Tag: Level5

  • इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, मेट्रो का विस्तार 17 किलोमीटर तक, कांग्रेस पर युवाओं के मुद्दे को लेकर साधा निशाना

    इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव, मेट्रो का विस्तार 17 किलोमीटर तक, कांग्रेस पर युवाओं के मुद्दे को लेकर साधा निशाना

    इंदौर:  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को इंदौर पहुंचे, जहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ शहर में मेट्रो सेवा के विस्तारित चरण की शुरुआत करेंगे। इंदौर मेट्रो का संचालन अब तक करीब छह किलोमीटर के दायरे में किया जा रहा था, लेकिन विस्तार के बाद यह सेवा लगभग 17 किलोमीटर के क्षेत्र तक पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री इस विस्तारित सेवा का विधिवत शुभारंभ करेंगे।

    इंदौर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर को मेट्रो के विस्तार के रूप में एक महत्वपूर्ण सौगात मिल रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती चरण में मेट्रो संचालन के बाद अब इसके दायरे को बढ़ाकर करीब 17 किलोमीटर किया जा रहा है। उनके मुताबिक, आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से इंदौर मध्य प्रदेश का महत्वपूर्ण शहर है और यहां बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की जरूरत लगातार बढ़ रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो सेवा के विस्तार से इंदौर के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूसरे शहरों और क्षेत्रों से आने वाले लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिलेगी। बढ़ते यातायात दबाव के बीच सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने इंदौर के लोगों को मेट्रो के विस्तारित चरण की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं।

    इंदौर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राजनीतिक मुद्दों पर भी कांग्रेस को घेरा। शहर में कांग्रेस के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और इसमें राहुल गांधी के शामिल होने की चर्चा के बीच उन्होंने विपक्षी दल पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी मध्य प्रदेश आ रहे हैं तो उनका स्वागत है, लेकिन कांग्रेस को अपने शासनकाल में युवाओं के साथ हुए कथित अन्याय के लिए माफी मांगनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के लंबे शासनकाल का उल्लेख करते हुए किसान, महिला और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने पुराने शासन के दौरान प्रदेश की स्थिति को लेकर जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बिजली उत्पादन और प्रति व्यक्ति आय के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए वर्तमान स्थिति की तुलना कांग्रेस के पुराने शासनकाल से की।

    मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश में वर्ष 1955 से 2003 तक कांग्रेस की सरकारें रहीं और उस दौरान बिजली उत्पादन क्षमता करीब पांच हजार मेगावाट के स्तर पर थी। उन्होंने कहा कि बाद के वर्षों में यह क्षमता बढ़ी और वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भी इसमें वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता अब करीब 31 हजार मेगावाट तक पहुंच चुकी है।

    उन्होंने प्रति व्यक्ति आय का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, लंबे कांग्रेस शासन के दौरान प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय करीब 11,700 रुपये थी, जबकि अब यह बढ़कर लगभग एक लाख 67 हजार रुपये हो गई है। उन्होंने इन आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस से अपने शासनकाल के प्रदर्शन पर स्पष्टीकरण और माफी की मांग की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक दलों को वर्तमान मुद्दों के साथ अपने पुराने कार्यकाल का भी मूल्यांकन करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के मध्य प्रदेश दौरे का स्वागत करते हुए कांग्रेस से युवाओं से जुड़े पुराने सवालों का जवाब देने को कहा। उनके बयान से इंदौर में होने वाले कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने के संकेत मिले हैं।

    इसी बीच शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उनके योगदान का सम्मान किया। इंदौर में मेट्रो विस्तार और राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच मुख्यमंत्री का दौरा प्रशासनिक तथा राजनीतिक, दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।

  • कर्मचारी संगठनों की 40 प्रतिशत HRA मांग से बढ़ी उम्मीद, नए फिटमेंट फैक्टर के बाद भत्ते में बदलाव की संभावना

    कर्मचारी संगठनों की 40 प्रतिशत HRA मांग से बढ़ी उम्मीद, नए फिटमेंट फैक्टर के बाद भत्ते में बदलाव की संभावना


    नई दिल्ली । केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर वेतन और भत्तों में संभावित बदलाव की चर्चा तेज है। इसी क्रम में House Rent Allowance यानी HRA में भी बढ़ोतरी की मांग सामने आई है। कर्मचारी संगठनों ने नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने के साथ X श्रेणी के शहरों में HRA की मौजूदा दर 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने की मांग रखी है।

    अगर प्रस्तावित बदलावों को मंजूरी मिलती है तो कुछ वेतन स्तरों पर कर्मचारियों को मौजूदा व्यवस्था की तुलना में अधिक आवास भत्ता मिल सकता है। हालांकि अभी 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें सामने नहीं आई हैं और HRA की नई दर को लेकर कोई अंतिम सरकारी फैसला नहीं हुआ है। इसलिए सामने आ रहे आंकड़ों को संभावित गणना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

    मौजूदा 7वें वेतन आयोग की व्यवस्था में Level 5 कर्मचारी का शुरुआती बेसिक पे 29,200 रुपये है। X श्रेणी के शहरों में 30 प्रतिशत HRA के हिसाब से इस स्तर के कर्मचारी को हर महीने 8,760 रुपये का आवास भत्ता मिलता है।

    कर्मचारी संगठनों की मांग के अनुसार यदि नए वेतन ढांचे में Level 5 का बेसिक पे बढ़कर करीब 61,320 रुपये होता है और X श्रेणी के शहरों के लिए HRA की दर 40 प्रतिशत निर्धारित की जाती है, तो मासिक HRA की गणना 24,528 रुपये तक पहुंच सकती है।

    इस हिसाब से मौजूदा 8,760 रुपये के मुकाबले संभावित HRA में करीब 15,768 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी हो सकती है। सालाना आधार पर देखें तो यह अंतर 1.89 लाख रुपये से अधिक बैठ सकता है। हालांकि यह केवल प्रस्तावित बेसिक पे और HRA दर के आधार पर की गई गणना है। वास्तविक राशि सरकार के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।

    HRA सरकारी कर्मचारियों को किराए के मकान से जुड़े खर्च में सहायता देने के लिए दिया जाने वाला भत्ता है। इसकी दर कर्मचारी के वेतन और शहर की श्रेणी के आधार पर तय होती है। मौजूदा व्यवस्था में X श्रेणी के शहरों के लिए 30 प्रतिशत, Y श्रेणी के शहरों के लिए 20 प्रतिशत और Z श्रेणी के शहरों के लिए 10 प्रतिशत HRA की दर बताई गई है।

    8वें वेतन आयोग में यदि बेसिक पे में बदलाव होता है तो उससे HRA समेत दूसरे वेतन घटकों की गणना पर भी असर पड़ सकता है। इसी वजह से कर्मचारी संगठनों की नजर फिटमेंट फैक्टर और नई वेतन संरचना पर है। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने की स्थिति में मूल वेतन में वृद्धि का आधार तैयार हो सकता है, जिसका असर संबंधित भत्तों पर भी पड़ सकता है।

    HRA से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण पहलू आयकर नियम हैं। पात्र कर्मचारी पुरानी कर व्यवस्था में आयकर अधिनियम की धारा 10(13A) के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार HRA पर कर छूट का लाभ ले सकते हैं। हालांकि कर लाभ और वास्तविक HRA की गणना अलग-अलग नियमों पर निर्भर करती है।

    8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों के बेसिक पे, फिटमेंट फैक्टर और HRA की दरों में कितना बदलाव किया जाएगा। फिलहाल 24,528 रुपये का आंकड़ा किसी सरकारी घोषणा के बजाय प्रस्तावित वेतन और HRA दर के आधार पर निकाली गई संभावित राशि है।