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  • शिवपुरी में शराब दुकान बंद कराने निकले ग्रामीण पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठकर किया चक्काजाम

    शिवपुरी में शराब दुकान बंद कराने निकले ग्रामीण पुलिस ने रोका तो सड़क पर बैठकर किया चक्काजाम


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के नावली गांव में सरकारी शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन रविवार शाम उस समय सड़क पर पहुंच गया जब पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। शराब दुकान बंद कराने के लिए गांव से निकले पुरुषों और महिलाओं को पुलिस ने नावली मोड़ के पास रोक दिया। इससे नाराज ग्रामीण सड़क पर ही बैठ गए और खोड़ सिरसौद मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। करीब एक घंटे तक सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा। बाद में पुलिस की समझाइश के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया और वापस गांव लौट गए।

    जानकारी के मुताबिक नावली गांव के कुछ ग्रामीण गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर सिरसौद थाना क्षेत्र में संचालित सरकारी शराब दुकान को बंद कराने की मांग कर रहे थे। इसी मांग को लेकर रविवार शाम ग्रामीण प्रदर्शन के लिए आगे बढ़ रहे थे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। ग्रामीणों के प्रदर्शन की जानकारी पुलिस को मिली तो खोड़ चौकी प्रभारी संजय लोधी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।

    पुलिस ने ग्रामीणों को नावली मोड़ के पास मंदिर के सामने रोक लिया। ग्रामीण शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर आगे जाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया। इससे ग्रामीण नाराज हो गए और उन्होंने सड़क पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते खोड़ सिरसौद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रुक गई और चक्काजाम की स्थिति बन गई।

    पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि गांव के पास संचालित शराब दुकान को बंद किया जाना चाहिए। ग्रामीणों के सड़क पर बैठने से करीब एक घंटे तक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही और स्थिति को नियंत्रित करने के साथ ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करती रही।

    करीब एक घंटे बाद खोड़ चौकी प्रभारी संजय लोधी ने ग्रामीणों को शराब दुकान से जुड़े नियमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संबंधित शराब दुकान सरकारी है और नियमों के तहत उसका स्थान बदला जा सकता है। पुलिस ने ग्रामीणों को इस प्रक्रिया और संबंधित प्रावधानों के बारे में समझाया। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस की बात मान ली और सड़क से हट गए।

    ग्रामीणों के सड़क से हटने के बाद खोड़ सिरसौद मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया। इसके बाद प्रदर्शन में शामिल ग्रामीण अपने गांव वापस लौट गए। इस पूरे घटनाक्रम में किसी बड़े विवाद या अप्रिय स्थिति की जानकारी सामने नहीं आई। पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया।

    शराब दुकान के खिलाफ ग्रामीणों का यह विरोध स्थानीय स्तर पर शराब बिक्री को लेकर लोगों की नाराजगी को भी सामने लाता है। ग्रामीणों ने दुकान बंद कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था लेकिन पुलिस ने उन्हें नियमों की जानकारी देकर शांत कराया। फिलहाल दुकान को बंद करने के बजाय उसके स्थानांतरण की संभावना को लेकर नियमों के तहत आगे की प्रक्रिया की बात सामने आई है।

  • शराब के खिलाफ शिवपुरी में भड़का गुस्सा दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और बोतलें फोड़ीं 15 लोगों पर केस उमा भारती बोलीं समर्थन करें

    शराब के खिलाफ शिवपुरी में भड़का गुस्सा दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और बोतलें फोड़ीं 15 लोगों पर केस उमा भारती बोलीं समर्थन करें


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शराब दुकानों के विरोध का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। जिले के अलग अलग गांवों में महिलाएं और ग्रामीण शराब बिक्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच इंदार थाना क्षेत्र के कुटवारा गांव में शराब दुकान में तोड़फोड़ और शराब की बोतलें फोड़ने का मामला सामने आया है। सेल्समैन की शिकायत पर पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में महिलाएं भी शामिल बताई गई हैं।

    बताया गया कि 11 सितंबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे कुटवारा गांव स्थित शराब दुकान पर सेल्समैन बल्लू शिवहरे अपने साथी मनोज शिवहरे के साथ मौजूद था। इसी दौरान करीब 15 से 20 महिला और पुरुष लाठी डंडे लेकर वहां पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने शराब दुकान बंद कराने की मांग की और कथित तौर पर गाली गलौज भी की। इसके बाद कुछ लोग दुकान के अंदर घुस गए और वहां रखी शराब की पेटियों को बाहर निकालने लगे।

    सेल्समैन के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने शराब की कांच की बोतलों को जमीन पर पटककर तोड़ दिया। दुकान में देशी शराब के साथ अंग्रेजी शराब और बीयर की पेटियां भी रखी थीं। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कई पेटियां तोड़कर शराब नष्ट कर दी। सेल्समैन और उसके साथी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन भीड़ ने विरोध जारी रखा।

    इस घटना से शराब ठेकेदार को करीब चार लाख रुपये के नुकसान का दावा किया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना में शामिल लोगों की पहचान तथा उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि तोड़फोड़ में कितने लोग शामिल थे और वास्तविक नुकसान कितना हुआ है।

    शिवपुरी में शराब दुकानों के खिलाफ विरोध केवल कुटवारा तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ दिनों से जिले के कई गांवों में महिलाएं शराब बिक्री और कथित अवैध शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। कई स्थानों पर महिलाओं ने शराब की पेटियां दुकानों से बाहर निकालकर नष्ट की हैं। कुछ जगहों पर सड़क जाम करने और थानों तक प्रदर्शन करने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

    इस पूरे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का बयान भी सामने आया है। उन्होंने शिवपुरी में शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और लोगों से इन महिलाओं का समर्थन करने की अपील की। उमा भारती लंबे समय से शराबबंदी और शराब की बिक्री को लेकर मुखर रही हैं। उनके समर्थन से शिवपुरी में चल रहे इस विरोध को राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा मिल गई है।

    हालांकि शराब दुकानों के खिलाफ विरोध कर रहे लोगों की मांगों को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से अलग अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है। दूसरी ओर शराब कारोबारियों ने भी दुकानों और कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। कुछ ठेकेदारों ने सुरक्षा नहीं मिलने की स्थिति में लाइसेंस सरेंडर करने तक की चेतावनी दी है।

    शिवपुरी में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने शराब बिक्री को लेकर स्थानीय स्तर पर बढ़ते असंतोष को सामने ला दिया है। अब पुलिस की जांच के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की शिकायतों और शराब दुकानों से जुड़े नियमों पर क्या कदम उठाता है।

  • शराब के खिलाफ प्रदर्शन में बवाल! शिवपुरी में महिलाओं और पुलिस-अबकारी टीम की भिड़ंत

    शराब के खिलाफ प्रदर्शन में बवाल! शिवपुरी में महिलाओं और पुलिस-अबकारी टीम की भिड़ंत


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में शराब दुकानों के विरोध को लेकर चल रहा प्रदर्शन गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया जब अमोला थाना क्षेत्र के अमोल गांव में महिलाओं और पुलिस तथा आबकारी विभाग की टीम के बीच विवाद हो गया। शराब दुकान बंद कराने की मांग को लेकर पहुंची महिलाओं ने कथित तौर पर लाठियां उठा लीं और पुलिस तथा आबकारी कर्मचारियों की ओर बढ़ गईं। स्थिति बिगड़ने के बाद टीम को मौके से पीछे हटना पड़ा। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति दिखाई दे रही है।

    जानकारी के अनुसार गुरुवार को पुलिस और आबकारी विभाग की टीम पहले से ही शराब दुकान पर मौजूद थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं वहां पहुंचीं और दुकान बंद कराने की मांग करने लगीं। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। महिलाओं ने लाठियां हाथ में ले लीं और टीम की ओर बढ़ने लगीं। हालात को देखते हुए पुलिस और आबकारी कर्मचारियों ने पीछे हटना उचित समझा। दोपहर तक गांव में तनाव की स्थिति बनी रही और पुलिस मौके पर मौजूद रही।

    शिवपुरी जिले में शराब के खिलाफ महिलाओं का विरोध पिछले करीब एक महीने से अलग अलग इलाकों में जारी है। महिलाओं की ओर से अवैध और कच्ची शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग लगातार उठाई जा रही है। पिछोर और खनियाधाना क्षेत्र में भी महिलाओं ने शराब के खिलाफ प्रदर्शन किया था। कई जगहों पर महिलाओं ने शराब बेचने वालों के ठिकानों से कच्ची और अवैध शराब बाहर निकालकर सड़क पर फेंक दी थी। कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान चक्काजाम की स्थिति भी बनी।

    अमोला क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से सरकारी शराब दुकानों को लेकर लगातार विरोध की घटनाएं सामने आ रही हैं। 8 सितंबर को नया अमोला नंबर दो में महिलाओं ने शराब दुकान में पहुंचकर शराब की पेटियां बाहर निकाल दी थीं और उनमें आग लगा दी थी। इसके बाद 9 सितंबर को भी महिलाएं दुकान हटाने की मांग को लेकर देर शाम तक मौके पर डटी रहीं। आबकारी विभाग की ओर से पांच दिन में दुकान हटाने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन शांत हुआ था।

    इसी दौरान देर रात थरखेड़ा गांव में भी महिलाओं ने शराब दुकान के खिलाफ प्रदर्शन किया। यहां दुकान के भीतर रखी शराब की पेटियां बाहर निकालने की बात सामने आई। इसके अगले दिन अमोल गांव में शराब दुकान बंद कराने पहुंची महिलाओं और पुलिस तथा आबकारी टीम के बीच विवाद हो गया। लगातार तीन दिनों से सामने आ रही घटनाओं ने प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था की चुनौती बढ़ा दी है।

    लगातार हो रहे विरोध के बीच शराब ठेकेदारों ने भी जिला आबकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। ठेकेदारों ने आरोप लगाया है कि नया अमोला थरखेड़ा अमोल मायापुर और खोड़ की सरकारी शराब दुकानों में पिछले तीन दिनों के दौरान तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुई हैं। उनका कहना है कि दुकानों की सुरक्षा नहीं हो पाने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ठेकेदारों ने इन परिस्थितियों के बीच शराब दुकानों के लाइसेंस सरेंडर करने की बात कही है।

    अब प्रशासन के सामने एक ओर महिलाओं की शराब विरोधी मांग और दूसरी ओर शराब ठेकेदारों की सुरक्षा तथा कारोबार से जुड़ी शिकायतें हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और विरोध कर रही महिलाओं की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • बस स्टैंड और मंदिर मार्ग पर शराब दुकान-ढाबा हटाने की मांग तेज: ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

    बस स्टैंड और मंदिर मार्ग पर शराब दुकान-ढाबा हटाने की मांग तेज: ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


    शाजापुर। जिले की ग्राम पंचायत मोहन बड़ोदिया में बस स्टैंड परिसर और प्रसिद्ध गुसाईजी की बैठक मंदिर जाने वाले मार्ग पर संचालित शराब दुकान और नॉनवेज ढाबे को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर कलेक्टर के नाम ग्राम पंचायत, थाना और तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

    ग्रामीणों का कहना है कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान और मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर शराब दुकान का संचालन क्षेत्र के सामाजिक माहौल को प्रभावित कर रहा है। लोगों का आरोप है कि इससे न केवल आम नागरिकों को असुविधा हो रही है, बल्कि धार्मिक वातावरण भी बाधित हो रहा है।

    स्कूल, पंचायत और मंदिर के पास दुकान से बढ़ी चिंत
    ग्रामीणों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित हो रही है, उसके आसपास ग्राम पंचायत भवन, स्कूल, बस स्टैंड, रिहायशी कॉलोनी और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थित है। इसके अलावा यह मार्ग गुसाईजी की बैठक मंदिर तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता भी है, जहां नियमित रूप से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से महिलाओं और श्रद्धालुओं का लगातार आना-जाना रहता है, ऐसे में शराब दुकान और ढाबे की मौजूदगी से असुरक्षा का माहौल बनता है।

    टीनशेड में बैठकर शराब सेवन का आरोप
    ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शराब ठेके के पास टीनशेड लगाकर बैठने की व्यवस्था की गई है, जहां दिनभर शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे क्षेत्र में गाली-गलौज, विवाद और अराजकता की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से गांव की शांति और सामाजिक माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच के निर्देश
    मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार ने नॉनवेज ढाबे के संचालन स्थल की जांच कर ग्राम पंचायत को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर गंदगी फैलाने और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं आबकारी विभाग की सदस्य मीनाक्षी सिंह ने दो दिनों के भीतर स्थल निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

    ग्रामीणों की उम्मीद: जल्द हटे अवैध गतिविधियां
    ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस मामले में ठोस कदम उठाएगा और बस स्टैंड तथा मंदिर मार्ग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को विवाद और अव्यवस्था से मुक्त कराया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

  • अंजुमन स्कूल-अस्पताल के पास शराब दुकान खुलने पर विवाद: ओबीसी महासभा ने जताया विरोध, SP को सौंपा ज्ञापन

    अंजुमन स्कूल-अस्पताल के पास शराब दुकान खुलने पर विवाद: ओबीसी महासभा ने जताया विरोध, SP को सौंपा ज्ञापन


    कटनी । कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत फूल मंडी के सामने संचालित एक शराब दुकान को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय संगठन ओबीसी महासभा ने इस दुकान को नियमों के विरुद्ध बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है और मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।

    महासभा का आरोप है कि जिस स्थान पर यह शराब दुकान खोली गई है, वह संवेदनशील और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है, जहां शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान स्थित हैं। संगठन का कहना है कि इस तरह के स्थान पर शराब दुकान का संचालन सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकता है और यह नियमों के अनुरूप नहीं है।

    स्कूल और अस्पताल के बीच दुकान, उठे सवाल
    ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष रामरतन नामदेव ने बताया कि दुकान के ठीक पास अंजुमन स्कूल स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए आते हैं। इसके अलावा मुख्य शासकीय जिला अस्पताल भी नजदीक ही है, जहां दिन-रात मरीजों, महिलाओं और बच्चों का आना-जाना लगा रहता है। संगठन का कहना है कि ऐसे क्षेत्र में शराब दुकान खोलना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि इससे स्थानीय माहौल पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

    भीड़भाड़ वाले इलाके का मुद्दा
    महासभा ने यह भी बताया कि आसपास शहर की प्रमुख चौपाटी स्थित है, जहां परिवार देर शाम तक आते हैं। साथ ही यह क्षेत्र रेलवे स्टेशन जाने वाले मुख्य मार्ग पर भी आता है, जहां यात्रियों की लगातार आवाजाही रहती है। संगठन ने इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना उचित जमीनी जांच के अनुमति देना गंभीर लापरवाही है।

    सुरक्षा और सामाजिक माहौल पर चिंता
    ओबीसी महासभा ने ज्ञापन में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पहले भी इस क्षेत्र में कई आपत्तिजनक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि इस शराब दुकान को तुरंत हटाया जाए या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्र का शैक्षणिक और सामाजिक माहौल सुरक्षित रह सके।