फायरिंग की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। हालांकि ऐसे दावों और सामने आए ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात का मकसद बॉलीवुड में डर पैदा करना था और क्या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है।

    सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बीच विवाद पहले भी सुर्खियों में रहा है। अप्रैल 2024 में सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी हुई थी जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी। टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में सलमान खान के घर की कथित रेकी की जानकारी सामने आने के बाद उनके आवास के आसपास सुरक्षा और कड़ी किए जाने की खबरें हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। यह स्पष्ट होना बाकी है कि सलमान खान वास्तव में इस मामले में पहला निशाना थे या नहीं और फायरिंग के पीछे की पूरी साजिश क्या थी।

  • टाइगर श्रॉफ गोलीकांड में पुलिस की जांच तेज, मेडिकल के बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल पहुंचे तीनों आरोपी, अब पूछताछ में सामने आएंगी अहम कड़ियां

    टाइगर श्रॉफ गोलीकांड में पुलिस की जांच तेज, मेडिकल के बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल पहुंचे तीनों आरोपी, अब पूछताछ में सामने आएंगी अहम कड़ियां


    नई दिल्ली। फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया है। करीब 17 घंटे के लंबे सफर के बाद मुंबई पहुंचे आरोपियों का सबसे पहले जीटी अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया गया। इसके बाद तीनों को मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल में रखा गया है। यहां उनसे फायरिंग की घटना और कथित साजिश को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात को किसके निर्देश पर अंजाम दिया गया और इसमें शामिल अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक कुमार फूल सिंह और रेहान अंसारी के रूप में बताई गई है। पुलिस तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच मुंबई लेकर पहुंची। कोटा से आरोपियों को दो इनोवा कारों के जरिए लाया गया जबकि वलसाड से एक अन्य इनोवा कार भी पुलिस के काफिले में शामिल हुई थी। मुंबई पहुंचने के बाद आरोपियों को जीटी अस्पताल ले जाया गया जहां जरूरी मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल के हवाले कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

    पुलिस की जांच में रेहान अंसारी का नाम कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के संपर्क में होने के संबंध में सामने आया है। बताया जा रहा है कि टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर रेहान और अनिल पंडित के बीच बातचीत हुई थी। अब मुंबई पुलिस आरोपियों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि उनके बीच किस तरह संपर्क स्थापित हुआ था और फायरिंग की घटना में उनकी क्या भूमिका रही। जांच एजेंसियां कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

    18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर कई राउंड फायरिंग की घटना सामने आई थी। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे तभी उनकी कार को निशाना बनाया गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश में कई जगह कार्रवाई की। शुरुआती जांच में पुलिस ने आशंका जताई थी कि फायरिंग का मकसद अभिनेता को डराना हो सकता है। हालांकि इस मामले में हमले के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

    इससे पहले पुलिस ने राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को पकड़ा था। अब उन्हें मुंबई लाकर पूछताछ की जा रही है। वहीं इस मामले में हथियारों की सप्लाई से जुड़े चार अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार इन गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा बढ़ा है और हथियारों की व्यवस्था से लेकर उन्हें मुंबई पहुंचाने तक की कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए फायरिंग के पीछे की कथित साजिश और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

  • अमृतसर से हथियार, ट्रेन से मुंबई और फिर फायरिंग, टाइगर श्रॉफ केस में लॉरेंस गैंग के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा

    अमृतसर से हथियार, ट्रेन से मुंबई और फिर फायरिंग, टाइगर श्रॉफ केस में लॉरेंस गैंग के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा


    नई दिल्ली। मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो युवकों और दो महिलाओं को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक दोनों महिलाएं कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए कुरियर का काम करती थीं और ट्रेन से पिस्तौल लेकर मुंबई पहुंची थीं। इस मामले में पहले ही तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार किसके निर्देश पर जुटाए गए और फायरिंग की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों से इनका संपर्क कैसे हुआ।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुणाल सुमित राधा और बबिता के रूप में हुई है। कुणाल की उम्र 21 साल और सुमित की उम्र 19 साल बताई गई है। दोनों हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। वहीं 23 वर्षीय राधा उत्तर प्रदेश के सीतापुर और 23 वर्षीय बबिता आजमगढ़ की निवासी है। पुलिस के अनुसार हथियारों की व्यवस्था करने में कुणाल की अहम भूमिका थी। वह हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था। एक दोस्त के माध्यम से उसकी पहचान अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए बातचीत करने लगे। जांच में सामने आया कि अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल अमृतसर गया और वहां से एक पिस्तौल तथा 20 कारतूस जुटाए।

    पुलिस के मुताबिक हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए कुणाल ने राधा को तैयार किया। करीब दो महीने पहले दोनों की मुलाकात हुई थी। इसके बाद कुणाल ने उसे अपनी गतिविधियों के बारे में बताया और पिस्तौल लेकर मुंबई जाने के लिए राजी किया। 15 अक्टूबर 2026 को कुणाल राधा और बबिता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा। दोनों महिलाएं ट्रेन से मुंबई के लिए रवाना हुईं। पिस्तौल राधा के बैग में रखी गई थी और सफर के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए उनके संपर्क में रहा।

    जांच के अनुसार 17 अक्टूबर को दोनों महिलाएं मुंबई के दादर स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास आया और राधा से बैग लेकर चला गया। उस बैग में पिस्तौल होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बैग लेने वाला नाबालिग किसके संपर्क में था और हथियार आगे किसे सौंपा गया। फिलहाल वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल बरामद नहीं हुई है।

    इसके अगले दिन यानी 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर कई राउंड फायरिंग की गई। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे। इस दौरान उनकी कार को निशाना बनाया गया। टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई। वारदात के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक पोस्ट भी सामने आई थी लेकिन उसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    पुलिस के मुताबिक फायरिंग के बाद हमलावरों को मुंबई से बाहर निकालने की कोशिश भी की गई थी। इसी मामले में राजस्थान के कोटा से पहले तीन संदिग्धों रेहान उर्फ सुक्का ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक नाबालिग को पकड़ा गया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने आशंका जताई थी कि फायरिंग का मकसद अभिनेता को डराना था। हालांकि मामले की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। चार नई गिरफ्तारियों के बाद अब पुलिस हथियार जुटाने से लेकर मुंबई पहुंचाने फायरिंग और आरोपियों को बाहर निकालने की कथित योजना तक सभी कड़ियों को जोड़ रही है। 

  • टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग से मचा हड़कंप, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी, अभिजीत दीपके बोले- पुलिस असली अपराधियों पर ध्यान दे..

    टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग से मचा हड़कंप, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी, अभिजीत दीपके बोले- पुलिस असली अपराधियों पर ध्यान दे..

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग की घटना के बाद मामला चर्चा में है। इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित और हरमन संधू ने लेने का दावा किया है। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस और सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को छात्रों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय असली अपराधियों पर ध्यान देना चाहिए। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है।

    दीपके ने अपने बयान में कहा कि छात्रों और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस को वास्तविक अपराधियों के खिलाफ कदम उठाने चाहिए। उनके मुताबिक, जब सरकार और पुलिस की प्राथमिकताएं सही तरीके से तय नहीं होतीं, तो ऐसी परिस्थितियां पैदा होती हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी अपने नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास को हिरासत में लिए जाने का विरोध कर रही है।

    जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग

    यह घटना रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई। जानकारी के मुताबिक, दो अज्ञात हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर चार से पांच राउंड गोलियां चलाईं। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर फिरदौस और वहां से गुजर रहे ऑटो रिक्शा चालक केवल चौहान घायल हो गए। दोनों को गोलीबारी के दौरान चोटें आईं। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और जांच से जुड़ी गतिविधियां तेज कर दी गईं।

    हमले के तुरंत बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित और हरमन संधू ने कथित तौर पर इसकी जिम्मेदारी ली। उनके नाम से सामने आए संदेश में धमकी दी गई कि मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में जो लोग उनकी बात नहीं मानेंगे या सलमान खान के साथ काम करेंगे, वे भी निशाने पर आ सकते हैं। हालांकि, इस मामले में हमले के पीछे की परिस्थितियों और आरोपों की जांच की जा रही है।

    हमलावरों की तलाश में मुंबई पुलिस की 15 टीमें
    घटना के बाद मुंबई पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए 15 टीमें गठित की हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, ताकि हमलावरों और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक की पहचान की जा सके। कई स्थानों पर नाकेबंदी की गई है और फॉरेंसिक टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ भी शुरू की है। वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है, जिसमें एक अज्ञात हमलावर को टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां चलाते देखा जा सकता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार रात अभिनेता से बातचीत कर उनका हाल जाना और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।

    अनिल पंडित और हरमन संधू की भूमिका की जांच

    पुलिस के अनुसार, हरियाणा के पानीपत का रहने वाला अनिल पंडित लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ा शूटर और विदेश में सक्रिय नेटवर्क का संचालक बताया जाता है। उसे लॉरेंस के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई का करीबी भी बताया गया है। हरमन संधू के बारे में जानकारी दी गई है कि वह लंबे समय से विदेश में छिपा हुआ है और गिरोह के शूटरों को निशाने से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने का काम करता है। इस मामले में दोनों के कथित दावों और उनकी भूमिका की जांच महत्वपूर्ण है।

    CJP नेताओं की हिरासत पर भी विवाद
    इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की हिरासत को लेकर भी सवाल उठाए हैं। अभिजीत दीपके का आरोप है कि दोनों को जेल में रखने के लिए अनावश्यक देरी की जा रही है और हिरासत जारी रखने का पर्याप्त कानूनी आधार नहीं है। पार्टी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने दिल्ली पुलिस और राज्य के अधिकारियों पर विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने होने वाली कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप लगाया है।

    सिंह के मुताबिक, लगातार चार दिन तक पेश नहीं होने वाले सरकारी अभियोजक बाद में कार्यवाही में शामिल हुए और कथित धमकी भरे संदेश का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी को धमकी मिली है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और आदेश में उसका विवरण दर्ज होना चाहिए। टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की जांच के बीच यह मामला पुलिस की कार्रवाई, सुरक्षा और कानून के पालन को लेकर अलग-अलग सवालों के कारण चर्चा में बना हुआ है।

  • लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर FBI का बड़ा शिकंजा, ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत 50 से ज्यादा जगह पर की छापेमारी

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर FBI का बड़ा शिकंजा, ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत 50 से ज्यादा जगह पर की छापेमारी


    नई दिल्ली। लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उससे जुड़े आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ अमेरिका की जांच एजेंसी FBI ने बड़ा अभियान शुरू किया है। FBI और उसकी सहयोगी एजेंसियों ने 7 जुलाई को अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत कई स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कम से कम 20 लोगों को हिरासत में लिया। इस दौरान प्रतिबंधित सामान, हथियार और ड्रग्स बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।

    ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के नाम से चलाया गया अभियान
    FBI ने अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को ‘Operation Hard Ball’ नाम दिया है। एजेंसी के अधिकारियों और सहयोगी टीमों ने अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 50 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामान और ड्रग्स जब्त किए गए।

    गोल्डी बरार और जग्गू भगवानपुरिया नेटवर्क पर भी फोकस
    FBI की इस कार्रवाई का निशाना लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ-साथ उसके सहयोगियों गोल्डी बरार और जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े नेटवर्क भी रहे। जांच एजेंसियों के अनुसार, गैंग से जुड़े कई वांटेड सदस्य अमेरिका, कनाडा और यूरोप में रहकर भारत में अपनी आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। आरोप है कि ये लोग विदेशों में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों को भी निशाना बनाकर रंगदारी वसूलने जैसे अपराधों में शामिल रहे हैं।

    कनाडा ने घोषित किया था आतंकी संगठन
    लॉरेंस बिश्नोई गैंग को लेकर कनाडा सरकार ने पिछले साल इसे आतंकी संगठन घोषित किया था। वहीं, लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल बिश्नोई भी लंबे समय तक अमेरिका में रहने की बात सामने आई थी। आरोप है कि अमेरिका में रहते हुए उसने मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और अभिनेता सलमान खान के घर पर फायरिंग से जुड़े मामलों में भूमिका निभाई थी। बाद में अनमोल बिश्नोई को भारत डिपोर्ट किया गया।

    विदेशों में फैले नेटवर्क पर एजेंसियों की नजर
    भारतीय जांच एजेंसियां भी समय-समय पर यह जानकारी देती रही हैं कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क अमेरिका, कनाडा और यूरोप तक फैला हुआ है। एजेंसियों के मुताबिक, भारत से फरार होकर कई गैंग सदस्य इन देशों में ठिकाने बनाकर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश कर रहे हैं। FBI का ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ अभी जारी है और लॉरेंस बिश्नोई गैंग तथा उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।

  • मनोरंजन जगत में सनसनी, दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के घर पर फायरिंग का आरोप, गैंग ने किया दावा

    मनोरंजन जगत में सनसनी, दिलजीत दोसांझ के मैनेजर के घर पर फायरिंग का आरोप, गैंग ने किया दावा

    नई दिल्ली । पंजाबी सिंगर और एक्टर Diljit Dosanjh के मैनेजर गुरप्रताप कांग के घर से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। दावा किया जा रहा है कि हरियाणा के एक गांव में स्थित उनके घर पर फायरिंग की घटना हुई है, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने मनोरंजन जगत के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी हलचल बढ़ा दी है।

    जानकारी के अनुसार, इस घटना की जिम्मेदारी एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लेने का दावा किया गया है, जिसमें खुद को एक गैंग से जुड़ा बताया गया है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि यह कार्रवाई एक संदेश देने के उद्देश्य से की गई है और इससे पहले भी कई बार चेतावनी देने की बात सामने आई है। इस दावे के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

    पोस्ट में कुछ गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं, जिनमें मैनेजर और सिंगर से जुड़े लोगों पर आपत्तिजनक व्यवहार और अन्य निजी आरोपों का जिक्र किया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और न ही इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। कुछ लोग इसे गंभीर सुरक्षा मुद्दा मान रहे हैं, तो कुछ इसे केवल दावों और अफवाहों से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियों की नजर इस मामले पर बनी हुई है, ताकि वास्तविक स्थिति की जांच की जा सके।

    मनोरंजन जगत में इस तरह की घटनाएं अक्सर चिंता का विषय बन जाती हैं, क्योंकि इससे कलाकारों और उनके सहयोगियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। फिलहाल सभी पक्षों की ओर से स्पष्ट बयान का इंतजार किया जा रहा है, जिससे स्थिति पूरी तरह साफ हो सके।

  • मध्यप्रदेश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ भोपाल इंदौर समेत तीन शहरों में व्यापारियों को धमकी और करोड़ों की फिरौती

    मध्यप्रदेश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का खौफ भोपाल इंदौर समेत तीन शहरों में व्यापारियों को धमकी और करोड़ों की फिरौती

    मध्यप्रदेश में एक बार फिर संगठित अपराध और गैंग गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ गई है जहां कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्यापारियों को धमकाने और भारी रकम की मांग करने के मामले सामने आए हैं राजधानी भोपाल और इंदौर सहित कई शहरों में हाई प्रोफाइल कारोबारियों को निशाना बनाया गया है जिससे व्यापारिक समुदाय में दहशत का माहौल है

    भोपाल में एक सोना व्यापारी गौरव जैन को अंतरराष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्सएप कॉल कर 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताते हुए धमकी दी कि रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे धमकी भरे कॉल में भय पैदा करने की कोशिश करते हुए गाली गलौज और चेतावनी दी गई जिससे व्यापारी और उनका परिवार डर के साये में आ गया

    इसी तरह इंदौर के तुकोगंज इलाके में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी संजय जैन को भी गैंग के नाम पर धमकी मिली उनसे पहले 10 करोड़ रुपए और बाद में 5 करोड़ रुपए अतिरिक्त की मांग की गई इस तरह कुल 15 करोड़ रुपए की फिरौती की मांग ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं

    पुलिस के अनुसार धमकियां देने वाला खुद को ‘हैरी बॉक्सर’ के नाम से बता रहा है और बताया जा रहा है कि यह व्यक्ति गैंग से जुड़ा हुआ है या उसके नाम का इस्तेमाल कर रहा है गौरतलब है कि इससे पहले भी इस नाम से जुड़ा एक आरोपी अशोकनगर में पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है और हाल ही में खरगोन में एक व्यापारी के घर पर गोलीबारी की घटना ने भी सुरक्षा चिंता बढ़ा दी थी

    सूत्रों के मुताबिक धमकी के इन मामलों में खास तौर पर उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है जो आर्थिक रूप से मजबूत हैं या समाज में प्रभावशाली माने जाते हैं बीजेपी नेताओं और बड़े कारोबारियों को टारगेट किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है

    फिलहाल पुलिस ने अलग अलग जगहों पर शिकायतें मिलने के बाद मामले दर्ज कर लिए हैं और जांच शुरू कर दी गई है साइबर सेल की मदद से अंतरराष्ट्रीय कॉल्स और व्हाट्सएप नंबरों की जांच की जा रही है ताकि धमकी देने वालों तक पहुंचा जा सके

    इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि संगठित अपराध अब डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहा है और दूर बैठे अपराधी भी स्थानीय स्तर पर दहशत फैलाने में सक्षम हैं ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है कि वे इन गैंग्स की गतिविधियों पर नियंत्रण रखें और आम लोगों के बीच भरोसा कायम करें

  • रोहित शेट्टी के शूटिंग सेट पर सुरक्षा कड़ी, डायरेक्टर के नजदीक जाने की अनुमति केवल चुनिंदा लोगों को

    रोहित शेट्टी के शूटिंग सेट पर सुरक्षा कड़ी, डायरेक्टर के नजदीक जाने की अनुमति केवल चुनिंदा लोगों को


    नई दिल्ली। रोहित शेट्टी इन दिनों अपनी फिल्म गोलमाल 5 की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसी बीच उनके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने चार राउंड फायरिंग की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। इस घटना के बाद रोहित शेट्टी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अब उनके फिल्म सेट पर भी कड़े सुरक्षा इंतजाम लागू कर दिए गए हैं। मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टीम गठित की गई है जो पूरी तरह से मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है।

    सूत्रों के अनुसार गोलमाल 5 की शूटिंग 15 फरवरी के बाद शुरू होने वाली थी। हालांकि अब शूटिंग उसी तय दिन से शुरू होगी या नहीं, इसका फैसला केवल रोहित शेट्टी ही करेंगे। लेकिन एक अन्य सूत्र का कहना है कि शूटिंग तय समय पर ही शुरू होगी और इसके लिए पहले से सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। शूटिंग शुरू होने पर सेट पर 60 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाएगा जिसमें पुलिस कर्मी और रोहित के पर्सनल बॉडीगार्ड शामिल होंगे।

    सुरक्षा बढ़ाने के तहत सेट पर आने वाले हर व्यक्ति को रजिस्टर करवाना होगा और अपनी आईडी वेरीफाई करनी होगी। डायरेक्टर रोहित शेट्टी के नजदीक जाने की अनुमति केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही मिलेगी। जूनियर आर्टिस्ट से लेकर क्रू मेंबर तक, सभी को पहले से सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा। हर आने-जाने वाली गाड़ी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और वैनिटी वैन को भी एंट्री से पहले जांच से गुजरना जरूरी होगा। कॉल शीट को मैनेज किया जाएगा और शूटिंग लोकेशन की जानकारी केवल लिमिटेड लोगों को ही दी जाएगी।

    फायरिंग की घटना और सुरक्षा बढ़ाने के कारण रोहित शेट्टी की एक अन्य फिल्म भी फिलहाल होल्ड पर रखी गई है। इस फिल्म में जॉन अब्राहम लीड रोल में हैं और इसकी शूटिंग पिछले साल शुरू हुई थी। अब लगभग दो हफ्तों की शूटिंग बाकी है जिसे आगे पूरा किया जाएगा।सुरक्षा उपायों और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के चलते शूटिंग सेट पर काफी सावधानी बरती जा रही है। इसके बावजूद फिल्म की टीम शूटिंग के लिए पूरी तरह तैयार है और उम्मीद है कि सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच गोलमाल 5 की शूटिंग बिना किसी रुकावट के पूरी हो जाएगी।