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  • देश के कई हिस्सों में तापमान ऊंचा, कुछ इलाकों में बारिश की हल्की फुहारों से मिली राहत

    देश के कई हिस्सों में तापमान ऊंचा, कुछ इलाकों में बारिश की हल्की फुहारों से मिली राहत

    4 जून 2026 का मौसम देश के कई हिस्सों में गर्मी और आंशिक राहत के मिले-जुले असर के साथ देखा जा रहा है। सुबह से ही तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना से मौसम थोड़ा राहत भरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, जून के पहले सप्ताह में तापमान अपने चरम पर पहुंचने लगता है और इसी कारण कई राज्यों में गर्म हवाओं का असर भी महसूस किया जा रहा है।

    सुबह के समय कई शहरों में आसमान साफ रहा और सूरज निकलते ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। दोपहर होते-होते गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बादलों की हल्की परत ने धूप की तीव्रता को कुछ हद तक कम किया, जिससे मौसम थोड़ा सहनीय बना रहा।

    मध्य भारत में गर्मी का असर ज्यादा, उमस ने बढ़ाई परेशानी
    मध्य प्रदेश सहित मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे शहरों में सुबह से ही गर्मी का असर साफ दिखाई दिया। दोपहर के समय लू जैसे हालात बनते नजर आए, जिससे सड़कें सुनसान हो गईं और लोग घरों में रहने को मजबूर हुए।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय वायुमंडल में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण उमस ज्यादा महसूस की जा रही है। इससे पसीना और थकान जैसी समस्याएं लोगों को अधिक परेशान कर रही हैं।

    उत्तर भारत में गर्म हवाओं का प्रकोप जारी
    उत्तर भारत के राज्यों में भी मौसम गर्म बना हुआ है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में तापमान लगातार ऊंचा बना हुआ है। राजस्थान के कुछ हिस्सों में लू का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में भी दोपहर के समय गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। हालांकि शाम के समय हल्की हवाओं से थोड़ी राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    दक्षिण और पूर्वी भारत में बारिश की संभावना
    दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों और पूर्वी राज्यों में बादलों की सक्रियता देखने को मिल रही है। केरल, कर्नाटक और ओडिशा के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। इन क्षेत्रों में मानसून पूर्व गतिविधियां तेज होती दिख रही हैं, जिससे मौसम में अचानक बदलाव संभव है। बारिश की वजह से इन इलाकों में तापमान थोड़ा नीचे आ सकता है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

    मौसम विभाग की चेतावनी और सलाह
    मौसम विभाग ने सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस दौरान हीटवेव का प्रभाव सबसे अधिक होता है। साथ ही लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। किसानों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है, ताकि गर्मी के दुष्प्रभाव से बचा जा सके।

    आगे कैसा रहेगा मौसम?
    आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में प्री-मानसून बारिश से आंशिक राहत मिल सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जून के दूसरे सप्ताह के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिलेगा और मानसून की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

  • जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर छह ब्लैक स्पॉट…. हल्की बारिश में भूस्खलन, अमरनाथ यात्रा को लेकर बढ़ी चिंता

    जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर छह ब्लैक स्पॉट…. हल्की बारिश में भूस्खलन, अमरनाथ यात्रा को लेकर बढ़ी चिंता


    जम्मू।
    जम्मू-कश्मीर हाईवे (Jammu Kashmir Highway) पर लगातार भूस्खलन (Frequent Landslides) ने अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) से पहले चिंता बढ़ा दी है। जम्मू से श्रीनगर के बीच करीब छह जगह ब्लैक स्पॉट (Black spot) चिह्नित किए गए हैं। हल्की बारिश के बाद यहां भारी भूस्खलन हो रहा है, जिससे हाल ही में कई बार हाईवे बाधित हो चुका है।

    अप्रैल में हुई बारिश के बाद रामबन-बनिहाल सेक्शन में बन रही लगभग तीन किलोमीटर लंबी सुरंग का काम भी फंस गया है। पहले मई में काम पूरा होने की संभावना थी, लेकिन अब कार्य आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इससे यात्रा के दौरान जाम से मुक्ति मिलने की संभावना प्रभावित हो सकती है।

    जम्मू से श्रीनगर के बीच यात्रा के दौरान सबसे संवेदनशील हिस्सा उधमपुर से बनिहाल तक है। पिछले साल अप्रैल में रामबन में बादल फटने के बाद आई बाढ़ ने हाईवे का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त कर दिया था। सितंबर में उधमपुर-रामबन के बीच करीब 200 मीटर हिस्सा दलदल में बदल गया, जिससे कश्मीर की सप्लाई चेन बाधित हुई।

    इस साल अप्रैल में हल्की बारिश के बाद सात अप्रैल को डिगडोल और खूनी नाला के बीच भारी भूस्खलन से तीन दिन तक यातायात बाधित रहा। अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होगी और बारिश होने पर भूस्खलन की संभावना बनी रहेगी। हालांकि एनएचएआई ने संभावित जगहों पर विशेषज्ञों की मदद से सुरक्षा इंतजाम किए हैं और हाईवे की समीक्षा पूरी की है।


    हाईवे पर खतरे के ब्लैक स्पॉट

    रामबन, बनिहाल, नाशरी–चिनैनी, पंथियाल मेहर-कैफेटेरिया मोड़ और खूनी नाला शामिल हैं। अमरनाथ यात्रा के दौरान 2023 में रामबन के पास हाईवे पर भूस्खलन हुआ था। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।


    विशेषज्ञों की मदद से पूरे हो रहे सुधार कार्य

    हाईवे पर अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। संभावित क्षेत्रों में विशेषज्ञों की मदद से सुधार कार्य पूरे किए जा रहे हैं। टनल निर्माण का कार्य जारी है। यात्रा प्रभावित न हो इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
    -आरएस यादव, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई


    जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर कब-कब भूस्खलन

    – रामबन में 6 अप्रैल, 2026 को जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित हुई।
    – रामबन में 20 अप्रैल 2025 को बादल फटा। जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद होने से सैकड़ों वाहन फंस गए। कश्मीर की सप्लाई चेन टूट गई।
    – 30 अगस्त 2025 को रामबन में फिर बादल फटसे भारी भूस्खलन हुआ। हाईवे बाधित होने से कश्मीर जा रहे सैकड़ों ट्रक हाईवे पर फंस गए।
    – सितंबर 2025 में उधमपुर-रामबन के बीच हाईवे का करीब 200 मीटर हिस्सा दलदल में बदल गया। यह हादसा सेब सीजन के दौरान हुआ और इससे कश्मीर की आर्थिकी पर असर पड़ा।
    – चिनैनी-नाशनी टनल के बाहर और उधमपुर क्षेत्र में अगस्त-सितंबर में भूस्खलन की छोटी-बड़ी कई घटनाएं हुईं। इससे आवाजाही प्रभावित हुई।

  • MP में मौसम में आया बदलाव: हल्की बारिश और कोहरे के साथ ठंड से मिली राहत, 26 से फिर बदलेगा करवट

    MP में मौसम में आया बदलाव: हल्की बारिश और कोहरे के साथ ठंड से मिली राहत, 26 से फिर बदलेगा करवट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में जनवरी के अंतिम दिनों में मौसम ने एक बार फिर नया रूप दिखाया है। 26 जनवरी के बाद प्रदेश में ठंड का नया चरण शुरू होने की संभावना है। उत्तर भारत में सक्रिय मजबूत पश्चिमी विक्षोभ का असर अब मध्य प्रदेश तक पहुँच रहा है।

    प्रदेश के कई हिस्सों में रात की सर्दी से राहत मिली है। दिन में बादल छाए रहे और कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी दर्ज की गई। शुक्रवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बादलों और बारिश के संकेत देखे गए, जबकि शनिवार की सुबह कई जिलों में हल्का कोहरा रहा।

    मौसम विभाग ने बताया कि अगले दो दिन तक तेज ठंड की संभावना नहीं है।

    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़ी ट्रफ के कारण प्रदेश में मौसम में बदलाव आया है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में शुक्रवार को बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। भोपाल में दोपहर के समय बादलों की मौजूदगी के कारण तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।

    शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में हल्का से मध्यम कोहरा रहा।

    भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी हल्का कोहरा देखा गया।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय एक और पश्चिमी विक्षोभ मध्य प्रदेश को प्रभावित कर सकता है। इसके प्रभाव से ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, अशोकनगर, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच और मंदसौर में हल्की बारिश होने की संभावना है। तेज ठंड की संभावना नहीं है, लेकिन सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है।

    शुक्रवार की रात न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। भोपाल और इंदौर में तापमान 17 डिग्री सेल्सियस पार कर गया, जो जनवरी में पहली बार हुआ। भोपाल में 17.4, इंदौर में 17.3, ग्वालियर में 13.5, उज्जैन में 15 और जबलपुर में 14.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं, शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस था। शिवपुरी 8, चित्रकूट 8.4, कटनी के करौंदी 8.6, रीवा 8.4, खजुराहो 9.4 और मंडला 9.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

  • मध्‍य प्रदेश में 22-23 जनवरी के बाद हल्की बारिश के संकेत

    मध्‍य प्रदेश में 22-23 जनवरी के बाद हल्की बारिश के संकेत

    भोपाल। मध्य प्रदेश के आसपास सक्रिय दो साइक्लोनिक
    सर्कुलेशन के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके असर से प्रदेश
    के पूर्वी जिलों में बादल छाए हुए हैं। आने वाने दिनों में प्रदेश के कुछ
    इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है।

    बीते रविवार को भोपाल,
    नर्मदापुरम सहित कई इलाकों में आसमान में बादलों की मौजूदगी रही। मौसम
    विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक कड़ाके की ठंड से राहत मिलने की संभावना
    है, हालांकि इसके बाद बूंदाबांदी हो सकती है। सुबह के समय कोहरे का असर भी
    बना रहेगा। आज सोमवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़,
    छतरपुर, पन्ना और सतना में मध्यम स्तर का कोहरा देखा गया। वहीं भोपाल,
    इंदौर, उज्जैन समेत एक दर्जन से अधिक जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। इस
    बीच, तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के
    मुताबिक, प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने से तापमान में उतार-चढ़ाव
    देखा जा रहा है। रविवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी हुई। इसकी मुख्य वजह
    प्रदेश के ऊपरी हिस्से से गुजर रहे दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन हैं। इसके
    अलावा पाकिस्तान के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ भी मौसम को प्रभावित कर रहा
    है। 19 जनवरी और 21 जनवरी की रात से दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत
    में असर दिखा सकते हैं, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश में भी पड़ने की संभावना
    है। इसके चलते 22 और 23 जनवरी के बाद प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की
    बारिश हो सकती है।

    प्रदेश में सबसे कम तापमान शहडोल के कल्याणपुर में
    दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस रहा। खजुराहो में
    5.8 डिग्री, नौगांव और उमरिया में 6 डिग्री, रीवा में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी
    में 6.8 डिग्री, मंडला में 7.2 डिग्री और मलाजखंड में 7.6 डिग्री सेल्सियस
    तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 10
    डिग्री से ऊपर रहा। भोपाल में 11 डिग्री, इंदौर में 12 डिग्री, ग्वालियर
    में 10 डिग्री, उज्जैन में 13 डिग्री और जबलपुर में 10.5 डिग्री सेल्सियस
    तापमान दर्ज हुआ।