Tag: lightning

  • मध्य प्रदेश में मौसम का डबल अटैक कहीं बिजली गिरने से मौतें तो कहीं बारिश के लिए शिवलिंग जल में विराजमान

    मध्य प्रदेश में मौसम का डबल अटैक कहीं बिजली गिरने से मौतें तो कहीं बारिश के लिए शिवलिंग जल में विराजमान


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और इसके साथ ही कई इलाकों में तेज बारिश तथा आकाशीय बिजली की घटनाएं सामने आने लगी हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले चार दिनों तक भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसी बीच शहडोल जिले में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए। मृतकों में एक 11 वर्षीय बच्चा भी शामिल है। सभी हादसे खेतों और खुले स्थानों पर हुए जहां लोग बारिश के दौरान काम कर रहे थे।

    मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में उमरिया शहडोल अनूपपुर डिंडौरी मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही निम्न दाब क्षेत्र और डिप्रेशन भी सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 27 से 30 जुलाई के बीच कई क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।

    शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम झींक में पहली घटना उस समय हुई जब खेत में धान की रोपाई का काम चल रहा था। अचानक आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए जिनका उपचार जारी है। जिले के अन्य हिस्सों में भी बिजली गिरने की अलग अलग घटनाओं में दो और लोगों की जान चली गई जबकि कई लोग घायल हुए। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक 15.5 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में सामान्य से लगभग 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में लगभग 13 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    उधर नर्मदापुरम जिले के इटारसी में बारिश की कमी से चिंतित किसानों और श्रद्धालुओं ने अच्छी वर्षा की कामना के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया। प्राचीन तिलक सिंदूर मंदिर में भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक किया गया तथा शिवलिंग को पूरी तरह जल में विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस परंपरा से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में अच्छी वर्षा होती है। सुबह से मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंचे और किसानों की समृद्धि तथा अच्छी बारिश की प्रार्थना की।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने सलाह दी है कि गरज चमक के समय खुले मैदानों खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

  • ईरानी हमलों के बीच कुदरत का कहर बुर्ज खलीफा पर गिरी बिजली

    ईरानी हमलों के बीच कुदरत का कहर बुर्ज खलीफा पर गिरी बिजली

    नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और अनिश्चितता के माहौल के बीच दुबई से एक चौंकाने वाला दृश्य सामने आया है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा पर आसमान से तेज बिजली गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दुनियाभर के यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है ।
    बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी तूफान के साथ बारिश शुरू हो गई इसी दौरान आसमान में जोरदार गर्जना के साथ बिजली कड़कने लगी और एक पल ऐसा आया जब बिजली सीधे बुर्ज खलीफा की चोटी पर गिरती हुई दिखाई दी यह पूरा नजारा दूर से रिकॉर्ड किया गया जिसमें अंधेरे आसमान के बीच चमकती बिजली और उसके ठीक नीचे खड़ा विशाल टावर बेहद भयावह लेकिन रोमांचक दृश्य पेश कर रहा था

    इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह तेजी से फैल गया कई यूजर्स ने इसे शेयर करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी कुछ लोगों ने इसे कुदरत की ताकत बताया तो कुछ ने इसे डरावना अनुभव कहा हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी तरह का नुकसान या जनहानि नहीं हुई

    इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक और अहम पहलू यह है कि हाल के दिनों में क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। 

    ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव और अमेरिका के साथ खींचतान के चलते खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है इससे पहले भी सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आए थे जिनमें दुबई के आसपास धमाकों और धुएं के गुबार देखे गए थे जिनको लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गई थीं

    हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बुर्ज खलीफा पर बिजली गिरना कोई असामान्य घटना नहीं है क्योंकि इतनी ऊंची इमारतें अक्सर बिजली को अपनी ओर आकर्षित करती हैं खास बात यह है कि इस इमारत को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है टावर के शीर्ष पर विशेष लाइटनिंग रॉड लगाए गए हैं जो बिजली को सीधे अपनी ओर खींच लेते हैं और उसे सुरक्षित तरीके से जमीन में प्रवाहित कर देते हैं इससे इमारत और आसपास के इलाके को किसी भी संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है

    दुबई और आसपास के अन्य इलाकों जैसे अबू धाबी और शारजाह में भी इस दौरान मौसम अचानक बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई जिससे जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ

    कुल मिलाकर यह घटना जहां एक ओर प्राकृतिक शक्तियों की ताकत को दर्शाती है वहीं दूसरी ओर आधुनिक इंजीनियरिंग और सुरक्षा उपायों की सफलता का भी उदाहरण पेश करती है जिसने इतनी बड़ी घटना को बिना किसी नुकसान के टाल दिया