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  • शादी समारोह में हत्या केस: ग्वालियर में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा

    शादी समारोह में हत्या केस: ग्वालियर में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा


    ग्वालियर । ग्वालियर जिले के सिंधिया नगर स्थित “गड्ढे वाला मोहल्ला” में वर्ष 2024 में हुए चर्चित सोनू आदिवासी हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अठारहवें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पारस कुमार जैन की अदालत ने मामले में पिता-पुत्र समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

    यह मामला 25-26 अप्रैल 2024 की दरमियानी रात का है, जब सोनू आदिवासी अपने रिश्तेदार की बेटी की शादी समारोह में शामिल होने के लिए सिंधिया नगर पहुंचा था। शादी का माहौल चल रहा था, लेकिन इसी दौरान पुरानी रंजिश ने एक दर्दनाक वारदात का रूप ले लिया।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, सोनू शादी समारोह के दौरान टेंट के पीछे स्थित किराना दुकान के पास गया था, तभी पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसे घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी उसे धमकाते हुए कह रहे थे कि “तू दूसरों के मामलों में ज्यादा नेता बनता है, आज तुझे सबक सिखाते हैं।”

    जांच में यह सामने आया कि घटना से लगभग 15-20 दिन पहले आरोपियों का किसी अन्य व्यक्ति से विवाद हुआ था, जिसमें सोनू ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था। इसी बात को लेकर आरोपी उससे रंजिश रखने लगे थे और बाद में इस हत्या की योजना बनाई गई।

    घटना के दौरान अनिल आदिवासी और उसके पिता वीरू आदिवासी ने सोनू के हाथ पकड़ लिए, ताकि वह किसी तरह बचाव न कर सके। इसी बीच मुख्य आरोपी सुनील आदिवासी ने लोहे का धारदार चाकू निकालकर सोनू के सीने और पसलियों पर कई वार कर दिए। हमले के बाद सोनू गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा और शादी समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।

    घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजन घायल सोनू को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन गंभीर आंतरिक चोटों के कारण डॉक्टरों ने उसे बचा नहीं सके और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    इस जघन्य हत्या के मामले में अदालत में पेश गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी पाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह हमला पूर्व नियोजित था और बदले की भावना से किया गया था। फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने राहत की सांस ली है, जबकि पुलिस और प्रशासन ने भी अदालत के निर्णय को न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

  • खेत विवाद में कुल्हाड़ी से वार कर बेटे की हत्या, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

    खेत विवाद में कुल्हाड़ी से वार कर बेटे की हत्या, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा


    मध्य प्रदेश । मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अदालत ने आरोपी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 6 दिसंबर 2024 का है, जिसमें खेत के विवाद के चलते एक पिता ने अपने ही बेटे की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी थी।

    अतिरिक्त लोक अभियोजक राजकुमार अत्रे ने जानकारी देते हुए बताया कि तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव की अदालत ने आरोपी रुमसिंग पिता गुमानसिंह भिलाला (55), निवासी उपड़ी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को उम्रकैद के साथ 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा भी सुनाई।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना के दिन सुबह पिता और पुत्र के बीच खेत में हल चलाने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि शाम करीब 5 बजे जब पुत्र हिरालाल घर के बाहर खटिया पर सो रहा था, तभी आरोपी पिता ने उस पर कुल्हाड़ी से गर्दन पर तीन-चार वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण हिरालाल की मौके पर ही मौत हो गई।

    इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका मृतक की बहू शर्मिला की गवाही की रही। शर्मिला ने अदालत में बताया कि उसने अपने ससुर को अपने जेठ हिरालाल पर हमला करते हुए देखा था, जिससे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो गई।

    अदालत ने बहू की प्रत्यक्षदर्शी गवाही और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई। इस मामले की जांच तत्कालीन ऊन थाना प्रभारी गणपत कनेल द्वारा की गई थी।

    इस फैसले के बाद इलाके में इस जघन्य अपराध को लेकर चर्चा तेज हो गई है और ग्रामीणों ने भी इसे एक गंभीर पारिवारिक विवाद का दुखद परिणाम बताया।