Tag: LeT

  • भारत में आतंकी मिशन छोड़ मेकओवर में उलझे लश्कर के आतंकी, स्लीपर सेल प्लान बीच में रह गया अधूरा!

    भारत में आतंकी मिशन छोड़ मेकओवर में उलझे लश्कर के आतंकी, स्लीपर सेल प्लान बीच में रह गया अधूरा!

    नई दिल्ली । भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े दो आतंकियों की प्राथमिकता उनका मिशन नहीं बल्कि उनका लुक और व्यक्तिगत दिखावट बन गई। इन दोनों आतंकियों की योजना भारत में घुसपैठ कर स्लीपर सेल नेटवर्क तैयार करने की थी, लेकिन जांच से जुड़े तथ्यों के अनुसार उनका ध्यान अपने उद्देश्य से हटकर निजी इच्छाओं की ओर चला गया, जिससे पूरा ऑपरेशन प्रभावित हो गया।

    पहला आतंकी उस्मान जट्ट पाकिस्तान से भारत में घुसा था और उसका मकसद देश के भीतर एक संगठित नेटवर्क तैयार करना था, जो भविष्य में बड़ी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे सके। लेकिन भारत में आने के बाद उसने अपने मिशन को प्राथमिकता देने के बजाय अपने रूप-रंग में बदलाव पर ध्यान देना शुरू कर दिया। बताया जाता है कि वह श्रीनगर में स्थित एक निजी क्लिनिक पहुंचा और वहां हेयर ट्रांसप्लांट जैसी प्रक्रिया करवाई। इस प्रक्रिया में समय और ध्यान लगाने के कारण उसका मूल उद्देश्य पीछे छूटता चला गया और उसकी गतिविधियां संदेह के घेरे में आ गईं।

    इसी तरह एक अन्य आतंकी शब्बीर अहमद लोन भी इसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताया गया है, जिसका काम भारत और आसपास के क्षेत्रों में एक स्लीपर सेल तैयार करना था। लेकिन जांच में सामने आया कि वह भी अपने काम से भटक गया और अपने स्वास्थ्य तथा व्यक्तिगत लुक से जुड़ी प्रक्रियाओं में उलझ गया। वह इलाज और डेंटल ट्रीटमेंट के लिए कई स्थानों पर गया, जिनमें एक निजी चिकित्सा केंद्र भी शामिल बताया जाता है। इस दौरान उसका ध्यान लगातार अपने मिशन से हटता गया और उसकी गतिविधियां सामान्य संदिग्ध व्यवहार से अलग दिखने लगीं।

    सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यह मामला केवल व्यक्तिगत लापरवाही का नहीं बल्कि एक बड़ी विफल योजना का संकेत देता है, जिसमें आतंकी संगठन अपने सदस्यों को अनुशासित रखने में सफल नहीं हो पाया। आधुनिक समय में जहां सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं, वहीं ऐसे मिशन में शामिल लोगों का भटक जाना पूरी साजिश को कमजोर कर देता है।

    जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि यह घटनाक्रम इस बात का भी संकेत देता है कि आतंकियों की योजनाएं केवल हथियारों और नेटवर्क पर ही निर्भर नहीं होतीं, बल्कि उनकी मानसिक स्थिति और व्यक्तिगत प्राथमिकताएं भी उनके मिशन की सफलता या विफलता को प्रभावित कर सकती हैं। इस मामले ने सुरक्षा तंत्र को भी सतर्क कर दिया है कि घुसपैठ के बाद संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखना कितना आवश्यक है।

    फिलहाल दोनों मामलों की गहन जांच जारी है और एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर कैसे ये आतंकी अपने मूल उद्देश्य से इतनी आसानी से भटक गए। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी नेटवर्क की अंदरूनी कमजोरियों को उजागर कर दिया है।

  • इस्राइल के विदेश मंत्री बोले- 'हमास का लश्कर से संबंध….. भारत इसे आतंकवादी संगठन घोषित करे

    इस्राइल के विदेश मंत्री बोले- 'हमास का लश्कर से संबंध….. भारत इसे आतंकवादी संगठन घोषित करे


    तेल अवीव।
    इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार (Israeli Foreign Minister Gideon Saar) ने कहा कि यरूशलम और नई दिल्ली (Jerusalem and New Delhi) के बीज संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है।

    गिदोन सार ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने एक वैश्विक प्रतिनिधिमंडल के साथ जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उन्हें दुनिया भर से आए सम्मानित हिंदू नेताओं के एक समूह को जानकारी देने का अवसर मिला। इस बातचीत में उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और इस्राइल से जुड़े संघर्ष की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस्राइल पिछले ढाई साल से इस्लामी चरमपंथ के खिलाफ एक गंभीर युद्ध लड़ रहा है, जिसका लक्ष्य इस्राइल को खत्म करना है। उन्होंने इसे एक ‘बहुत बड़ा खतरा’ बताया।

    सार ने यह भी कहा कि इस्राइल ने कई मोर्चों पर बढ़त हासिल की है और उसने इस्लामी चरमपंथ के ‘आतंकी नेटवर्क’ को काफी कमजोर किया है, जिसका नेतृत्व ईरान करता है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का असर पश्चिम एशिया से बाहर भी देखने को मिलेगा। भारत के साथ सुरक्षा सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को हमास को एक आतंकवादी संगठन घोषित करना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि हमास के संबंध अन्य चरमपंथी संगठनों से हैं, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) भी शामिल है। इस्राइली विदेश मंत्री ने कहा कि इस तरह के संगठनों के बीच वैश्विक स्तर पर जुड़ाव है और ये मिलकर काम करते हैं। इस्राइल पहले ही लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और वह चाहता है कि भारत भी हमास को उसी तरह सूचीबद्ध करे। इस्राइल के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार इन नेटवर्क और उनके संबंधों के बारे में जानकारी रखती है।

    उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के आईआरजीसी, हमास और हिजबुल्ला जैसे संगठन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क की मदद से हमले करते हैं। अधिकारी ने कहा कि आमतौर पर ईरानी एजेंट सीधे यूरोप में हमला नहीं करते, बल्कि वे किसी स्थानीय आपराधिक समूह के जरिये हमला करवाते हैं।

    एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अगर भारत सिर्फ यह घोषणा भी करता है, तो इसका वैश्विक स्तर पर बड़ा असर होगा, क्योंकि बांग्लादेश, पाकिस्तान और मालदीव जैसे देश भारत के रुख को देखते हैं और उसी के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे यह संदेश जाएगा कि भारत की जमीन पर ऐसे किसी भी व्यक्ति को काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।