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  • इजराइली सेना का लेबनान में बड़ा हमला…. हिजबुल्लाह के 200 ठिकानों पर की बमबारी

    इजराइली सेना का लेबनान में बड़ा हमला…. हिजबुल्लाह के 200 ठिकानों पर की बमबारी


    येरुशलम।
    इजरायली सेना (Israeli army.) ने 24 घंटे के भीतर लेबनान (Lebanon) में हिजबुल्लाह (Hezbollah.) के 200 से अधिक ठिकानों पर हमले का दावा किया है। सेना के मुताबिक, उसके वायुसेना के विमानों ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के अड्डों को निशाना बनाया। एक्स पर जारी आधिकारिक पोस्ट में इजरायली रक्षा बल (Israeli Defense Forces.-IDF) ने कहा कि यह ऑपरेशन जारी रहेगा। आईडीएफ ने दावा किया कि इन हमलों से हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच क्षेत्र में तनाव जारी है, क्योंकि इजरायल हिजबुल्लाह को कमजोर करने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रहा है।

    इन घटनाओं के बीच ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम अमेरिका के साथ हुई बातचीत का हिस्सा था। पाकिस्तानी पक्ष ने भी इसकी पुष्टि की है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल हिजबुल्लाह के संपर्क में है और स्थिति पर जरूरी फैसले ले रहा है। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, यह जानकारी ईरान-पाकिस्तान-अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता के शुरू होने के साथ आई है।


    पाकिस्तानी राजधानी में एक अहम बैठक

    इस्लामाबाद में हो रही ये बातचीत 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच उच्चतम स्तर की चर्चा मानी जा रही है। ईरानी टीम ने औपचारिक वार्ता से पहले पाकिस्तानी राजधानी में रणनीतिक बैठक की। इस्लामाबाद के सेरेना होटल में ये बातचीत हो रही है, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधि पहुंचे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की।

    ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात की। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इन वार्ताओं को मेक-ऑर-ब्रेक यानी निर्णायक बताया है। 8 अप्रैल को घोषित युद्धविराम को स्थिर करने और क्षेत्रीय सुरक्षा के भविष्य पर चर्चा का लक्ष्य है। होटल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और गतिविधियां दिख रही हैं। ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रेजा आरेफ ने एक्स पर लिखा कि बातचीत का नतीजा अमेरिकी रुख पर निर्भर करेगा। अगर अमेरिका फर्स्ट की सोच वाले प्रतिनिधि मिले तो दोनों पक्षों और दुनिया के लिए फायदेमंद समझौता संभव है।

  • अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल-लेबनान वार्ता तय, 14 अप्रैल को वॉशिंगटन में होगी बैठक

    अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल-लेबनान वार्ता तय, 14 अप्रैल को वॉशिंगटन में होगी बैठक

    तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच Israel और Lebanon बातचीत की मेज पर आने को तैयार हो गए हैं। दोनों देशों ने 14 अप्रैल को Washington, D.C. में औपचारिक बैठक करने पर सहमति जताई है, जिसमें United States मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा।

    लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह पहल अमेरिकी मध्यस्थता से हुई है और इसमें लेबनान में अमेरिकी राजदूत भी शामिल थे। दोनों देशों के बीच प्रत्यक्ष संपर्क बेहद दुर्लभ माना जाता है, क्योंकि उनके बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं और लंबे समय से तनाव बना हुआ है।

    रिपोर्टों के अनुसार, यह संपर्क अमेरिकी नेतृत्व में हुआ, जिसका उद्देश्य संघर्षविराम लागू करना और दोनों पक्षों को वार्ता की मेज तक लाना था।

    सहमति के मुताबिक 14 अप्रैल को वॉशिंगटन स्थित अमेरिकी विदेश विभाग में आमने-सामने बैठक होगी, जहां तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।

    लेबनानी अधिकारियों का दावा है कि Hezbollah के खिलाफ इजरायली कार्रवाई में करीब 2000 लोगों की मौत हो चुकी है और 6300 से अधिक घायल हुए हैं। इनमें हाल के हमलों में हुई सैकड़ों मौतें भी शामिल बताई जा रही हैं।

    1948 से जारी है टकराव

    इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष का इतिहास 1948 से जुड़ा है। दोनों देशों के बीच समय-समय पर झड़पें होती रही हैं।

    विशेष रूप से 2006 Lebanon War में हजार से अधिक लोगों की जान गई थी और लेबनान में भारी तबाही हुई थी।

    दक्षिणी लेबनान क्षेत्र में तनाव लगातार बना रहता है, जहां ईरान समर्थित समूह हिजबुल्लाह सक्रिय है और यह इलाका इजरायल की सीमा से लगा हुआ है। ऐसे में 14 अप्रैल की प्रस्तावित वार्ता को क्षेत्रीय शांति की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

  • लेबनान में लाइव रिपोर्टिंग के दौरान धमाका, पत्रकार के पीछे गिरी इजरायली मिसाइल; दो घायल

    लेबनान में लाइव रिपोर्टिंग के दौरान धमाका, पत्रकार के पीछे गिरी इजरायली मिसाइल; दो घायल

    तेल अवीव/बेरूत। दक्षिण लेबनान से सामने आए एक वीडियो ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्टिंग के दौरान एक पत्रकार के ठीक पीछे मिसाइल गिरने का दृश्य कैमरे में कैद हुआ, जिसमें दो पत्रकार घायल हो गए।

    वीडियो में RT के पत्रकार Steve Sweeney लाइव रिपोर्टिंग कर रहे थे। तभी अचानक वे झुकते हैं और उनके पीछे कुछ ही दूरी पर मिसाइल आकर फट जाती है। इस विस्फोट में स्टीव स्विनी और उनके कैमरामैन Ali Rida घायल हो गए। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    ‘PRESS’ पहचान के बावजूद हमला?
    रिपोर्ट के अनुसार, टीम दक्षिण लेबनान के अल-कासमिया ब्रिज के पास कवरेज कर रही थी। कैमरामैन अली रिदा ने दावा किया कि उनकी टीम स्पष्ट रूप से ‘PRESS’ चिन्ह के साथ काम कर रही थी, इसके बावजूद हमला हुआ। Russia से जुड़े अधिकारियों ने भी आशंका जताई है कि यह हमला जानबूझकर किया गया हो सकता है।

    Margarita Simonyan ने सोशल मीडिया पर बताया कि कथित तौर पर Israel Defense Forces (IDF) के फाइटर जेट ने उस वाहन को निशाना बनाया, जिसमें पत्रकार सवार थे।

    इजरायल का जवाब
    वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए Israel Defense Forces ने कहा कि जिस कासमिया क्रॉसिंग क्षेत्र में पत्रकार मौजूद थे, उसे पहले ही खाली करने की चेतावनी जारी की गई थी। सेना के अनुसार, पर्याप्त समय देने के बाद ही हमला किया गया और इजरायल पत्रकारों को निशाना नहीं बनाता तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कार्रवाई करता है।

    यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब Israel और Lebanon के बीच तनाव चरम पर है। इस वीडियो ने युद्ध क्षेत्र में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष गहराया, लेबनान तक फैल रहा तनाव

    इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष गहराया, लेबनान तक फैल रहा तनाव

    तेहरान। इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव अब और अधिक भीषण होता जा रहा है। ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की खबरें सामने आई हैं, जिनमें शीर्ष सैन्य अधिकारियों, सैनिकों और आम नागरिकों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है।

    लेबनान तक फैलता संघर्ष
    तनाव अब पड़ोसी लेबनान तक फैल गया है। ईरान के समर्थन में माने जाने वाले संगठन हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर हुए हमलों की जिम्मेदारी ली है। इसके बाद इजरायल ने उत्तरी मोर्चे पर जवाबी कार्रवाई तेज करते हुए हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर गोलाबारी शुरू कर दी।

    मिसाइल और ड्रोन हमलों से बढ़ा तनाव
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के शहर तेल अवीव के पास मिसाइल गिरने और यरूशलम पर भी हमले की कोशिश की गई। इसके अलावा वेस्ट बैंक के ऊपर संदिग्ध ड्रोन देखे जाने की बात कही गई। इन हमलों को पहले ईरान की सीधी प्रतिक्रिया माना जा रहा था, लेकिन बाद में हिज्बुल्लाह ने जिम्मेदारी ली।
    इजरायल का सैन्य अभियान
    इजरायली सेना Israel Defense Forces (IDF) ने बताया कि उसने पहले से तैयार सैन्य योजना के तहत कार्रवाई शुरू की है। इजरायल का आरोप है कि हिज्बुल्लाह, ईरानी नेतृत्व के निर्देश पर उसके नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है।

    अमेरिका का कड़ा रुख
    इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि जब तक अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों को हासिल नहीं कर लेता, तब तक अभियान जारी रहेगा। उनका कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को समाप्त करना और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।

    क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर बढ़ी चिंता
    लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों से पूरे मध्य पूर्व में व्यापक अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि यदि तनाव नहीं थमा तो यह संघर्ष बहु-देशीय युद्ध का रूप ले सकता है।