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  • जबलपुर में शराब दुकान के बाहर धरना और 60 हजार की मांग का आरोप कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पर केस दर्ज

    जबलपुर में शराब दुकान के बाहर धरना और 60 हजार की मांग का आरोप कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पर केस दर्ज


    जबलपुर । जबलपुर में शराब दुकान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। धनवंतरी नगर क्षेत्रJabalpur News, Congress Leader FIR, Liquor Shop Dispute, Abhishek Pathak, Madhya Pradesh News की शराब दुकानों के संचालक की शिकायत पर गढ़ा पुलिस ने कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष अभिषेक पाठक के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायतकर्ता निखिल सोनी ने आरोप लगाया है कि उनसे तीन शराब दुकानों के लिए कुल 60 हजार रुपए प्रतिमाह मांगे जा रहे थे। रकम देने से इनकार करने के बाद दुकान के सामने धरना प्रदर्शन किया गया और दुकान बंद कराने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। पुलिस ने 22 सितंबर को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शराब दुकान संचालक का आरोप है कि पिछले करीब तीन वर्षों से अलग अलग मौकों पर प्रतिमाह 20 हजार रुपए दिए जाते थे। शिकायत के मुताबिक अब तीनों दुकानों के लिए अलग अलग 20 हजार रुपए मांगे गए जिससे कुल रकम 60 हजार रुपए हो जाती है। संचालक का कहना है कि जब उन्होंने यह रकम देने से इनकार किया तो अभिषेक पाठक अपने साथियों के साथ शराब दुकान के सामने पहुंच गए और धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान दुकानों से अवैध और नकली शराब बिक्री किए जाने जैसे आरोप भी लगाए गए।

    शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि रकम नहीं देने पर दुकान बंद कराने और कारोबार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। इसी विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक कथित AI वीडियो भी वायरल होने की बात सामने आई है। दुकान संचालक का आरोप है कि रकम की मांग पूरी नहीं होने पर शराब की गलत बिक्री से जुड़ा आरोप लगाते हुए यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। पुलिस अब वीडियो के स्रोत और उसकी वास्तविकता की जांच करेगी।

    मामले में करीब एक मिनट 32 सेकेंड का एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस ऑडियो में प्रति दुकान 20 हजार रुपए की रकम को लेकर बातचीत सुनाई देती है। इसमें 40 हजार रुपए भेजने और बाकी रकम बाद में देने की बात होने का भी दावा किया जा रहा है। हालांकि ऑडियो असली है या उसमें किसी तरह की काट छांट या एडिटिंग की गई है इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    वहीं कांग्रेस नेता अभिषेक पाठक ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि वायरल ऑडियो को काट छांटकर पेश किया गया है। पाठक के मुताबिक ऑडियो में 40 हजार रुपए की जो चर्चा है वह शराब दुकान के किराए को लेकर थी और इसका किसी तरह की अवैध वसूली से संबंध नहीं है। उन्होंने दावा किया कि दुकान संचालक किराए की पूरी रकम नहीं दे रहे थे और इसी को लेकर बातचीत हुई थी।

    पुलिस ने अभिषेक पाठक के खिलाफ BNS की धारा 308(2) और 351(2) के तहत FIR दर्ज की है। FIR में घटना की अवधि 25 अप्रैल से 22 सितंबर 2026 तक बताई गई है। अब पुलिस शिकायतकर्ता के बयान के साथ कथित ऑडियो और वीडियो तथा दूसरे डिजिटल साक्ष्यों की जांच करेगी। फिलहाल FIR दर्ज होना आरोपों के साबित होने के बराबर नहीं है। मामले में आरोपों की वास्तविकता और घटनाक्रम से जुड़े तथ्य पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

  • भोपाल में नियमों की अनदेखी: आर्य समाज मंदिर से सिर्फ 29 मीटर पर शराब ठेका, रहवासियों का सड़क पर प्रदर्शन

    भोपाल में नियमों की अनदेखी: आर्य समाज मंदिर से सिर्फ 29 मीटर पर शराब ठेका, रहवासियों का सड़क पर प्रदर्शन


    भोपाल ।राजधानी भोपाल की अरेरा कॉलोनी में एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। यहां आर्य समाज मंदिर के बेहद समीप, महज 29 मीटर की दूरी पर शराब का ठेका संचालित किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल से शराब दुकान की न्यूनतम दूरी 100 मीटर होना अनिवार्य है। इस स्पष्ट नियम उल्लंघन से नाराज स्थानीय रहवासी गुरुवार को मंदिर के बाहर सड़क पर उतर आए और शराब ठेका हटाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

    लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे रहवासियों का कहना है कि मंदिर में रोजाना पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रम होते हैं, वहीं ठीक बगल में शराब दुकान खुली होने से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं, बल्कि क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

    प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य डॉ. प्रियंक कानूनगो भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए स्वयं इंच टेप लेकर आर्य समाज मंदिर और शराब दुकान के बीच की दूरी नापी। नापजोख के बाद सामने आया कि दोनों के बीच की दूरी महज 29 मीटर है। इस पर डॉ. कानूनगो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नियम पूरी तरह साफ हैं और धार्मिक स्थल से शराब ठेका कम से कम 100 मीटर दूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने कम फासले पर शराब दुकान का संचालन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के अधिकारों का भी हनन है।

    डॉ. प्रियंक कानूनगो ने प्रदर्शन कर रहे रहवासियों को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में उनके साथ खड़े हैं और इस शराब ठेके को हटवाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उनकी मौके पर मौजूदगी और सक्रियता से प्रदर्शन कर रहे लोगों का उत्साह बढ़ा और मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

    स्थानीय निवासियों ने बताया कि इससे पहले भी इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में शिकायत की जा चुकी है, लेकिन तब आबकारी विभाग ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया था कि आर्य समाज मंदिर को धार्मिक स्थल की श्रेणी में नहीं माना जा सकता। रहवासियों का कहना है कि यह तर्क पूरी तरह गलत और नियमों की मनमानी व्याख्या है। उनका सवाल है कि जब मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन होते हैं, तो उसे धार्मिक स्थल मानने में क्या आपत्ति है।

    अब एक बार फिर रहवासियों के प्रदर्शन और NHRC सदस्य की सीधी दखल के बाद मामला गरमा गया है। लोगों को उम्मीद है कि इस बार प्रशासन नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगा और मंदिर के पास से शराब ठेका हटाया जाएगा। फिलहाल अरेरा कॉलोनी में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।